00:04क्या प्रधान मंतरी को अपनी मातर भाशा में स्पीच देना गलत है? क्या आप ऐसे नेता को तेश की बागडोर
00:12देना चाहेंगे?
00:30दोर में चातरों की गोंच नाम से प्रग्राम हुआ ज्रस में कॉंग्रेस नीता रहुल गांदी भी मौजू थे एसी प्रग्राम
00:35में कॉमेडियन पुलकेत मानी नहीं मंच पर पीएम नरेंद्र मोधी की में मिक्री की।
01:28एंटर्टेन्मेंट इंडस्टी का भी र्याक्शन सामने आया।
01:30से जादर लो हैं।
01:31क्योंकि हमारे देश के कुछ नेता या कुछ लोग किसी भी पत की गरिमा का सुमान किये बगर जो भी
01:42मन में आता है उन्टा सीदा बोल देते हैं।
01:45हाली के इंडर के इंसिडेन्ट सबको मालूँ है।
01:48मैं अभी इस बारे में कुछ बोलना चाहूँगा।
01:50कि हमारी मातर भाशा एक गले मिलने या हग करने की जो प्रता है।
01:55या हमारी संस्कृती संस्कार है उसका मजाक उड़ाया गया।
02:01और एक वरिष्ट नेता ने उसका पूरा सहयोग दिया।
02:05क्या प्रधान मंतरी को अपनी मातर भाशा में स्पीच देना गलत है।
02:13या इसका मतलब यह है कि वो अनेजुकेटिड है।
02:16नौन इंग्लिश चितनी भी कंट्रियां हैं उनके सभी नेता अपनी मातर भाशा में स्पीच देते हैं।
02:26इंग्लिश एक लैंग्विज है।
02:30दूसरा अगर आप जानना चाहते हूं कि गले मिलने के फायदे क्या है तो आप पढ़िया उसके बारे में हैं।
02:38और तीसी बात पधान मंतरी जी ने अपनी किसी स्पीच में अगर देखा कि एक बुजग महिला खड़ी हैं वहां
02:46पर उनको कुछ सी आउफर करने की बात की तो उस बात का मजा कोड़ा आए जाए।
02:53क्या आप ऐसे नेता को तेश की भागडोर देना चाहेंगे जिसे ना अपनी भाशा का ना किसी तरह की प्रथा
03:01का ना किसी तरह की संस्कृति का कोई नौलेज हो।
03:04सोचने वाली बात है।
03:05साथ
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