00:00जंगलों में कभी नकसलियों की बंदूग गरश्टी थी लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है।
00:05नकसली दस्तों पर लगातार करवाई के बाद ज्छार्खन पुलिस ने अब अभियान का अगला मोर्चा खोल दिया है।
00:12निसाने पर हैं जंगलों में छिपाए गए हतियार गोला बारूद और जमीन के नीचे दवे बिस्पोटक।
00:18एक करोड़ पे के इनामी अली कमांडर असीम मंडल उत अकास ग्रफ्टारी के वाद पुलिस की उमीदे और बढ़ गई
00:25है।
00:25पसिम बंगाल में ग्रफ्टारी के बाद जहरकंड पुलिस उससे पूछ ताच कर चुकी है।
00:29अब उसे रिमांड पर जहरकंड आने की तयारी है।
00:32पुलिस को उमीद है कि असीम से संगठन के पुराने ठीकानों अथ्यारों के डंप और उन्हें समालने वाले लोगों से
00:38जुड़ी अहम जनकारी मिल सकती है।
00:41मिली जनकारी का सत्यापन किया जाएगा और जरुष पढ़ने पर उसकनी संदही पर जंगलों में भी अभियान चलाए जाएगा।
01:03जार्खन पुलिस अब अभियान को चरनबत तरीके से आगे बढ़ा रही है।
01:07पहला लच्छ है हथियारों किछी पे ठीकानों की पहचान और बरामत भी इसके बाद गोला बारूद और दूसरे संसाधनों की
01:14तलास की जाएगी।
01:15इसके लिए लगतार गिरफतार और आत्मसमर्पन कर चुके नक्सलियों से पूस्ताच मुमिले इंपुट को अधार बनाये दा रहा है।
01:23पुरारे नक्सलिय ठीकाने जंगलों के इलाके और संभावित डंप एरिया अर्प पुलिस की निग्रानी में है।
01:29दरसल साल 2026 में अब तक सुरक्षाबलों नक्सल ग्रोधी अभियानों में 90 हत्यार बरामत किये हैं।
01:36इन में से 1947 और 17 इंसास राइफल सामिल हैं।
01:40इसके अलावा एक LMZ, एक करबाइन, 17 303 बोर के राइफल, 16 SLR और 18 अन हत्यार भी बरामत किये
01:49गए हैं।
01:49यह आकड़े बताते हैं कि नक्सली संगट्नों के हत्यारों के खिलाब अभियान लगतार जारी है।
01:54लेकिन पुलीस की नज़त सिर्फ बरामाद हो चुके हत्यारों पर नहीं है।
01:58अब तलास उन हत्यारों की है, जिनने नक्सली पीछे छोड़कर जंगल में चिपा गया है।
02:03सबसे बड़ा खत्रा जमीन के नीचे है और चुनोती सिर्फ बंदूखों और गोलियों तक सीमित नहीं है।
02:09जंगल की जमीन के नीचे दबे आईडी और दूसरे विस्फोटक सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनोती है।
02:15सरंडा समेत नक्सल परभावित की इलाखों में ऐसे पुराने विस्फोटकों की तलास और विस्फ्रक्षी तरीके से निस्क्रिय करने पर भी
02:22फोकस है।
02:23बार इसका दौर खत्म होने के बाद अभियान को और तेज करने की तयारी है।
02:27क्योंकि जंगल में चीपा कोई पुराना विस्फोटक सिर्फ स्रक्षा बलों के लिए नहीं बलकि ग्रामीनों, रागीरों और मवस्यों के लिए
02:34भी खत्रा बन सकता है।
02:38वह एक हमलों के लिए चिनौती है। तो बरसात का टाइम भी चलना है और हम लोग वेट कर रहे
02:44हैं कि वह बैटरी जो आईडीज की बैटरी वो ड्रेनाउट हो जाए। उसके बाद लगाता है फिर हम लोग उसको
02:49सेंटास करें।
02:50यानि नकसल विरोधी अवियान अब सिर्फ नकसलियों तक सीमित नहीं है। पहले दस्तों पर परहार फिर हत्यारों की बरामगी और
02:57अब जंगल में छीपे पूरे जखिरे की तलास।
03:00पुलीस की कोशिस है कि नकसलियों के छोड़े गए हत्यार गोला बारूत और विसफोटक्स रक्षाबलों के हांस लगे ताकि जंगलों
03:07में छीपा या खत्रा हमेशा के लिए खत्म किया जासे।
03:11कैमरा परसन पर्मानन सिंग के साथ परसांद कुमार, ETV भारत राची।
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