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UPI को लेकर NPCI ने बदले नियम, जानें आम आदमी पर क्या होगा असर?
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00:00जनता के हर मुद्दे पर हम रोज की तरह खबरदार करेंगे
00:04सबसे पहले बात करेंगे UPI की पेमिंट लिमिट को लेकर मचे नए घमासान की
00:10अखिर इसकी हकीकत क्या है क्योंकि मामला हमारी हर पल की खरीदारी से जुड़ा है
00:16दूसरी खबर महंगाई से जुड़ी है क्या GDP की रफ्तार को खा जाएगी महंगाई
00:21और तीसरी बड़ी खबर राजस्थान में काय चुनाओं से जुड़ी है
00:24जहां क्या UGC को लेकर नाराजगी की वज़े से निर्दलियों की चांदी हो गई है
00:29इसे हम देखेंगे लेकिन सबसे पहले खबर आपकी जेब से जुड़ी
00:34उस UPI से जुड़ी जिसके बिना आप रहना अगर नामुम्किन नहीं तो मुश्किल जरूर है
00:39इसे लेकर NPCI ने नियम बदल दिये है
00:42थोड़ी देर पहले ऐलान किया गया कि 15 अक्तूबर से चुनिंदा मर्चंट ट्रांजाक्शन के लिए
00:48UPI मर्चंट डिसकाउंट रेट MDR का नया फ्रेमवर्क लागू होगा
00:52UPI से 2000 से ज्यादा पेमिंट पर 0.4% चार्ज लगेगा
00:57हर ट्रांजाक्शन पर करीब 300 रुपए तक मैक्सिमूम चार्ज देना होगा
01:0175,000 या उससे अधिक के लेंदेन पर MDR अधिक्तम 300 प्रती लेंदेन होगा
01:08हालां कि 2000 तक पेमिंट करने पर रहक से किसी तरह की फीस नहीं ली जाएगी
01:13आवश्यक सेवाओं के लिए फ्लाट MDR रखा गया है
01:17रेलवे, टेलिकॉम, बीमा, इंधन, क्रिशी, क्षेत्र में
01:202000 से अधिक के UPI भुगतान पर प्रती लेंदेन 5 रुपए का फ्लाट MDR लगेगा
01:27UPI QR कोड के जरिये हर महीने एक लाख तक प्राप्त करने वाले छोटे व्यापारियों को
01:33P2PM श्रेणी में रखा गया है
01:36सभी लेंदेन पर अनिवार ये रूप से 0 MDR का लाब लेते रहेंगे
01:41UPI आप देने वाली कंपनियों को कहा गया है कि वो प्लाटफॉर्म फीस या छिपे हुए शुल्क लगानी की अनुमती
01:48नहीं होगी
01:49बैंकों को ये सुलिष्चित करनी की सलाह दी गई है कि मर्चंट UPI भुगतान का MDR शुल्क ग्राहक से नवस
01:57हूले
01:57Mutual Fund, Securities, Stock Broker और डिलिरों को किये जाने वाले भुगतान पर 0.02% MDR लगेगा
02:06इसकी अधिक्तम सीमा 300 प्रती लेंदेन होगी
02:09कम शुल्क का उदेशे आम लोगों की आपचारिक वित्तिया बाजारों में भागिदारी को बढ़ावा देना है
02:15हमारे साथ हमारी समधाता इश्वरिया पालिवाल इस समय जुड़ गई है इश्वरिया
02:20अचानक ये 2000 से ज्यादा पेमिंट पर जो शुल्क की बात सामने आ गई है
02:2615 अक्तूबर तक का हाला की समय है अभी इसकी बारीकियों को समझने के लिए
02:31लेकिन कुल मिलाकर इसके सबसे एहम पॉइंट्स अगर मैं कहूं
02:35जो लोगों को जानना चाहिए तो वो क्या होंगे
02:38देखे सबसे इंपॉर्टन तो ये है कि अगर आप कोई परसनल ट्रांजैक्शन करते हैं
02:42आपने 500 रुपे का कुछ शोटा सा एक समान खरीदा आपने UK का ट्रांजैक्शन किया
02:47तो उस पर कोई भी चार्ज नहीं लगेगा ये सरकार एकदम सपश कर चुकी है
02:52और जिस तरीके का अमेंडमेंट अभी आया है अभी समय दिया गया है
