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  • 23 minutes ago
अमेरिका के दबाव में लगाया UPI टैक्स! राहुल गांधी आरोपों में कितना दम?

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00:06नुजिटल इंफ्रास्रक्ष्टर में बीते दस सालों में भारत की सबसे बड़ी काम्याबी थी उसकी यूपी-ाई, उसके बढ़ते ट्रांजैक्शन और
00:13कैसे कैचलस एकॉनमी के आगे बढ़ते हुए हम डिजिटल इंफ्रास्रक्ष्टर यूपी-ाई का इस्तमाल करने लग
00:29से तोश मिश्रा 15 अक्टूबर से यूपी आई के नियों में बदलाव होने वाला हैं और बदलाव के तहट 2000
00:34रुपए के ऊपर के अधिक ट्रांजाक्शन पर एक टैक्स लगेगा एक चार्ज लगेगा सरकार कहे रही वह भोगताओं को देना
00:41नहीं होगा लेकिन वह भोगता�
00:55पर दुकानदानों पर खर जाता है तो उसको कीमत ग्राकों से वसूल करते हैं एक तरफ उसको लेकर के विपक्ष
01:00भी सवाल पूछ रहा है कि अमेरिका के दबाव में आकर के यानि अमेरिकी कार्ड जो है बैंकिंग प्रणाली है
01:06उनके दबाव में आकर के हमने अपने MDR पर
01:10जो राहत मिलती थी उसे खत्म कर दिया है तो MDR की राहत खत्म करने को लेकर के विपक्ष भाल
01:15उठा रहा है सरकार कह रहे कि ये फैसला इसलिए हुआ है ताकि UPI की पूरी जो ये बैंकिंग व्यवस्था
01:20है प्रणाली है इसे और मजबूत किया जा सके कैशलेस एकॉनमी की �
01:26सबसे पहले इस रिपोर्ट के जरिए UPI की व्यवस्था में आ रहे बदलाव को समझे उसके बाद चर्चा के शुरुआत
01:31करेंगे मारे से योगी पास लेचलेंगे इस मामले को लेकर के सुप्रिम कोर्ट में एक याचिका भी दायर की गए
01:35सुप्रिम कोर्ट में इस फैसले क
01:37नए नियमों को चुनोती दी गए थे एक रिपोर्ट दिखाते हैं आपको
02:07कि मर्चंट पर कॉस्ट मर्चंट जो है वो पे करेगा ना के जो एंड यूजर या कंजूमर पर होगा
02:18मोदी जी प्लीज स्टॉप लाइंग डाउन इंट्राइब यूनाइटि स्टेट हैवस्पाइन खड़े हो जाएए और यूपी आई टैक्स को वापिस नीचिए
02:31जो खुद इसी और के इसारे पे काम करते हों और वो इस तरह की अनगरल बाती तरह
02:41अमेरिका के दबाओं के अंदर यह सरकार बिल्कुल गुटने टेक गई है
02:50यूपी आई पर मार गरीब परवार और फिर जुकी अमेरिका के आगे मोदी सरकार
02:59क्या मतलब इसमें आमें बहरत की तो नमी डेवड़ो करनी है देश के लिए पैसा भी चाहिए
03:09नरेंदर भोदी की सरकार पुरी देश की इकानामी को डुबा के रखिए
03:19करना और अलूचना करने का रह जिए नाराज फूफा ने देश की जन्ता की जेब काटने का फैस्टा लिया है
03:34जन्ता का कितना गला रेता जाएगा मैं यह जानना चाहिए
03:57इधर दो हजार रुपे से ज्यादा के यूपी आई ट्रांजेक्शन पर सरकार ने चार्ज लगाया
04:02उधर विपक्ष ने सीधे पिये मोदी पर जैसे धावा बोल दिया
04:07सबसे पहले राहुल गांधी ने एक्स पर वीडियो जारी करके
04:10ना सिर्थ सरकार के इस पैसले की आलोचना की
04:13बल्कि आरोप लगाया कि यूपी आई पर चार्ज से अमेरिका को फाइदा होगा
04:17और सरकार को इसे वापस लेना चाहिए
04:20जी हाँ, राहुल गांधी ने अपने वीडियो पे कहा
04:23कि इंदरा जी हमेशा सीधी खड़ी रहती थी
04:26पर ये सरकार आज अमेरिका के सामने दंडबत हो गई है
