00:00मैं अपने बच्चे को इस दुनिया में क्यों लेक्या हूँ पर्यावरन बरबाद हो रहा है और हम इतने स्वार्थी लोग
00:07हैं परिवार में कोई इस बारे में बात करता है तो मैं डिफेंसिव एग्रेसिव मोड में थोड़ा चली जाती हूँ
00:13मुझे इस मोड में क्यों जाना
00:29कि सामने वाला इस तरह की भद्धी बात्चीत शुरू करने से पहले ही थरा जाए
00:35अगर किसी ने आपके सामने ये मुद्धा छेड़ भी दिया न तो आपकी आधी परा जाए तो वहीं हो गई
00:41ऐसे कैसे हो आपके हिम्मत पढ़ जाती है किसी की कि आप से आके बात कर रहा है कि प्रेग्नेंसी
00:47कब करनी है और इस बात्चीत का शुरू होना ही इंडिगिफाइड है
00:54गरिमा खोदी आपने अगर कोई आके आपसे बात शुरू भी कर पाया
00:57ये लग बग ऐसी बातचीत है
00:58मुझे श्रमा करियेगा
00:59कि जैसे कोई बातचीत शुरू कर ले आपसे
01:01आज रात में भी आप यहां बहार निकलें
01:03और किसी ने कुछ करा नहीं
01:05आपको छुआ नहीं बस आकर
01:07बातचीत शुरू कर दी और पुछा
01:09रात का रेट क्या है तेरा
01:11उसने इस सवाल को
01:13पूछने की शुरूात भी कर दी
01:14तो थपण मार दिया
01:17जिन्दगी ऐसी होनी चाहिए
01:19कि कोई ये बातें शुरू
01:21भी न करने पाये आपके साथ
01:35ये ऐसा है लीचर आदमी जो
01:36दूसरे की जिन्दगी में घुस करके ये सब बाते करता है
01:39तो जिसकी जिन्दगी में घुस रहा है
01:41प्रशिंचन उसके उपर है