02:55एक्सपर्ट को कि एक बार आप वो जितने भी आमेंडमेंट से हुनको पढ़ लीजे
02:58तो कि सरकार देखे इस चीज़ के अंदर क्लियर है कि अगर हम बैकेंड की बात करें
03:02तो नैश्टन को ऑपरेशन ओफ इंडिया जो है हमने देखा कि जो कई सारे लोग हैं
03:08जो इससे जुड़े वो हैं उन लोगों को ट्रांजाक्शन फीस देनी पड़ती है
03:11लेकिन सरकार ये चाहती है कि end के अंदर कंजूमर के उपर उसका कोई भी असर नहीं पढ़ना चाहिए
03:16दो हजार तक अभी कोई भी पैसे नहीं लगते और सरकार के अंदर जो बातचीत चल रही है
03:20वो यह है कि अगर आप बड़े-बड़े ट्रांजाक्शन भी करें अगर आप अपने फैमिली के अंदर देना चाहते हैं
03:30आप कोई चार्ज लग रहा है तो बैंक्स को कहा जाएगा और जो इंटर्मेडिर्सेans हैं जो बीच वाले लोग जो
03:39है उन को भी कहा जाएगा
03:41कि अगर चार्ज गवर्मेंट आप से ले रही है तो आपको उसको पासओर नहीं करना है
03:45अगर जैसे मान लेजे कि घर में अब तक जो पॉकेट मनी दी जाती थी बच्चों को वो अगर यूपी
03:50आई के जरिये दी जाती थी
03:51तो मान लेजे पांच हजार की वो रकम है तो उस पे चार्ज है या नहीं है
03:56नहीं नहीं उसके उपर शुता कोई भी चार्ज इस समय नहीं है और सरकार यही मन्थन कर रही है
04:00कि अगर 2000 से जादा का चार्ज लगता है बैक एंड पर अगर कंपनी से गावर्मेंट आस टाक्स या इस
04:06फी वो लेती है
04:07गेटवेज यूज करने के लिए तो अब सुनिश्चित करना होगा सरकार को कि लोगों के उपर उसका बर्डन ना पड़े
04:12इस समय कस्टुमर से जीरो रुपे लिया जाता है चाए पांच हजारों दस हजारों चाए पचास हजार
04:18तो अगर हम इसको एक दूसरी तरीके से देखें कि मान लिजे आप माजार में कोई समान खरीदने के लिए
04:24जा रहे हैं
04:36दूकान से दस अजार रुपे तक का हो गया आप पांच अलग-अलग ट्रांजक्शन्स में अगर वो दे दें
04:43उसके उपर चार्ज अभी भी लिया जा रहे हैं और उसके अंदर भी जो एंड गोल होगा वो यह है
04:59कि कंजूमर की उपर किसी भी तरीके का कोई चार्ज अभी ले भी नहीं होना चाहिए
05:10अगर राजनीतिक रूप से हम देखें आप कह रहे हैं कि सरकार जो है वो चाह रही है कि पहले
05:14जान ले सब्जेक्ट एक्सपर्ट से कि किसी तरह का कोई प्रॉब्लम तो नहीं आ रहा है
05:19लोगों को कोई दिक्कत तो नहीं होगी क्योंकि जो भी आर्थिक फैसले होते हैं उनका चुनावी परणाम भी निकलता है
05:25बड़े-बड़े राज्यों में अभी चुनाव होना है सबसे बढ़कर उत्तर प्रदेश
05:29पहले ही महंगाई की बात हो रही है क्योंकि मौसम के कारण जिस तरह की दिक्कतें आई और जिसका सीधा
05:35असर
05:36वार उसका सीधा असर तो ये सारी चीज़े हैं अब उसमें अगर एक छोटा सा भी चार्ज इस तरह का
05:42जुड़ता है
05:42तो वो इनसान जो अपना क्याश को छोड़कर यूपियाई को थाम चुका है वो ठगा हुआ खुद को न महसूस
05:49करें क्या ये सरकार की प्रत्मिक्ता में
05:52बिल्कुल फूरी तरीके से क्योंकि देखें इसका जो पुशेक आया था जब दी मॉनिटाइजेशन किया गया था सरकार ने तो
05:58एक फेक करंसी की बात करी थी और दूसरा उन्होंने कहा था कि वो चाहते हैं कि डिजिटल पेमेंट्स की