04:29यूपी आई पर सरकार के फैसले से अमेरिका को फाइदा होगा
05:00यूपी आई पर चार्ज को राहुल गांधी ने
05:02अमेरिका से जोड़ा तो कांग्रिस ने बाकाइदा प्रेस कांफरेंस करके
05:06पियम मोदी पर तावर तोड़ हमले शुरू कर दिये
05:09लेकिन जवाब में सरकार कह रही है कि यूपी आई बियमों में बदलाव
05:13किसी विदेशी दबाव में नहीं लाया गया है
05:16क्योंकि वसूली मैं नरेंदर मोदी का कहर जारी है
05:20और इस बार जो वसूली है वो अमेरिका के सामने
05:27बार बार सरेंडर करने की आदत से मजबूर होकर फिर की जा रही है
05:32वसूली के नए प्लाइन में
05:352000 से उपर के हर यूपी आई मर्चिंट ट्रांजैक्शन में
05:410.4% चार्ज लगेगा
05:44और आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि ये अभी तक
05:48पूरी तरह से फ्री था, पूरी तरह से मुफ्त था
05:52देश हित में और देश के लोगों के हित में
05:55मोदी जब भी कोई अच्छा फैसला लेते हैं
05:58इनको वो भाता नहीं है
06:00इनको मोदी फोब्या होया है
06:03यूपी आई से अब सरकार ने सपस्ट किया है
06:06दोहजार तक कुछ नहीं होने वाला
06:08और 96% लोग
06:10दोहजार से ज़्यादा
06:12यूपी आई से लेंदें ये आकड़े हैं
06:14लेंदें में करते हैं
06:16फिर भी परसट कोई
06:19MDR नहीं लगने है
06:20अब आप सोचें कि यूपी आई को ले करके
06:23इतना बड़ा बखेडा खड़ा क्यों है
06:24उसके लिए भी जानना जरूरी है
06:25क्या कि यूपी आई है क्या
06:26यूपी आई दरसल आप ये समझे
06:29कि हर दिन 80 करोड ट्रांजाक्शन
06:31इसलिए होते हैं
06:33क्योंकि भारत की आबादी बड़ी है
06:34और यूपी आई ऐसे में बेहत जरूरी है
06:36और ऐसे में यूपी आई क्या करते हैं
06:38आप 80 करोड ट्रांजाक्शन प्रते दिन करते हैं
06:40तो जिसका सीधा फायदा बेंडर अब गाउं
06:42कस्बा शहर कोई लाका देख लिजे
06:44यूपी आई बड़ा काम करता है
06:45अब यूपी आई पर जो हम ट्रांजाक्शन करते हैं
06:47आप पेट्रोल भराने जाते हैं
06:49सोने से ले करके एरलाइन टिकेट
06:51जो कुछ भी खरीदें आप पैसा देना नहीं पड़ता
06:53यूपी आई होती है
06:55लेकिन अब अगर यूपी आई पर ट्रांजाक्शन है तो क्या होगा
06:57हमारे आपके बीच आप अपने भाई अपने परिवार के लोगों को पैसा दे रहे हैं
07:00तो पैसा नहीं लगेगा
07:01लेकिन दिक्कत क्या है
07:02आप फियूल भराने जाएंगे
07:04आप एरलाइन टिकेट खरीते हैं
07:06या आप रेल भी टिकेट खरीतेंगे
07:07तो पांच रुपे लगेगा
07:08आप दिखने में तो पांच रुपे नहीं है
07:09लेकिन असी करोड के लगभग ट्रांजाक्शन
07:12अगर हर दिन हो मान लीजे
07:13तो पांच से जोड लीजे
07:14अब ऐसा सवाल इसलिए उठ रहा है
07:16कि सरकार जो ट्रांजाक्शन देती है
07:18UPI सिस्टम को मेंटेन करने के लिए
07:20खर्चा 300, 500, 600 करोड जो भी होता है
07:22क्या वो सरकार खुद से अफोर्ट नहीं कर सकती
07:24लोगों पर बोज क्यों डालना
07:26दूसरा अगर इसका MDR
07:28जो मर्चन डिसकाउंट रेट होता है
07:30है तो बहुत कम
07:31अगर उसका बोज आपने व्यापारियों पर डाला
07:33तो आप मान के चलते हैं कि कोई व्यापारी ऐसा है
07:36जो बोज अपने कंधे पर लेगा
