00:22पूड़े में गणपती उत्सव के बॉके पर बॉलिवुड के दिगज आक्टर जितेद्र
00:28राजाराम गणपती मंडल पहुचे
00:31यहाँ उन्होंने गणपती बपा के दर्शन किये और विधे विधान से पूजा अर्चना की
00:36जितेद्र ने बपा के सामने नतमस्तक होकर आशरवाद लिया
00:41इस दोरान उन्होंने अपनी जन्दकी से जुड़ी कई बाते भी शेयर की और पुराने दिनों को याद किया
00:47है देखिए कि नंबर नं बापा बुलाता है रम आते नहीं हैं अच्छा लगता है
01:06के लिए आना आज मांजी तब्यत बरी नहीं पर मी चुकु शकत नहीं है अनि मने परें श्ट्रेचर वर यहां
01:15वह लगला तरही है ना असा श्ट्रेचर वर लोग आणना है अर्मी यही है
01:24मरते दम तक मुझे ऐसे यह लेकर आना है आपर दो पाओं पर चल के आओं एक प्रार्थना यही है
01:31अपके बच्चों के लिए क्या मांगा है
01:35मुझे आपको क्यों होता हूं बच्चों के शांती प्यार लोगों का सन्या और अच्छी तंदुरुस्ति रहे सब्ती बस यही मांगा
01:45है
01:49अपके घर में भी घर में भी घर में बोला ना फिफ्टी टू यह अच्छा
01:56आमची है संबड़्ष फैमिलीज होते है चार मांगा ची बिल्डिंग अनि प्रतेक मांगा बर 20-25 खोलेया तो शंबड़ जाले
02:07अनि अनि पंजाबी में बाकी सगड़े मां रस्ट्रान अनि कोंकणी तो माजा घरी सगड़े मां रस्ट्रान होता होता है
02:16मांजी आई पर माराड़ी बोला ची अच्छा बच्पन जी कोई याद सब्सक्राइब बहुत है यह टाइम कम मेंगा कल दो
02:25पैर तक चलेगा यह तोड़ा चौट एक याद बताए एक याद कोई तो बताए गनपती में अभी ऐसा होता है
02:33देखेए दिवाली हो गनपती हो त
02:37मुuges क्या है गों बुंदी के लनता बुंदी मिलती दि वुँ बुंदी ले लेके चिकट गोरा बुंदी मंचे चिकट न
02:48से ज फाल reduz ज एक एक निकाल की खाने सब्सका जो मजा था कुँदु बर ने आलए �łe है
03:00ना वह चोठी चोडी चीज का जो आनन्फ लागता था बच्�
03:06में बड़ी बड़ी चीज में नहीं आता है अभी मैं आपको एक एकसेंपल देता हूं मी कड़े बगद हो तो
03:13मुमजीद पर एक बेटरूम सा फ्लैट है सग्ड़ान कड़े
03:19मैं इसी प्रतिका चगरी है माजा बड़ी माजा घरत फैन आला फैन पुरी बिल्डिंग बगाद आली अहो इन चगरत क्रॉम्टन
03:33सा फैन लग लाए को क्रॉम्टन एक कंपनी दी इंग्लिशी उसका फैन लगा है
03:41मैं सत्रा बर्स वहां पे रहा है और उसके बाद मैं देवानी कृपा के लिए जे काई जाला एक्टर जालो
03:50जे पंड जी मजा जी शांती जे सैडिस्पेशन मैं आम मोर महाराश्टन इंसाइड एंड आउटसाइड बिकॉस मेरे रग रग में
04:05महाराश्टन है
04:05और मैं अपने जमाने के महाराश्टन की बात करता हूँ
04:09इतना नेक आदमी कभी मिले को उसके बाद में नहीं मिले जो वो नेक आदमी उस जमाने में थे
04:15मतले थोड़ी सी वस्तु को घमंड नहीं है बट आएम है ये मेरा है
04:24मैं किसी से मांगने नहीं गया
04:26किसी से लबाड़ गिरी ना किली
04:28किसी को दोगा नहीं दिया
04:30ये उनको खुशी होती थी
04:32आजकल सब बसे ही है
04:33वो जमाने में ऐसा कभी नहीं होता था
04:36ये फरक पड़ गया
04:37है कि नहीं
04:57किसी से लबाड़ भी नहीं होता है
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