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राजस्थान निकाय चुनाव में BJP के लिए क्या बड़ा संदेश छिपा? देखें खबरदार
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00:00नमस्कार मैं श्वेता सिंग आपका स्वागत करती हूँ रात के 8 बज रहे हैं वक्त है बड़ी खबरों से आपको
00:05खबरदार करने का
00:07जनता के हर मुद्दे पर हम रोज की तरह खबरदार करेंगे
00:11सबसे पहले बात करेंगे UPI की payment limit को लेकर मचे नए घमासान की
00:17अखिर इसकी हकीकत क्या है क्योंकि मामला हमारी हर पल की खरीदारी से जुड़ा है
00:23दूसरी खबर महंगाई से जुड़ी है क्या GDP की रफतार को खा जाएगी महंगाई
00:28और तीसरी बड़ी खबर राजस्थान निकाय चुनाओं से जुड़ी है
00:31जहां क्या UGC को लेकर नाराजगी की वज़े से निर्दलियों की चांदी हो गई है
00:36इसे हम देखेंगे लेकिन सबसे पहले खबर आपकी जेब से जुड़ी
00:41उस UPI से जुड़ी जिसके बिना अब रहना अगर नामुम्किन नहीं तो मुश्किल जरूर है
00:46इसे लेकर NPCI ने नियम बदल दिये है
00:49थोड़ी देर पहले एलान किया गया कि 15 अक्तूबर से चुनिंदा मर्चंट ट्रांजाक्शन के लिए
00:55UPI Merchant Discount Rate MDR का नया फ्रेमवर्क लागू होगा
00:59UPI से 2000 से ज्यादा पेमिंट पर 0.4% चार्ज लगेगा
01:04हर ट्रांजाक्शन पर करीब 300 रुपे तक मैक्सिमुम चार्ज देना होगा
01:0975,000 या उससे अधिक के लेंदेन पर MDR अधिकतम 300 प्रती लेंदेन होगा
01:15हालनकि 2000 तक पेमिंट करने पर रहक से किसी तरह की फीस नहीं ली जाएगी
01:20आवश्यत सेवाओं के लिए फ्लाट MDR रखा गया है
01:24रेलवे, टेलिकॉम, बीमा, इंधन, क्रिशी, क्षेत्र में
01:272000 से अधिक के UPI भुगतान पर प्रती लेंदेन 5 रुपए का फ्लाट MDR लगेगा
01:34UPI QR कोड के जरिये हर महीने एक लाख तक प्राप्त करने वाले छोटे व्यापारियों को
01:41P2PM श्रेणी में रखा गया है
01:43सभी लेंदेन पर अनिवार ये रूप से 0 MDR का लाब लेते रहेंगे
01:48UPI आप देने वाली कंपनियों को कहा गया है कि वो प्लाटफॉर्म फीस या छिपे हुए शुल्क लगानी की अनुमती
01:55नहीं होगी
01:56बैंकों को ये सुलिष्चित करने की सलाह दी गई है कि मर्चंट UPI भुगतान का MDR शुल्क ग्राहक से नवसूले
02:04म्यूच्वल फंड, सिक्योरिटी, स्टॉक ब्रोकर और डिलिरों को किये जाने वाले भुगतान पर 0.02% MDR लगेगा
02:13इसकी अधिक्तम सीमा 300 प्रती लेंदेन होगी
02:16कम शुल्क का उदेशे आम लोगों की आपचारिक वित्तिय बाजारों में भागेदारी को बढ़ावा देना है
02:22हमारे साथ हमारी समवादाता इश्वरिया पालिवाल इस समय जुड़ गई है
02:26अश्वरिया अचानक ये 2000 से ज्यादा पेमिंट पर जो शुल्क की बात सामने आ गई है
02:3315 अक्तूबर तक का हाला की समय है अभी इसकी बारीकियों को समझने के लिए
02:38लेकिन कुल मिलाकर इसके सबसे एहम पॉइंट्स अगर मैं कहूँ
02:42जो लोगों को जानना चाहिए तो वो क्या होंगे
02:45देखे सबसे इंपॉर्टन तो ये है कि अगर आप कोई परस्नल ट्रांजाक्शन करते हैं
02:49मानिए आपने 500 रुपे का कुछ शोटा सा एक समान खरीदा आपने UK का ट्रांजाक्शन किया
02:54तो उस पर कोई भी चार्ज नहीं लगेगा ये सरकार एकदम सपश कर चुकी है
02:59और जिस तरीके का अमेंडमेंट अभी आया है अभी समय दिया गया है
03:02एक्सपर्ट को कि एक बार आप वो जितनी भी अमेंडमेंट से हुनको पढ़ लीजे
03:05क्योंकि सरकार देखे इस चीज़ के अंदर क्लियर है कि अगर हम बैकेंड की बात करें
03:09तो नाच्टन को ऑपरेशन ओफ इंडिया जो है हमने देखा किस जो कई सारे लोग हैं
03:15जो इससे जुड़े वो हैं उन लोगों को ट्रांजाक्शन पीस देनी पड़ती है
03:18लेकिन सरकार ये चाहती है कि end के अंदर consumer के उपर उसका कोई भी असर नहीं पढ़ना चाहिए
03:232000 तक अभी कोई भी पैसे नहीं लगते है और सरकार के अंदर जो बातचीट चल रही है
03:28वो यह है कि अगर आप बड़े-बड़े transactions भी करें अगर आप अपने family के अंदर देना चाहते हैं
03:32किसी को पैसे अगर आप कुछ transfer करना चाहते हैं UPI के तहट तो उस पर किसी भी तरीके से
03:36पैसे
03:37उस पर किसी भी तरीके का चार्ज नहीं लगना चाहिए अगर back end पे कोई चार्ज लग रहा है
03:41तो banks को कहा जाएगा और जो intermediaries हैं जो beach वाले लोग जो हैं उनको भी कहा जाएगा
04:07कर रही है कि अगर 2000 से जादा का चार्ज लगता है back end पर अगर company से government as
04:12tax या as fee वो लेती है
04:14gateways यूज करने के लिए तो अब सुनिश्चित करना होगा सरकार को कि लोगों के उपर उसका burden ना पड़े
04:19इस समय customer से zero रुपे लिया जाता है चाए 5000 और दस हजार और चाए 50,000
04:49payment कही ना कहीं किया जा रहा है उसके ओपर CHARGE अभी भी लिया जा रहे है हूँ सरकार
04:53यही मन्थन कर रहा है कि वो जो CHARGE लिया जा रहा है उसको किस तरह से कम करे या
04:57अगर उसको बढ़ाना है
05:19कि सरकार जो है वो चाह रही है कि पहले जान ले सब्जेक्ट एक्सपर्ट से कि किसी तरह का कोई
