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टैंक का रौब, 'मैकेनाइज्ड' की ताकत... बदलते रणक्षेत्र में कितनी बदली सेना? देखें वंदे मातरम्
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00:00लाओ सब साबольз
00:01लाओ सबस्दों
00:04लाओ सबस्दों
00:08लाओ सबस्दों
00:27क्या आप सब मेरे साथ लड़ाई में जाने के लिए तैयार हैं।
00:33हमारा इरादा गुष्टमन के मुबाइल एलिमेंट्स को बरबाद करना।
00:38इरादे में किसी को शक।
00:42लोम आउट।
00:49अब कोई भी बैटल फील्ड देख लें।
00:51अगर आपको आकरमन करना है, अपने देश की पॉलिसी को प्रिवेल करना है, तो आपको एनिवी के साथ क्लोज इन
00:59तो करना पड़ेगा।
01:03लोहा, टैंक में भी, होसले में भी, पारूर, बंदूक में भी, जिगर में भी।
01:13हमारे देश का आन, बान और शान यही हमारा अटूट विश्वास है।
01:20सबसे बड़ी तागत है अटूट होसला और देश के कृति समरपन।
01:28अग्रेसिव और डामिनन्स ऑफ बैटल फील्ड पहले भी जरूरी था, अभी भी जरूरी है और हमेशा रहेगा।
01:37आज की विद्छित्र में ड्रोन अटैक और हवाई हमलों की इस्तिति काफी बढ़ गई है।
01:41इसलिए आधूनिक टैंक कुड़ू की ट्रेनिंग सिर्फ टैंक चलाने और फाय करने तक सिमित नहीं है।
01:49तरक्की, तक्नीक में भी, सोच में भी।
01:54मेकनाईज इंफेंट्री का सफर आज नए आधूनिकरण, स्मार्ट सेंसर और टेकनोलोजी ड्रिविन केपेबिलिटी पे पहुँच गया है।
02:02मसीन कितना भी प्रभावी हो, लेकि उसका प्रभावी इस्तमाल तब ही कर सकते हैं, जबकि फुरू ट्रेंड और कोडिनेटेड है।
02:10तब दबा, इतिहास में भी, भविश्य में।
02:20आधूनिक तक्नीक, उसके लिए एक प्रसिचित सैनिक की जवरत पढ़ती है।
02:25तक्नीक सैनिक की कार्य छमता को कईयक गुना बढ़ा दे।
02:35We have a mission, जय से विजय।
02:37पहराद, पतगी, जय।
02:45एक बदले हुए रणक्षेत्र की बदलती हुई तस्वीर है।
02:49नमस्कार, जय हिंद, वंदे मातरम, मैं हूँ श्वेता सिंग।
02:53आज हम आपको भारत के उस आधूनिक रणक्षेत्र के बारे में बताने वाले हैं।
03:00जहां पर आमर्ड यानि टैंकों का दबदबा है।
03:03जहां infantry, जो यहां mechanized infantry के रूप में आप देख रहे हैं, उसकी ताकत है।
03:08और drones की नजर है।
03:10और इन सब की जब सयुक्त शक्ती एक साथ जुड़ती है, तो फिर भारत युद्ध भूमी में हो जाता है।
03:37युद्ध के मैदान में जब लोहे और बारूत का सैलाव आगे बढ़ता है, तो तहल जाते हैं दुश्मन।
03:46पस्त हो जाता है होसला, बन जाता है दबदबार, पड़ जाती है जीत की निया।
03:53पहारत मतगी जाता है।
03:59एक महारत का सैनिक टैंक जितना ही मजबूत होता है, आगर मजबूत है तो हमारा देश मजबूत है, तो कोई
04:07जुश्मन हमारा कुछ नहीं बिगार सकता।
04:09हम दुश्मन पर हमेशा हाव भी रहेंगे और यहीं प्राप्त करेंगे।
04:14चाहे हो थार का रिगिस्तान, लटा की उचाईयां, समतल जमीन हो, पहाड हो या फिर नदियां।
04:25तेजी से पैट बनाकर दुश्मन को तुरंट तबाह करने की ताकत, मशीन और मानव की इस अदभुट जुगलबंदी में है।
04:37जो मेकनाइज़ फोर्सेज हैं, इनका इस्तेमाल हर टेरेन में नेसेसरी है आज की डेट में।
04:47कर दो कर दो कि एतनी फायर पावर आप कहीं और से नहीं ला सकते हैं।
04:51और आजकल तो मेकनाइज़ फोर्सेज के आजकल तो मेकनाइज़ ऑटोनमस वेपन सिस्टम्स का जमाना आ रहा हैं।
