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  • 14 minutes ago
Brics Summit 2026 को लेकर सरकार से विपक्ष क्यों हुआ नाराज?

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00:09दिले के भारत मंदपम में दो दिवसी ब्रिक्स सम्मेलन खत्म हो गया इसके समापन के साथ ही कई सारी उपलब्दिया
00:15भारत के नाम रही और उसी के साथ ग्लोबल साउथ को जो कुछ में मिला उस पर वे मिस्तार से
00:19चचा करेंगे
00:40दिली गोशना पत्र पर सहमती बनी तो भारत की बड़ी कूछ नितिक जीत के तौर पर दिखा गया लेगिन
00:45कॉंगरिस समेट विपक्ष नितिक पर सवाल उठाए बिर्टियस जैसे आयोजन को बेकार बचा कुके चिदंपरम जैसे नेता आयोजन से पहले
00:51सवाल उठा रहे थे
01:14कहां ब्रिक्स का सम्मेलन, कहां जियो पॉलिटिक्स, कहां भौगोलिक वैश्विक पटल पर चर्चा, तो कहां देश की ऐसी सियातर।
01:21देखे जराय एरपोर्ट उसके बाद दिश्तार में चर्चा करते हैं।
01:29एक तरब दो तिहाई दुनिया के नुमाइन दे भारत में ब्रिक्स सम्मेलन के सफल आयोजन पर भारत सरकार और पियम
01:35मोदिक को बधायां दे रहे थे, तो दूसरी और इस आयोजन के शोरू से अंतक घरेलू सियासत भी धुआदार रही।
01:43आयोजन से पहले जांग कॉग्रेस ने ऐसे आयोजनों से भारत को कोई फाइदा नहीं होने के दावे कर दिये, तो
01:48आयोजन के दौरान परदे से गरीबी छिपाने के आरोप लगा दिये, आयोजन के बाद भी राहूल के वेज नॉन्वेज का
01:53विमर जयारी रहा है।
02:12कैसे कम होगी? विज्ञान, तकनीक और अंत्रिक शेत्र में क्या फाइदा? सुरक्षा के मोर्चे पर भारत को क्या फाइदा?
02:20विपक्ष को शिकायत है फिर भी है। कॉंग्रेस कहती है कि दिल्ली घोशन पत्र में पाकिस्तान का तो नामी नहीं
02:26है।
02:26तो टीमसी को डर है कि लोकल करेंसी में कारोबार से युवान का दबदबा हो जाएगा।
02:31लेफ्ट अलग परिशान है कि ब्रिक स्कॉट दोनों में भारत किसके साथ वफादार है।
02:35इस तरह के आयोजन से कई पहलों पर दूसरे देशों से सहयोग मिलता है।
02:46या हम दूसरे देशों को सहयोग देते हैं।
02:50लेकिन विक्सित भारत सपने के देखने के लिए परदेश सरकारों को भी उसमें योगदान और उनका सहयोग होना चाहिए।
03:00तमाम शिकवा शिकायतों के बावजूद ब्रिक्स का ठार्वा सम्मेलन सबसे काम्याव सम्मेलनों में से एक माना जा रहा है।
03:07खासकर कोवीड और युद्ध के बाद बदले हालात में ब्रिक्स ने पश्रिम आधारित एकनॉमी को नया आयाम देने के दिशा
03:13में मजबूत कदम बढ़ाए हैं।
03:15गीता मोहन और प्रणय उपाद्याय के साथ आज तक बेरो।
03:22ब्रिक्स के सम्मेलन से भारत को क्या हासे लुआ अगर दिल्ली डेकलरेशन को देखे तो डेकलरेशन में दस ऐसी महतपूर्ण
03:27बाते थी जिसमें सीफेरर्स की सुरक्षा उनकी सारो भौ मिटता और उसी के साथ साथ ये कोशिश करना कि जो
03:33डॉलर की मोनोपली आला कि ये श
03:47देशों के शिंकला G7 जैसे गुठ हैं वो बड़े पैमाने पर बिक्ष जैसे देश जो कि आधी आबादी को रिप्रेजेंट
03:53करते हैं उनका प्रतनी लित्व करते हैं कहीं उनकी आवास दबी नरह जायर इन सब परिस्थितियों की बी जब आभारत
03:59में आते हैं तो सवाल ख
04:13करके विशे इसमेमानों को क्या दिखा रहे हैं तो दो परिस्थितिया एक तरफ वो स्थिति की आखिर भारत को हासिल
04:18क्या हुआ इस जी ब्रिक्स सम्मिलन के जरिया ब्रिक्स में अगली जू बैटन है कमान है वो चीन के पास