06:03तरफ बढ़ा जाए कई बर आपने �
06:04देखा होगा कि बड़े-बड़े भारती जंता पार्टी के नेता जो हैं यूपी के नेताओं पे उंगली उठाते थे जो
06:09पूज के फानाइंस मिनिस्टर थे उन पे उन्होंने उंगली उठाई और कहा कि आप तो कभी डिजिटाइजेशन चाहते ही नहीं
06:14थे तो अगर डि
06:33किसी भी तरीके का तो बड़ा राजनितिक मुद्दा तो वो बने गए शुतर आपने देखा होगा किस तरीके से राहुल
06:38गांधी ने भी इस मुद्दे को उठाया है और ये कहा है कि सरकार ने एक महीने का समय जरूर
06:42दिया है लेकिन विपक्षी पार्टियां भी पहनी नज
06:59देखने को जरूर में लेकिन विपक्ष मानने को तैयार नहीं है उसकी तरफ से लगातार सवाल भी उठाय जा रहे
07:21हैं जनता भी डरी होई है कि दुकानदार अपने उपर पढ़ने वाले इस नए भार का बोज कहीं
07:27जनता पढ़ना डाल दे ग्राकों पढ़ना डाल दे
07:57कॉंग्रस का दुष्परचार बता कर खारिज कर दिया जाता है
08:01यूपियाई पर बीजेपी बनाम कॉंग्रस की सियासी जंग में अब आप इस खबर के गजट नोटिकेशन को देखी जिसमें सरकार
08:07ने 2007 के कानून की धारा 51 के 10 एक अज जिक्र करते वे कहा है
08:12कि 2000 रुपे के UPI पेमेंट और रुपे डेविट कार्ट पर कोई फीस नहीं लगेगी
08:16इसमें कहीं नहीं लिखा है कि 2000 से उपर के UPI टांजेक्शन पर कोई फीस वसूली नहीं जाएगी
08:21लेकिन फिर भी विपक्ष को भरोसा नहीं हो रहा है
08:25राहूल गांदी नेक्स पर लिखा अब 2000 से उपर के मर्चेंट UPI लेंदेन पर MDR लगाया जा सकता है
08:31इस टांजेक्शन की संख्या भले ही सिर्फ 5 फीस दी हो लेकिन UPI के कुल टांजेक्शन वेल्यू का करीम 65
08:37फीस दी इन ही में है
08:38क्या आप मुझे बताईए कैशलेस एकानोमी की तरफ मजबूत कदम लगेगा आपको यह यह कदम जो हमारे इंडिजनिस हमारे होम
08:47ग्रोन डिजिटल पेमिंट का इको सिस्टम है उसको तबाह करने की दिशा में क्योंकि अमेरिका को हमारा MDR रेजीम नहीं
08:54पसंदा रहा था
08:55अमेरिका हम पर दबाव डाल रहा था और हो सकता है हम अमेरिका के सामने कान पकड़के माफ़ी मांग रहे
09:01हैं यह करके किसाभ हमने BRICS का समिट्ट यह और इसके लिए माफ कर दो लो हम आपके लिए यह
09:06कर देते हैं यह वही है उसके अलावा कुछ नहीं
09:08Congress Party एक नरास फूफा पार्टी बन चुकी है
09:11Congress Party वोई पार्टी है जो यह कह रही थी कि इस देश का आम आदमी कभी digital transaction का
09:17इस्तमाल नहीं कर सकता
09:18अर्जोंगरेस पार्टी आम आदमी की बात उठाने का ढोंड कर रही है
09:22सच्चाई की बात ये है कि Congress Party को इस बात की मिर्ची लगी है
09:27कि हर व्यक्ति आज UPI का इस्तमाल globally और देश के अंदर हर भारतियव कर रहा है
09:33Congress Party जूट फैला रही है
09:35किसी भी व्यक्ति को, common man को कोई भी 2000 रुपे तर कोई चार्ज नहीं देना होगा
09:4290% साधर transactions UPI के less than 2000 रुपेज में होता है
09:49दुनिया में भारत में सबसे ज्यादा online payment होता है
09:52दूद, सबजी, दवा खरीदना हो या auto restaurant में भुक्तान करना हो
09:56या फिर किसी को एक क्लिक में पैसे भीजना