04:58जैसे कि हमारी पहाड़ियां हैं, उसमें हमारी काफी तादाद में मेकनाइज़ फोर्सेज डिपलॉइड हैं।
05:04और जब हम प्लेइन और रेगिस्तान में आते हैं, तब तो ये बिल्कुल ही सबकुछ मेकनाइज़ ऑपरेशन हो जाते हैं।
05:35पूरी की पूरी युद्ध प्रणाली है।
05:45मेकनाइज इन्फेंट्री का सफर मोबिलिटी और प्रोटेक्शन से लेकर आज नए आधूनी करण, स्मार्ट सेंसर और टेकनोलोजी डिविन केपेबिलिटी पे
05:54पहुँच गया है।
05:56जब हम आज के आधूनिक युद्ध मसीन में कदम रखते हैं, तो हमें अत्याधूनिक टेकनोलोजी और कैपेबिल्टीज मिलती है।
06:05लेकिन इसके साथ-साथ वही मूल वेलूज जिनको हमें आगे ले जाना होता है, जैसे सहास, डिसिप्लेन, टीम वर्क, मिशन,
06:16कमिटमेंट।
06:19युद्ध का स्वरूब बदलने के बाबजूद, कैसे और क्यूं आमर्ड कोड पूरी तरह प्रासंगिक है, कैसे मेकनाइजड इंफेंट्री में दिख
06:28रहे हैं ग्रांतिकारी बदलाव, ड्रोन कैसे पूरी टुकडी की मारक शमता और सटीकता कई गुना बढ़ा रहे हैं,
06:37कैसे आधुने की करण और इंटिग्रेशन बढ़ार है है हमारी ताकत, आज हम आपको बारी की से ये पूरा परिवर्तन
06:45दिखाएंगे,
06:48मेक इन इंडिया के जरिये इन टैंकों और कॉम्बाट वाहनों को नई तक्नीक से अपग्रेड किया जा रहा है,
06:56भारतिय सेना हर भावी चुनोती के लिए 2400 खंटे तैयार है,
07:09गति, मारक शमता और अटूट होसले का ये मेल ही भारतिय सेना के नए और आधुनिक रूप की पहचान है,
07:20इन तस्वीरों में दिख रही तिगडी के हर एक किरदार को हम एक एक करके दिखाते हैं,
07:32ये एक T-90 टैंक है, भारत के आमर्ड फॉमिशन्स की रीड,
07:38युद्ध शेतर बदल रहा है, तो T-90 टैंक भी बहुत तेजी से अपग्रेड किया जा रहा है,
07:42बहतर बनाया जा रहा है, अब एक टैंक की खासियत केवल उसका जो आर्मर है,
07:49यानि उसका प्रोटेक्शन है, उसकी बंदूक है, ये नहीं है, बलकि उसका सर्वेलन्स है,
07:57उसके देख सकने की ख्षमता, सटीक निशाना लगाने की ख्षमता को और बढ़ा रही है,
08:02और राप के समय में जो इसकी केपिबिलिटीज है, नाइट केपिबिलिटीज, वो कई गुना पहतर दूते जा रहे हैं,
08:14ड्रोन, लॉइट अम्यूनिशन, सटीक मिसाइलों की अस आधुनिक दौर में अकसर एक सवाल पूछा जाता है,
08:22क्या युद्ध के मैदान में लोहे के विशाल काई टैंक अब पुराने पड़ चुके हैं? क्या आज की हाई-टेक
08:30युद्ध में आमर्ड कोर की प्रासंगिक्ता खत्म हो रही है?
08:38जवाब है, बिल्कुल नहीं.
08:48आप कोई भी बैटल फील्ड देख लें, वैसे रश्या यूक्रेन देख लें, आप एरान इसराइल देख लें, फाइनली अगर आपको
08:54आकरमन करना है, अपने देश की पॉलिसी को प्रिवेल करना है, तो आपको एंडिमी के साथ क्लोज इन तो करना
09:02पड़ेगा.
09:02अग्रेसिव और डामिनंस अफ बैटल फील्ड पहले भी जरूरी था, अभी भी जरूरी है और हमेशा रहेगा, और इसके लिए
09:09मेकनाइज फोर्सेज के अलावा कोई विकल्प है नहीं, इन फाइट मेकनाइज फोर्सेज को और अच्छा बनाया जा रहा है, और
09:15आटोमेट
09:16किया जा रहा है, that is the future.
09:47क्या आप सब मेरे साथ लडाई में जाने के लिए तयार है, हमारा इरादा दुष्ट्मन के मोबाईल एलिमेंट्स को बरबाद
09:56करना, इरादे में किसी को शक्त, द्रोमाउट, हट!
10:05युद की रणनीती जरूर बदली है, लेकिन आमर्ड कोर की भूमिका आज भी बरकरार है, कुछ बदलावूं के साथ.
10:17जब पहले जो आप लोग टैंक यूज कर दे थे, इस टैंक पे अपलोग समार हो रहे हैं, तोलों में
10:25फर्क है?