07:37व्यापारी को महंगी पड़ी कोई चीजें तो किसे देता है
07:39हम पराप पर थोब देता है
07:41इसलिए विरोध हो रहा है कि कम से कम
07:43जो UPI पूरी दुनिया में भारत की ताकत बन गई
07:46जो UPI का मॉडूल पूरी दुनिया हिंदुस्तान से चाहती थी
07:49आज उसी UPI पे आपने चार्ज लगा दिया
07:51होगा क्या
07:52लोग UPI से धीरे-धीरे कैश की ओर जाएंगे
07:54जो दुकानदार हों कहेंगे
07:552000 के उपर का ट्रांजक्शन है
07:57आप डेबिट कार्ड ले आएए
07:58डेबिट कार्ड में फिर आप वीजा और अमेरिकन और जो
08:01कार्ड होते हैं वो जाएंगे
08:02वो कहा के प्रणाली है
08:03वो अमेरिकन प्रणाली है
08:05तो इसी को लेकर के ऐसे कई सारे सवाल उठ रहे हैं
08:07आप देखें
08:08UPI से हर रोज 89 करोड ट्रांजक्शन होते हैं
08:10कुछ डेटा मैं आपको दे रहा हूँ
08:11हर मिनट 5,49,000 ट्रांजक्शन भारत में UPI से होते हैं
08:16यह भारत की ताकत है
08:16यह दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल प्लाटफॉर्म है
08:1924,000 करोड ट्रांजक्शन इनमें हुए है
08:22जिनमें 314,000 करोड रुपए की लेन देन होई है
08:25अब इतना बड़ा सिस्टम चलाया है तो RBI कहरे खर्चा तो लगेगा
08:29तो इससे जो MDR खतम करने से शुलक लगाने से जो खर्चा मिलेगा
08:32उसे विस्तरित कर लिया जाएगा धांचा गयत हो जाएगा
08:34और 20,000 करोड रुपए खर्च होंगे
08:36तो 10 साल में सारा खर्चा अब तक सरकार ने उठाया है
08:39अब लगरा सरकार वो खर्चा हम पर छोड़ना चाहती है
08:41अब क्या है कि जब खर्चा बढ़ेगा लोगों की जेप पर इसकासर पढ़ेगा
08:45तो बहुत सारे सवाल उठेंगे
08:46इन सवालों के बीच कुछ लोगों ने आचेका सुप्रिम कोर्ट में लगाई है
08:49कि 15 अक्टूबर से यूपी आई में जो नियमों में बदलाव हो रहा है
08:52इन बदलाव को ले करके सरकार जो है जवाब दे
08:56उस पर सुप्रिम कोर्ट आगे क्या करेगा लेकिन ये भी नीती का मामला है
08:58तो बहुत संभव है कि कई बार न्याईक प्रकेरिया में स्कूरूटनी इसके ना हो
09:02क्योंकि ये सरकार का नितिगर्द फैसला और ये उसका अपना अधिकार भी है
09:05लेकिन जब फरक सीधे हम पर आप पर हमारी जेप पर पड़ेगा तो सवाल उठेंगे
09:09अब इसलिए सरकार कहे रहे कि आप पर हम पर तो असर होगा नी
09:12फिर सवाल उठता है कि अगर हम पर आप पर असर नहीं होगा
09:14तो फैसला लाने की जरूवत क्यूं है
09:15और इनी सारे सवालों के बीच विपक्ष भी सवाल पूछ रहा है
09:18कि क्या अमेरिका के दबाव में आपने फैसले लिये हैं
09:21जो डिजिटल इंफ्रस्रक्षर पूरी दुनिया में भारत की ताकत था
09:24कहीं वो इससे कमजोर तो नहीं होगा
09:26ऐसे कई सारे फैसलों और इसलिए लगातार यूपियाई से जुड़े
09:28जो भी सवाल सरकार की दलील है
09:30आरबियाई ही कह रहे हम उसको लगातार आप तक पहुँचा रहे हैं
09:33व्यापारियों के जो सवाल है लोगों के मन में जो आशंका हैं
09:35उसके बारे में भी मापको बता रहे हैं
09:37इसे जुड़ी तमाम खबरे मापको दिखाते रहेंगे
09:38जाते आते छोड़ जाते आप एक रपोर्ट के साथ इसके जरिये समझें
09:41क्याकर यूपियाई को लेकर बबाल क्यूं खड़ा हुआ
09:43देश और दुनिया की तमाम खबरों के लिए आप देखते रहेंगे आज तक
