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  • 9 minutes ago
'आलोचकों ने मुझे बहुत कुछ सिखाया...', जनसेवा के 25 साल पूरे होने पर बोले PM मोदी

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00:00साथियों, आज मैं कह सकता हूँ, मेरे जीवन में कोई घटना व्यर्थ नहीं गई
00:16हर गटना ने मुझे सिखाया, मोर्भी की बाणने मुझे दिन रात सेवा कारियों में जूटने का रास्ता दिखाया
00:36सिखाया मुझे सेवा करने का भाव, भूच के भुकम्पने मुझे पुनर निर्मान के लिए डटे रहना सिखाया
00:51चंद्रयान ने मुझे और सफलता से उठना सिखाया
00:59कोरोना महमारी ने मुझे राष्ट की सामुही केतना का महत्व समझाया
01:08मीडिया ने मुझे खटे मिठे अनुभों के बीच आगे बढ़ने की प्रेरना दी
01:17जीवन के हर प्रवास ने मुझे नीतियों में सम्वेदना का रास्ता दिखाया
01:29हर गाव हर गरीब ने मुझे सिखाया
01:37कि साधन संसाधन बले ही सिमित हो
01:44लेकिन सपने बड़े होने चाहिए
01:56और होसले बुलंद होने चाहिए
02:04साथियों
02:09वेद से विवेक आनंद तक
02:14जिस राष्ट ने महान विचारों का अनवरत अनुस्थान किया है
02:26जिस राष्ट का सांसकूर्थिक अनुभव
02:31हजारों वर्षों का है
02:35जिस राष्ट ने मनुष्य को मानवता का भरोसा दिलाया है
02:44उस राष्ट की सेवा करते हुए
02:49मुझे कभी भी एका की महसूस नहीं हुआ
02:57कभी लगाई नहीं कि मैं अकेला हूँ
03:04कोटी कोटी स्वयम से वक
03:09जो भारत की सांस्कूर्थिक आत्मा के पहरी है
03:18जीनके जीवन का एक मात्र दे है
03:23मा भारती की निश्वार्थ सेवा
03:30जो उस मंत्र को लेकर जीते हैं
03:34हर पल कहते हैं
03:38हम सेवक है
03:40हम सेवक है मानवता के
03:44सेवा धर्म हमारा है
03:48दिन दुखी की सेवा करना
03:53निश्वित कर्म हमारा है
03:56हम सेवक हमारा धर्म हमारा है
04:29का कार्यकरताओं का भी
04:32मुझे भरपूर साथ मिला है
04:41मैं आज अपनी आत्रा के इस पड़ाव पर
04:50प्रत्यक स्वैम सेवक को
04:55प्रत्यक साथी कार्यकरता को भी
05:01आधर पुर्वक नमन करता हूं
05:12साथियों
05:15आज का ए दिन
05:18फिर्फ यादों के लिए नहीं है
05:22ये अपने संकल्पों को
05:26नई उर्जा से भरने का दिन है
05:33ये दून
05:34उस वादे को दोराने का दिन है
05:39उस इरादे को व्यक्त करने का दिन है
05:43जो कहता है हम करके रहेंगे
05:51हम
05:54हम
05:56हम
05:58भी विल दू इट
06:02भी विल दू इट
06:06भी विल दू इट
06:10साथियों
06:12लाल किले से
06:16मैंने सब का प्रयास की बात की थी
06:21भारकों नई बुलंदियों पर पहुँचाने के लिए
06:26जो जोश
06:28जो जज़वा चाहिए
06:34वो एक ही संदेश देता है
06:38हम
06:39करके रहेंगे
06:43हम
06:44हम
06:48विवेल डू इट
06:50विवेल डू इट
06:53विवेल डू इट
07:02विशीद भारत
07:10विशीद भारत
07:12by 2047
07:142047, we will do it, which is Bharat by 2047, मेरे साथ बोल्ये, मेरे साथ बोल्ये,
07:31TOP THREE ECONOMY, TOP THREE ECONOMY, आत्मंदिर भर भारत, आत्मंदिर भर भारत, ग्लोबल मनुफ़क्टरिंग हब, ग्लोबल मनुफ़क्टरिंग हब, ओलिम्पिक्स का
07:54आयो जान, अंतरिक्ष्मे कजाम,
08:01अंतरिक्ष्मे कजाम, आध्यो, ये वुर्जा, ये उत्सा, ये आत्मंदिस का ये अग्भूत है,
08:41देवी और सजनों जिस रास के लोगों की धमनियों में ऐसा आत्म इश्वात लहू बन कर दोड़ता है उसे कोई
08:58रोक नहीं सकता
09:05साथियों सरकार के मुख्या के तौर पर पचीज वर्सों की ये निरंतरियात्रा लोग इसे उपलब्दी मानते हैं
09:23लेकिन मैं इसे कैसे देखता हूँ मेरे लिए ये व्यक्तिगत महिमा मंदन का विशय नहीं है
09:37और नहीं ये इसका अवसर है आज से पतीस साल पहले
09:48पचास वर्स की आयू में
09:55जंगलों में आदिवाच्वा की सेवा करते करते गुजरा पहडों में जिंदगी बिताई
10:03और भारतिये जनता पार्टी में संगठन की राज चुनी
10:10मेरा राजनीतिक रिपोर्ट कार सिर्फ संगठन का काम करने वाले का ही था
10:21मैंने चुनाव लड़ाए थे लेकिन एक भी चुनाव नहीं लड़ा था
10:35चुनावी राजनीति में चमकने की चाहत होती
10:42तो बहुत पहले ही मैदान में उतर सकता था
10:49लेकिन ये मेरा मिजाज नहीं था
10:58मैं जीवन में क्या बनूँगा
11:02मेरा क्या होगा
11:04ये कभी सोचा ही नहीं
11:09क्योंकि बाले काल से जो मुझे सिख्षा दिख्षा मिली
11:15वो सिख्षा दिख्षा यही थी
11:19कि मैं अम्बिशन के लिए नहीं
11:23मिशन के लिए जीवन जीने वाला इंसान रहा हूँ
11:29मैं जीवन भाला इंसान के लिए्षा बन्वाट
11:31मैं लिए भाला इंसान के लिए
11:32मैं भाला इंस उत्हा दिए

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