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योगी सरकार की एक और मनमानी सामने आई है, यूपी सरकार का एक और एनएसए रद्द हो गया है और सिर्फ़ रद्द ही नहीं हुआ है बल्कि यूपी सरकार पर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। इस बार यह फ़ैसला देश की सबसे बड़ी अदालत ने दिया है।
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00:00योगी सरकार की एक और मनमानी सामने आई है यूपी सरकार का एक और एनसे रद हो गया है और
00:05सिफ रदी नहीं हुआ बलकि यूपी सरकार पर दस लाग का जुरमाना भी लगाया गया है
00:11जी हाँ सुप्रिम कोट ने संबल हिंसा मामले में मुला अफ्रोज की एनसे नैशनल सिक्रोटी एक टियानी राष्टे सुरक्षा कानून
00:19के तहत हिरासत को रद कर दिया है
00:22और उस्तर प्रदेश सरकार पर दस लाग का जिर्माना भी लगाया है
00:26अभी आपको याद ही होगा कि इस तरह नवड़ा के मज़ूर आंदोरन हिंसा के आरोप में एक छात्रा आकरती चौधरी
00:32पर एनसे लगाया गया था
00:34जिसे इलाबाद हाई कोट ने रद कर दिया था और डियम मेदा रूपम पर पांच लाग का जिर्माना लगाया था
00:40जो उनकी सेल्दी से वसुला जाता
00:41इस से यूपी सरकार की बहुत करकरी हुई और यही नहीं इमेदा रूपम डियम होने के साथ साथ मुख्य चनाव
00:47आयूट ज्यानेश कमार की बेटी भी हैं इसलिए तुर अत्वरात इस फैसले को सप्रिंग कोर्ट में चनाथी दी गई
00:53सप्रिंग कोर्ट ने जिर्माना वसूली के आदेश पर रोक लगा दी लेकिन आरोप है कि उन्हें रहत देने के लिए
00:58सुनवाई बेंच तक बदल दी गई
01:00हालकि तब भी ये अदालत एनसे रद नहीं कर पाई एनसे रद होने का आदेश पर करार रखा गया यानि
01:06एनसे अवैद था ये तो साबित हुआ
01:08खैर लोगते हैं संभल हिंसा मामले में ये मामला नमबंबर दो हजार चौबिस का है उत्तर प्रदेश के संभल में
01:14शाही जामा मजजिद के अदालत के आदेश पर कराए गया सर्वे के दौरान वहां हिंसा हुई थी जिसमें चार लोगों
01:21की मौत भी हुई थी
01:22पुलिस ने मुल्ला अफरोज को इस मामले में प्रमक आरोपी बताया था लाइव लॉग की खबर के मुताबिक हिंसा के
01:28करीब चौवन दिन बाद मुल्ला अफरोज को पुलिस हिराशत में एक बयान जो लिया गया था कतित बयान उसके अधार
01:33पर गृतार कर लिया गया बा�
01:48कोट नहस्तक शेप नहीं किया तो मामला सुप्रिम कोट पहुचा इस मामले में सुप्रिम कोट के सामने मुख है कानूनी
01:55सवालों में से एक ये था कि पुलिस हिरासत में दिये गए कथित कबूल नामे को किसी व्यक्ति की निवारक
02:01हिरासत के आदेश यानि एनसे क्या आधार �
02:04बनाया जा सकता है या नहीं जश्टिस दिपांकर दफ्ता और जश्टिस शील नागू की पीट ने कहा कि पुलिस हिरासत
02:11में दिये गए केवल इकबालिया बयान के अधार पर एनसे जैसी सक्त कारवाई नहीं की जा सकती अब देखते हैं
02:18कि योगी सरकार अपने बचाओं मे
02:32या एनसे इन दोनों का यूपी में खुले आम दुर्पयोग हो रहा है

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