05:24प्रॉब्लम तो नहीं आ रहा है लोगों को कोई दिक्कत तो नहीं होगी क्यूंकि जो भी आर्थिक फैसले होते हैं
05:30उनका चुनावी परणाम भी निकलता है बड़े-बड़े �
05:33राज्यों में अभी चुनाव होना है सबसे बढ़कर उत्तर प्रदेश पहले ही महंगाई की बात हो रही है क्यूंकि मौसम
05:39के कारण जिस तरह की दिक्कतें आई और जिसका सीधा असर वार उसका सीधा असर तो ये सारी चीज़े हैं
05:46अब उसमें अगर एक छोटा सा भी चार
06:03प्रदेशन किया गया था सरकार ने तो एक करनसी की बात करी थी और दूसरा उन्होंने कहा था कि वो
06:08चाते हैं कि डिजिटल पेमेंट्स की तरफ बढ़ा जाए कई बर आपने देखा होगा कि बड़े-बड़े भार्टी जंता पार्टी
06:13के नेता जो है यूपी के नेताओं �
06:15पे उंगली उठाते थे जो पूज के फानाइंस मिनिस्टर थे उन पे उन्होंने उंगली उठाई और कहा कि आप तो
06:19कभी डिजिटाइजेशन चार्टे ही नहीं थे तो अगर डिजिटल पेमेंट पर मुझे और आपको किसी तरीके का चार्ज देना पड़ेगा
06:25तो जरूर
06:26जो हिंदुस्तानी है जो आम हिंदुस्तानी है जो नागरे के उसको लगेगा कि उसको ठग लिया गया क्योंकि एक तरफ
06:31तो सरकार कहती है कि आप कैश का मत इस्तमाल करी है आप यूपियाई का इस्तमाल करी है और दूसरी
06:35तरफ अगर एक साधारन से यूपियाई को इस्तम
06:52बनाए हुएं वो ये देखना चारियें के ऐसा ना हो कि कहीं बैकेंड से कोई ऐसा चार्ज सरकार लगा दे
06:56लेकिन हाँ जिस तरीके से चुनाव आने वाले हैं अगर किसी तरीके का कोई भी चार्ज मेरी या आपकी जेव
07:02पर पड़ता है तो उसका असर आगामी चुनाव खास
07:22नहीं देनी होगी लेकिन विपक्ष मानने को तैयार नहीं है उसकी तरफ से लगातार सवाल भी उठाए जा रहे हैं
07:28जनता भी डरी वही है कि दुकानदार अपने उपर पढ़ने वाले इस नए भार का बोज कहीं जनता पढ़ना डाल
07:35दे ग्राह को उपढ़ना डाल दे
07:41वित्त मंत्राले की तरफ से यूपी आई पेमेंट को लेकर आम आदमी को खवरदार किया गया है कि 2000 रुपे
07:46तक के यूपी आई पेमेंट पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर डारेक्ट या इंडारेक्ट फीज नहीं लगा सकते
07:52रुपे डेवीड कार्ड से होने वाले पेमेंट को भी इस दाइरे में रखा गया है सीधी बात ये कि आम
07:57आदमी के लिए कुछ नहीं बदलेगा
07:59इसलिए जब कॉंग्रेस की तरफ से इसे आम आदमी से वसूली बताई गई तो बीजेपी की तरफ से इसे कॉंग्रेस
08:04का दुष्परचार बताकर खारिज कर दिया जाता है
08:08यूपी आई पर बीजेपी बनाम कॉंग्रेस की सियासी जग में अब आप इस खबर के गजट नोटिफिकेशन को देखी जिसमें
08:14सरकार ने 2007 के कानून की धारा 51 के 10-1 का जिक्र करते वे कहा है कि 2000 रुपे
08:20के यूपी आई पेमेंट और रुपे डेवीड कार्ट पर कोई फी
08:37MDR लगाये जा सकता है इस टांजेक्शन की संख्या भले ही सिर्फ पांच फीजदी हो लेकिन यूपी आई के कुल
08:42टांजेक्शन वेल्यू का करीब 65 फीजदी इन ही में है क्या आप मुझे बताईए कैशलेस एकानोमी की तरफ मजबूत कदम
08:49लगेगा आपको यह कदम जो हम
08:52हमारे indigenous हमारे homegrown digital payment का ecosystem है उसको तबाह करने की दिशा में क्योंकि अमेरिका को हमारा MDR
09:01रेजीम नहीं पसंद आ रहा था
09:02अमेरिका हम पर दबाव डाल रहा था और हो सकता है हम अमेरिका के सामने कान पकड़ के माफी मांग
09:08रहे हैं यह करके कि साब हमने
09:10BRICS का सम्मीट यह ओगनाइस के लिए हमें माफ कर दो लो हम आपके लिए कर देते हैं यह वही
09:14है उसके अलावा कुछ नहीं
09:15Congress Party एक नरास फूफा पार्टी बन चुकी है Congress Party वही पार्टी है जो यह कह रही थी कि
09:21इस देश का आम आदमी कभी Digital Transaction का इस्तमान नहीं कर सकता
09:25और होई Congress Party आम आदमी की बात उठाने का ढोंग कर रही है सचाई की बात यह है कि
09:31Congress Party को इस बात की मिर्ची लगी है कि हर व्यक्ति आज UPI का इस्तमाल ग्लोबली और देश के
09:39अंदर हर भारतिय कर रहा है
09:40Congress Party छूट फेला रही है किसी भी व्यक्ति को common man को कोई भी 2000 रुपे तर कोई चार्ज
09:47नहीं देना होगा और किसी कस्तमर को नहीं देना होगा
09:5090% साधर transactions UPI के less than 2000 रुपीज नो होता है
09:56दुनिया में भारत में सबसे ज्यादा online payment होता है
09:59दूद, सबजी, दवा खरीदना हो या auto restaurant में भुक्तान करना हो
10:03या फिर किसी को एक क्लिक में पैसे भेजना
10:05UPI भारत के लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है
10:08जिसमें बड़े दुकानदारों से लेकर रेहडी पट्री वाले भी शामिल
10:12इसलिए सरकार की तरफ से समझाय जा रहा है
10:14कि 96% UPI merchant transaction 2000 या उसे कम के होते हैं जो मुफ्त है
10:20रूपे डेविट कार्ड पर कोई चार्ज नहीं है
10:22मतलब आम लोगों के बीच UPI फ्री था है और रहेगा
10:26इसके बावजूत कॉंग्रेस फेक न्यूस फैल आ रहे है
10:28अध्यन करने के बाद ट्विस्ट कैसे किया जाता है मैटर को
10:33इसी में निपुनता हासिल हो चुकी है कॉंग्रेस पार्टी को
10:38मैं टू मैं ट्रांसफर निशोलक मर्चनडाइज बेस्ट है वो मर्चन्ट द्वारा है