10:27मैं पहले वाले टैंकों में अटो लोडर की बेउस्तानी थी, मैनुवल अमनिशन को लोडिंग करना पड़ता था, पहले वाले टैंकों
10:33में मिजाइल फायर नहीं कर पाते थे, जो कि इस टैंक से मिजाइल भी फायर कर सकते हैं, वाटर अफ्टिकल
10:40को क्रोस करना काफी मुश्क
10:58किसी भी इलाके में जाकर दुश्मन के मजबूत बंकरों और ठिकानों को सीधी गोलीबारी में ध्वस्त करना हो तो टैंक
11:06का कोई जोड नहीं
11:13भारी गोलीबारी के बीच तीजी से आगे बहना और दुश्मन पर साइकोलोजिकल बढ़त बनाना हो तो टैंकों की जरूरत
11:29मेरा अनुबव है कि यो अभी के जो ट्रांस्मिशन इससे क्या होगा कि जो ड्राइवर का वर्कलोड कम हुआ है
11:35और उसके बनिस्पत इसकी जो मॉबिलेटी है उसके अंदर भी बहुत भारी प्रभाव पढ़ा है जिससे मॉबिलेटी आसान हो गई
11:42है
11:43पहले यह इसकी ट्रांस्मीशन की समिश्चाहीं बहुत आते थी, लिकिन अभी आज की इसमें आधुनिक जो ट्रांस्मीशन आया है, इसके
11:49मनिस्बत काफी पहले से काफी फरक पड़ आ है।
11:55T90 भीश्म टैंकों ने अब नया और अत्याधिक घातक अवतार ले लिया है।
12:01यह टैंक अब दुश्मन के हर मनसूबे को नेस्तनाबूत करने के लिए पहले से कहीं अधिक सक्षम है।
12:08इसमें नया डिजिटल बैलिस्टिक कंप्यूटर और आटोमेटिक टागेट ट्राकिंग सिस्टम है।
12:14अब यह टैंक चलती हुई सिती में भी दुश्मन के किसी भागते हुए लक्ष को एक हीवार में पूरी सतीकता
12:21से ध्वस्त कर सकता है।
12:23नय कमांडर थर्मल इमिजिंग साइट और अत्याधूनिक लेजर रेंज फाइंडर की बदौलत ये टैंक घनी अंधेरे, धुएं या कोहरे के
12:32बीच भी कई किलोमीटर तक दुश्मन को आसानी से पहचान कर निशाना बना सकता है।
12:38नया दिजिटल कम्यूनिकेशन सिस्टम इस टैंक को बैटल फील्ड मैनेजमेंट नेटवर्क से सीधे जोडता है, यानि कमांडर को लाइव युद्दिक
12:46शेतर की पल-पल की तस्वीर मिलती रहती है।
13:18सबसे खास बात यह है कि इस नए संसकरण में असी प्रतिशत से अधिक स्वदेशी तक्नीक का इस्तमाल किया गया।
13:26और इसका निर्मान भारत में किया जा रहा है।
13:30मेकिन इंडिया हमारे आधूनी की करण में एक महत्वपूर्न स्थम है।
13:35इसका उद्देश सिर्फ देश में उपकरणों को बनाना ही नहीं बलकि ऐसी स्वदेशी तक्नीकी सिस्टम को विकसित करना है।
13:44जिससे हम अपने ऑपरेशनल जूटी के दोरान सिस्टम को तेजी से विकसित अपग्रेड और सपोर्ट कर सके।
13:51लगातार रिसर्च और डेवलप्मेंट पे पूरा ध्यान दिया जा रहा है, बढ़ावा दिया जा रहा है।
13:56जिससे और modern technologies, weapon system भारत देश में आ सके।
14:03अब टैंक अकेले नहीं, बलकि drone, swarm technology और mechanized infantry के साथ मिलकर एक network centric प्रणाली का हिस्सा
14:14बन कर लड़ते।
14:18तक्नीक कितनी भी बदल जाए, लेकिन जमीन पर जीट की अंतिम मोहर हमेशा बखतर बंद गाड़ियों की गड़गडाहट से ही
14:25तै होती है।
14:31युद्भूमी में objective तब तक हासिल नहीं होता है, जब तक boots on the ground नहीं होते हैं, यानि कि
14:36एक सैनिक जमीन पर नहीं पहुँचता है।
14:40हवाई युद्ध बहुत महत्वपून है, लेकिन आखरकार एक युद्ध क्षेतर में निरने तब आता है, जब एक सैनिक उस जमीन
14:49पर पहुँच जाता है।
15:10क्यों नहीं हो, ये जो infantry combat vehicles हैं, वो अपने साथ उन सैनिकों को लेकर जटल से जटल शेतर
15:20में दाखिल हो सकते हैं, बहुच सकते हैं, बोई ही स्लमाटी इनके लिए पड़ी नहीं होती है।
15:35आधुनिक युद में जहां रफ्तार ही जीबताय करती है, वहां mechanized infantry भारतिय सेना की वो घातक विंग है, जो
15:43दुश्मन के दिल में सबसे तेजी से खौफ पैदा करती है।
15:46आसान शब्दों में कहें, तो ये कल की पैदल सेना है, जो आज के अक्तियादों एक बखतर बंद वाहनों में
15:52सवार होकर लड़ती है।