09:52राहुल गाधी के जवाब में मोधी सरकार और बीजेपी ने
09:55यूपियाई पर लगे चार्ज पर देश को समझाना शुरू किया
09:58कि पहले तो 2000 रुपए से नीचे के बुलतान पर कोई चार्ज नहीं है
10:02और 2000 रुपए के उपर के ट्रांजेक्शन पर चार्ज ग्राहक को नहीं
10:06बलकि दुकांदार या कारोबारी को देना होगा
10:10सरकार ने MDR यानि मर्चंट डिसकाउंट रेट लागू किया है
10:13यानि 15 अक्टूबर 2026 से 2000 रुपए से ज्यादा के चुरिंदा
10:18UPI मर्चंट पेमेंट पर 0.4% MDR लगेगा
10:22इसकी अधिक्तम सीमा 300 रुपए प्रती ट्रांजेक्शन होगी
10:26ये शुल्प मर्चंट से लिया जाएगा ग्राहक से नहीं
10:30लिकिन विपक्ष कह रहा है कि सरकार जो कह रही है
10:33कि MDR यानि UPI पर लगे चार्ज का ग्राहत से कोई लेना देना नहीं है
10:37तो आखिर में ये टैक्स घूम फिर कर आम आदमी की जेब पर ही आएगा
10:44मिनिस्टर फैनांस ने बिलकुल साफ कर दिया है
10:47कि एकाम नागरी per cent to per cent पे करता है तो कुछ नहीं
10:52पर सन्टू मर्चंट होता है जो उस पर 0.4 परसेंट लगेगा वो भी मर्चंट को देना है
11:01आदमी को नहीं देना है मैं और आप और इस देश का हर व्यक्ति जानता है कि कोई मर्चंट बढ़ी
11:08हूई
11:08कॉस्ट को खुद बैर नहीं करता है उसका बढ़ा असान तरीका है वो कैसे ये कॉस्ट निकालेगा कुछ नहीं करेगा
11:18वो धीमे से कीमत बढ़ाएगा बार बार हमने ये देखा है
11:23आपको बता दे कि अभी एक हफ़ता पहले ही हुआ जब बिक्स बिजनिस फोरम में प्रधान मंत्री नरेद्र मोधी ने
11:29यूपी आई की ताकत दुनिया को बताई थी
11:31मोधी ने कहा था कि आज दुनिया के 50% रियल टाइम पेइमेंट यूपी आई वाली तकनीक से होते हैं
11:38भारत की यूनिफाइड पेइमेंट इंटरफेस यूपी आई इसने पॉपिलेशन स्केल पर फाइनांशल इंक्लूजिन और डिजिटल ट्रांजिक्शन को नई गति दी
11:53है
11:53आज विश्व के 50% रियल टाइम पेइमेंट इसी टेकनोलोजी पर होते हैं
12:04लेकिन जैसे ही यूपी आई पर 0.4% एंडियार लगा तो सियासी टूफान उट खड़ा हुआ
12:11कॉंग्रेस कह रही है कि पहले तो सरकार कहती थी कि यूपी आई करो अब उसी यूपी आई पर चार्ज
12:16रगा रही है
12:19क्योंकि आप ही ने तो कहा था भाईया कैश यूज करना बन करो यूपी आई करो यूपी आई करो आप
12:25सेल्समैन बने हुए थे यूपी आई के और अब उसी यूपी आई की वसूली करने का काम प्रधान मंत्री मोधी
12:31कर रहे हैं
12:48आरबियाई ने यूपी आई पेविंट्स पर चार्ज लगाने के फैसले को भारत के डिजिटल इको सिस्टम को टिकाउ बनाए रखने
12:55के लिए जरूरी कहा है
12:56तो डिजिटल पेविंट प्लाटफॉर्म्स वाली कम्तियां भी इसके फायदे गिना रही हैं
13:02यूपी आई का MDR 0.4% पे आज भी दुनिया का सबसे सस्ते MDR है
13:07मगर वाल्यूम इतना जाद है कि होपली उसके वज़े से फोन पे और बाकी जितने भी पेमेंट कमनीज है
13:13अब हम लोग भी जो है इंवेस्ट कर बाएंगे वापस मार्किट को ग्रो करने में
13:28लेकिन कॉंग्रेस सरकार के यूपी आई वाले फैसले पर न सिर्फ सवाल उठा रही है
13:33बलकि महँगाई से जूचते लोगों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा बता रही है