04:23है अब दरसल कोशिश यह है कि क्या आपसी मु�
04:50इक दूसरी स्थितियों के बीच भारत ग्लूबल साउध की भूमिका कैसे कर सकता है
04:57लेकिन हमारे गर कोई सही होगी जुड़ते हम उनसे भी जादा जानकारी ले लेंगे इस पूरे विशय को ले करके
05:01कि आखिर वैश्विक सियासत से ले करके जिसकों जियो पॉलिटिक्स कहते है और उसके बाद डुमिस्टिक पॉलिटिक्स इन सब के
05:07वीश की परिस्थितियों में ब्रिक्स को किस नजरिये से देखा जाएगा तो ब्रिक्स की जो अपनी भूमिकार है वो ये
05:13कि ग्लोबल साउ�
05:14जो देश है विक्सित एकॉनमी से ले करके विकाश एकॉनमी के बीच का समन्वे कैसे बिठाया जाए ब्रिक्स की जरूरते
05:21है जो वो देश उसके सदस्य है वो इससा कैसे पूरा होगा लेगिन परिस्थितियों के बीच भारत में बात होगी
05:26तो ये पूछा जाएगा कि आ�
05:43जो पूरी दुनिया की जरूरत हैं कहीं कोई देश उसे चीन के तरह अपना हाथियार तो नहीं बना रहे हैं
05:49अगर ऐसा होता है देखा और वैश्विक संकट खड़ा हो जाएगा इन चुनोतियों के बीच ब्रिक्स के आप तो उसके
05:54परिवार के देश मतबेद भुला करके �
05:56दूसरे कि अगर मदद करें तो विकसित देशों की जरत रवस्था हैं उनके साथ मदद मिल सकती है ब्रिक्स में
06:02क्या हुआ हमारे से होगे प्यूश मेश्विक प्यूश अब तक जो बाते थी दो दिन की वो वैश्विक पॉलिटिक से
06:07थी लेकिन जैसे थोड़ा सा मितर आत
06:25है जिए पिलकुल राजुश जी तो होना लाजमी है और हर मुद्य पर राजुश नेती होती है चाहिए वो जी
06:31-20 हो चाहिए वो ब्रिक्स हो आप दनलसा लाजमीती मे ży ब्रिक्स और आपका ब्रिक्स उस पर शुरूव हो गई
06:37है हमने वहो तस्वीर भी देखी जो जारी की
06:54राजनीती हो रही है और इसको लेकर जरूर लगातर बाचित हो रही है लेकिन अब उसी ब्रिक से एक तस्विर
07:00और भी आई है और वो है खाने की वेज वर्सेज नॉन विज को लेकर भी विवाद छड़ गया है
07:06और आपको मालूम होगा अक्टोश कि हर बार चुनाव से पहले
07:09खास तोर पर बंगाल चुनाव से पहले मचली खाने को लेकर वेज और नॉन विज खाने को लेकर बहुत वाद
07:15हुआ था और हमने वो तस्विरे भी देखी थी जब आई एक फिश पार्टी की थी जिसमें कई बीजेपी के
07:22लिएता जो है वो फिश खाते वह नजर आये थे �
07:25चुवंदू अधिकारी जो खुद बंगाल से आते हैं वो तो यह साफ क्या चुट ने कि बिना फिश के तो
07:29वो खाना ही नहीं खा पाते हैं तो वेज वरसे नॉन वेज की जो राजनीटी वो भी शुरू हो गई
07:34है अला कि कंडाहूर गांगी ने एक ट्वीट करते हैं जरू
07:52पर भी राजनीटी करेंगे तो राजनीटी लाजबी होना जरूरी है और इसीलिए इस तरह की बाते निकल के सामसे नहीं
07:58भी आती हैं लेकिन इसका असर बेशक राजनीटी पर पढ़ रहा हो लेकिन जो इस तरह के चीवमेंट्स भारत सरकार
08:07को इस ब्रिक्स से होएं उसके �
08:08पर नहीं पड़ता अगर हम एचीजमेंट्स की बात करें तो सबसे बड़ी बात यह है कि भारत के मंच पर
08:14BRICS के मंच पर जो भारत में हुआ उसमें सभी जो नेता है वो पहुँचे इसी के साथ साथ
08:21रशिया चाइना से जो बड़े नेता है वो यहाँ पर पहुँचे ग्यारा मेंबर से
08:27पूरे BRICS के वो यहाँ पर मौझूद थे इसके साथ सा दस पार्टर कंट्रियस से वो मौझूद थे और जो
08:31जो जिलिक डिलेशन था उसको
08:33युरानिमस के अडॉप्ट भी किया गया इन सब चीजों के बीच में एक तरफ जहां भारत के लिए पूरी तरह
