00:00अमेरिका और चीन के नेताओं की जिस मुलाकात को लेकर लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था
00:04चार महीने में दूसरी बार वाशिंग्टन के अंदर मुलाकात हुई अमेरिका के राश्पती और डानल्ड ट्रम्प की
00:10पहले दोनों की मुलाकात वीजिंग में हुई और उसके बाद वाइट हाउस में दोनों नेता आमने सामने बैटे
00:15आखिर 24 सितंबर को वाशिंटन के अंदर जो मुलाकात हुई उसने अमेरिका और चीन के रिष्टों की एक नई अबारत
00:22को तैय किया
00:22राशपती डॉनल्ड ट्रम्प, राशपती शी जिन पिंग, आमने सामने थे
00:25टेबल पर व्यापार, रेर अर्थ मिनरल, आर्टिफिचल इंटलिजिंस चिप्स और ताइवान समेत कई मुद्दे थे
00:31यानि इन चार मुद्दो पर टिका था कि आखिर एक साल की वेश्टिक सप्लाई की चेन आखिर किस दिशा में
00:37आगे बढ़े
00:38दुनिया में दो महाशक्तियों की रस्ताकशी का नतीजा, ग्लोबल टेबल का वो पावर प्ले है जिस पर बहुत सारा खेल
00:44टिका है
00:45मकर सवाल तो ये है कि जो मेज पर आया, जो बातें हुई जो समझोते हुए, वो आखिर कितने असली
00:51हैं और जो एजेंडा से बाहर रहकर भी च्छाय रहे, आखिर वो खत्रे कितने बड़े हैं
00:56इनी सवालों के जवाब खांगालती हमारी ये पहली रिपोर्ट देखिए
01:23दुनिया में सत्ता की बिसात पर जब घमासान चल रहा हो, ताकत की जोर आजमाईश का धौर चल रहा हो,
01:29तो ऐसे में अमेरिका और चीन के राष्ट्रपतियों की पांच महीने में दूसरी मुलाकात के माएने छोटे नहीं
01:38वाशिंग्टन की जमीन पर जिनपिंग की अगवानी के लिए ट्रम्प लाल कालीन बिछाएं, तो मान लें की कुछ बड़ा हो
01:43रहा है
01:4924 सितंबर को वाशिंग्टन में ट्रम्प जिनपिंग समिट में दुनिया के दुरलब खनिच कारोबार पर 80% नियंतरन रखने वाले
01:56चीन के सर्व शक्तिमान नेता ने रियायत दिखाई
01:59और रेयर अर्थ एक्सपोर्ट में अपने सक्त कंट्रोल नियमों को कम से कम एक साल के लिए टाल दिया है
02:05फेंटानिल संबंधी चीनी सामान पर अमेरिकी टैरिफ 20% से घटा कर 10% कर दिया गया
02:11सोयाबीन, तेल और अलास्का की प्राकृतिक गैस की खरीद फिर शुरू करने पर चीन सहमत हो गया है
02:18वहीं बदले में चीन ने अमेरिका से हो रहे अपने 300 अरब डॉलर से अधिक के निर्यात के लिए रहत
02:24हासिल कर ली
02:24ये ज़रूरत भी है, मौका परस्ती भी है और व्यभारी कूट नीती भी
02:29तब ही तो इरान की मदद के लिए चीन को धमकी देने और तकनीक चोरी से लेकर
02:33जासूसी और फेंटानिल को लेकर चीन को जम कर कोसने वाले टरंप तुरंत पैंतरा बदलते भी नजर आ जाते हैं
02:42जाहिर है अपने राजनीतिक और चुनावी नफा नुकसान से हर चीज को तौलने वाले टरंप
02:46उन मुद्दों को टालने से नहीं जिजकते जो फायदे की थैली में छेत कर सकते हैं
02:51इसलिए जब राश्ट्रपती जिन्पिंग से मुलाकात के बाद टरंप से जब पूछा गया कि ताइवान पर क्या बात हुई
02:56तो जवाब आया ये मुद्दा उठा ही नहीं
02:59जाहिर है ताइवान के लिए ये बेचैनी बढ़ाने वाली खबर है
03:01क्योंकि मैई 2026 में जिन्पिंग से बात के बाद टरंप ने 14 अरब डॉलर के ताइवान हथियार सौदे पर रुख
03:09नरम किया था
03:10और 24 सितंबर के सम्ट में ताइवान का जिक्र तक टरंप ने नहीं किया
03:14यानि ताइवान के लिए सबसे बड़ा खत्रा इस बात को लेकर है
03:17कि उसका सबसे बड़ा सुरक्षा गारंटर भविष्य में चीन की तरफ से होने वाली किसी कार्रवाई को लेकर चुप्पी साध
03:24ले
03:29हालांकि असली जंग का मोर्चा तो तकनीक और उसके दबदबे की लड़ाई है
03:33अमेरिका की Open AI और Anthropic जैसी कमपनियों के मुखिया AI से मानवता को खत्रे की बात करते हुए
03:38उसके विकास की रफतार धीमी करने की वकालत कर रहे हैं तो चीन AI की रफतार घटाने का विरोध करता
03:45है
03:45वही ट्रम्प ने भी साफ कहा कि इन्वीडिया की सबसे Advanced Blackwell Chips किसी भी सूरत में चीन को नहीं
03:50मिलेंगे
03:51ऐसे में साफ है कि ट्रम्प और शी की मुलाकात ने फौरी तोर पर कुछ राहत भले दी हो
03:55दोनों नेताओं को कुछ राजनीतिक फायदे बटोरने की वजह दी हो लेकिन ये महाशक्तियों के बीच 27 सुलह का फार्मूला
04:02नहीं है
04:03बस किसी अगले मोर्चे पर टकराव तक मिली एक मोहलत है
04:06प्रणय उपाध्याय आज तक