00:00देश को आपके द्वारा कुछ संदेश देना चाहते हैं
00:07कि अगर जेश की बुन्याद एक free and prayer election है
00:11निश्वक्स चुनाव है और उसमें अगर खोट आ जाए
00:14उसमें लोक तंतरका रहा ही क्या है
00:18यह सवार इस देश के सामने उठ रहा है
00:23और अगर अदालतें जहां हम जाकर इनसाफ की मांग करते हैं
00:32अगर अदालतें हमें ऐसा लगे
00:35कि वो हमारी बात को नजर अंदाज कर रहे है
00:41हमारी बात को सुने नहीं रहे
00:43तो निश्यत रूप से हमें कुछ ना कुछ तो कदम उठाने होंगे
00:48सबसे एहन बात ही है कि जो प्रेस है जो मीडिया है
00:52दे आर दो मैनिफैक्टरर्स अब न्यूज वो न्यूज बनाते हैं
00:58और बिना उनके लोकतंत्र एक मैं समझता हूँ लेम ड़क रह जाएगा
01:07और जो न्यूज बनाते हैं अगर उनमें भी खोटा जाए
01:13तो देश को बहुत बारी खत्रा है आज इस तीपी में क्यों है
01:17क्योंकि अभी खुलासा हुआ है जिस तरह से चुनावा योग में
01:22कि दो कमिशनर्स ने कहा है कि हमने अपने डिसेंट नोट लिखे
01:25और ये जो सारी किया है जो सारे फैसले हुए हैं
01:30यूनिलेटर्ली अपने ग्यानिश कुमार्टी कर रहे थे और जो ग्यान वो दे रहे थे अपने
01:38कमिशनर्स दोनों उसको नजर अंदास कर रहे थे और खुद पर खुद उनको बिना बुलाए बुना अजेंडा दिये बिना मिनिट्स
01:47लिखे वो
01:48फैसले दिये जा रहे थे तो इसका मनलब के सरकार भी चाथी घी कि
01:53कि भई कोई ग्यान की दूरत नहीं ग्यानेश की दूरत है हम ये हम ये मानते हैं कि अब बक्त
01:59bang आ गया है कि हम पहली बात को कहें
02:01के सुप्रीम कोड को कि जो भी फैसले आपने लिये हैं इस सोच में कि ये सारे फैसले एलेक्शन कमिशन
02:08के हैं उन सब को आप रद कीजिए वो फैसले एलेक्शन कमिशन के है ही नहीं क्यूंकि अगर एक ही
02:16चीफ एलेक्शन कमिशनर वो फैसला करता है तो निश्चित रूप से
02:20election commission के फैसले नहीं आज के दिन केवल यही संदेश देना है कि अब बहुत हो गया
02:26enough is enough the youth must stand together the nation must stand together the press must stand
02:34together every enlightened citizen of this country to stand together to oppose and to make sure that
02:40democratic India not just survives but thrives thank you very much