10:48ये चीज को जो बीच का थिन लाइन है इसका ट्विस्ट करके ये लोग पेश कर रहे हैं
10:56MPCI के मुताबिक अगस्ट में किसी दुकान पर किया गया
10:59MPCI पेमेंट 577 रुपे था ये किराने की दुकान पर दो या तीन बार की खरीदारी के बराबर है
11:05उस महिने भारत में ऐसे 15.56 करब पेमेंट किये गए
11:09577 रुपे की रकम 2000 रुपे के आसपास भी नहीं
11:12इसे तीन गुना से ज्यादा बढ़ना होगा
11:14ये रकम घट भी रही है
11:15अगस्त में दुकानों पर जुलाई के मुकाबले 3.6 फीज़ी ज्यादा पेमेंट हुए
11:19लेकिन कुल रकम 1.2 फीज़ी कम रही
11:22इसलिए औसद पेमेंट 606 से घट कर 577 हो गया
11:25जिस महिने सरकार ने ये सीमा अता है कि
11:27उसी महिने औसद पेमेंट उस सीमा से और नीचे चला गया
11:32लेकिन कहानी सिर्फ इतनी नहीं है
11:34बले ही चाय कॉपी और छोटे पेमेंट पर आम आदमी को कोई चार्ज ना देना हो
11:38लेकिन जनता की चिंता इसके बावजूद बरकरार है
11:41जो बड़े स्टोर हैं जैसे जो ब्रैंडिट स्टोर है जो माल बिखता है उनको तो फरक नहीं पड़ता है वो
11:47अफोर्ड कर सकते
11:48पर जहां कॉंपेटिशन ज्यादा जो छोटे स्टोर हैं छोडे वेपारी हैं जो होकर हैं जो होकर वगर हैं
11:53जहां पर competition बहुत जादा होता जहां पर margin profit बहुत limited होता है तो वो पहले पूझेगा इस आप
11:58cash दे रहे हो या UPI पर दे रहे हो पहले तो पुछता नहीं था क्योंकि उसको पूरा amount मल
12:02जाता है अब पूझेगा कि आप cash दे रहे हो उससे सबसे discount दे रहे हो सकता हो पहले 10
12:07% देता
12:13उसको फरक करना पड़ेगा यह जो addition लेकर आ रहे हैं तो सवाल यह है कि भले ही जनता को
12:212000 रुपे तक के UPI payment पर कुछ भी नहीं देना होगा लेकिन जिन दुकांदारों को देना होगा क्या वो
12:27किसी दूसरी तरह जनता से नहीं वसूलेंगे क्या वो cash को बढ़ावा नहीं द
12:36जाता है यह card network, merchant category और volume पर निर्भर होता है इसकी वज़ए यह है कि RBI ने
12:41credit card पर MDR cap या ग्रहक पर सरचार्ज रोकने का कोई पष्ट नियम नहीं दिया है इसलिए उससे यह
12:48वसूला जाता है लेकिन सरकार का कहना है कि UPI के साथ ऐसा नहीं होगा फिर भी जनता के चिंता
12:53बर
13:21करा रहे हैं।
13:23या आपको कोई पांच दस अजार उपे से कम का नहीं समझ में आएगा आप जो भी है वो आप
13:29यह सोचें कि जो भी चीज आप खरीदो के दो से ओपर दो अजार के ऊपर उस पर कंज्यूमर को
13:34ही पढ़ना है
13:39अगर मर्पी से नीचे जो कॉंपिटिशन में है प्रोडक्ट उसके अंदर आपको कंज्यूमर ही देता है
13:44आज भी जैसे पहले हम जाते थे तो कहते थे लोग या आप क्रेट काड़ से देंगे या जैसे यह
13:49की प्रेश कर लेते हैं
14:03जैसे चूटी शॉप्кіपर है अब उसका आठहजर रोपे का बिल है उसपर पॉ mismaiques तो करने
14:13ा गर्वर्मेंट
14:26आमागमी को लेकर UPI से पेमिन्ट को लेकर कुछ बदला नहीं है
14:31UPI को लेकर पहला सवाल ये है कि क्या 2000 रुपए UPI की नई लिमिट है
14:35इसका जवाब है नहीं, 2000 रुपए कोई नई payment लिमिट नहीं है
14:39UPI से पहले की तरह आप इससे ज्यादा का भी payment कर सकते है
14:45सवाल ये भी है कि आखिर 2000 रुपए से ज्यादा के ही पेमिंट को लेकर नियम क्यों बनाया जा रहा
14:50है
14:50तो इसकी बड़ी वज़े बड़े कारोबारी पेमिंट्स है
14:53वित्वर्ष 2025-2026 में दुकानदारों को किये गए
14:57UPI पेमिंट में केवल करीब 4% ट्रांजाक्शन 2000 रुपए से ज्यादा के थे
15:03लेकिन कुल रकम में इनकी हिस्सेदारी करीब 2 तिहाई थी
15:07यानि ऐसे पेमिंट की संख्या कम है लेकिन इनमें काफी बड़ी रकम जाती है
15:14अगला सवाल क्या 2000 रुपए से ज्यादा का पेमिंट करने पर
15:19बैंक खुद से फीस लेना शुरू कर सकते हैं जवाब है नहीं
15:23सिर्फ इसलिए कि पेमिंट 2000 रुपए से ज्यादा है बैंक या पेमिंट सिस्टम प्रोवाइडर
15:29मनमाने तरीके से फीस नहीं लगा सकते एक सवाल ये भी है कि अगर कोई दोस्त या परिवार के किसी
15:35सदस्य को हजार दस जार रुपए भेजता है तो क्या फीस लगेगी जवाब है नहीं एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति
15:43को भेजे जाने वाले यानी P2P पेमिंट मुफ्त र
15:59प्रेट के दाइरे में लानी की आशंका इसले जता रहे हैं क्यूंकि पिछले कुछ बरसों में आम लोगों के लिए
16:05बैंकिंग महंगी होती जा रही है आज कमुवेश 10 तरह के चार्ज आम आदमी को बैंकिंग सुविधाओं के इस्तमाल पर
16:11देने पड़ते हैं जैसे ATM की सा
16:26रकम हो और ATM में ज्यादा रकम निकालने की कोशिश की तो 20 से 25 रुपए जुर्माना लग जाता है
16:32अगर आप अपने बैंक ब्रांग चले जाते हैं और महीने में चार बार से ज्यादा वहां भी लेंदेन करते हैं
16:38तो 1500 रुपए तक चार्ज कट सकता है निजी बैंकों में त
16:55पाने के लिए हर तीन महीने में 15 से 20 रुपए का चार्ज देना होता है एक से अधिक चेक्पुक
17:01भी अगर साल में लेते हैं तो 2 से 5 रुपए प्रती लीफ चार्ज लगता है बैंक जाकर NEFT, RTGS,
17:09IMPS लेंदेन करते हैं तो वो भी 2 से 25 रुपए तक चार्जिबल है यहां तक क