09:58UPI भारत के लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है
10:01जिसमें बड़े दुकांदारों से लेकर रेहडी पट्री वाले भी शामिल है
10:05इसलिए सरकार की तरफ से समझाय जा रहा है
10:07कि 96% UPI merchant transaction 2000 या उससे कम के होते हैं
10:12जो मुफ्त है
10:13रुपे डेविट कार्ड पर कोई चार्ज नहीं है
10:15मतलब आम लोगों के बीच UPI फ्री था है और रहेगा
10:19इसके बावजूत कॉंग्रेस फेक न्यूस पैल आ रही है
10:21अध्यान करने के बाद ट्विस्ट कैसे किया जाता है मैटर को
10:25इसी में निपुंता हासिल हो चुकी है कॉंग्रेस पार्टी को
10:31मैन टू मैन ट्रांसफर निशुलक
10:36मर्चंडाइज बेस्ट है और मर्चंट द्वारा है
10:42ये चीज को जो बीच का थिन लाइन है इसका ट्विस्ट करके ये लोग पेश कर रहे है
10:49MPCI के मुताबिक अगस्त में किसी दुकान पर किया गया
10:52MPCI पेमेंट 577 रुपे था ये किराने की दुकान पर दो या तीन बार की खरीदारी के बराबर है
10:58उस महिने भारत में ऐसे 15.56 अरप पेमेंट किये गए
11:02577 रुपे की रकम 2000 रुपे के आसपास भी नहीं
11:05इसे 3 गुना से ज्यादा बढ़ना होगा
11:07ये रकम घट भी रही है
11:08अगस्त में दुकानों पर जुलाई के मुकाबले 3.06 फीज़ी ज्यादा पेमेंट हुए
11:12लेकिन कुल रकम 1.02 फीज़ी कम रही
11:15इसलिए औसट पेमेंट 606 से घट कर 577 हो गया
11:18जिस महिने सरकार ने ये सीमात ताई की
11:20उसी महिने औसट पेमेंट उस सीमा से और नीचे चला गया
11:25लेकिन कहानी सिर्क इतनी नहीं है
11:27बले ही चाय कॉपी और छोटे पेमेंट पर आम आदमी को कोई चार्ज ना देना हो
11:31लेकिन जनता की चिंता इसके बावजुद बरकरार है
11:33जो बड़े स्टोर हैं जैसे जो ब्रेंडिड फ्रोर जो झाया है
11:39आप Ε१ाelे मल जाता अब पुछा नहींकिया इसको पूरा अमानन crimes मिल जाता है
11:56अब बूचछाँ कि आप क्याश रहे ह। उसमेंडिस डिस्पांड ने नहीं सकता ह।
12:12तो सवाल ये है कि भले ही जनता को
12:142000 रुपे तक के UPI पेमेंट पर कुछ भी नहीं देना होगा
12:17लेकिन जिन दुकांदारों को देना होगा
12:19क्या वो किसी दूसरी तरह जनता से नहीं वसूलेंगे
12:22क्या वो कैश को बढ़ावा नहीं देंगे
12:24क्योंकि क्रेडिट काड से पेमेंट करने पर
12:26जनता से 1.5-5% तक चार्ज लिया जाता है
12:29ये काड नेटवर्प, मर्चेंट कैटेगरी और वॉल्यूम पर निर्भर होता है
12:33इसकी वज़ए ये है कि RBI ने क्रेडिट काड पर MDR कैप
12:36या ग्राहक पर स्तरचार्ज रोकने का कोई इस पष्ट नियम नहीं दिया है
12:40इसलिए उससे ये वसूला जाता है
12:41लेकिन सरकार का कहना है कि UPI के साथ ऐसा नहीं होगा
12:44फिर भी जनता के चिंता बरकरार है
12:47इस बाहर जो है ये पर्चेजर पर पड़ेगा
12:49और सबसे ज़्यादा पड़ेगा मिडल क्लास पर
12:52क्योंकि मिडल क्लास ही सबसे ज़्यादा पर्चेजिंग करती है
12:55आप हम जितनी पर्चेजिंग करते हैं
12:57वो सरकार को ज़्यादा उसका रेविन जाता है
12:59अपर क्लास आप सोच सकते हो क्या देती है
13:02सब को पता है कि उनके एंड में जो बैलन्स शीट है
13:05वो कुट्स होती है, जीरो आती है
