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  • 30 minutes ago
मतभेदों की खबरों पर आई चुनाव आयोग की सफाई, देखें क्या कहा?

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00:00S.I.R. को लेकर चुनाव आयोग की खबरे अब सामने आ रही है और बीडिये रिपोर्ट को मताबिक S
00:05.I.R. को लेकर दोनों आयोगतों ने 10 महिने में 14 बार आपत्ती जताई असहमती रही
00:12मतभेद की खबरों पर चुनाव आयोग ने सफाई भी दिये अब चुनाव आयोग का ये कहना है कि मतभेद और
00:18असहमती स्वाभाविक बात है
00:21शुरुवाती मतभेदों के बावजूद सभी फैसले सर्वसमती से लिए गए हैं
00:27चुनाव आयोग की सफाई आया मतभेद की खबरों पर वो कह रहे हैं कि मतभेद और असहमती ये स्वाभाविक है
00:32उता रहता है
00:34लेकिन जितने भी फैसले लिए गए हैं इन शुरुवाती मतभेदों के बावजूद वो सभी फैसले सर्वसमती से लिए गए हैं
00:49लेकिन देखें ये भी बात चल रही है कि कब कब कैसे कैसे वो बाते सामने आई जहां पर असहमती
00:54बनी मतभेद आए या फिर असहमती बात रही हैं
00:57तो ये देखें दस महीने में चौदा बार 28 अक्टूबर को सुभीर सिंग संदू क्या कहते है इसी की मंजूरी
01:01के बिना
01:14ये सुभीर सिंग्णू एक चनाव आईक तो उनकी बात हो रही है वो कह रहा है कि चनाव आयोग की
01:18मंजूरी के बिना आधिकारिक सूचना जारी कर दी गई
01:22चनाव आयोग की मंजूरी इसमें नहीं ली गई है ये 16 अपरेल की बैठक में जो बात देख सामने आई
01:27है
01:27वहीं विवेक जोशी जो एक चनाव आईक तो वो कहते है एक साल से आयोग की बैठक से पहले कोई
01:31अजेंडर तैय नहीं होते थे
01:32मिनिट्स भी नहीं लिखे जाते थे और आयोग की मंजूरी के बिना विदेश अधिकारी भेजे गए
01:41आयोग की मंजूरी नहीं ली गई और अधिकारियों को विदेश भी दियागे
01:4416 अप्रेल की बैटक थे उसके बाद 24 अप्रेल को होतीели 24 अप्रेल को विवेक जोशी की तरफ से
01:48आयोग की मंजूरी के बिना कोई अधिकारीक जानकारी जारी नहीं हो सकती
01:52आयोग की जानकारी यहाँ पर होना बहुत जादा जरूरी है
01:55कोई भी आधिकारिक जानकारी जारी नहीं हो सकती
01:58सरकार की मंजूरी के बिना
01:59फॉर्म 6 में बदलावना हो
02:01और 19 मई को इसको संदुनेबी माना था
02:0416 मई 2026 की
02:0629 मई को आप देखे एलेक्टरल रोल डेटाबेस के
02:09केंद्री करण को लेकर
02:11चेताया गया था
02:11यहाँ पर विविग जोशी की बात यहाँ पर की जारी
02:15वहीं 13 जुलाई को
02:16संदुनेबी इस बात को माना है
02:18यह 29 मई 2026 की बात की जारी है
02:21तो यह कई बार
02:22ऐसी बाते आहीं सामने जहां पर
02:23अस्हामतीक थी
02:25कहा जा रहा है
02:26यह स्वाभाविक होता है
02:27आयोग की जानकारी के बिना अधिकारियों की कामों का बटवारा हुआ
02:30यह भी बैठस में बात सामने आई
02:32कैबिनेट सचिफ से विविक जोशी की तरफ से का गया
02:34काम के बटवारे का
02:36जो रोस्टर होता है कि किस की जिम्मेदारी किस काम की है वो जारी है
02:40और अगर ऐसा नहीं होता है अधिकारियों के खिलाफ जारवाई की जाए
02:43तो 10 महीने में 14 विरोध नोट
02:46अब विवेग जोशी और सुखबीर सिंग संदू ने आयोग में कामों के नए बटवारे का
02:51विरोध भी किया है
02:53ये बात सामने आई है वहीं
02:54आयोग की तरफ से पश्चे बंगाल ट्रिबिनल में अपील के फैसला किस ने लिया