17:13आप अपना बैंक खाता बंद कराने जाते हैं तो भी 200 से 500 रुपए तक चार्ज लगता है एक और
17:21फर्क जो विपक्षी दल बता रहे हैं कि 2014 के बाद बैंकिंग सेवाओं में लगने वाले चार्ज बढ़ते जा रहे
17:27हैं क्योंकि पहले मुबाइल पर SMS अलर्ट के लिए साला
17:2910 से 20 रुपए लगते थे जो अप तिमाही यानि चोगुना मेंगे हो गए हैं दूसरे बैंक के ATM से
17:37लेंदें भी पहले असीमत था जो अब 3 से 5 बार ही मुफ्त है पहले खाते में यूंतम बालन्स पर
17:42जुर्माना नहीं था अब निजी बैंक जुर्माना लेते हैं पहले ब्
17:58500 से 300 रुपए हो गई है उसमें GST भी जोडते हैं सरकार और जनता के बीच बिचौलियों का जो
18:06खेल है वो दुर्भागे से हर जगे हैं सरकार जनता की भलाई के लिए रहात देती है लेकिन वो जनता
18:12तक नहीं पहुँच पाती एक तरफ सरकार का खजाना कम होता है दूसरी
18:27तरीके से खत्म कर दिया लेकिन सरकार ने टैक्स में रहाद दी ताकि जनता को पॉलिसी पर कम प्रीमियम चुकाना
18:34पड़े पॉलिसी सस्ती होने पर ज्यादा ज्यादा ज्यादा लोग इसे खरीदें लेकिन क्या ऐसा हुआ
18:39लोकल सर्वे के अनुसार जिन लोगोंने जी एस्टी जीरो होने के बाद नई पर्सनल लाइफ और हेल्थ पॉलिसी ली या
18:46उसे रिन्यू कराया
18:48उसमें से 48 प्रतिशत लोगोंने कहा कि जब उन्होंने पॉलिसी खरीदी या रिन्यू कराई तो उन्हें कम टैक्स का पूरा
18:55फाइदा मिला
18:5526 प्रतिशत लोगों का कहना था कि उन्हें कोई फाइदा नहीं मिला क्यूंकि सालाना प्रीमियम बढ़ने के अलावा इंशॉरंस कंपनियों
19:03ने बेस प्राइस भी बढ़ा दिया था
19:055% लोगों ने कहा कि उन्हें कुछ फाइदा तो मिला लेकिन बेस प्राइस भी थोड़ा बढ़ा दिया गया था
19:11जबकि 5% लोगों ने कहा कि उन्हें कोई फाइदा नहीं मिला और अभी भी 18% GST लगाया गया
19:18ये सवे 20,000 लोगों और 301 जिनों में किया गया
19:22हेल्थ इंशॉरंस वाली कंपनियों ने सरकार से आम आदमी को बिली छूट पॉलिसी का बेस प्राइज बढ़ा कर ड़कार ली
19:29मतलब सरकार ने खजाने पर बोज डाल कर जनता को रहाद देने की कोशिश की
19:33लेकिन उसका फाइदा जनता को नहीं हुआ क्योंकि हेल्थ इंशॉरंस कंपनियों ने उस फाइदे को जनता के बजाए अपनी जेब
19:40में डाल लिया
19:41सोचे देश की सरकार जनता के लिए कुछ करती है तो उसका फाइदा कंपनियां जनता तक पहुँचने नहीं देती
19:47आम आदमी और किसान के बीच आम आदमी आ जाता है और इंशॉरंस के मामले में आम आदमी और राहत
19:52के बीच में इंशॉरंस कम्पनिया आ गई
19:54इसलिए आम आदमी डरा हुआ है कि इस बार क्या होगा
19:57एक चंता EMI को लेकर भी है
19:59क्योंकि बैंक वाले भी खूब खेल करते हैं
20:02RBI कर्ज सस्ता कर देती है
20:03फिर भी हम और आपको लोन देने वाली
20:06बैंक राहत देने में आनकानी करते हैं
20:08लेकिन इस बार जंता को डर EMI के बढ़ने का है
20:11जिस पर बैंक तुरंत लागू कर देंगी
20:13आने वाले महीनों में मुश्किलें बढ़ सकती है
20:16घर के बजट पर दबाव बढ़ने की आशंका है
20:18एक और खुदरा और थोक महगाई दोनों बढ़ी है
20:21वहीं अंतराश्य बाजार में बढ़ती क्रूड की कीमते भी डर आ रही है
20:25ब्रेंट दोबारा 100 डॉलर प्रती बैरल के पार निकल गया है
20:33पश्ची मेश्या में हो रही जंग से कच्चे तेल में नए सिरे सुबाल आ गया है
20:37और वो 100 डॉलर प्रती बैरल के पार पहुँच गया है
20:39इसने जंता की चिंता को बढ़ा दिया है जो पहले ही महगाई की मार जेल रही है
20:44खबरदार हो गई है कि आने वाले महिनों में घर का बजट दवाव में आ सकता है
20:48अगस्त में थोक और खुद्रा महगाई दर में लगातार बढ़ोत्री ने इसे लेकर तस्वीर भी साफ कर दी है
20:55अगस्त में फुटकर महगाई 4.082 फीजदी हो गई
20:58जुलाई में ये 4.45 फीजदी थी
21:00वही सरकार ने 14 सितंबर को जारी रिटेल महगाई के आंकड़ों में खाने पीने की चीज़ों की फुटकर महगाई दर
21:065.095 फीजदी का अकड़ा दिया
21:08जबकि रिजर्ब बैंक ने रिटेल महगाई का लक्ष 4 फीजदी रखा है
21:12देश बर में महगाई की मार आम लोगों पर लगातार पड़ती जारी है
21:16घर में जिस तरीके से खाना बनता है उसके लिए इस्तमाल होने वाले सरसो का तेल भी इस वक्त महगा
21:35जो है वो मिल रहा
21:36और सरसो केल में भी कुछ तेजी है इस ताइम केजी है जनवरी से लेकर जुलाई तक महगाई के वो
21:52आकड़े हैं जो बढ़ते ही जा रहे है
21:54जनवरी में जो महगाई दो दफमलब साथ चार फीज़ी थी वो फरवरी से अप्रेल तक तीन से साड़े तीन के
21:59बीच रही फिर मई में करीब चार फीज़ी और फिर जुलाई में चार दफमलब चार पांच फीज़ी पहुँच गई
22:04बड़ी बात गी है कि ये लगातार तीसरा मेना है जब रीटेल महगाई दर रवी आइए के टैप एमाने से
22:10ज्यादा दरश की गई है
22:12महенगाई की मार नाके वल राशन के सामान पर देखने को मिल रही है
22:16सबजेँ पर भी जो अब महयंगाई है वो देखने को मिल रही है
22:19चैबाद की जाए लैसून अदरुक और प्यास, टमाटर जैसी सबजेओं की वो भी अब महहंगी हो गे
22:25जिसका आसार किचन बजट पर पड़ा है, कौन कौन से, जो सबसियां महेंगी हूगे ही?