15:57ये जो ड्रोन का इस्तमाल होता है, एक इस्तमाल इतने बड़े पैमाने पर हो रहा है, थर्मल इमजिंग इस तरह
16:03की चीजें जो है, किस तरीके से इन्होंने mechanized infantry के उपरेट करने के तरीके को बदला है।
16:09इन तक्नीकों ने बेसिकली battlefield को और भी transparent और बहुत ज़्यादा information intensive बना दिया है।
16:19जैसे कि drones tactical surveillance और wrecky को बढ़ाते हैं और AI enabled systems हमें help करते हैं कि हम
16:30rapid information को process करें और उसका इस्तमाल करें।
16:34वैसे ही thermal imaging और night vision ये हमारी night और day operational visibility को भी बढ़ाता है।
16:43Mechanized Infantry Regiment में UAVs counter UAS early warning और नई आधुनिक तक्नीक समलित हुई है।
16:55Mechanized Infantry के जाबाज infantry combat vehicle में सवार होकर सीधे युद्ध के समसे खतरनात मोर्चों तक पहुंचते हैं।
17:06ये वहन जवानों को गोलियों से बचाते हुए दुश्मन के बेहत करीब ले जाते हैं।
17:12बिल्कुल युद्ध भूमी के पीचों पीच।
17:21शुरुआत में Mechanized Infantry, Infantry, Proops और स्टिक को बैटल फील्ड में प्रोटेक्शन देते हुए।
17:28तेजी से तेजी डिपलॉय और इंपलॉय करने में काबिल थी।
17:32साथी साथ नए वेपिन सिस्टम और फाइर कंट्रोल सिस्टम आने के साथ साथ इसकी और शमता बढ़ गई है।
17:42Mechanized Infantry टैंकों के साथ तालमेल में चलती है।
17:47इलाके को सुरक्षित करती है और उस पर अपना कबजा जमाती है।
17:51ये कॉमबाट बहन सिर्फ सेनिकों को ढूने का काम नहीं करते बल्कि तोप और अंटी टैंक गाइड़ेद मिसाईलों से भी
17:59लैस होते हैं।
18:00इनके पास नदियों को तेर कर पार करने की भी बेजोड शमता होती है।
18:07मविश्य के इंफेंट्री कॉमबाट वेहिकल का उदेश ना केवल पुराने प्लाटफॉर्म्स और केपबिलिटीज को रिप्लेस करना है।
18:13बलकि साथ ही साथ मोबिलिटी, फायर पार, प्रोटेक्शन एवं इंफरमेशन सुपेरियोरिटी में बदलाव लाना और उन्हें और बहतर करना है।
18:21इनके कुछ मुख्ये फोकस एरियाज हैं।
18:23जैसे की बहतर क्रू एवं टूप प्रोटेक्शन, आवशक्ता गैनुसार एन्हांस्ट फायर पार, UAV एवं काउंटर युएस के साथ इंटेग्रेशन, डिजिटल
18:32सिस्टेम्स के माध्यम से फास्टर सिचुएशनल अवेरनेस और डिसिशन मेकिंग, साथ ही साथ मेंटेनि
18:38सब्सक्राइबिलिटी, रिलाइबिलिटी एवं लॉजिस्टिक सपोर्ट को और बहतर करना है, इन सबसे मेकनाइज इंफेंट्री सोल्जर एवं जो वेहिकल है, वो
18:45इंटेग्रेट होंगे और साथ ही साथ कमबाइन कॉमबाइट आम केपबिलिटी का त्याल मिल और भी बह
19:05किया जा रहा है, अन्वांड सिस्टम, द्रोन, काउंटर द्रोन, एडवांस सर्वलेंस, सिक्योर कम्निकेशन, इलेक्टोनिक वार्फियर और डाटर ड्राइविन डिसीजन मैकिंग
19:19का एक मजबूत नेटवर्क होगा, यानी एक सैनी को यूद छेत्र में अधीक जनकारी मि
19:35असी भी मौसम और इलाके में तुरंत तैनात होने की क्षमता रखती है, जब टैंकों की आग और मेकनाइजड इंफेंट्री
19:42की रफ्तार एक साथ मिलती है, तो दुश्मन का कोई भी रक्षा कवज टिक नहीं पाता, यही है धार्थिय सेना
19:50के आगुनिक युद्ध का नया �
20:21और अजेय स्वरी
20:22अनुकुलन शंता और लोजिस्टिक सपोर्ट की बैद महत्पूर्ण हो जाते हैं
20:31एक ड्रोन के वले का आस्मान से तस्वीर नहीं देता है, बलकि वो एक युद्ध क्षेतर की सिचुएशनल अवेरनेस को
20:39बदल देता है
20:39यानि कहां पर कोई ओब्सिकल है, कहां पर किसी तरह का कोई खत्रा है
20:45हम कह सकते हैं कि जो भविश्य के युद्ध की हम बात करते हैं
20:50एक आमर्ड बैटल फील्ड जब होगा तो टैंक वर्सेस टैंक के वल नहीं
20:53बलकि आमर्ड, इंफेंट्री, आस्मान की ये नजर जो आपको और शक्ति देती है
21:01ये एक ऐसा रण क्षेत्र होगा जहां पर समन्वय बहुत ज़रूरी है
