00:00सोचिए, एक ऐसा जानवर जो खड़े-खड़े भी सो सकता है, अंधेरे में भी अच्छी तरह देख सकता है और
00:06खत्रा आते ही कुछ ही सेकंड में भागने के लिए तैयार हो जाता है। जी हाँ, हम बात कर रहे
00:11हैं घोड़े की।
00:12घोड़े को देखकर आपको शायद सिर्फ उसकी तेज दौड़ याद आती हो, लेकिन उसकी असली कहानी इससे भी ज्यादा दिल्चस्प
00:20है। घोड़ा लंबे समय तक खड़ा रहकर आराम कर सकता है, क्योंकि उसके पैरों में एक खास सिस्टम होता है
00:26जो उसके शरीर को बिन
00:28ज्यादा मेहनत के सहरा देता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि घोड़े कभी लेट कर नहीं सोते, जब उन्हें
00:35गहरी नींद चाहिए होती है, तो वे लेट भी जाते हैं, और घोड़े की आँखें भी कमाल की होती हैं,
00:42उनकी आँखें सिर के दोनों तरफ होती हैं, इसलि
00:58जानी बदल जाती है, उसके कान अलग-अलग दिशाओं में घूम सकते हैं, ताकि वे आवाज की दिशा पता कर
01:04सके, और फिर जरूरत पड़ते ही उसके मजबूत पैर उसे बहुत तेज दोड़ने में मदद करते हैं, एक और दिल्चस्प
01:12बात है, घोड़े की याददाश्
01:25का हिस्सा नहीं है, वे उसके पूरे शरीर का वजन सभालते हैं और दोड़ते समय जमीन से लगने वाले जटकों
01:32को सहने में मदद करते हैं, यानि जिस घोड़े को हम सिर्फ दोड़ते हुए देखते हैं, उसके शरीर में ऐसी
01:39कई कमाल की चीज़े हैं, जो उसे चलने, दो�
01:42दोड़ने और खत्रे से बचने में मदद करती हैं, अब बताईए, अगर आपको घोड़े की तरह तेज दोड़ने की ताकत
01:48मिल जाए, तो आप सबसे पहले कहां दोड़ेंगे?
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