00:00अमेरिका के उपर कर्च भी लगातार बना हुआ है और बढ़ता ही जा रहा है और इस पीच मिड टर्म
00:04जो एलेक्शन है उसमें ट्रम्प जिस तरह के से हमारे यहां रेवरिया बढ़ती है वैसे रेवरिया बाटना शुरू कर चुके
00:10हैं और एक चीद लेकिन डेवलप्मेंट
00:24से वो लगातार वो ही तो कर रहा है उसके बावजूद इरान खड़ा है और अमरीका के जो हतियार है
00:32सुनने में जो आता है जानकारी जो मिलती है उनके हतियार का भंडार काफी हद तक खाली हो चुका है
00:40अब अगर जो वो लड़ाई पहले करा था अगर उस टाइप का उसे �
00:45अटैक वापस करना पड़े तो मेरे खहल से अमरीका में हतियार नहीं है यह लड़ाई करने के लिए इरान को
00:54हतियार कहां से आ रहे हैं वो चर्चा के लिए और कोई दिन के लिए छोड़ देते हैं बट इरान
01:01लगातार लड़ाई कर रहा है और तकलीफ करता है अमरीका को य
01:06about it is that Iran's identity is that the U.S. and the Middle East
01:18US troops or US troops in the region. No, putting troops anywhere. If I were, I wouldn't tell you.
01:26If I were, I wouldn't tell you. And they built a base for us.
01:32All the countries want to leave America from there.
01:35Because they have attacked the base.
01:38And in the last battle, Jordan's base was destroyed.
01:44They were very poor in America.
01:49Okay, sir.
01:51We have a great development in the war.
01:56If we look at this time, Xi Jinping is America.
02:00This war, Xi Jinping, Xi Jinping, Trump, and other AI,
02:05but this war, Xi Jinping, Xi Jinping, and Xi Jinping,
02:10how can this impact impact?
02:15It's a good thing.
02:30Okay.
02:31And what we have done in China.
02:41Yes, sir.
02:42ही महत्वपूर्ण है उनके जो प्रॉडक्स हैं वो भी अच्छे चल रहे हैं और जो AI के टूल्ज
02:50इस्तमाल करते हैं उनका ये कहना है कि इतने प्राइस कंपेरिजन में ये
02:57अमरीकन टूल से इतने सस्ते हैं कि आप कई सारे टूल्ज लेकर अपना काम कर
03:03सकते हैं और एक fraction of cost of American AI का आपको पैसा देना पड़ता
03:11है तो ऐसी कोई चीज नहीं रही जहां पर चाइना अमेरिका से टकर नहीं
03:18लगाता चाइना को सबसे बड़ी जो चीज चाहिए वो है कि मार्किट फैक्ट्री उसके पास में हर
03:27चीज बनाने की है और अमरीका आज जो एक स्थिति बना कर रहा रखा है
03:34टैरिफ टैरिफ टैरिफ उसी के कारण पिछले सप्ता यूएस फेड को इंट्रेश रहों के रेट हाइक करनी
03:43पड़ी थी और ट्रम्ट लगाता चला चला कर कह रहा है कि रेट घटाओ रेट घटाओ जे आर्ड़ेडी जो आप
03:52देखें जो ट्रेजरी बिल है लॉंग टर्म इल्ड है वो पांच परसेंट के आसपास पहुंच चुका है उसको भी
03:59कभी कभी क्रोस कर लेता है इंट्राडे सिचुएशन अच्छी नहीं है महिंगाई इंफलेशन जो आस्मान चू रही है अमरीका में
04:11और सबसे बड़ा नुकसान आम अमरीकी सिटिजन को हो रहा है इसलिए वो जो रेवडी का जो कल्चर है अमरीका
04:20भी पहुंच गया है
04:22सर देखें तो बारे में अ आपने बताया है कि 5% के आसपास इंट्राडे के टाइम में पहुंची जा
04:28रहा है when अगर डार डेस की बात करें तो डाल इंडेक्स सो के पार ट्रेट करता हुआ दिखाई दिछा
04:34रहा है
04:34Now, sir, you can see that Xi Jinping in America has reached the war, and there is a tariff in
04:39the US.
04:40So, tariff in April, there was a 145% tariff in the US, and China also had a tariff in
04:52the US.
04:53Then, China had a tariff in the US, and China had a tariff in the US.
05:02What does it mean?
05:03It could be a big deal, because it could be a tariff, and if it is tariff in China and
05:11America,
05:12then it could be a tariff in the US?
05:17Two things are explained.
05:20Tariff, which the country imports the country, and its countries have to give it.
05:25अदेकार अम्तेना पडता है.
05:26यह जो ट्रम्प शुरुवात में कहह रहे थे, कि टारिफ लगाने से आपको सामान स्टा मिलेगा,
05:32यह एक तऱसे बेवकूब बनाने की बात थी.
05:34और कोई भी head of nation ऐसी बात करता है तो मजा नहीं आता अब inflation पिछले 6 महीने में
05:45कहां से कहां पहुँच गया है अमरीका में सभी को पता है ऐसे महाल में जब tariff की बात आती
05:53है tariff कम करना दोनों देश अगर कम करते हैं इसका advantage अमरीका को ज़्यादा मिलेगा क्योंकि वो चाइना स
06:02ज़्यादा सामान import करता है आमरीक के जीवन के लिए चाइना को benefit सिर्फ इतना मिलेगा कि वो export कर
06:12पाएगा अब आपका जो दूसरा सवाल है इंडिया को क्या benefit होता है देखिए इंडिया की जो trade policy नक्की
06:21करने वाले थे या tariff की deal होने वाले थी वो अभी भी final stage पर
06:27ओकर sign नहीं हुई है it is work in progress और अगर चाइना और अमरीका की deal हो जाती है
06:36तो इंडिया को इससे लेकर कुछ न कुछ नुक्सान अवश्य हो सकता है क्योंकि अपना agreement नहीं हुआ उनका agreement
06:45हो गया