21:31ये एक हंटर किलर कॉमगो है
21:34ड्रोन एक हंटर की तरह दुश्मन की लोकेशन खोजेगा
21:38और टैंक बखतरबंद गाडियां बनेंगी किलर
21:43जो सीधे वार कर उस ठिकाने को तबाह कर दें
21:55बखतरबंद दस्तों के साथ ड्रोन की दोस्ती दुश्मन के लिए बेहत घातक बन जाती
22:13एक आदुनीक तक्निकी तरिकी ने युद्ध के सुरूप में काफी बदलाव लाया है
22:19आज केवल सैनिक और पारमपारिक हतेरों की संक्या ही एक निरनायक नहीं है
22:23बलकि सैंसर्स नेटवर्क्स उसके साथ एक सटी करवाई एक तहम भूमी काने बाती है
22:34अर्टिफिशल इंटेलिजेंस, ड्रोन्स, काउंटर ड्रोन सिस्टम्स, रोबोटिक्स और एक सेक्योर कम्मिनिकेशन
22:42इस तरह की ने एक सेना के अलग-अलग भागों को काफी महत्वपूर्ण शम्ता बढ़ाई हुई है
22:58अब हर टैंक और कॉम्मबाट वहन के साथ अलग-अलग तरह के ड्रोन्स जोड़े जा रहे हैं
23:21टैंक के अंदर बैठा कुरू अब बिना हैच खोले अपने कंट्रोल रूम से ही ड्रोन को उड़ाकर 40-50 किलोमीटर
23:29आगे की जमीन और दुश्मन की छिपनी की जगया देख सकता है
23:34टैंकों के लिए सबसे बड़ा खत्रा छिप कर दागी जाने वाली आंटी टैंक गाइड़ेद मिसाइले होती हैं
23:41आगे वोड रहे ड्रोन इन अमबुश लगाने वाली जगों को पहले ही पहचान कर टैंक कुरू को सतर्क कर देते
23:48हैं
24:03भारत के स्वदेशी ड्रोन अब सेना के बखतरवन वालों की सबसे ताकतवर ढाल और मारक हथियार बन चुके हैं
24:11जमीन पर भारी गोला बारी और आस्मान में अत्यादूनिक ड्रोन का ये नया डिजिटल संगम भारत की सीमाओं को और
24:20भी अभेत्य बना रहा है
24:42आप देख रहे हैं कितना इंडिजिनाइजेशन हो चुका है इंडियन आम फोसे में हर एक कॉपमेंट आज की तरह उसी
24:47पाथवे के उपर में है
24:48आजबला आजाएजर्यूर्टन, डिजिटाइजेशन, नेटरवक सेंट्रिसिटी, कमb Ottawa, अब तो कम्��ाइंड आंज के साथ में ड्रोन्स भी हैं
24:55तो एर लिट्रोरल है जो की एर फोर्स के पास में एर डिमेंशन होती तू
25:00अभी air littoral है जो हमारी आमी के पास में है
25:03प्लस electromagnetic spectrum है
25:06प्लस space applications है
25:08सो एक बहुत ही interesting warfare हमारे सामने है
25:18तकनीद बहुत सारी जीज़े सिखा सकती है
25:20पर नहीं सिखा सकती है
25:21साहस नहीं सिखा सकती है
25:23नित्रित्म नहीं सिखा सकती है
25:25tactical निरणे लेने की क्षमता
25:29भारत अपनी तकनीग पर भी उत्रा ही focus कर रहा है
25:32और अपने सैनिकों पर भी
25:34क्योंकि आज भी अगर हम ये कहते हैं
25:37कि एक युद्द पूमी में निरणे तभी आएगा
25:39जब सैनिक हमारे जमीन पर उत्रे
25:41तो उन सैनिकों की सबसे बड़ी बड़ा जो कवच होता है
25:45जो ये टैंक होते हैं जने हमार कहते हैं
25:49उनका सही रहना उनका प्रशिक्षित रहना
25:53उनका मजबूत रहना सबसे आवश्यक होता है
26:00जोन, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, मिसाइले और अर्ट्या धूनेक टैंक
26:07आज की दुनिया में युद्ध के हत्यार भले ही बहुत हाइटेक हो चुके हैं
26:13लेकिन इतिहास गवा है कि युद्ध तक्नीक नहीं सैनिक के साहस और जज़वे से जीती जाती है
26:31आधुनिक आमड कोर्स में सबसे महतुपून बात तक्नीक के साहसत, कुरू का एलाटनेस और टीम वार्ग है
26:38मसीन कितना भी प्रभावी हो लेकिन उसका प्रभावी इस्तमाल तब ही कर सकते हैं जबकि कुरू ट्रेंड और कोडिनेटेड हो
26:51चाहे बखतरबंद गाड़ियों की अभेद्य दीवार हो या अस्मान में उड़ती नई तक्नीक
26:56मशीन कितनी भी ताकतवर क्यों न हो उसकी दिशा और उसकी मारक शमता का फैसला हमेशा उस इंसान के हाथ
27:03में होता है जो सित्थ हमें खड़ा है
27:09आधुनिक तक्नीक चाहे कितनी भी अच्छी क्यों न हो उसके लिए एक प्रसिचित सैनिक की जुरत पड़ती है और वो
27:16प्रसिचित सैनिक हमारी सेना की जान है
