00:00करीब डेड़ सो एकड में फैला हुआ है और यहाँ पर सुरक्षा में आठ गार्ड होते हैं
00:05सो मुआर देर शाम यहाँ एक ऐसी वारदात हुई जिसको कोई भी भूल नहीं बाई
00:1217 साल की एक नाबालिक अपने जन्दिम पर अपने दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर पहुशती है
00:18उसके बाद गेट नमबर 7 से वो इस पार्क के अंदर दाखिल होती है
00:23वो लोग एक जगा पर बैठ जाते हैं लेकिन उस वक्त अंधेरा होना शुरू हो जाता है
00:28और इस पूरे 1.500 एकर पार्क की सुरक्षा के लिए 8 गार्ड है
00:32CCTV एंट्री एक्जिट पे है नहीं
00:34अंदर पूरा एरिया लाइट से कवर नहीं होता है क्योंकि बहुत बड़ा पार्क है ये
00:38और कई जगों पर लाइट लगा है लेकिन जादा तर जो लाइट्स है वो जो रास्ते हैं उनको कवर करते
00:45हैं नकि जो पूरा पार्क का इलाका है वो कवर होता हो
00:49ऐसे में जब वो दोनों पहुँँचते हैं उन पर किसी की निगाह नहीं पढ़ती लेकिन शायद उनका पीछा कर रहे
00:54थे
00:55आसित और उसके साथ जोज़мотрती वो पीछा करते वो अंदर तक पहुँचते हैं असा अंदेशा है इसकी जाच अभी जारी
01:02है
01:02अंदर पहुंचते हैं उनकी भाशा ऐसी थी कि जैसे वो पुलिस वाले हैं उन्होंने धमकी दिया
01:08लीगल लेंगविज का इस्तेमाल किया खुद को पुलिस वाला बताया और उसके बाद लड़की और लड़के को अलग कर दिया
01:15और लड़की के साथ बारी-बारी से तीनों आरोपियों ने रेप की वारदात को अंजाम दिया, डराया, धमकाया और उसके
01:23बाद भाग निकलते हैं
01:27पुलिस को कॉल किया गया, पुलिस के टीम मौके पे पहुची, पुलिस का बयान दर्ज किया, जो बच्चा उसके साथ
01:34था, जो उसका दोस्त था, उसका स्टेटमेंट रिकॉर्ड किया गया, आरोपियों ने किस भाशा में वो बात कर रहे थे,
01:42एक दूसरे का कभी नाम तो नह
01:43लिया, कपड़े क्या पहने थे, ये सारी चीजें जानकारी ली, और उसके बाद तुरंद पुलिस की टीम जाच में जुटी,
01:50आसपास के सीसी टीवी खंगा ले गए, जो हुलिया, पीडिता के दौरा बताया गया था, उससे मैच कराया गया, और
01:57रात होते होते पुलिस ने
02:12ट्रैक किया गया, अमर कलोनी इलाके में वो बाईक पर था, पुलिस ने उसको ट्रैक किया, उसे रुकने का इशारा
02:18किया, लेकिन आरोब है कि आसिफ ने रुकने की बजाए भागने की कोशिस की और इसी भी उसने पुलिस टीम
02:25पर गोली भी चला दी, जवाबी कारवाई प
02:30आसिफ के पैर में वो गिर जाता है, पकड़ा जाता है, उसके पास से तमंचा बरामाद होता है, ये बात
02:36बयान में भी बोला गया था पीडिता की तरफ से, कि आसिफ के पास, बदमाशों के पास एक तमंचा और
02:42एक चाकु था, जिसे देख दिखा कर उन्होंने डराया और �
02:45धमकाया भी था, तो इसके बाद पुलिस इसी तरीके से तयार थी, कि आरोपियों के पास गन हो सकती है,
02:51उसी तयारी से गई थी पुलिस, एंकाउंटर के बाद आसिफ पकड़ा गया, और उची देर के बाद दोनों बाकी जो
02:56आरोपी थे, उन्हें भी पुलिस ने गिरफता
02:58कर लिया, तीनों को गिरफतार करने के बाद इस बात की तस्दीक की गई, कि यही है तीनों, उसके बाद
03:04उन्हें तीनों को कोट में प्रड्यूस किया गया, और जेल भेदिया गया, इसलिए कि अभी तीनों की टी आईपी होनी
03:10है, उसके बाद पुलिस इनको रिमांट पे ल
03:25उनको पुलिस ने सेफ रख लिया, क्योंकि वो आगे काम आएंगे, पीडिता का पूरा मेडिकल कराया गया, वहां से जो
03:33सबूत मिले, वो आगे महत्वपूर काम आएंगे, इंवेस्टिगेशन में काम आएंगे, मौकाय वारगास से सबूत इकठा किये गए, और ये
03:40सारी ची
03:53पर कोई CCTV नहीं, आठ गार्ड है, एक सुपर्वाइजर है, एक शिफ्ट में आठ गार्ड होते हैं, जिनके जिमें तमाम
04:01गेट और ये पूरी जो आप कह सकते हैं, पूरा पार्क है, एक डेड़ सो एकड का, उसकी सुरक्षा की
04:07जिम्मेदारी उनहीं के सिर पे रहती है, या
04:22पता भी नहीं चला, ने किसी ने आवाज तुनी, ने कुछ हुआ, और उसके बाद जब पीडिता ने बताया, तब
04:27पता लगा, तो इसलिए इस पार्क की सिक्योर्टी को लेके भी कंसर्ण उठा, दिल्ली पुलिस के मुख्या, कमिशनर यहां पर
04:34आए, यहां की सिक्योर्ट
04:52देखने को मिल रही है, इस वार्दात के बाद देखने को मिल रही है, अगर यही सुरक्षा, यही सिक्योर्टी अगर
04:58पहले होती, तो शायद यह वार्दात करने की कोई हिम्मत ना कर पाता, लेकिन अब यहां पर देखना यह होगा,
05:04कि क्या यह सुरक्षा, यह सिक्योर्टी
05:22आज भी छिपने के लिए यहां जाते हैं जिनकी तलाश पुलिस को हो
05:25कि भाई बड़ा इलाका है कहीं छिप जाएंगे बैट जाएंगे
05:28कुछ ऐसी इलाके जा बिलकुल डौशनीरी अंधेरा है वो बच जाएंगे
05:31तो क्या इस पुरे इलाके की सुरक्षा की यहां के सिसी टीवी कैमने लगाये जाएं
05:35यहां की सुरक्षा के बारे में पहले नहीं सोचा जा सकता था
05:39तो इस जगन्ले वार्दात के बाद देखना यह होगा
05:43कि क्या इस पार्क की सुरचा के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाता है और उसे continue रखा जाएगा
05:49और साथी साथ पुलिस की investigation किस तरीके से आगे बढ़ेगे
05:54कैमरामैन इमेन्यूएल जोश के साथ हिमाशुमिश्रा दिल्ली आज तर
05:58जैसे कोई मैं सो रहा हूं तो पिता जी को जगाना है मुझे तो वो डिरेक्ट उठाने के बजाए और
06:03हिंसा की परंपरा मेरे यहां नहीं थी सो भागे से तो वो क्या करते थे कि उस कम्रे में आ
06:08जाएंगे या बाहर से गुजरेंगे और चौपाई बोलेंगे
06:10प्रात काल उठीके रगुनाथा मात पिता गुरु नावही माता कभी कभी मैं गुस्से में उठकर के रहे पापा चारनस प्रश्कियार
06:22सो गया वनका आम मत उठाना