00:00दिल्ली की सड़कों पर आज जो तस्वीर दिखाई दी उसने देश की राजनीती को एक बार फिर आमने सामने लाख़डा
00:06किया है
00:06संसच से चुनावायोग तक विपक्षी संगठनों का मार्श, रास्ते में पुलिस की बरिगेटिंग, हिरासत में लिये जाते नेता और बरिगेटिंग
00:14पर चड़कर हाथ में तिरंगर लिये हुए राहुल गांधी
00:17मुद्धा सिर्फ एक प्रदर्शन का नहीं, मुद्धा पूरे विरोध के केंज में हैं S.I.E.R. यानि Special Instancy
00:23Revision यानि मद्धाताओं सूचियों के विशेश पुनरिक्षन को लेकर विपक्ष के गंभीर सवाल
00:28इंडिया ब्लोग के नेताओं का आरोप है कि मद्धाता सूचियों में गड़बड हुई है और लाको करोडों मद्धाताओं के नाम
00:34प्रभावित हुए है
00:35विपक्ष ने इसी बुद्धे पर मुख के चुनाव आयोक्त जानिश कुमार के स्टीफे की मांग करते हुए आज चुनाव आयोक
00:41की ओर मार्च किया
00:42लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोग दिया जिसके बाद यो हुआ उसकी तस्वीर आज पुरे देश में चर्चा का
00:47विशे बनी हुई है
00:48आज दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के कई पुर्मुक नेता और सांसद संसद भवन के चुनाव आयोक की ओर निकले
00:54मार्च की अगवाई कॉंग्रेस नेता और लोक सबग की विपक्ष की नेता राहुल गांदी कर रहे थे
00:59उनके साथ कॉंग्रेस सद्यक्ष मलिका अरजुन खरगे, प्रियंखा गांडी वाडरा, समाजवादी पार्टी के अख्लेश यादाफ समेत कई विपक्षी नेता भी
01:07मौजूद रहे
01:08विपक्ष की मांग साफ थी, ऐसा यार की प्रक्रिया को लेकर जवाब दिया चाए
01:12और मुख्य चुनाव आयोग ग्यारिश कुमार अपने पस से स्टीफा दे
01:16राहुल गाजी ने सोचल मीडिया पर भी मुख्य चुनाव आयोग को निशाना बनाते हुए स्टीफे की मांग की
01:21प्रिदर्शन कारियों का कहना है कि वे करोडों मद्दाताओं का प्रसनितित कर रहे हैं
01:26और चुनाव आयोग को उनसे बात करनी चाहिए
01:28लेकिन चुनाव आयोग तक पहुँशने से पहले ही पुलिस ने मार्श रूख दिया
01:32सड़क पर बेरिगेट लगाए गए थे और भारी सुरक्षा रगस्ता की गई थी
01:36जिसके बाद सांसर वही धरने पर बैठ गए और फिर इस प्रिदर्शन ने अचानेक नया बोन ले लिया
01:42पुलिस द्वारा राफ्ता रोके जाने के बाद राहूल गांधी बेरिगेटिंग पर चड़ गए
01:46हाथ में तिरंगा था और आज पास बड़ी संख्या में विपक्षी सांसर और मौजूदा समर्थक
01:52कुछ दिर बाद राहूल गांधी और प्रियंका गांधी वाडरा आकास वारी भवन परिसर में चले गए
01:56जहां उन्होंने धरना दिया इस दोरान पुलिस ने इंडिया ब्लॉक कई नेताओं और सांसर्दों को हिरासत में लिया
02:02बाद में उन्हें बसों में ले जाया गया अखलेश यादव, अविशेक बैनर जी और डेरेक और व्यायन समित कई विपक्षी
02:09नेता मौजूद थे
02:10यानि जो मार्श चुनाव आयोग तक पहुशना था वहरासते में ही धरने और हिरासत में बदल गया
02:15लेकिन विपक्ष पीचे हटने को तयार नहीं दिखा, उसका कहना है कि सवाल सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, सवाल है
02:21देश की चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा
02:25अब समझे पूरी विवात की जड़, SIR, मतलब मद्दाता सूची की विशेश याच में पुनरी खण, चुनाव आयोग का कहना