13:07क्यों कहीं नागे CSR दिखा देते हैं, कभी कुछ दिखा देते हैं
13:10तो मिडल क्लास पर यह जितना भी भार है आपका
13:12तो आप सोच लो कितना पड़ेगा
13:13यह जूता देखने जाओगे, तो जूता यह आपको कोई
13:16पांच-दस जार उपे से कम का नहीं समझ में आएगा
13:19आप जो भी है, आप यह सोचें कि जो भी चीज़ आप खरीदो के
13:24दोस्तों के दोजार के उपर, उस पर
13:26कंस्यूमर को ही पढ़ना है, एंड रिजल्ट,
13:29MRP पे आए, तो दुका अंदर बेर कर लेगा,
13:32बट अगर MRP से नीचे है, जो कॉंपिटिशन में है,
13:34प्रोडक्ट, उसके अंदर आपको कंस्यूमर ही देता है,
13:36आज भी जैसे पहले हम जाते थे,
13:38तो कहते थे लोग, या आप क्रेट कार्ट से देंगे,
13:41या आप कैश देंगे,
13:42अब यही होगा कि आप UPI से दे रहे हैं,
13:45या कैश से दे रहे हैं,
13:46जहां ब्रैंडड इट स्टोर्स हैं, MRP पे सेल हो रही है,
13:49MRP के आस-पास सेल हो रही है,
13:50मा तो वो बेर कर लेगा,
13:52जैसे क्रेट कार्ट का 1.25% कट के पेमेंट आती है,
13:55शोरूम्स कर लेते हैं,
13:56या छोटी शॉप की परज हैं,
13:57अब उसका 8000 रुपे का बिल है,
13:59वो उस पर 0.4% बेर तो करने वाला है नहीं,
14:01वो अपना प्राइस टाइक बढ़ा देगा,
14:03वो कंज्यूमर देगा,
14:04और बीच में वो लेके जाएगी,
14:06फिंटेक कंपनी या गवर्मेंट.
14:09UPI से पेमेंट को लेकर,
14:11लगातार सरकार की तरफ से,
14:13लोगों को बताया जा रहा है,
14:14लेकिन फिर भी,
14:15आप सभी लोगों की सहूलियत के लिए,
14:17हम एक बार फिर आपको बता दें,
14:19कि आम आदमी को लेकर,
14:20UPI से पेमेंट को लेकर,
14:21कुछ बदला नहीं है,
14:24UPI को लेकर पहला सवाल ये है,
14:26कि क्या 2000 रुपए UPI की नई लिमिट है,
14:28इसका जवाब है नहीं,
14:292000 रुपए कोई नई पेमेंट लिमिट नहीं है,
14:33UPI से पहले की तरह,
14:34आप इससे ज़्यादा का भी पेमेंट कर सकते हैं,
14:38सवाल ये भी है,
14:39कि आखिर 2000 रुपए से ज़्यादा के ही पेमेंट को लेकर नियम क्यों बनाया जा रहा है,
14:43तो इसकी बड़ी वज़े,
14:44बड़े कारुबारी पेमेंट से वित्वर्ष 2026 में दुकानदारों को किये गए,
14:51UPI पेमेंट में केवल करीब 4% ट्रांजाक्शन 2000 रुपए से ज़्यादा के थे,
14:56लेकिन कुल रकम में इनकी हिस्सेदारी करीब दो तिहाई थी,
15:00यानि ऐसे पेमेंट की संख्या कम है,
15:03लेकिन इनमें काफी बड़ी रकम जाती है,
15:07अगला सवाल,
15:09क्या 2000 रुपए से ज्यादा का पेमेंट करने पर बैंक खुद से फीस लेना शुरू कर सकते हैं?
15:15जवाब है नहीं,
15:17सिर्फ इसलिए कि पेमेंट 2000 रुपए से ज्यादा है,
15:20बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रुवाइडर मनमाने तरीके से फीस नहीं लगा सकते हैं,
15:25एक सवाल ये भी है कि अगर कोई दोस्त या परिवार के किसी सदस्य को 1000-10,000 रुपए भेजता
15:31है,
15:31तो क्या फीस लगेगी? जवाब है नहीं, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भेजे जाने वाले यानी P2P पेमेंट मुफ्त
15:40रहेंगे,
15:40सरकार ने भी काया है कि आम यूजर से ऐसे पेमेंट के लिए फीस नहीं ली जाएगे.
