00:08क्या कोई शक्स अपने 5.5 लाग की नौकरी और सरकारी सिक्षक बनने का मौका सिर्फ इसलिए छोड़ सकता है
00:15ताकि गरीब पेटियों के हाथ पीदे कर सके
00:18जी हां नालंदा के बेन प्रक्षंट के रहने वाले सौरप कुमार ने ऐसा ही कर दिखाया है इसके पीछे का
00:24कारण उनहीं से जानते हैं
00:26करीब लगभग 2019 के लगभग संथिंग में हम मा के पास बैठे हुए थे और परती दिन बैठते थे इसी
00:33दवरान हमारी मा ने बोला कि तुम कंप्यूटर बगएरा के चेतर में तो हो और हम कंप्यूटर के च्छेतर में
00:39चलाते भी हैं डिगरी से भी हम किये हुए हैं
01:05अपनी मा के कहने पर सौरब ने आठ लोगों की टीम बनाई और कंयादान अभियान में चुट गए
01:10अब तक टीम ने बावन गरीब और असहाई बेटियों के हाथ पी लेकर आए हैं टीम के सहयोगी शक्ति अनुसार
01:17मदद करते हैं कोई पंडाल लगा देता है तो कोई कैमरे का इंतजाम कर देता है तो कोई खाने की
01:23ववस्था करता है
01:24हम लोग सहयोग करते हैं पुरा जो रहता है साधी का खाना बेगरा हो गया जो साधी में कन्याएं को
01:31दिया जाता है लाइंग जो भी हो गया प्रीज गोद्रिज बेगरा हो गया
01:42टीम के इस प्रयास से कई गरीब माता पिता की बेटियों का घर बस गया है सूरज मांजी और लक्षमी
01:48की शादी भी इसी टीम ने 2023 में कराई थी
01:52हमारी समुई कन्यादान की दोवारा होई है जो बिना दहेज से होती है या लक्षमी जी से लक्षमी जी शादी
02:01जी
02:01में जो मिला हैओ हो था जो मिला है सूने की ब examine मिला है समुई कन्याधन का पाहिला दिकति
02:18इसमिन governmentsार हमें
02:19करने ने के बहुत मजबूर थे मिए बची के साधी करने बहुत मजबूर थे कि झाले पापबाइक n safety
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