00:00देखिए मुझसे जो मेडिया के लोगों ने प्रस्ण किया था वो प्रस्ण सीधा साधा था कि हन्मान गड़ी की सीडियों
00:13पर नमाज पढ़ी गई कि नहीं
00:15मैंने कहा नहीं
00:19हाँ मुझे ये कहना चाहिए था
00:23कि सीडियों पर नहीं पढ़ी गई
00:26लेकिन परिस्तर में पढ़ी गई
00:28या 52 बीगे की अंतरगत पढ़ी गई
00:31या किसी संत के अस्थान पर पढ़ी गई
00:34लेकिन जब ये प्रस्ण मेरे सामने आया
00:37कि क्या सीरियों पर नमाज पढ़ी गई
00:40तो मेरे मन को एक बहुत बड़ा जटका लगा
00:45कि आज हनमान गड़ी के सीरियों पर नमाज पढ़ने की बात आ रही है
00:51जिसको मैंने सिरे से नकार दिया
00:54अब अस्तस्तामा हर हतो नरो या कुंजरो
00:59मैंने हाथी है कि जानवर है कि अस्तस्तामा है
01:04अब एक तरीके से मुखमंत्री जी का भी बयान सही है
01:09इसके बाद जो पूज संतों ने बयान दिया है
01:14उनका भी बयान सही है और हमारा भी बयान सही है
01:19और मैंने यही कहा था कि हन्मान गड़ी की सीलियों पर नमाज नहीं पढ़ी लेकिन अच्छा होता कि अगर दूसरी
01:27लाइन मैं यह कह देता कि 52 बीगे के परिसर में पढ़ी गई तो सायद इतना जो है बवाल या
01:37इतना इस मामले को उचाला ना गया होता
01:39तो आज मैं बड़ी जिम्मेदारी के साथ अगर किसी को ठेस पहुची है या मीडिया ने इसको तोड मडोर करके
01:48ऐसे दिखाया कि मैं मुख मंतरी जी की बात काट रहा हूँ
01:53मैं मीडिया के माद्दम से कहना चाहता हूँ मुख मंतरी जी की बात काटने का कोई प्रसनी नहीं उठता ऐसी
02:02मेरी कोई भावना नहीं थी
02:04हाँ जब मुझसे कहा गया कि हनमान गड़ी की सेडियों पर नमाज ये मुझसे पट्टिकुलर सवाल किया गया
02:10तब मैं थोड़ा रोस में आ गया क्योंकि हनमान जी का भक्तू आयोद्या से नाता है तो मैं थोड़ा रोस
02:17में आ गया
02:17कि देखे एक तरफ राम जन भूमी किसी कारण से चर्चा में है दूसरा ये चर्चा में आ जाए हनमान
02:24जी चर्चा में आ जाए
02:25तो सर्जु मैया को हटा दीजिए, हनमान जी को हटा दीजिए, राम जर्मुमी को हटा दीजिए, तो आयोध्या में बचता
02:32क्या है?
02:34और दूसरा प्रस्ट नहीं था कि मेरे मूँ से ये निकला कि इसका निर्मार एक मुसलिम ने कराया है
02:42तो ये आधिय दूरी बात है, ये आयोध्या जो महात्म है, उस बात को अगर हम देखते हैं, तो उस
02:54बात में भगवान स्यू ने पारवती जी से चर्चा करते हुए कहा है
03:00कि राज़त द्वार के प्रमुख द्वार पर यानि उत्तर तरफ हनमान जी विराजमान है, वाय पुत्र हनमान जी विराजमान है,
03:10और उसके दच्छिड तरफ सुग्रियो जी विराजमान है, तो ये हनमान गढ़ी जब भगवान स्यू बताते हैं कि ये अस्तित
03:20में है, तो
03:31मुगलों का सासन था
03:33या सिराजुद दौला
03:34तो वो सिराजुद दौला
03:37या कोई मुसल्मान आता है तो याचक
03:39बन करके आता है
03:41याचक के रूप में जाता है
03:42और मैं आपके माद्धम से कहना चाहता हूँ
03:45कि राम जन भूमी
03:48पर
03:48बन कासिम ने कबजा कर लिया
03:50और मंदिर को तोड़ डाला
03:54उसी प्रकार लगातार
03:57हनमान गढ़ी
03:58पर आकरांताओं का हमला होता रहा
04:01और
04:03लगबग हजार बर्स
04:04तक
04:05मुसलिम आकरांता इस बात का प्रयास करते रहे
04:08कि हनमान गढ़ी
04:10को भी दोस्त कर दिया जाए
04:11लेकिन
04:12वहां के नागा
04:14ऐसा नहीं होने दिये
04:16और हनमान गढ़ी का एक भी
04:19नागा और संत अगर है
04:21जिन्दा तो ऐसा कृत्त वो
04:23नहीं होने देगा
04:24और
04:26यानि
04:27राम जन भूमी को तोड़ डाला
04:30पुननिर्माल करा दिया
04:31लेकिन
04:33खनमान गढ़ी के संतों ने
04:35नागाओं ने
04:38ऐसा नहीं होने दिया
04:39अब जो घटना घटती है
04:41सुराज़त दौला ये तो
04:43यूट्यूब पर एक इस पर पड़ा हुआ है
04:45तो
04:46ये याचक के रूप में जाता है
04:50और इसको वहां से लाब होता है
04:52और लाब होने के बाद
04:54ये जो मुसल्मानों का
04:56और नागाओं का संगर्ष चला आता
04:58तो बावन भीगे
05:00जमीन ये पट्टा दे देता है
05:03और निर्मार कार में
05:05सहयोग भी करता है
05:06अब इसी को गूगल ने डाल दिया
05:09गूगल ने अपने उस पर डाल दिया
05:11कि इसका निर्मार
05:14सुझाओ देवला ने कराया था
05:17लेकिन पीछे की कहानी ये है
05:19कि इस अस्थान को लेकर के
05:20लगातार हज्जारों बर सबस्रंगर्ष हुए है
05:22मुसलिम आकरांता
05:24इसके अरीब करीब कभी
05:26भटकने नहीं पाये है
05:27हमेशा नागाओं ने मार मार कर बगाने का काम किया
05:31तो अगर मेरे उस दिन के बयान से
05:3517 तारीक के बयान से
05:36अगर किसी को ठेस पहुँचती है
05:38तो मैं एक तरीके से छमा मांगता हूँ
05:42मेरी भावना ये नहीं थी
05:43लेकिन जब हनमान गढ़ी की बात आएगी
05:47कि हनमान गढ़ी के अंदर
05:48नमाज पढ़ा गया
05:50ऐसा प्रसन जब मुझे से किया गया
05:53तो मैंने एक सरी से नकार दिया
05:55जहां तक जो घटना है
05:57उस समय की उस घटना के
05:59चस्मदीत गवा हम लोग भी हैं
06:01और हम लोग भी
06:03इसका विरोध करते थे
06:04और हर अध्या के हर
06:07मुमेंट पर सनातन के हर
06:09मुमेंट पर भगवान राम के हर
06:11मुमेंट पर सादू संतों के हर
06:12मुमेंट पर हम उनके साथ रहें
06:14लेकिन फिर भी अगर
06:16मेरे इस बक्तब से
06:18इसी के भावना को ठेस पहुँची हो
06:21तो उसमें हमें चबा मागने में कोई दिक्कत नहीं है