13:45कि ऐसा कैसे है भाईया हम तो अमेरिका के आगे नतमस तक हो गए मोदी जी कह रहे है
13:50तो वसूली तो तुमसे करनी पड़ेगी क्योंकि उनके इशारे पे की जा रही है
14:05मोधी सरकार UPI को भारत की बड़ी सफलता बताती है
14:092016 में नोट बंदी के बाद भारत में लेस कैश और डिजिटल पेमेंट्स का मुद्धा राजनीतिक चर्चा में आया था
14:16और अब एक बार फिर से इस पर सियासी घमासान छिड़ा है
14:2015 अक्टूबर से UPI की नई व्यवस्था लागू होगी
14:23लेकिन आम जन्ता और कारुबारी इस पर क्या कह रहे हैं वो भी सुन लेते हैं
14:30गराहक तो उस पर लगाए देगा ही चार्ज
14:32क्योंकि भाई वो ले रहा है दो अजार के उपर पेमेंट ले रहा है
14:35इस्ट्रा दे रहा है तो वो जन्ता पर ही लगा देगा
14:37बिल्कुल दुकानदार जन्ता से ही वसूलेंगे वो अपनी लागत नहीं बढ़ाएंगे
14:41सरकार थोड़ी हमें मलब दुकानदार के पास हमारे निप्टारा करवाने आएगी
14:46कि ना इन से पीस नहीं लेने हो निश्चित रूप से देश के दस क्रोण छोटे प्यपारी डेटेल कारोबारियों के
14:51लिए बहुत बड़ा गरहन होने वाला है
14:53सामने वाला हमें देना नहीं चाहेगा और ये एक स्ट्रा इसके हमें नहीं लग रहा था कि सरकार को कोई
14:58इसी हो सकता थी
14:59जो है मोधी सरकार कहती है कि जो है आउनलाइन आप जो है लेंदन करिये तो वो पथा फिर बंद
15:05हो जाएगी फिर पुरानी पथा प्याम को लाने पर ये मजबूर कर रहे है
15:08यूपी आई कहते हैं पहले गुड़क हो और बाद में डेला वो हाले आज तक ब्यूरो
15:18सरकार के इसे नितिकत फैसले को लेकर के सुप्रीम कोट भी मामला पहुच चुका है कोट आगे क्या करेगा सरकार
15:23की दलील क्या होग इंसा पर नजर रहेगे लेकि जादा जानकारी दिंग हमारे से होगी संज़र शर्मा
15:26संजय आम तोर पर यह बहुत नितिकत मामला है कि इसी पर टैक्स लगाना है कि इसी पर नहीं लगना
15:30है लेकिन यह जरूर संभावना आपको लगती है कि सुप्रिम कोट अगर जाएगा तो संभावता सरकार से जब जब आप
15:35पूछा जा तो बताएं कि दस साल तक जो यूपी �
15:37जाए फ्री चला जो भारत के डिजिटल इंफा सक्केर के बड़ी पहचान है उस पर टैक्स लगाने की जरूरत क्यों
15:42पड़ रही है MDR पर लेकिन इस पर यह भी हो सकता है कि कोट यह कहें कि सरकार का
15:48नीतिकत फैसला है जिसमें सुप्रिम कोट दखल नहीं देना चाहता है त
16:04कर पूट की इच्छा नहीं है किसी भी वज़े से उस मामले में दखल देने के तो कोट सीधा कह
16:10देता है कि सरकार का नीतिकत मामला इसमें सुप्रिम कोट का कोई रोल नहीं है और तो जाहिरे कि इसमें
16:16जो याचिका दाखिल की है अंजन्दता ने उन्होंने यह साफ साफ कह
16:23किवधिगत प्रक्रिया के तहट यह अधिसरूचना जारी नहीं की गई है लहाजा इससे तिरक लॐता इसे हम पर भूजा किया
16:45जोटके लिंग ऑन इनधू है।
16:50लेने के लिए सरकार को आदेश जारी करें अभी देखने दिल्चस्प होगा कि आज इस मामले की हो सकता है
16:55कि मेंशनिंग हो जाए कि इसकी शीग्र सुनवाई की जाए आम जंता से जुड़ा हुआ बहुत ही समभी दंशील मामला
17:01है तो इस पर देखना होगा कि कोड क्या शीग
17:06समभी होती भी है तो उसका नतीजा क्या था?
17:37झाल
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