02:58ये भी सवाल पूछा गिया सुखबीर सिंग संदू की तरफ से
03:01फ़र्म 16 में बदलाव अनाधिकरत गैर कानूनी है
03:04सुखबीर संदू चुनावाएक तुन की तरफ से कहा गिया
03:07साथी फिल्ड अधिकारी आयो की नेट सिस्टम इस्तिम इस्तिम इस्तिम नहीं कर सकते
03:29देखें सबसे बड़ी बात हिमान्शू है कि आज ये समझना होगा कि मीजा रिपोर्ट के हवाले से
03:34जो जानकारी सामने आई है वो बहुत बड़ा चालेंज है चुनावाएक के लिए इसमें कोई दो राय नहीं है
03:39अब दो पक्ष है अगर मीजा रिपोर्ट की बातों को आप ध्यान से देखें तो तीन बाते इस पष्ट है
03:46वो यह सीधा आरोप लगा रहे हैं कि सेंट्रलाइजिशन ओफ डिसिशन मेकिंग हो रहा था
03:52यानि केंद्रे करण हो रहा था और फैसले जादा से जादा दिल्ली से लिए जा रहे थे
03:57अब देखें चुनाव आयोग का दूसरा पक्षो है उसने चुनाव आयोग साफ साफ कह रहा है कि जो दो चुनाव
04:04आयोग है जिनको लेकर चर्चा हो रही है
04:07सुपीज संदु साहब है और विवेक जोशी, इनकी राय अलग हो सकती है, इनकी इन्डिविजल राय अलग हो सकती है
04:14चाहे वो लिखित हो या फिर मोखिक हो,
04:16लेकिन इसकार तिये नहीं है कि इनकी जो राय थी लिखित या मौकिक वो चुनाव आयोग का फैसला था
04:22ये उनकी निजी राय थी जब भी कोई फैसला चुनाव आयोग की तरफ से लिया गया है
04:28चाहे वो कोई भी फैसला वो लिख रहे हैं
04:30स्वीपिंग स्टेटमेंट है चुनाव आयोग की तरफ से ओल डिसिशन ओफ दी एलेक्शन कमिशन अफ इंडिया इंक्लूडिंग एसायार यानि एसायार
04:39को मिलाते हुए वो सभी युनानिमसली यानि एक साथ ली गई है और दोनों ही चुनाव आयुक्तों का और मुख्य
04:47च�
04:58इन लोगों ने किन बिंदूओं पर सबसे जादा अपना मुखर होकर विरोध किया है तो सबसे पहली एक बात समझनी
05:06पड़ेगी हमारे दर्शकों को कि लगभक चालेस अलग अलग पोर्टल्स बहुत सारी वेबसाइट इलेक्शन कमिशन की थी उन सब को
05:13एक जगा पर करके
05:15ECI NET बनाया गया अब इनका आरोप था कि जो मीजर रिपोर्ट के हवाले से हम बता रहे हैं कि
05:22यहां पर जो स्टेट आफिसर फैसले ले रहे थे उनको धीरे दीरे अलग किया जा रहा था और डिली से
05:29नाम के जो डिलीशन और एडिशन है उसको तै किया जा रहा था अब इन
05:44पर स्टोराल रजिस्ट्रेशन ओफिसर होता है है ना जो पी एलो होते हैं जो बूत तर पर काम करते हैं
05:51वही तै कर रहे थे जो रेप्रेजनेशन और पीपल आक्त 19.60 है जिन एरो को वह यह ताकत देता
06:01है और यह उनके लिए मैंडेट है कि वही नाम जोडेंगे घटाएं�
06:06वो ही एकाम कर रहे थे दूसरी बड़ी बात अगर आप देखिए तो जितना भी यह जो ऑफिसर के टास्क
06:14को लेकर बात कही जा रही है ना कि आप उनका आप रोल निकालिए कि यह अफसर है इसका यह
06:19यह मैंडेट है इसका यह यह काम है तो इसमें भी आरोप लगा कि जब दो
06:23आडमिंस्रेशिन आफिसर्स को बदला गया आडमिंस्रेशिव ऑर दस बदले गए तो ऐसी crack. नए लोग लाए जा रहे ते उनके
06:31काम के जरिए केंद्रिकरण
06:33और बी चुनाव आयोग की ताकतों का
06:36पावर्स का किया जा रहा تھा
06:37उसको भी चुनाव आयोग अपनी तरफ से डिनाई करता है
06:40उसका कहना है कि जो भी फैसले
06:42लिये जा रहे हैं वो सबी सर्व सम्मत्य
06:44से लिये गए हैं राय सबकी
06:45अलगल हो सकती है लेकिन
06:47ultimately unanimously यानि सारे फैसले और चुनाव आयोग का SIR का फैसला हो जितने भी फैसले हो वो सब
