00:00सबसे पहले चुनाव आयोग मतदाताओं के नाम एक संदेश देना चाहता है
00:11भारत के समिधान के अनुरूप भारत का हर नागरिक जो अठारे वर्ष की आयू पूरी कर चुका हो
00:21उसे मतदाता अवश्य बनना चाहिए और मतदान भी अवश्य करना चाहिए
00:33आप सभी जानते हैं कि कानून के अनुरूप हर राजनेतिक दल का जन्म
00:42चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन से ही होता है
00:46तो फिर चुनाव आयोग उन्ही राजनेतिक दलों में भेद भाव कैसे कर सकता है
00:57चुनाव आयोग के लिए न तो कोई विपक्ष है
01:02न तो कोई पक्ष है सब समकक्ष है
01:10चाहे किसी भी राजनेतिक दल का कोई भी हो
01:16चुनाव आयोग अपने समिधानिक कर्तब इसे पीछे नहीं हटेगा
01:24पिछले दो दश्कों से लगभख सभी राजनेतिक दल
01:32मतदाता सूची में तुटियों के सुधार के लिए मांग करते रहे है
01:38और इसी मांग को पूरा करने के लिए ही चुनाव आयोग ने
01:47कहन पुनरीक्षण अर्थात स्पेशल इंटेंसिव रिविजन
01:53SIR की शुरुआत बिहार से की है
02:03SIR की प्रक्रिया में सभी मतदाता बूत लेविल ऑफिसर्स और सभी
02:15राजनेतिक दलों द्वारा नामित 1.6 लैक बी एलेज ने मिलकर एक प्रारूप सूची तयार की है
02:31इस प्रारूप सूची की एक कौपी आप सभी लोगों को दी गई है
02:37जिसमें के हर बूत में जब ये प्रारूप सूची तयार की जा रही थी
02:42तो सभी राजनेतिक दलों के बूत लेविल एजेंस ने उसे हस्त्याप्षर के साथ भी सत्यापित किया है
02:52इस प्रारूप सूची में तुरुटियां हटाने के लिए एक बार फिर निर्धारित समय परिधी में सभी मत दाता और राजनेतिक
03:07दल मिलकर अपना बहुमूली योगदान दे रहे हैं
03:14विगत आकणों के अनुसार स्वेम मत दाताओं ने लगबग 28,370 ऐसे क्लेम्ज और अब्जेक्शन्स दिये हैं
03:30और जो मत दाता एक जुलाई को 18 वर्ष की आयू पूरी कर चुके हैं
03:38या एक अक्टूबर को 18 वर्ष की आयू पूरे करने वाले हैं
03:42ऐसे एक लाग 3,703 मत दाताओं ने भी अपना आवेदन फॉर्म 6 और डिकलरेशन के साथ किया है
03:57और इन क्लेम्ज और अब्जेक्शन्स के लिए इन तुर्टियों को हटाने के लिए
04:02बिहार के S.I.R. में एक अगस्त से एक सितंबर का समय निर्धारे थैं
04:10अभी भी 15 दिन का समय बाकी है
04:17चुनावायोग सभी राजनितिक दुलों को
04:22उनके द्वारा नामित बूथ लेवल एजेंट्स को
04:28नैशनल लेवल पॉलिटिकल पार्टीज को
04:31स्टेट लेवल पॉलिटिकल पार्टीज को
04:34आवान करता है कि आने वाले 15 दिनों में
04:39जो भी प्रारूप मत दाता सूची उनको दी गई है
04:42उसमें अगर कोई भी तुटी हो
04:45तो उसको प्रिस्क्राइब फॉर्म के तहट जमा करें
04:52चुनावायोग के दर्वाजे हमेशा
04:54सब के लिए समान रूप से खुले हुए हैं
05:02जमीनी इस्तर पर सभी मत दाता
05:06सभी राजनेतिक दल
05:09और सभी बूट लेवल आफिसर्स मिल कर
05:13एक पारदर्शी तरीके से कार्य कर रहे हैं
05:17सत्यापित भी कर रहे हैं
05:19हस्ताक्षर भी कर रहे हैं
05:22और वीडियो टेस्टिमोनियल्स भी दे रहे हैं