15:46कॉंग्रिस पार्टी या विपक्षी दल UPI में 2000 रुपए से ज्यादा के लेंदेन को MDR यानी मर्चन डिसकाउंट रेट के
15:52दाइरे में लाने की आशंका इसलिए जता रहे हैं,
15:55क्योंकि पिछले कुछ बरसों में आम लोगों के लिए बैंकिंग महगी होती जा रही है, आज कमुवेश 10 तरह के
16:01चार्ज आम आदमी को बैंकिंग सुविधाओं के इस्तमाल पर देने पड़ते हैं,
16:05जैसे एटीम की सालाना फीस आपको 1.500 से 300 रुपए देनी पड़ती है, दूसरे बैंक के एटीम से 5
16:11बार से अधिक लेंदेन कर लिया, तो 21 से 23 रुपए प्रती लेंदेन प्लस GST लगता है, खाते में कम
16:19रकम हो और एटीम में ज्यादा रकम निकालने की कोशिश की, तो 20 से
16:2425 रुपए जुर्माना लग जाता है, अगर आप अपने बैंक ब्रांच चले जाते हैं और महीने में 4 बार से
16:29ज्यादा वहां भी लेंदेन करते हैं, तो 1.500 रुपए तक चार्ज कट सकता है, निजी बैंकों में तयर अकम
16:36खाते में नहीं रखी, तो भी ग्रहक पर 100 से 500 रु
16:52लगता है, एक से अधिक चेक्बुक भी अगर साल में लेते हैं, तो 2 से 5 रुपए प्रती लीफ चार्ज
16:58लगता है, बैंक जाकर एनी एफटी, आर्टी जीएस, आई एम पीएस लेंदेन करते हैं, तो वो भी 2 से 25
17:04रुपए तक चार्जिबल है, यहां तक कि आप अपना बै
17:16के बाद बैंकिंग सेवाओं में लगने वाले चार्ज बढ़ते जा रहे हैं, क्योंकि पहले मुबाइल पर SMS अलर्ट के लिए
17:22सालाना 10 से 20 रुपए लगते थे, जो अप तिमाही यानी चोगुना महेंगे हो गए हैं, दूसरे बैंक के ATM
17:29से लेंदेन भी पहले असीमित था, �
17:32जो अब 3 से 5 बार ही मुफ्त है, पहले खाते में न्यूंतम बालन्स पर जुर्माना नहीं था, अब निजी
17:37बैंक जुर्माना लेते हैं, पहले ब्रांच में जाकर बैंकिंग सुवधा के इस्तिमाल पर चार्ज नहीं था, अब 4 बार से
17:43ज्यादा बैंक ब्रांच जाकर लें
18:27पॉलिसी सस्ती होने पर ज्यादा ज्यादा लोग इसे खरीदें।
18:30लेकिन क्या ऐसा हुआ लोकल सर्वे के अनुसार जिन लोगों ने जी एस्टी जीरो होने के बाद नई पर्सनल लाइफ
18:38और हेल्थ पॉलिसी ली या उसे रिन्यू कराया उसमें से 48 प्रतिशत लोगों ने कहा कि जब उन्होंने पॉलिसी खरीदी
18:45या रिन्यू कराई तो उन्ह
18:47कम टाक्स का पूरा फाइदा मिला 26 प्रतिशत लोगों का कहना था कि उन्हें कोई फाइदा नहीं मिला क्यूंकि सालाना
18:53प्रीमियम बढ़ने के अलावा इंशॉरंस कंपनियों ने बेस प्राइस भी बढ़ा दिया था 5 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें
19:07कोई फाइदा �
19:08ही मिला और अभी भी 18% जीस्टी लगाया गया ये सवे 20,000 लोगों 301 जिनों में किया गया
19:15हेल्थ इंशॉरंस वाली कंपनियों ने सरकार से आम आदमी को बिली छूट पॉलिसी का बेस प्राइज बढ़ा कर ड़कार ली
19:22मतलब सरकार ने खजाने पर बोज डाल कर जनता को रहाद देने की कोशिश की लेकिन उसका फाइदा जनता को
19:28नहीं हुआ क्योंकि हेल्थ इंशॉरंस कंपनियों ने उस फाइदे को जनता के बजाए अपनी जेब में डाल लिया
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