27:33युद्ध की परिस्थितियों में सेकेंड के सौवे हिस्से में सही मिरणे लेना होता है
27:38टी-90 टैंक ओ या जोन कंट्रोल सिस्टिम तक्नीक का सही इस्तमाल तभी संभब है जब सैनिक की ट्रेनिंग इतनी
27:46कड़ी हो कि कठिन से कठिन फरिस्थिती में वो मजबूत रहे
27:51तक्नीक सैनिक की जगह नहीं ले सकता है तक्नीक सैनिक की कार्य छमता को कई एक गुणा बढ़ा देगी यही
27:58होगा हमारा भविस्थिका मेकनाईजिक
28:03AI और डेटा युद्धिक्षेत्र की लाइव तस्वीर तो दे सकते हैं लेकिन गुला बारी और धुएं के बीच वार करना
28:10है या रुकना है यह नैतिक और रणनीतिक फैसला एक कमांडर का दिमाग ही लेता है
28:15विशम परिस्थितियों में सैनिक का सहियम और तुरंट सही निर्णय लेने की क्षमता ही हार और जीत के बीच का
28:23अंतर तै करती है
28:32तकनीक जरिया लेकिन रण भूमी में आगे बढ़ने का होसला तो सैनिक के पास ही होता है
28:39कड़कडाती ठंड या धदकती गर्मी में जब मशीनें भी जवाब देने लगती हैं तब सैनिक का जजबा ही तो होता
28:47है जो कभी हार नहीं मानता
28:53तकनीक को बेहतर से बेहतरीन बनाया जा सकता है लेकिन उस तकनीक को एक अचूख हथियार में बदलता है हमारे
29:00जवानों का अनुशासन और उनका शौर्य
29:10ये एक इंटिग्रेटेड बैडल फील्ड का दृष्ष है जहां पर एक अटाक हेलिकॉप्टर आप देख रहे हैं टैंक देख रहे
29:15हैं और आईसीवीज देख रहे हैं लेकिन ये अलग-अलग यूनिक्स नहीं हैं ये एक साथ मिलकर तुश्मन के होश
29:22उड़ा सकते हैं
29:23दरसल आज की तिति में आज की दुनिया में ये बात नहीं है कि किसके पास सबसे अधूनिक वेपन्स हैं
29:31बलकि कौन उन सारी चीजों का एक साथ समनवय में सिंक्रनाइज तरीके से इंटिग्रेटेड रूम में इस्तिमाल कर सकता हैं
29:39ये आटाक हेलिकॉप्टर जो हैं वो �
29:41आस्मान की नजर आस्मान के वार से जमीन के सैनकों की शक्ति को कई गुना बढ़ा देते हैं दुशनल का
29:49टेक के साथ समना होता है तो हम फायर का जवाब फायर से देगे
29:55आधूनिक युद्ध का एक स्पष्ट नियम जो तालमेल बनाएगा जानकारी जल्दी जुटाएगा और पहले सखीत बात करेगा जीत उसी की
30:09होगी
30:13एक इक ञिक यानि इंटीग्रेटर युद्धिक शेत्र में भारतिय सेला इसी बढ़क के साथ हर चुनौकी का जवाब देने के
30:21लिए तक पर हां
30:25अव्राइ आठी पहले बाटल फील्ड में एक इनवमेशन गादर करने के लिए उसको अनलाइज करने के लिए और देन उसन
30:42बेदिसीजन लेने के लिए जो पहले टाइम लगता था उसके एंपारिजन में आज जो इंडेन आमी में नए सिस्टम्स युव
30:49फीड्स इंवेशन
30:52डेटा लिंक्स जो आए है इसके यूज से वो टाइम और उस गाप को कम किया गया है जिससे की
30:57डिसिजिजन्स को और उसके उपर आक्षिन इसको काफी फास्ट कर दिया गया है
31:05अब आमर्ड के टैंक, मेकनाइजड इंफिंट्री, आर्टिलरी, वायुसेना के अटाक हेलिकॉप्टर और ड्रोन्स अलग-अलग थेटर्स की तरह काम नहीं
31:14करते
31:14बलकि एक ही नेट्वर्क से जुड़े इंटीग्रेटेब बैटल ग्रूप्स की तरह वार करने में सक्षम हो सकते हैं
31:22इसके तहट जमीन पर मौझूद सैनिक से लेकर आस्मान में उड़ रहे ड्रोन और उपग्रह तक सभी एक ही डिजिटल
31:31ग्रिड से जुड़ सकते हैं
31:33दुश्मन की लोकेशन की सती, जानकारी, सेकंड्स में टैंक और मिसाइल युनिक्स तक पहुँच सकती हैं
31:41जॉइंट कमांड और कंट्रोल सिस्टम के जरिए कमांडर्स को युद्ध के मैदान की लाइफ तस्वीरें मिल सकती हैं
31:49जिससे पैसला लेने का समय मिंटों से घट कर सेकंड्स में आ जाता है
31:56जो हमारे मेकनाइज इंफेंट्री के सोल्जर्स हैं
31:59उन्हें नहीं एक वेपन ऑपरेटर होने के साथ साथ एक एकुपमेंट ऑपरेटर होने के साथ साथ
32:04उन्हें इन चीजों में भी महारत हासिल कराई जा रही है कि कैसे एक नेटवर्क सेंट्रिक डेटा डेटा सेंट्रिक बैटल
32:13फील में