05:26यह एक गंभीर चिंता का विश्य है कि राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों और उनके द्वारा नामित बियलेज के ये
05:38सत्यापित रस्तावेज टेस्टिमोनियल्स उनकी आवाज उनके स्वैम के राज्यस्तर के या राश्ट्रीस्तर के नेताओं तक या तो पहुँच न
05:56पहर जमिनी सच को नजर अंदास करते हुए भ्रहम फैलाने की कोशिश की जा रही है
06:05सत्य तो यह है कि कदम से कदम मिलाकर सभी स्टेक होल्डर्स बिहार के ऐसा यार को पूर्ण रूफ से
06:17सफल बना रहे के लिए कटिभद्ध हैं प्रयत्न कर रहे हैं और कटिन परिश्रम कर रहे हैं
06:25जब बिहार के साथ करोड से भी अधिक मत दाता चुनावायोग के साथ खड़े है तो न तो चुनावायोग की
06:39साख पर कोई प्रश्निचिन कड़ा हो सकता है और नहीं मत दाताओं की साख पर
06:49कानून के अनुसार अगर समय रहते मत दाता सूचियों में तुर्टियां साज़ाद न की जाएं
07:02मत दाता दोरा अपना प्रत्याशी चुन्ने के 45 डेज के भीतर माननी उच्च न्यायले में चुनाव याचिका दायर न की
07:16जाए
07:19और फिर वोट चोरी जैसे गलत शब्दों का इस्तमाल करके जन्ता को गुमरहा करने का असफल प्रयास किया जाए
07:32तो यह भारत के सम्मिधान का अपमान नहीं तो और क्या है
07:41जहां तक कि मशीन रीडेबल मत दाता सूचि का सवाल है
07:48माननीय सुप्रीम कोट
07:512019 में ही कह चुका है
07:54कि हम मत दाता की निजिता का हनन हो सकता है
08:00वोटर प्राइविसी कैन बी ब्रीश्ट
08:06हमने कुछ दिन पहले देखा
08:09कि कई मत दाताओं की फोटो
08:13उनकी अनुमती के बिना
08:16मीडिया के समक्ष्ट
08:18रखी गई
08:20उनके उपर आरोप लगाए गए
08:23उनका इस्तमाल किया गया
08:25क्या अपनी माताओं
08:29भवों
08:30बेटियों
08:32सहित
08:33किसी भी मत दाता की
08:35सीसी टीवी वीडियो
08:36चुनावायव को साजा करनी चाहिए क्या
08:42मत दाता सूची में जिसका नाम होता है
08:46वही अपने
08:48प्रत्याशी को
08:49चैनित करने के लिए
08:52वोट डालता है
08:56लोगसभा के चुनाव की प्रक्रिया में
09:01एक करोड से भी अधिक करमचारी
09:05दस लाक से भी अधिक
09:07बूथ लेविल एजेंट्स
09:11बीस लाक से भी अधिक
09:15प्रत्याशीयों के पॉलिंग एजेंट्स
09:17चैनाव के लिए कार्य करते है
09:23इतने सारे लोगों के समक्ष
09:27इतनी पारदर्शी प्रक्रिया में
09:30क्या कोई भी मतदाता
09:32वोट की चूरी कर सकता है
09:36कुछ मतदाताओं द्वारा
09:39दोहरे मदान के आरोप लगाए गए
09:44सबूत मांगने पर जवाब नहीं मिला
09:49ऐसे मिध्या रोपों से
09:52न तो चुनावायोग डरता है
09:54और नहीं कोई मतदाता
10:01जब चुनावायोग के कंधे पर
10:05बंदूक रख कर
10:07भारत के मतदाताओं को निशाना बना कर
10:11राजनीती की जा रही हो
10:13तो आज चुनावायोग सबको सपष्ट करना चाहता है
10:17कि चुनावायोग निडरता के साथ
10:21सभी
10:23गरीब, अमीर, बुदुर्ग, महिला, युवा
10:31सहित सभी वर्गों
10:33और सभी धर्मों के मतदाताओं के साथ
10:38बिना किसी भेदभाव के
10:41चटान की तरह खड़ा था
10:43खड़ा है और खड़ा रहेगा
10:46जै हिंद, जै भारत
11:00झाल