08:39से एक सफल
08:39ब्रिक्स आइजन रहा में दूसकी और आजनीती भी इस पर गर्मा रही है एक तरफ चांप वेज लॉल्विच को लेकर
08:46अपनी बात विपक्ष के नेताओं तरह से करी जा रही है वही तरकार के नेताओं और बीजेपी के नेताओं तरह
08:51से बात साफ कर दी गई है कि इस पर �
08:53नेतीक का तरही होनी चाहिए तरह से बात शुक्रिया प्रिक्स को लेकर के जाहिर है अब कोई बड़ा होता है
09:04तो उसका काउंटर प्रॉट्टिव होता है विपक्ष अपनी सियासत करता सवाल पूर्टा सरकार जवाब देगी इससे जुड़ी तमाम कवरिम आपको
09:09दिखात
09:48के रहे आज तक
09:51अविकास को रोख सकता है जानि आज जंग सिर्फ जमीन और सीमा पर नहीं खनिजों और तक्नीक पर नियंद्रण भी
09:57ताकत कर नया हथियार बन रहा है
10:00टेक्नोलोजी और क्रिटिकल मिनरल्स का वेपनाईजेशन हमारी साहजा प्रगति में बाधा बन सकता है
10:10इसलिए हमने टेक्नोलोजी के एडप्शन में इंक्लूजीविटी पर बल दिया है
10:19पश्चिमी एशिय संकट और हॉर्मूज ब्लॉकेट जैसे प्रक्रणों ने साबित किया कि कैसे युद और व्यापारिक तनाव दुनिया के कई
10:27हिस्सों में जरूरी सप्लाइज चेन को प्रभावित करते हैं
10:46कोविट ने दिखाय था कि महमारी आने के बाद तयारी करने के बजाए अतरे का पहले से पता लगाना ज्यादा
10:52एहम है
10:53भारत ने ब्रिक्स के जरिए संक्रामक बीमारियों के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम की जरूरत पर जोर दिया
10:59कोई भी संकट एक छेत्र तक सिमित नहीं रहता है इसलिए हमने ब्रिक्समूस में रिजिलियन्स बढ़ाने पर विशेश बल दिया
11:12है
11:14चुनोतियों को समयरते पहचानना उनके लिए तैयार रहना और तुरंत कारवाई करना भी उतना ही आवश्यक है
11:24इसी सोच के साथ
11:30इंफेक्शियस डिसीज के प्रिवेंशन और रिस्पोंस के लिए
11:36ब्रिक्स इंटिग्रेटेड अरली वर्निंग सिस्टिम पर सहमती बनी है
11:44प्रधानमत्री मोधी ने तक्नीक को कुछ देशों या कंपनियों तक सीमित रखने के बजाए
11:48इंक्लूजिव टेक्नोलजी पर जोर दिया
11:50AI को कृशी जैसे छेत्रों में इस्तिमाल करने की बात हुई
11:54ब्रिक्स नेटवर्क और डिजिटल एग्रिकल्चर किसानों के लिए नई संभावनाय तयार करेगा
12:04इसके बाध्यम से AI, जियो स्पेशल टेक्नोलोजी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्रक्टर को किसानों की वास्त्रिक आवशक्ताओं के साथ जोड़ा जाएगा
12:22बाड़, चक्रवाड, सूखा, जंगल की आग जैसी आपदाओं में कुछ घंटे की चेतामी भी हजारों लोगों की जान बचा सकती
12:29है
12:29इसलिए डिजास्टर मैनेजमेंट को मजबूत करने पर भी जोड रहा
12:33डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए अर्णी बॉर्निंग डेटा इंटेगरेशन गाइडलाइन तैयार की गई है
12:46यानि भारत की अध्यक्ष्टा में ब्रिक्स ने दुनिया की नई चुनोतियों के लिए नए समाधान का एक खाका भिखी चाहे
12:59एक इमंच और तीन ऐसे देश जिनके बीच तनाव ने संघर्ष है युद है
13:05लेकिन दिल्ली में ब्रिक्स के मंच पर आमने सामने बैठे थे, हाथ मिला रहे थे, पाचीत कर रहे थे
13:15इस तस्वीर के पीछे भारत की वो कूटनीती है जिसे कहा जाता है स्टटीचिक अटनॉमिक
13:21जैनि सभी से रिष्टे लेकिन पैस्टा सिर्फ अपने राश्ट्री हित को देख का है
13:27हम एक दूसरे के दर्श्टिकों का सम्मान करते हैं और कंसेंसर से आगे बढ़ते हैं