32:13किस तरह से information को gather करना है उसको analyze करना है और उसके उपर decision लेकर act करना है
32:30जब आवर टैंक आगे बढ़ते हैं तो उन्हें उपर से drone और helicopter का हवाई कवच मिलता है
32:40जमीन पर mechanized infantry सुरक्षा देती है और पीछे से सटीग artillery fire दुश्मन को पस्ट कर देता है
32:51भार्तिय सेनाए अब खुद को पूरी तरह से एकिकरित network से जोड़कर future ready हो रही है
33:00युद्ध भूमी में टैंकों का दबदबा होता है टैंकों का दबदबा दुश्मन के दिल दहला दिया करता था लेकिन आज
33:06जब हम बदलते हुए रणक्षेत्र की बात करते हैं तो टैंकों की भूमिका भी काफी हद तक बदलती है
33:13एक स्वर्णिम इतिहास के साथ साथ एक ऐसा भविश जहां पर टैंकों की भूमिका क्या हो सकती है उसको लेकर
33:22चर्चाएं आज की नहीं है बदलाव आज नहीं शुरू हुए हैं लेकिन आज हम कितने तयार हैं वो भी समझें
33:311948 के भारत पाक युद्ध में जोजिला दर्रे की साथ 11,000 फीट से अधिक उची बर्तीली चोटियों पर टैंकों
33:40को चढ़ा कर दुनिया को हैरान करने वाला पराक्तर
33:491965 के युद्ध में पाकिस्तानी सीमा के भीतर फिलोरा में कंभीर रूप से घायल होने के बावजूद
33:57दुश्मन के टैंकों को तबाह कर बलिदान देने वाले परमवीर चक्र विजेता लेटिनेंट करनल आर्दिशे तारापोर का अदम्य साहस आज
34:08भी आमर्ड कोर की रगों में दोड़ता है
34:12देश कैसे भूल सकता है 1971 के युद्ध में बसंतर का वो एतिहासिक संग्राम जहां 21 साल की उम्र में
34:20सेकेंड लेटिनेंट अरुन खेतरपाल ने गंभीर रूप से घायल होने और अपने सेंचूरियन टैंक में आग लगने के बावजूद पीछे
34:28हटने से इनकार कर दिया थ
34:35है ये केवल पुराने युद्ध की कहानियों तक ही सीमित नहीं है बलकि उन साहिनिकों के सहास अनुशासन और करतवनिश्टा
34:45से जुड़ी है जिन्होंने कठीन परिस्तितियों में भी अपने करतेवों को निभाया इतिहास के उन्हीं महान बलेदानों की नीव पर
34:54आज की �
34:55आधूनिक आमर्ड कोर खड़ी है कल के टी 55 स्टूर्ड और सेंचूरियन टैंकों की जगे आज भारतिय सेना के पास
35:04टी 90 भीशन, टी 72 अजे और MBT अर्जुन जैसे अत्याधूनिक टैंक है
35:12हमारे देश की सबसे बड़ी तागत हमारे देश का जबान है जो हमेशा देश को सौर्व प्रिय रखता है
35:18करतेव्य, साहस और मात्रभूम के प्रती निष्टा
35:25इतनी विस्तरित तरे की सीमाओं वाला भारत दुनिया में एकलोता देश है
35:30या आपको समुद्र से लेकर हाई अल्टिट्यूड तक जंगे लड़नी पड़ती है
35:36भारत का जो भूगोल है वो अगर अपने आप में अनूठा है
35:41तो भारत के सैनिक भी अनूठे हैं और उन परिस्थितियों में भी उसी बहादुरी से लड़ने में सक्षम होते हैं
36:00है हमारा विज्ञान है हमारी तकनीक भी है आज स्वदेशी भारत आज मेड इन इंडिया हमारे इन सभी उपकरणों में
36:09भी नजर आता है
36:16जब युद्ध के मैदान में चलने वाले हथियार अपने देश की मिट्टी और तकनीक से बने हो तो सेना का
36:22समर्थ्य और देश का स्वाभिमान दोगुना हो जाता है
36:25आज भारतिय सेना का आमर्ड दस्ता और मेकनाइस्ट इंफिंट्री आत्लिवर भारत की दिशा में एक एतिहासिक और ग्रांतीकारी बदलाव के
36:35दौट से बुज़र रहे
36:41मेकनेज इंफिंट्री के संदर्ब में अनमैन सिस्टम, सर्वलन्स, कम्मुनिकेशन, इलेक्ट्रोनिक वारफेर और काउंटर डौन टेकनोलोजी जैसी सिस्टम पर विशेज ध्यान
36:51दिया जा रहा है
36:52एक दौर था जब हम टैंकों और बखतरबन गाड़ियों के कलप पुर्यों के लिए विदेशी तक्नीकों पर निरभर थे
36:58लेकिन आज मेक इन इंडिया और डिजाइन इन इंडिया के तहर भारत अपनी रक्षा जरूरतों को खुद पूरा कर रहा
37:05है
37:06मेक इन इंडिया हर एक शेत्र में हम समझाये इसमें
37:09आप बिलीव नी करेंगे कि कितना डाइनमिजम है इन दे इंडस्ट्री एंड आर्मी और इंडस्ट्री के बीच में जो हमारा