06:56unanimously यानि दोनों चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयोग तीनों यानि संदु सहाब विवेक जोशी और ग्यानेश कुमार तीनों की
07:03सहमती से लिए गए हैं तो ये एक
07:05बहुत बड़ा आप कह सकते हैं कि इस वक्त तूफान की तरह है चुनाव आयोग के उपर क्योंकि जहर तोर
07:12पर हिमानशी विपक्स इसको एक बहुत बड़ा मुद्दा बनाएगा उत्तर प्रदेश के चुनाव आ रहे हैं और ये ऐसा मुद्दा
07:19है जिसको विपक्स उठाता �
07:20बिल्कुल एसी आई में असामती का खेल या ओल इस वैल ये सब सवाल जादला चाहते हैं इसका जवाब शुक्रिया
07:25आपका हमारे साथ जुड़ने के लिए संजय शर्मा मारे साई होगे हमारे साथ में जड़े हुए है कि ये स्वाभाविक
07:31है असामती होना ये सारी चीज़
07:46में रखते हुए फैसले लिए गए हैं तो इस पर जांच होनी चाहिए कि क्या चुकि अभी तक ये गोपनिया
07:52दस्तावेद हैं इस पर अभी तक हम लोगों ने ये नहीं देखा है अपने आगों से कि तीनों आयोगतों के
07:57दस्तखत हैं या सिर्फ चीफ चीफ एलेक्शन कमि
08:06के कमिशनर के दस्तखत हैं तो आयोग का ये कहना है कि ऐसा कोई विरले ही कभी ऐसा हुआ होगा
08:13जब दो इलेक्शन कमिशनर प्रस्ताव के बिल्कुल खिलाफ हैं और चीफ एलेक्शन कमिशनर दूसरी तरफ अकेले खड़े गें एकाद बार
08:21ऐसा हुआ है तो उस समय प्रस्
08:35पर एक election commission chief के साथ है और दूसरे प्रस्ताओं पर दूसरे election
08:39commissioner chief के साथ है तो ऐसे में बहुमत तो हो जाता है तो अब यह देखना यह
08:45जांच का विशह है कि क्या इतने पर यह प्रस्ताओ कि अभी तक चो
08:49media reports में कहा गया कि descent note दिये अलग-अलग प्रस्ताओं पर
08:53अलग-अलग election commissioner ने descent note अलग-अलग समय पर दिये लेकिन क्या एक ही कोई
08:59common प्रस्ताओं है जिस पर दोनों election commissioner descent कर रहे हैं और सिर्फ इलेक्शन
09:04commissioner अपनी चला रहे हैं यह जांच का विशह है अभी अभी बहुत सारी चीज़ और clear होंगी
09:08अभी वक्त के साथ बने रही है हमारे साथ इस दोराने को और बड़ी खाबर आ रही है वो भी
09:11बता दे कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग में मजबेत की खबरों को लेकर सीखी पर सिक्रिया दी कपिल सिब्बल कह
09:17रहे हैं कि ग्यानिश कुमार को तुरंट सस्पेंड करने
10:03अगर चुनाव आयो कुछ चला कौन रहा है
10:08दो चुनाव आयोग निरंतर और लगातार अपनी अपतियां दर्ज करते रहे हैं और उनकी अपतियां दर्ज करने के पापजूद या
10:18कताकसित अपतियां दर्ज करने के पापजूद चुनाव आयोग एसायर को किर्यानवित करता रहा है तो ये सवाल पैदा होता है
10:30कि फिर
10:30चुनाओ आयोग को चला कौन रहा है क्यों चुनाओ आयोग के जो नियम है
10:35वो साफ तोर पे कहते हैं कि हर फैसला या तो सर्वसर्मंदी से
10:39लिया जाना चाहिए और अगर सर्वसर्मंदी से नहीं लिया जा सकता
10:43तो वो मजॉरिटी से लिया जाना चाहिए
10:46अब जो तथे सारविजनिक हुए हैं
10:50जो ख़बर एक अख़बार में छपी है
10:53अगर वो सही है और दो चुनाओं आयोक लगातार अपतियां दर्ज करते रहे हैं
11:00तो इसका ये मतलब है कि चुनाओं आयोक के जितने फैसले हैं
11:04खासकर जो SIR से संबंदित है वो तो पूरी तरह से गैर कानूनी हैं
11:09गैर संवेधानिक हैं

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