02:32है कि मद्दाता सूची को अपडेट करना और उसमें गलत, डुप्लिकेट, मत्र और अपातर नामों को हटाना चुनावी पक्रिया का
02:39जरूरी ह
02:39लेकिन विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में वास्थविक मत्दाताओं के नाम प्रभावित हो सकते
02:46हैं, यही वज़े है कि विपक्ष लगातार सवाल पूछ रहा है, और किसी मत्दाता का नाम सूची से हटता है,
02:52तो उसे अपनी नागर
02:53सकता और मद्दान के अधिकार को साबित करने के लिए क्या प्रक्रिया अपना नहीं हूटी, और इसी मुद्दे पर अब
02:59राजनितिक लड़ाई सलक्ट से निकल कर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है, ऐसा यार और चुनाव आयोग की कारिप्रानी को
03:04लेकर सुप्री
03:20आनेश कुमार को नंबित करने से इंकार कर दिया है, लेकिन अधालत ने चुनाव आयोग से आरोपों पर जवाब मांगा
03:27है, और संकेत दिया है कि अगर प्रक्रिया कानून के अनुरूप नहीं पाई जाती है, तो सम्मंदित फैसले की समीशा
03:33की जा सकती है, यानि अब मामल
03:49ते तनाव का सबसे बड़ा उधरन बरकर सामने आया, देखिए, चुनाव लोक्तंत्र का सबसे महत्रपून प्रक्रिया है, और चुनाव की
03:56शुरुवात सिर्फ मद्दान वाले दिन नहीं होती, उससे पहले बनती है मद्दाता सूची, किसका नाम सूची में है, किसका नाम
04:16उठा रहा है, वहीं चुनाव आयोक का पक्ष ये है कि मद्दाता सूची को साफ और अप्डेट रखना शरूरी है,
04:22अब इन दोनों दावों की बीच व्यास्तविक तस्वीर क्या है, ये आने वाले नयायक और प्रशाशनिक जवाबों से जादा साफ
04:29होगी, लेकिन इतना �
04:30है कि ऐसा यार अब सिर्फ एक चुनावी प्रक्रिया का नाम नहीं रहा है, ये देश की राजनीती में बड़ा
04:35मुद्दा बन चुका है, आज की तस्वीर दे तीन चीजें सबसे जादा दिखाई दी, पहली विपक्षी दलू की बड़ी संख्या
04:42में जुटता, दूसरी च�
04:58सत्तपक्ष की और से इस तरह के विरोध परदर्शन पर अलग राजनीतिक प्रक्रिया सामने आई है, यारी एक ही घटना
05:04को देखने के दो अलग नजर ये, लेकिन लोग तंत्र में असली सवाल यही है, इन राजनीतिक आरोपों और प्रत्यारोपों
05:10के बीश थंस्थान अ�
05:15कि चुनावायोग पर भरोसा सिर्फ सत्ता या विपक्ष का मुद्दा नहीं, यहर उस नागरिक का मुद्दा है जो वोट देने
05:21के लिए लाइन में खड़ा होता है, अब निगाहे दो जगा, एक तरफ सुप्रीम कोट, दूसरी तरफ चुनावायोग, सुप्रीम कोट
05:28में �
05:29ऐसा यार और चुनावायोग की प्रक्रिया को लेकर जवाब आने हैं, वहीं विपक्ष ने साफ संकेत दिया है कि वह
05:35इस पुद्द्य को छोड़ने के मूर भी नहीं है, आज कव मार्च भले ही चुनावायोग की दरवाजे तक नहीं पहुँच
05:41पाया, लेकिन इसने एक बा
05:55सबसे चर्चित द्रिश्च जरूर बना गई है, लेकिन तस्वीरों और नारों से आगे अब असली परिक्षा होगी दस्तावेजों की चुनावायोग
06:03क्या जवाब देता है, सुप्रीम कोट क्या कहता है, और मद्दाता सूची को लेकर उठाए गए सवालों पर क्या तथ्
06:22तो जवाब सिर्फ राजनीदी से नहीं, तथियों और पारदर्शिता से देना पड़ता है, आपको क्या लगता है, ऐसा यार को
06:29लेकर विपक्ष के सवाल का जवाब चुनावायोग को और जादा पारदर्शिता के साथ देना चाहिए, अपनी राय कमेट में जरूर
06:36बताए
06:36और ऐसे ही परताल वाली खबरों के लिए सब्सक्राइब करें एशियानेट हिंदी को