37:17इंट्रेक्शन है अज की डेट में
37:18और एज़ा फॉजी एज़ा इंडियान मेरे को बहुत प्रसंदता होती है कि ये इतना इंडिजनादेशन इतने जोरो शोरो पे चल
37:26रहा है
37:27और भारत में ही निर्मित अर्जुन टैंक देश के सबसे आधूनिक टैंकों में से एक है
37:37जिसमें सक्तर से अधिक स्वदेशी सुधार किये गए हैं
37:40वहीं T-90 भीश्म टैंकों में अब लगभग 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी पुर्जों और तक्नीक का इस्तमाल हो रहा
37:48है
37:48मेकनाइजड इंपेंट्री की रीढ मानी जाने वाले BMP-2 आज 95 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी तक्नीक से भारत में ही
37:57निर्मित हो रहे हैं
37:58अब मेकिन इंडिया के तहत इनमें स्वदेशी इंजिन, थर्मल साइट्स और मिसाइल सिस्टम लगाए जा रहे हैं
38:04इनमें लगे नाइट विजिन साइट्स, लेजर वर्निंग सिस्टम, डिजिटल बिलिस्टिक कम्प्यूटर और अमोग जैसी अंटी टैंक गाइड़ेड मिसाइले पूरी तरह
38:13भारत में ही विक्सित की जा रहे हैं
38:39स्वदेशी करण का मतलब कीवल विदेशी निर्भरता को खत्म करना नहीं है
38:43बलकि इसका सबसे बड़ा फाइदा ये है कि संकट के समय हमारी सेना को कभी कल पुर्जू की कमी का
38:49सामना नहीं करना पड़ेगा
38:51भारतिय इंजीनियर्स का दिमाग, स्वदेशी उद्योगों की ताकत और हमारे सैनिकों का आदम्य साहस
38:58जब ये सब मिलते हैं तो बनती है और विजित भारतिय सेना
39:04एकता में शक्ती है, एक जुटता में जीत है
39:07और वही एक जुटता आप यहाँ पर देखते हैं
39:11केवल आमर्ड और इंफिंट्री नहीं, बलकि इस ब्रिज को ही ले लीजिए
39:15आमी इंजिनियर्स जिस तरीके से मिंटों में किसी भी अवरोध के उपर ऐसी एक ब्रिज को खड़ा कर देते हैं
39:22न केवल इतना, जब आखरी टैंक या बीमपी इसे पार कर जाए
39:28उसके बाद इसे फोल्ड करके आगे की तरफ भी वो ले जाते हैं
39:31ये सारी चीज़ें मिंटों में होती हैं और जो दुश्मन का क्षेत्र होता है, दुश्मन का इलाका, वहाँ पर बहुत
39:39निरणायक ताकत होते हैं
39:46इंटिग्रेटर बाटल फील्ड की इस विशाल रणनी ते के तहर्ट
39:49फोवर्ड इलाकों में लड़ाकू दस्तों की रखतार को वनाये रखने की बड़ी जम्मेदारी भारतिय सेना के कॉम्बाट इंजीनियर्स के कंधों
39:56पर भी होती है
39:59चाहे सामने दुश्मन के बिचाए गए बारूदी सुरंगों के जाल हों यही नदिया हों या दुर्गम खाईयां
40:05कॉम्बाट इंजीनियर्स मिंटों में स्वदेशी असॉल्ट ब्रिजिस का निर्माण कर आमर्ड टैंकों और मेकनाइजड इंफेंट्री के भारी बहनों को आगे
40:14बढ़ने का सुरक्षित रास्ता देते हैं
40:18दरसल देखा जाए तो इंटेग्रेटेड़ बैटल फील्ड आज नहीं बलकि हमेशा से भारतिय सेना की परंपरा में शामिल रहा
40:27कि जब हम हमारी सेनिक आगे बढ़ते हैं इंफेंट्री कॉम्बाट वेहिकल्स में इन इसी वीज में तो उनको किसी भी
40:32तब प्रकार की अडचन रोक नहीं सकती है
40:35इनवी का कोई भी वाटर अफ्टिकल हो इस एकोकमेंट को आज सी भी को रोक नहीं सकता है
40:42मोबिलिटी और स्पीड में कोई प्रोब्लम नहीं आती है एकोकमेंट बिल्कुल स्पीड से एनवी के इलाके में मोमेंट कर जाता
40:48है
40:48हमारी लडाई के दौरान में मुवमेंट करते समय ताकि हम जल से जल ऑफ्टिकल को क्रोज कर सके उसके लिए
40:54हमाई सेना के पास कई प्रकार के बिज है जिसमें से एक बिज यहां पर ले आउट किया गया है
40:58और हमें ट्रेनिंग इसलिए जूरुत परती है ताकि हम लडाई के �
41:00दौरान हम जल से जल दुस्मन की इलाके में आफ्टिकल को करते हुए पहुच सके और दुस्मन पर परवावी हम
41:06फायर करके दुस्मन को बावाद करके विज हासिल कर सके आधूनिक भारत की सेना आज अपने स्वर्णिम शौर्य के साथ
41:18साथ स्वधेशी तक्मीक, ड्रोन श
41:53चुकी है
41:55देश और दुनिया की पाकी ख़तों के यह आप देखते रखे आज तक क्वांते वासरें