22:33इस एयर कम से कम 100 किलो के मारेजन की बड़ा है करीबन्य किचन के बजट के हम लोग पेहले
22:40수श मानें एक प्तर समान भी fat लेका भी में लिया,
22:53हैं किन्-किन शिब्लें का ऐस्तर जो है आप आम आदमी है खरीदारी करने के लिए किना अफरी को पहले
23:00के बटर मेंगा हो गया है पहले मुग बठर बहुत मयगा है नीचे नहीं आले कि कुछ नीचे आया किसा
23:07अदरा नीं बस बढ़ता ही चलता है यह उतले जुचे लिक्वा
23:29अब ऐसे में विपक्ष का सवाल है कि स्तरकार एक तरफ
23:35कहार से पहले टेल रिपाइंड के साथ आलू प्याज अद्रक की दामों में
23:56इसाफा देखने को मिल रहा है
24:18स्तरकार का कहना कि युद्ध के अलावा महगाई के बढ़ने में कमजोर और अन्यमित मौनसुर का भी हाथ है
24:23लेकिन आम आदमी का दिल त्योहार से पहले बैठा जा रहा है
24:27वो देख रहा है कि कच्चे तेल की किमतों में नई सिरे से आते उच्छाल से वो कब तक बचेगा
24:33आज तक भी रोग
24:37कुछ दिनों पहले ही जनता इस बात से खुश थी कि एकॉनमी उमीद से तेज रफतार से दोड रही है
24:42इसलिए कुछ राहत मिलेगी लेकिन महंगाई की वज़े से आशंका ये उटने लगी कि ये राहत भी खत्म न हो
24:50जाए
24:51हमारा इंफलेशन और प्राइसस बहुत कंट्रोल में थे जब तक वेस्ट इश्या क्राइसस नहीं शुरू हुआ था
24:57जैसे ये क्राइसस शुरू हुआ तो प्राइसस बढ़ने शुरू हो गए और अभी हमने देखा कि इंफलेशन भी हाई आया
25:04है
25:044.9 का इंफलेशन है तो काफी हाई है as compared with the earlier months
25:11और उपर से जो WPI है वो तो लगबग कोई 9.8% का WPI जो काफी problematic है
25:20इससे ये पता चलता है कि जो इंफलेशन है वो ज़्यादा तर जो international commodity prices है जो international price
25:28pressure है उसकी वज़ा से WPI में बढ़ोतरी हुई है
25:32और जो धीरे धीरे पासान हो रहा है CPI ने भी बढ़ना शुरू कर दिया लेकिन मैं यह समझता हूँ
25:37कि जो economy है जैसे हमने 7.8% का growth rate देखा तो उसके जो supportive factor है जो
25:45उसके pillars है जिनको हम कहते हैं कि demand एक बहुत बढ़ा pillar है
25:50second जो stability in interest rate जो RBI ने बहुत ही calibrated steps लिए stability रखा interest rate में उसने
26:00बहुत support किया और thirdly government का hand holding जो सरकार ने अपनी policies दी और industry efforts इन चारों
26:07की वज़ा से हमारा जो GDP है वो 7.8% आया है
26:10तो यह जो inflation है जो ज़ादा तर जो international price pressure की वज़ा से है तो मैं समझता हूँ
26:16कि धीरे धीरे यह subside होगा और normal हो जाएगा
26:22अब राजस्थान निकाय चुनाओं में बीजेपी के लिए छिपे बड़े संदेश से जुड़ी खबर
26:29राजस्थान की निकाय चुनाओं में इसमार मुद्दा जेंजी और सीजेपी का स्कूल नव होकर बीजेपी के कोर वोटर में यूजी
26:36सी का जाती आधारत प्रस्तावित कानून रहा
26:39नतीजों ने यूजी सी के मुद्दे पर बीजेपी के खिलाफ अगड़ी जातियों के घुसे को जाहर कर दिया
26:45बीजेपी के कोर वोटर माने जाने वाले राजपूद समाज ने बीजेपी को वोट देने के बजाए निर्दलिये और नोटा को
26:52वोट दिया
26:57राजस्थान के निकाय चुनाव में क्या स्थानिये और विकास के मुद्दों पर भारी रहा UGC का मुद्दा
27:03क्या राजस्थान में UGC को लेकर बीजेपी से नाराजगी का फाइदा निर्दलियों को मिला
27:11राज्थानिकाय चुनाव के नतीजों के पाथ भले ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुस्कुरा रहे हैं
27:16लेकिन जिन बड़े शहरों और राजपूत भूल इलाकों में कमल खिलता था
27:19वहां निर्दलियों का शांदार प्रदर्शन बीजेपी के लिए मुश्किले बढ़ाने वाला है
27:27ऐसा कहने की वज़ा वो सुंध्रा राजे हैं जो बीजेपी की बड़ी राजपूत नेता और राष्टियो पाध्यक्ष है
27:32फिर भी वो अपने इलाके जालावार में कॉंग्रिस को जीतने से नहीं रोक पाई
27:36केंद्रिय मंतरी गजेंदर सिंग शेखावत के जोधपूर में मामला बराबरी पर अटक गया है
27:40और अब फैसला निर्दलिया के हाथों में है
27:43उपमुकि मंतरी दिया कुमारी के विद्याध हर नगर में बीजेपी के वाड चाउसाट दफ्मलब तीन फिजदी से घटकर साट फिजदी
27:50हो गया
27:50और निर्दलिया बीस फिजदी वाड जीतने में काम्याब रहे
27:53उद्योग राजी मंतरी राजी वरधन सिंगा ठोड के जोटवाला में बीजेपी के वाड 63 फिजदी से घटकर 53 फिजदी रह
28:00गये हैं
28:00जबकि निर्दलिया 23 फिजदी वाड जीते हैं
28:02बीजेपी के लिए राहत भरी बात ये रही कि उसके वोटरों ने कॉंग्रिस को वोट देने के बजाए निर्दलिया और
28:08नोटा को वोट डाला है
28:11यूजीसी के मसले पर राजीभर में आंदोलन कर रही करनी सेना का कहना है कि ये चेतावनी है
28:15अगर इसे वापस नहीं लिया गया तो बीजेपी को आगे इससे भी गंभीर परिणाम भुगतने होंगे
28:21पर चंद भावमात मिठाई ये लड़ू बाट रहे अरह भया काई के लड़ू माट रहे यार योजीसी रॉल बेक नहीं
28:28करके तुम सामाने वर के बच्चों का भविशे खत्रे में डालके
28:32अगर लड़ू बाट रहो तो आने वाले दिनों में कोई चुनाव में लड़ू खाने लाइक रहोगे नहीं बकाईदा हम लोग
28:38दिखाएंगे लोग हर जगे लड़ाई लड़ने वो तैयार है पोलिटिकल लड़ाई वो भी लड़ी जाएगी सोशल इस्तर पर लड़ाई �
28:46वो भी लड़ी जाएगी और बकाईदा अगर धरना परदेशन जानते हैं वो हम लोग कर रहे हर स्टेट में जा
28:52रहे हैं कत्ते ही रुकने वाले नहीं है इनके प्रोपर गंडा से हम लोग कत्ते ही भर्मित होने वाले नहीं
28:56है पूरा देश जाग रुक है सोशल मीडिया का �
28:59जमाना है 70-75% आज कर लोग सोशल मीडिया देखते हैं तो वो भी हर जगह जा रहा है
29:04कि बहिया तुम्हारे बोलने पर हम लोग रुकेंगे दिए
29:08रास्तान में बीजेपी के राजपूत नेताओं के बजाए कॉंग्रेस के राजपूत नेता प्रताप सिंग खाचरियावास खुल कर यूजी सी के
29:14जाती आधारित कानून पर बोल रहे हैं
29:16इनके इलाके जैपूर के सिविल लाइन्स में कॉंग्रेस और बीजेपी को 50-50 प्रिजदी के बरावर वोट मिले हैं
29:23जबकि निर्दलिय नहीं जीते बीजेपी के नेता भी चुनाव पर नाम के बाद इस मामले पर खुल कर बोलने लगे
29:28हैं
29:29यूजीसी बिना मांगे बीजेपी ने देश पर थोब दी
29:32ST, SC, OBC, EWS, जनल कास सब यूजीसी के खिलाफ है और देश का यूणिवरस्टी कॉलेज का बच्चा समझता है
29:39कि यूजीसी एक धोका है जिसमें जातियों में टकराव खड़ा करके
29:43बीजेपी अपना उल्लू सीधा करना चाहती है
29:45इसका रियक्शन हर जाती में था ST, OBC, जनल कास सब ये मानती है
29:49कि बीजेपी महंगाई गरीबी व्रिष्टाचार पे तो कोई काम करती नहीं है
29:52लोग यूजीसी नहीं चाहते
29:54आपने यूजीसी दे दी, यूजीसी कोई वर्ग चाहता ही नहीं
29:56उससे मिला क्या बीजेपी को नुकसान हुआ
29:58तो बीजेपी ऐसे मुद्दों पर चुप रहका
30:00जिनके नेताओं के मुह में धही जम गया
30:02बीजेपी के नेताओं को इस बात को नहीं समझ रहे
30:20और कुछ विशेपे अभी चर्चा और मंधन होना ही बाकि है
30:24तो उसको कहा मान लिया गया है कि उसका असर है
30:26या वो चालू हो गया या लागू हो गया
30:28ऐसा कुछ नहीं है
30:30ग्राइस्थान निकाय चुनाव में पिछली बार बीजेपी को 35.1 एक एक फीज़ दी, कॉंग्रेस को 40.3 एक फीज़
30:37दी और निर्दलिय को 24.5 एक फीज़ दी वोट मिले थे
30:57वहीं निर्दलिय और नोटा की वोट प्रतिशत में 3.1 एक छे फीज़ दी का इजाफा देखने को मिला
31:03चुनाव से पहले करनी सेना की तरफ से यूजी सी को बड़ा मुद्दा बनाय गया था
31:07मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जब पाली गये थे वहाँ पर यूजी सी रोल बैक के नारे लगे थे
31:16जैपूर में ही उपमुखमंत्री दिया कुमारी के सामने यूजी सी रोल बैक के नारे लगे थे
31:23निकाहे चुनाव के बाद बीजेपी में भी यूजीसी के मामले पर डैमेज कंट्रोल शुरू हो गया है
31:28बीलवाडा में जैनमुनी पुलक सागर जी ने दावा किया है कि सोंबार को उनसे मिलने आए
31:33आरेसेस प्रमुक मोहन भागवत से इस मामले पर विरोध जताया है
31:47तो मोहन भागवत ने इसे लागू नहीं करने का भरोसा दिया
32:07इससे हमने कहा कि बड़े घातक परिणाम इसके निकलेंगे
32:11तो उन्होंने का नहीं यह कानून पास नहीं होगा
32:15बीजेपी को जटका देने का दावा करते हुए करनी सेना ने
32:18पंचाय चुनाव से पहले अपने आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दिले
32:21तो दूसरे तरब बीजेपी पर यूजी सी के जातिय कानून को लेकर फैसला लेने का दावा बढ़ सकता है
32:28शरत कुमार जैपूर आज तक
32:32राजपूस समाज बीजेपी का कोर वोटर रहा है मगर बीजेपी का जुका ओबीसी जातियों के तरफ हुआ
32:37तो भावनात्मक रिस्ते भी कमजूर पड़े इसी बीच यूजी सी का जातिय कानून आया करनी से ना सड़कों पर उतरी
32:45और यूजी सी कानून को लेकर जब बीजेपी के राजपूत नेताओं से सवाल पूछा गया तो भागने लगे
32:51जिसका खामियाजा नगरिये निकाय चुनाओं में बीजेपी को भुगतना पड़ा है और कोर वोटर निर्दलिये उमिद्वारों के तरफ सिफ्ट हुए
33:01हैं
33:01अब बीजेपी के उपर दबाव है कि पंचाय चुनाओं से पहले इस मुद्दे पर साफ नज़र आएं
33:07कैमरमन मरिंस के साथ शरत कुमार जैपूर आज तक
33:11अब योगी सरकार ने आज 23 प्रस्तावों पर मुहर लगाई है
33:16इन प्रस्तावों में इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर शिक्षा और रोजगार तक के फैसले शामिल है
33:23योगी काबिनेट में रामनगरिय युद्धिया की सुरक्षा विवस्था को मजबूत बनाने के लिए
33:27मिलकीपूर के लालखां गाउं में 62 ठेकर जमीन पर एनस जी का क्षेत्रे हब बनाने का फैसला किया गया है
33:35राम मंदिर निर्मान के बाद वी आईपी आवा जाही शरधालूओं की संख्या और राष्ट्रे अंतरराष्ट्रे महत्व के बीच सुरक्षा के
33:43लिहाज से ये फैसला बेहत एहम माना जा रहा है
33:45योगी क्याबिनेट में चित्रपूर्ट लिंक एक्स्प्रिस वे स्मार्ट स्कूल पूर्व अगनी वीरों के लिए आरक्षण और किसानों को सस्ती दर
33:54पर लोन को मनजूरी दी गई है
33:58उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाओं के नस्दीक आते ही मुख्यमंत्री योगी आदेतनात जन्ता के बीच लगातार सनातन, संस्कृती और राष्टवाद का संदेश
34:06दे रहे हैं
34:07राजनीतिक गलियारों में इसे विशेश रूप से ब्रह्मण समाज को साधने के एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा
34:12रहा है
34:12इसी सिलसिले में एक बहुत दिल्चस्प वाक्या सामने आया जब राजी के कैबिनेट मंत्री मनूज पांडे को अचानक कैबिनेट बैठक
34:20में शामिल होने का बुलावा आया
34:22क्याबिनेट मंतरी मनूज पांडे को लखनव बुलाने केलिए सीम योगी ने हेलिकॉप्टर भेजा
34:27मनूज पांडे उस समय उचहर में शिव महा पुराण कथा में मौजूद थे
34:32मुख्य मंतरी की ओर से हेलिकॉप्टर भेजे जाने के बाद
34:34मनूज पांडे उससे लखनव पहुँचे और क्याबिनेट बैठक में शामिल हुए
34:38क्याबिनेट मंत्री मनूज पांडे ने खुद इस पूरी घटना करम की जानकारी सोशल मीडिया के जरिये साजा की
34:48यूपी की सियासत में राजनीतिक दलों के अंदर इस वक्त परिवार के सदस्यों के बीच अन्बन से जुड़ी खबरे भी
