00:04Ayyan, that home plate was made up for years of harbour
00:07but at this stage, he turned his phone into退
00:09yeah, he hasn't put her name in his house
00:16this is him seriously put her name in his house
00:22Go, GoAs odd
00:22The answer was that he is given
00:23A question was that both of our own house are Matches
00:27How did he reflect on the theicos là on the face of linear
00:407.17
00:417.17
00:43पर रोश्णी फिर जली
00:44और इस बार घर का दर्वजा हमारा इंतिजार कर रहा था
00:52यहां कोई है
00:53फिर वो हमसे चुप क्यों रहा है
01:05यह मेरी नानी है
01:06और यह
01:07मेरे दादा अब्बू
01:12हमारे घरों के दर्मियां सिर्फ एक दीवर नहीं थी
01:14एक पुरानी कहानी भी थी
01:16जो किसी ने हमसे चुपा रखी थी
01:27नानी यहां आती थे
01:29शायद या फिर वो चाहती थी कि हम यहां पहुँचे
01:32मेरी बच्चियों अगर तुम दोनों यहां साथ खराय हो
01:35तो समझ लेना के पुरानी दोस्ती ने नई महबबत का रास्ता बना दिया है
01:40अभी कहानी पूरी नहीं हुई
01:41लास्ट बॉक्स फ्लोर बोर्ट के नीचे है
01:43सब ने हमसे सच क्यों चुपाया
01:45शायद सच से ज्यादा किसी के दिल की हिफाज़त जरूरी थी
01:47और हम
01:48हम सच सुनने के लिए अब तयार हैं
01:52कुछ रास दर्वजों के पीचे नहीं
01:54लोगों के दर्व के नीचे छुपे होते है
02:06इतनी सारी जिंदगी
02:07सिर्फ एक घलत फहमी की वज़ा से
02:09और हम उसी घलत फहमी को दुबारा जी रहे थै
02:13पुरानी बात को कैद रखने से दर्थ खतम नहीं होता
02:15कभी कभी माफी देर से आए
02:18फिर भी दिल को रौशान कर देती है
02:23उस रात हमें समझ आया
02:25रौशनी सिर्फ लैंप से नहीं आती
02:26कभी कभी सच बोलने से भी पूरा घर रौशान हो जाता है
02:39इस कमरे को फिर से बढ़नी करेंगे
02:41अब यहां किसी का राजनी
02:45अगर हमने उस रात वो रौशनी ना देखी होती
02:47तो शायद हम मिलकर भी
02:50अपनी असल कहानी ना समझ पाते
02:52जिस कमरे ने सालों तक
02:54एक पुरानी कहानी संभल कर रखी थी
02:55आज उसने दो नए दिलों को भी अपना घर दे दिया
02:57कुछ दर्वाजे दर से खुलते हैं
02:59लेकिन जब खुलते हैं
03:00तो सिर्फ कमरा नहीं
03:01पूरी जिंदगी बदल देते हैं
03:02हर बंड दर्वाजा नफरत की निशानी नहीं होता
03:05कभी कभी उसके पीचे किसी की अधूरी दुआ होती है
03:08सच दर से सामने आये
03:09फिर भी दिल को जूट से ज्यादा रोशान करता है