00:00Adani Group के 5 companies का जो मामला है जो हिटनबर्ग रिपोर्ट के बाद सेवी ने जो जाज शुरू की
00:05थी उसको 1.51 करोर यानि की करीब-करीब 1.5 करोर के आसपास में मामला सेटलमेंट कर लिया गया
00:11है कितना इंपेक्ट पोजिटिव इंपेक्ट परता हुआ दिखाई देगा सर Adani Group पे
00:16देखिए पहले यूएस कोर्ट ने उनको मंजूरी दी थी कि जो भी आपके उपर में लांशन लगे थे ऐलिगेशन लगे
00:24थे वो क्लियर हो गए हैं उसके बाद सेवी ने एक कहते हैं बैती गंगा में हाथ दो लिया
00:31देट करोर रुपे की एक पैनल्टी लगा कर कुछ पैसे कठिंग शब्द यूज करता हूँ एंट लिये वाथी इस बिजनस
00:40ऐस यूजवल कुछ फरक नहीं पड़ता Adani Samu को और सबसे बड़ी बात है भारतियर निवेशक कहीं न कहीं
00:50confusion करता है Adani Samu क्या काम करते हैं और क्या काम नहीं करते अगर आप इनके बिजनस करने का
01:00तरीका देखें तो यह ज्यादा करके
01:03infrastructure में पैसा निवेश करते हैं और यह सभी पैसा भारत वर्ष में निवेशित है और example port transmission power
01:13projects यह सभी में बड़े पैसे भारत देश के अंदर में निवेश हुए हैं तो किसी को भी यह डर
01:21नहीं होना
01:22चाहिए कि पैसे बाहर चले गए अलग-अलग किसम के एंट्रियां होकर पैसे डाइवर्ट हो रहे हैं दूसरा
01:30अडानी और बाजार का संबंद जो लोग अडानी में बरोसा करते हैं और उसमें निवेश करते हैं उन्होंने उस समय
01:40जब हिंडिनबर्ग की
01:54जितने की गिरावट देखने को मिली थी मेरे खाल से मार्केट परस्पेक्टिव के इसाब से अडानी में जो भी बाजार
02:04के साथ तेजी मंदी होती है वो जारी रही
02:08सर लेकिन कुछ ऐसे स्टॉक्स भी रहें सर जैसे एटी जी एल करीब करीब चारहजार के आसपस पहुँचा था लेकिन
02:14अब सर काफी नीचे है तो इन स्टॉक्स में भी आने वाले समय में रिकवरी देखने को मिल सकती है
02:21हिंडनबर्ग के बाद में मेरे कहल से चार या पांच क्वाटरली नतीजे आ चुके हैं उनके प्रदर्शन में कहीं आपको
02:29ऐसा नहीं लगा कि कंपनी का प्रदर्शन खराब हो गया है या कंपनी को बहुत बड़ा कोई जटका या नुक्सान
02:37हुआ है
02:37रिकावरी में समय लग सकता है लेकिन अवश्य बिजनेस ऐस यूज्वल इन कंपनियों का हो रहा है
03:03कहीं पे अडानी समू ने डिफॉल्ट किया हो या पैसे टाइम पे नहीं चुकाए हो ऐसी घटना या इंसिदेंट नहीं
03:14हुई है
03:15मेरे ख्याल से बर्णामी हिंडेंबर्ग को लेकर जो हुई थोड़ी पॉलिटिकल चर्चा हुई उसको छोड़कर बाकी सब कुछ ठिक्था चल
03:27रहा है
03:27कोई भी चिंता या घंभीरता से ये देखने का कोई विशय नहीं है
03:34सब ठीक चल रहा है क्यों किसी को नर्वसनेस होनी चाहिए ये मैं नहीं समझ पाता
03:44मतलब सर यूँ कहें तो अडाने गुरूप में फिलहाल सब को चंगा होता हुगा दिखाई दे रहा है
03:50एक तरीका ये भी हो सकता है
03:52सर आब बात कर रहते हैं टाटा गुरूप को लेकर के टाटा गुरूप में भी संग्राम चल रहा है
03:56सर इस पूरे मैटर को आप कैसे देखते हैं इस बिस शेरों में भी काफी उठा पटक दिखाई दे रही
04:01है
04:01क्या लग रहा है सर आने वाले समय में दोनों लोग जब कोटरूप तक पहुँचेंगे
04:05तो फिर उसके बाद और बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है निवेश्कों के लिए
04:10देखें ये एक बहुत ही important मुद्दा आपने उठाया है
04:14कि जब जगड़ा होता है तो शेर बाजार पर उसका impact आता है
04:20क्योंकि boardroom और शेर होल्डर की लड़ाई चल रही है
04:25एक तरफ टाटा समू के जो promoters हैं उनकी और जिसे उन्होंने एक chairman बनाया था उसको
04:34तो ये जो लड़ाई है कुछ गंदी होती है कुछ विवाद चर्चा होती है
04:42और विवाद और चर्चा boardroom का हमेशा बाजार negative way में लेता है
04:48तो कुछ impact अवश्य रहेगा settlement क्या होगा ये speculate करना मेरे लिए उचित नहीं है
04:56लेकिन एक चीज तैय है ये company को क्योंकि RBI ने directive दिया है कि आपको list करना पड़ेगा
05:06उन्हें list करना पड़ेगा या उसके उसके विपरीत अगर जाना है तो एक ही तरीका है ये दंदा बंद कर
05:14दीजिए जो इतना बड़ा दंदा है कि वो बंद नहीं हो सकता तो अगर आप simple भाशा में समझना चाहो
05:21तो obvious choice उनको दिया है कि list करो ने तो हम आपको ये काम नहीं क
05:31सवाल था कि टाटा संस की IPO को लेकर ही लगभग लगभग पूरी लड़ाई की शुरुवात होती हुई दिखाई दे
05:37रही है दुबारा से देखे तो कि को टाटा ट्रस्ट लगतारे इसका बिरोध करते आ रहा है नोयल टाटा के
05:41तरब से बिरोध किया जा रहा है कि नहीं नह
05:58इनके शेयरों पे सर कैसा आसर परता हुगा दिखाई देगा आने वाले समय में
06:01सर अगर यह मामला कोट में पहुँच गया और कोट में थोड़ा सा डिले हुआ और सामने आरबी आई है
06:09मेरे 35 साल के तजूर्बे में मैंने कहीं एक केस नहीं देखा है जहां पे एक पार्टी आरबी आई हुई
06:18हो मामला कोट में हो तो यह एक भारत वर्ष में पहली बार ऐ
06:29much like that.