34:53आ रही है
34:53अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल सिंग यादव से लूहिया ट्रस्ट का कारेभार क्या वापस लिया
34:59अब चाचा भतीजे में दरार की सियासी चर्चा शुरू हो गई
35:04शिवपाल जी आपने एकर ये इमला सत्ता में रहते वे भतीजे को पढ़ाया होता ना
35:14तो संभवता कुछ अनदाता किसानों का हिद हो गया होता लेकिन बतीजा है कि सुनने को तयारी नहीं आपकी बात
35:22को
35:23तो इंजिनियर हो गए फिर मुकमसी हो गए
35:27योगी अधितनात अक्सर अखिलेश को घेटने के लिए शिर्पाल यादव का सहारा लेते हैं
35:54योगी अक्सर आरोप लगाते हैं कि अखिलेश यादव अपने चाचा शिर्पाल यादव का संबान नहीं करते
36:00इस तरह योगी अखिलेश शादव को निजी तोर पर असहच करते हैं
36:04जनता को संदेश देते हैं कि समाजवादी पार्टी के कुनवे में सब कुछ ठीक नहीं है आंतरे कलय है
36:11मैं जब सिपाल जी को देखता हूँ
36:17देखता हूँ तो मुझे माभारत का द्रिसस याद आने लगता है
36:21और मैं उनके कह सकता हूँ
36:40योगी को 2027 के चुनाव से पहले शिवपाल के बहाने अखिलेश पर हमला करने का नया मौका मिल गया है
36:46इसकी वज़े अखिलेश यादव का एक फैसला है
36:50समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश आदव ने लोहिया ट्रस्ट की जिम्मेदारी समभाल रहे शिवपाल सिंग जादव से कारेभार वापस ले लिया
36:57है
36:58समाजवादी पार्टी की तरफ से बताया गया कि पिछले दिनों हुई ट्रस्ट की बैठक में सभी आठ ट्रस्ट सदस्यों ने
37:04अखिलेश यादव को ट्रस्ट का कारेभार सौपने का फैसला किया है
37:09जिस तरह नौ साल से ट्रस्ट का कामकाज देख रहे शिवपाल सिंग जादव को चुनाव से एन पहले हटाया गया
37:15उसे समाजवादी पार्टी में उनके दौर का अंत बताया जाने लगा है
37:20अखिलेश जी शिवपाल जी पर भरोसा नहीं करते
37:24चुकि शिवपाल जी भरतियंता पार्टी के संपर्क में तीन साल थे
37:29सदन के अंदर अखिलेश जी ने बयान दिया
37:33अखोद समाजवादी पार्टी से अलग हो करके उन्होंने प्रगर सिल समाजवादी पार्टी बनाया
37:37और समाजवादी पार्टी की सच्चाई को उजागर किया कि समाजवादी पार्टी में चोरू चक्के आ गए हैं सराब माफिया आ
37:46गए हैं गरीबों की जमी लूटने वाले लोग आ गए हैं और ये इस तरह पार्टी नहीं चलती है बयान
37:52अलग-अलग सुपाल जी के आए तो �
37:57भरोसा कैसे करेंगे तो उनको तो खुदे किनारे लगाने में लगे हैं तो इसनाते लोहिया ट्रस्ट ने उनको हटा दिया
38:04है कि अब आपकी जरूरत नहीं है
38:08साल 2017 में यूपी चुनाव से पहले परिवार में हुए विवात के समय मुलाइम सिंग ग्यादव ने राम गोपाल ग्यादव
38:15को हटा कर शिपाल को लोहिया ट्रस्ट का अध्रक्ष बनाया था
38:18लेकिन अखिलेश आदव ने पार्टी के साथ साथ जनिश्वर ट्रस्ट के बाद अब लोहिया ट्रस्ट के भी पूरी कमाद अपने
38:24हाथ में लेली है
38:26साल दोहजार सत्रा में समाजबादी पार्टी की अंध्रूनी कलयक के वक्त मुलाइम सिंग ग्यादव ने अखिलेश समर्थक रहे राम गोपाल
38:33ग्यादव को हटा कर शिपाल ग्यादव को उस ट्रस्ट की जिमेदारी सौंपी थी
38:39लोहिया ट्रस्ट 1992 में समाजवादी पार्टी के बढ़ने से भी पहले गठित किया गया था
38:44ये ट्रस्ट पार्टी के लिए फंच जोटाने में महत्वपूर्ण गुमिका निभाता रहा है
38:49इसके साथ ही लंबे समय तक समाजवादी राजनीती और लोहियावादी नेताओं के लिए ये काफी बहत्वपूर्ण मंच रहा है
38:55इस बदलाव को लेकर यूपी के सियासी गल्यारों में शुरू हुई एक नई चर्चा
39:00सूत्रों के मताबिक आने वले समय में अखिलेश यादव अपनी बेटी को ट्रस्ट के जिम्मेदारी दे सकते है
39:08शुपाल यादव और अखिलेश यादव भले ही आज एक जोट हों लेकिन दोनों के बीच हुई अन्बन किसी से चिपी
39:14नहीं है
39:14इसलिए 2027 के चुनाव से एन पहले इस पैस्टे को बाव सियासी संदेश माना जा रहा है
39:20हालनकि समाजवादी बाटी ऐसी किसी बात से इंकार करती है
39:25इसमें सिफ्टिंग जैसी कोई बात नहीं है
39:28शिवपाल जी, अखिलेश जी, दोनों एक दूसरे के पूरक और परियाए है
39:37इसका चुनाव से कोई सरोकार नहीं है
39:40यह तो एक आदर्श की अस्थापना का एक संकल्प है
39:44उसी संकल्प पे समाजवादी पक्ष के लोग बढ़ रहे हैं
39:48यहाँ चुनाव कहां आ गया? रहे चुनाव लड़ने के लिए हमारे पास बहुत मुद्दे हैं
39:52आपको पता है बेजेपी ने क्या अनर्थ किया है इस देश की समाजवादी आंदोरन के साथ
39:58जेपी आइनसी बेच दिया
40:00उससे बेचना ही कहा जाएगा
40:02वो जैप्रकाश नारायन जो आजादी की लड़ाई के नायक थे
40:0642 की क्रांती की जिन्होंने अगवाई की थी लोहिया जी के साथ मिलकर
40:13जब बाबा सहाब को ततकालिन सरकार ने चुनाव हराया था
40:17तो सिर्फ जेपी एकमात रह से नेता थे
40:19जिन्होंने बाबा सहाब के लिए खड़े हुए थे
40:22उन जेपी के नाम पर एक संस्थान बनाया अखिलेश जी ने
40:25यही लक्ष था समाजवादी विचाधारा का प्रचार प्रसार
40:28बेच दिया उठा कर पूझी पतियों के हाथ हो
40:31दूसरी बात लोहिया जी का उन्होंने एक फरजी परिवार खड़ा कर दिया
40:34परदेस अधेश वहाँ पहुँच गया वो तो भला हो आपके चैनल का जिन्होंने सत्त को उजागर कर दिया
40:41लेकिन राजनीती में टाइमिंग का बहुत महफ़ है
40:44इसलिए राजनीतिक हलकों में इसे अखिलेश की तरफ से पार्टी और उससे जुड़े ट्रस्ट की पावर को अपने कब्जे में
40:51करने जैसा बताया जा रहा है
40:52सवाल ये है क्या ऐसा करके अखिलेश 2017 से पार्टी को अलग दिखाना चाहते हैं
