00:00इस वक्त बड़ी ख़बर है सुप्रीम कोट से और सुप्रीम कोट में चल रही सुनवाई को लेकर SIR का वीरो
00:05जो पूरे देश में चल रहा है ग्यानेश कुमार मुक्य चुनावायुत के खिलाब जस तरह से सुप्रीम कोट में याचिकार
00:11डाली गई थी उस मामले की सुनवा�
00:14के दोरान कोट ने फिलाल कुई अंत्रेमादेश देनी से मना कर दिया है, कुई अंत्रेमादेश क Oops की तरफ से
00:20जारी नहीं हुआ, सुपरीम कोट ने साफ किया कि सर्फ किसी अख़वार में प्रिकाशित रिपोर्ट के आधार पर अधालत सीधे
00:26कुई आधेश नहीं देगा, इ
00:32बिखत जरूरी हो जाता है और इसी वजह से कोट ने चुनावायोग को नोटिस जारी किया और इस मामले में
00:37जवाब मांग लिया है।
01:02सिफ रिवीजन की प्रक्रिया से बताया गया है यानि कि SIR में जो डिसीजन लिये गए हैं SIR की पूरी
01:08प्रक्रिया के भीतर वो मतभेद के साथ लिये गए हैं।
01:32याची का करताओं का कहना है कि अगर आयोग के समविधानिक धाचे में फैसल लिनी की प्रक्रिया कुले कर गंभीर
01:37सवाल हैं तो इसकी न्याइक जांच हूनी चाहिए।
01:40अलगि सुप्रीम कूर्ट ने इन आरुपो को अभी सही नहीं माना है और नाहीं गलत गोशित किया।
01:44अदालत ने कहा कि पहले चुनावायोग का जवाब सामने आना जरूरी है यानि कि कूर्ट फिलहाल उपलब्ध मीडिया रिपूर्ट्स और
01:50याची का करताओं के आरुपो के आधार पर सीथे कोई निशकर्ष निकालने के मूड में नहीं है।
01:56चुनावायोग से जवाब मिलने के बाद अदालत ये देखेगी कि पूरे मामले में बास्तम में हुआ क्या था और क्या
02:01किसी नियम या फिर समयधानिक प्रफिया का उलंगन किया गया।
02:26आयोग अपने जवाब में ये बताएगा कि जिन फैसलों और प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए गए वे तिस तरह लिये गए
02:31थे।
02:56का डर निकल के हा रहा है। उनका कहना है कि उनका वोट डालने का अधिकार उनसे छीना जा रहा
03:01है।
03:01जबरन नाम किसी एक खास दल को फायदा बहुचाने के लिए SIR जो ट्राफ्ट है, SIR की जो लिस्ट आती
03:08है, मदाता सुची जो आती है, फाइनल वाली उसमें से नाम हटाया जा रहा है, काट दिया जा रहा है।
03:14कई गंभी सवाल याची का कड़ता और आप क्या सकते हैं, पेड़ित जो है इस मामले के वो उठाते नजर
03:20आ रहे हैं सिधे, ग्यानिश कुमार और चुनावायो को सवाल ये कड़ घड़े में खड़ा करते हुए।
03:24देखना दिल्चस्प होगा कि कोट आगे अब इस पर क्या कारवाई करता है, लेकिन फिलहाल नोटिस का जवाब देना होगा
03:30चुनावायो को जुकिया, बस सुप्रीम कोट ने जवाब मांगने के तहत कहा है, सफाई देने को कहा है कि ये
03:36जो तमाम दावे हैं, S.I.R. की प्
03:54तो यही है कि अख़वार में छपी रिपोर्ट अपने आप में अंतिम न्याय कादेश का अधार नहीं बनेगी, अदालत पहले
03:59संबंधित संस्था यानि कि चुनावायो का पक्ष दुनेगी, नोटिस जारी होने के बाद अब चुनावायो का जवाब इस मामले की
04:05अगली द
04:24अपना पक्ष रखेगा और उसके बाद अतालत दाय करेगी कि इस पूरे विवाद में आगे किस तरह की नाएक कारवाई
04:29की ज़रुत है, नोटिस कच क्या जवाब आता है, नजर हमारी बनी रहेगी, आपके मन में कोई सवाल है, आपके
04:34मन में कोई दावे हैं, कॉमेंट ब