00:00प्रेमानन महाजी आसर में इस्तिति समय बहुत ही बिग्राल हो चुकी है एक तो अस्ली संत हैं और एक तरब
00:05नकली संत हैं तो महाजी नहीं कहा था कि मैं खुद दूपी हूं ऐसी लोगों से तो यह पांच करोड़
00:11पाद में ब्राट पोली को लाएते देगे प्रेमानन महाज
00:15बहुत ही बिग्राल हो चुकिये वहां पर साधु संथों में दो गुड बन चुकें एग तो Danish sangeं और एक
00:22तरह नकली संथे असली है, वह तो प्यमाराज जी
00:26माराज जी की साथ में बेलवन आसम चले गए हैं खाने सब्सक्राइब क्रेकLi-Kunature सिंतों जो तर बुद्स करें
00:44तो वो इन सब चीजों से बहुत ही आत हुए, दुखी हुए, हमारी भी उनसे कई बार इस वारत में
00:49बारता हुए, तो महाजी नहीं यह कहा था, कि मैं खुद दुखी हूँ ऐसे लोगों से, जो साधू परंप्रा को
00:56नहीं नवा रहे हैं, जो साधू परंप्रा में रहकर ग्य
01:13पर डीलर थे एक बड़ा ग्रुप था तो महाराजी से मिला था उन्होंने कहा था महाराजी हम आपको बहुत ज्यादा
01:19हाइलाट करना चाहते हैं क्योंकि आप विद्वान संते हैं
01:21आप अच्छे संत हैं और साथना में लगे रहे थें। तो माराजी तो सीदे सरा ने उन्होंने कह दिया कि
01:26आप उस्ष्ष श्य सम्झ जासा कर लो। तो यह पांस क्रूर पाद में ब्राट कोली को लाये थे। और उन्होंने
01:33जब ब्राट कोली आया थे तो माराजी का जो फॉल
01:51लोगों ने महाराजी के जो चोदर पंदर आसमते उन सभी पर कभजा किया क्योंकि वो नाम भी उनी लोगों के
01:56थे इसलिए महाराजी को अब लगा गया अब बहुत ज्यादा यह पाप कर चुके हैं तो महाराजी ने सब को
02:03बलाकर एक पार सक्ष निर्देश जिया था और कहा �
02:09सब करते हैं कि महाराजी थे और माराजी ने वहां पर अपने जो भी सादक थे जो भी अच्छे सब
02:20को वहीं बहं वैटके सादक करते
02:25देहें हम किसी का नाम नि लेना चाज़ाब योंकि वहां ।
02:35सब्सक्राइब करते हैं के नाम का वे उनकों बदनामी दिला रहें रहें जी निचा दे हैं कि लिए
02:44पिशायआप क Sergei Mm
02:45प्रापर डीडिंक करे या बच्च रों सभी को इए करें कि सब्सक्राइबा
02:55कट्रीय चालों यद्थी यार लेना है तो राधानाम संखीत laure
03:00भ्गवान का नाम लो हमारे यासिवा से कुछ नहीं हुआ ऐसे दिब्ब्बंसर्ल
03:05मिलना कठन है वो तो अमेज़ा सभी का कल्याणी सोचते हैं