40:58जहां परिवार के भीतर नेतरतु और संगठन को लेकर टकराव था
41:01लिकिन साल 2026 में तस्वीर काफी अलग हो चुकी है
41:05अब सवाल ये है कि शिवपाल यादव क्या करेंगे उनके समर्थकों का अखिलेश के इस कदम पर क्या रोक रहेगा
41:35शिवपाल को जो जिम्मेदारी मुलाइम सिंग यादव ने दी उसे अखिलेश ने क्यों वापस ले लिया
41:40इस सवाल के इंद्गेड बीजेपी की कोशिश अखिलेश को घेरने की है
41:44ताकि समाजवादी पार्टी और परिवार में कलह के उसके डेरेटिव को मजबूत किया जा सके
41:49वही कई जानकार को लगता है कि अखिलेश इस तरह से पार्टी काडर और समर्थकों को संदेश देना चाहते हैं
41:56कि सत्ता का वही केद रहें ताकि कहीं कोई कर्फ्यूजन ना रहे
42:01फिलाल विपक्ष अब इस मामले में समाजवादी पार्टी को घेरने में कोई मौका नहीं छोड़ रहा है
42:07और ले जा रहा है उस दोर में 2017 में जहां चाचा और भतीजे की तमाम चीजें सबके सामने आई
42:14थी
42:14BJP कुल मिलाकर इसे सियासी द्वंद बता रही है और चुनाफ से पहले कुल मिलाकर पूरा पुरजोर तरीके से
42:24समाजवादी पार्टी को कट घरे में खड़े करने की कोशिज जबकि समाजवादी पार्टी जो है इसे एक आंतरिक और सर्व
42:31समती से लिया गया फैसला बता रही है
42:35अब देखना ये है कि चुनाफ से कुछ दिन पहले लिया गया ये निर्ण है क्या संगट नात्मक तोर पर
42:41समाजवादी पार्टी के लिए कुछ रंग लाता है
42:57अब तक इस पूरे मामले में जिस तरीके से तस्वीरों के जरिये कडिया जुड़ती गई उसमें पहले तो जो मुख्या
43:06रोपी यानि की जो उस वक्त गाड़ी चला रहा था उसको पुलिस की तरफ से पकड़ा गया
43:12अब गाड़ी में उस समय चालक तल्यान बैसला के साथ जो व्यक्ति था जिसका नाम लवनीश बताया जा रहा है
43:22उसको भी गिरफतार किया गया
43:28पटना में दरोगा परीक्षा और सत्तरवी बीपी असी संयुक प्रतियोगिता परीक्षा को रद कर दो बारा परीक्षा कराने की मांग
43:36को लेकर आज चात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया
43:38चात्र पहली जेपी गुलंबर के पास जुटे पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग कर रोकने की कोशिश की लेकिन चात्र बैरिकेडिंग तोड़
43:45कर आगे निकल गए
43:54पटना की सडकों पर हंगामा भरपा है अभ्यर्थियों का हुजूम सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहा है
44:05अभ्यर्थियों का जथ्था विधान मंडल की और पढ़ने की कोशिश कर रहा है
44:11यह देखी यह जेपी गुलंबर के पास की तस्वीरे है जहां प्रदर्शनकारियों को पुलिस रोकने की कोशिश कर रही है
44:17मगर प्रदर्शनकारी बैरिकेड को तोड़ कर आगे बढ़ जहें है
44:24लोकमंत्री आवास जाने के लिए अलग-अलग रास्ते से निकल रहे देखे पुलिस के साथ पुलिस को पुलिस को भेल
44:31दिया अभियर्तियों ने और पुलिस देखिए पुरी कोशिस कर रही है
44:34इन लोगों को आगे ना जाने दे लेकिन अभी अर्थी निकल चुके हैं पुलिस केकिए अभी अर्थियों को पकरने का
44:41पुरा प्रयास कर रही है
44:47पिहार दारोगा भरती परिक्षा 27 मई को हुई थी इस परिक्षा के जर्ये कुलें 1799 पद भरे जाने थे
44:54इसी मामले में अब चात्रों का आरोप है किस परीक्षा में पेपर लीग और धाद लीगी है चात्रों की मांग
44:59है कि ये परीक्षा रद्ध की जाए इसी मांग को लेकर ये प्रदर्शन कर रहे थे
45:09पुरी तवी किस तरीके से भारी बावाल है यह पहली बार नहीं है जब पटना में छात्रों का घुस्टा सड़कों
45:22पर दिखाई दिया हो इससे पहले भी तमाम मौकों पर छात्र अपने अधिकारों के लिए पटना की सार alguns संघर्श
45:27कर चुके है अब देखना है
45:29ये होगा कि सरकार छात्रों के इस बार के प्रदर्शन को लेकर क्या ख़दम उठाती है।
45:36पटना से सुजीत कुमार और अनिकेट के साथ आज तक भी हो रहा है।
45:43खबरदार में अब बात एक ऐसी टीचर की जिनोंने बार के बीच शिक्षा की लौको बुझने नहीं दिया।
45:49बिहार में बार ने तबाही मचा रखी। इसमें कटिहार भी शामिल है।
45:54इसके रगुनाथपुर में घर, सड़क, स्कूल सब डूब गए।
45:58इस निराशा भरे माहौल में भी प्राइविट कोचिंग चलाने वाले शिक्षक मुहमद साहिब ने बच्चों को पढ़ाने के लिए नया
46:05तरीका निकाला और नाव पर ही बच्चों को पढ़ाने लगे।
46:08जहाँ पर स्कूल डूबा उसी ससटेट स्थान पर नाव पर ये शिक्षक न सिर्फ पाटशाला चला रहे हैं बलकि बच्चों
46:17को सुरक्षत उनके घर तक छोड़ कर आते हैं।
46:38क्या है वी सब्चता था रेक दूबा फाने के कर आफ टो ही पानी एस चोटे चोटे से बच्चे
46:59₱्यме देखें ये कितना ये चोटे संबंस कॉल सकता है क्यों पानी इस चोटे बच्चे देखें की बिहार है है
47:08और बच्चे में शेक्णकरशा है
47:08बिहार के वच्चा को खत्रों से खिलना आता है, हम लोग परहाई के लिए कुछ भी कर सकते हैं, अगर
47:13हम लोग को माली जे नाव में है तो उसे को लिक्त नहीं है, पानी बहुत ज्यादा पानी काम है,
47:19तो क्यों घर पे या फिर अपने कोचिंग में, या पिर अन सरक पे क्यों
47:38में पानी हो गया, घर में, रोट में, सरक में, कोचिंग में, सब जगा पानी हो गया, इसलिए हम लोग
47:43यहां सर यहां लाके पराते हैं, तो ऐसे में गारजन आने देते हैं, हाँ, यहां पानी जो है, कम है
47:50यहां पर पानी इसलिए, पानी कम है, हाँ, क्या ना में है तुमार
48:07एक से देर खंटा पढ़ने में मन लगता है यह बाड है बाड में घर में भी पानी है पढ़ना
48:15जरूरी है
48:17रुखरेंग छोड़े से ब्रेक के लिए देश और दुनिया की तमाम खबरों के लिए देखते रहे आज तक और हर्दम
48:22रहिए खबरतार
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