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  • 2 weeks ago
दिल्ली में INDIA ब्लॉक की हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद विपक्षी गठबंधन में प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी का नाम सामने आने के बीच ममता बनर्जी ने इस सवाल पर सीधा जवाब देने से परहेज किया। क्या 2029 लोकसभा चुनाव के लिए राहुल गांधी INDIA ब्लॉक का चेहरा होंगे? ममता बनर्जी की चुप्पी के क्या सियासी मायने हैं? क्या विपक्षी गठबंधन में नेतृत्व को लेकर अभी भी सहमति नहीं बन पाई है? बैठक के बाद बीजेपी ने भी INDIA ब्लॉक और राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर निशाना साधा।

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Transcript
00:02दिल्ली में बुधवार को इंडिया ब्लॉक की बैठक हुई
00:05SIR और ज्यानेश कुमार के खिलाफ साजह रणीती बनी
00:10लेकिन बैठक खत्म होते होते
00:12दोहजार उन्तीस के सबसे बड़े सवाल ने सियासत गर्मा दी
00:16सवाल है विपक्ष का प्रिधान मंत्री पद का चहरा कौन होगा
00:22कॉंग्रेस की तरब से राहुल गांधी का नाम सामने आया
00:25लेकिन जब यही सवाल ममता बनरजी से पूछा गया
00:29तो उन्होंने सीधा जवाब देने से परहेस किया
00:32बस यही से विपक्ष की एक जुटता के बीच
00:35नेत्रितुब की खीटतान का सवाल फिर खड़ा हो गया
00:40बुधवार को जब ममता बनरजी इंडिया ब्लॉक की बैठक में
00:43हिस्सा लेकर बाहर निकली तो मीडिया ने उनसे
00:472029 के लोकसभाद चुनावों को लेकर विपक्ष के रणनीती पर सवाल दाग दिये
00:52उनसे पूछा गया कि विपक्ष की तरफ पीम उमीद्वार कौन होगा
00:57राहुल गांधी या ममता बनरजी लेकिन उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया
01:04ममता बनरजी का राहुल गांधी के नाम पर सीधा जवाब ना देना और उसे टाल देना
01:09इस बात का इस पस्ट संकेत है कि इंडिया गट बंधन में 2029 के नेतरित्व को लेकर सर्व सम्मती बिलकुल
01:17नहीं है
01:19विपक्षी गट बंधन की इस्थापना के बात से ही ये सवाल सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ है
01:25कि नरेंद्र मोदी और बीजेपी के खिलाफ विपक्ष का सर्वमानने चहरा कौन होगा
01:31कॉंग्रेस पार्टी जहां राहुल कांधी को स्वाभाविक नेता और विपक्ष की आवास के रूप में पेश करती रही है
01:38वहीं त्रण मूल कॉंग्रेस, आमादमे पार्टी और समाजवादी पार्टी जैसे ख्षेत्री दल किसी एक चहरे को आगे करने से बचते
01:47रही है
01:49ममता बिनर जी पहले भी कई मौकों पर ये साफ कर चुकी है कि चुनाव से पहले पीम पद का
01:55चहरा घोशित करने की बजाए सभी दलों को मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए
02:01यही वज़ा है कि राहुल गांधी के नाम पर ममता की चुप़ी को लेकर राजनीती गल्यारों में नई चर्चा शुरू
02:08हो गई है
02:09कॉंग्रिस ने कहा कि सबको अपना अपना नेता चुनने की चूट है और समय आने पर पूरा विपक्ष मिलकर तै
02:16करेगा कि पीम का उम्मीदवार कौन होगा
02:19वही विपक्ष के दूसरे दल भी इस मुद्दे पर कुछ भी साफ साफ कहने से बचते दिखे
02:38मंत्री बनाने की इच्छा रखने का दबाव भी होता है और जरूरत भी होती है और इच्छा शक्ती भी रहनी
02:45चाहिए हमारे लिए श्री राहूल गांधी जी नेत्रत्व करेंगे
02:48ममताब एनर्जी स्वैम अपने आपको मानती होंगी जन्तादल के लिए आरजेडी के लिए क्या नम वह सकते हैं अपना तेजस्वी
02:57जी और शिवसेना के लिए ठाकरे साब एंसीपी के लिए सुप्रिया जी समाजवादी पार्टी के लिए अखलेश यादव जी इसमें
03:16कौ
03:31इंडिया ब्लॉक की इस अंदुरूनी लडाई पर बीजेपी ने भी हमला बोला
03:36केंद्री मंत्री शिवराज सिंग चोहान ने सवाल उठाया कि जब विपक्षी गटबंधन के घटक दल ही राहुल गांधी को अपना
03:44नेता मानने के लिए तयार नहीं है
03:46तो इंडिया ब्लॉक की एक जुटता का दावा कितना मजबूत है
03:50इंडिया गटबंधन के घटक दल खुद ही राहुल गांधी को अपना सर्व मानने नेता मानने को तयार नहीं है
03:57जब गटबंधन के सहियों की दल ही राहूल गांधी के नेत्रत्व पर मुहर लगाने से हिचकिचा रही हैं और बैठक
04:06में सवाल पूछे जाने पर चुपपी साध लेते हैं तो देश की जनता उन पर भरोसा कैसे करेगी?
04:12भाजपर का साफ कहना है कि विपक्ष का गटबंधन सिर्फ दिखावी का गटबंधन है और कुछ नहीं
04:42नरेंद्र मोधी नेगर यहां राहूल गांदी जी की लीडर्शिप को विबिस्व कारे नहीं कर रहा है आप देखिए इनका
04:482014 में कॉंग्रेसी कहते थे इस बार तो राहूल की सरकार नहीं बना
04:522019 में कहते थे पक्का राहूल बनेगा राहूल फिर नहीं बन पाए
05:10यानि विपक्षी की एक जुटता पर तस्वीर साफ है लेकिन नेतरत्व पर तस्वीर अभी धुदली है
05:182029 की लडाई अभी दूर है लेकिन प्रधान मंत्री पदि के चहरे की लडाई अभी से इंडिया ब्लॉक के भीतर
05:25सुर्खियां बटोडने लगी है

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