13:38हम किसी के विरुत नहीं बल्कि सबको साथ लेकर चलने का की सोच के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करते
13:49हैं
13:50अब समय है कि हम ब्रिक्स में हमारी एकता और सहमती को वैस्वीक मंच पर ठोस परणामों में बढ़ले
14:04इस मंच पर दुनिया की उभरती ताकतें आर्थिक सहयोग की बात कर रही थी
14:09लेकिन इसी मंच पर ब्रिक्स के कुछ सरस देश आपसी मसले भी सुज़ाने की कोशिश कर रही थी
14:17ब्रिक्स के इस मंच पर एक तरफ एरान था दूसी तरफ यूएई और इसी मंच पर सौदी अरब भी मौजूद
14:23था
14:24ऐसे वक्त में जब अमेरिका और एरान के बीच तनाव जारी है और खाड़ी की सुरक्षा पर सवाल है
14:30तो भारत की कोशिश थी कि बिक्स को टकराफ कर नहीं बातचीत का मंच बनाया जाए
14:42मैं यह कहना चाहता हूँ कि जब से मैंने पद संभाला है
14:46भारत के माननीय प्रधानमंत्री के साथ हमारे संबंध हर दिन बहतर होते जा रहे हैं
14:51असल में एरान और भारत के बीच गहरे संस्कृतिक संबंध रहे हैं
14:55दोनों देशों का इतिहास हजारों साल पुराना है
15:07यह ऐसी चीज नहीं है जो समय के साथ बदल जाएगी
15:11हम स्वाभाविक रूप से इन संबंधों को हर दिन बहतर बनाने
15:15और उन्हें अपनी गहरी संस्कृति पर आधारित करने की कोशिश कर रहे हैं
15:25हम इसके आधार पर एक नया धाचा बना सकेंगे
15:28और दुनिया में बढ़ रही ताना शाही का मुकाबला करने में एक दूसरे की मदद कर सकेंगे
15:35इसी कूटनिती की सबसे बड़ी तस्वीर सामने आई 12 सितंबर को दिलनी में
15:40ब्रिक्स समिट के पहने दिन इरान के राश्पती मसूद पिजश कियान और अबुधाबी के क्राउन प्रिंस
15:46शेख खालिद बिन मुहम्मद बिन जायद अलनहयान की मुलाकात हुई
15:50ये कोई सामाने मुलाकात नहीं थी
15:53पश्चे मेशे में जाली युद के बीच
15:55ये दोनों देशों के नेताओं के बीच सबसे उच स्तर की मुलाकातों में से एक थी
16:00दोनों नेताओं ने तनाव कम करने, स्थिर्टा बढ़ाने और शेत्री शान्ती के प्रयासों को आगे बढ़ाने पर चर्चाने
16:08लेकिन ये कैसे संभव हुआ
16:1011 सितंबर को प्रधान मंतरी नरेंदर मोदी ने इरान की राश्पती मसूद पिजश्कियान से मुलाकात की
16:17दोनों नेताओं की दो हफ़ते से भी कम समय में ये दूसरी मुलाकात थी
16:22इससे पहले 31 अगस्त को बिश्किक में S.C.O. सम्मेलन के दौरान बोनों की मुलाकात हुई थी
16:28वहीं दूसरी ओर 12 सितंबर को प्रधान मंतरी मोदी ने अबुधाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मुहम्मद से भी
16:36मुलाकात की
16:36ब्रिक्स सम्मिट के दौरान भारत में इरान और UAE दोनों के साथ उच्छ स्तरी बाचीत की और इसके बाद उसी
16:45ब्रिक्स के मंच पर इरान और UAE के शीर्ष नेताओं की आमने सामने मुलाकात हुई
16:50यहीं वो तस्वीर थी जिसने दिल्ली की कूटनिती को खास बना दिया
16:54आज विश्व में तनावों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं और सामान ये मानवी के जीवन पर उसका बहुती नेगेटिव
17:11प्रभाव भी हो रहा है और व्यापक प्रभाव हो रहा है
17:17लेकिन कहानी सिर्फ इरान और यूए तक्सीमित नहीं थी सौधी अरब भी ब्रिक्स के विस्तारित समूह का हिस्सा है
17:2312 सितंबर को सौधी विदेश मंत्री दिल्ली पहुँचे और ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लिया
17:29जानी एक ही मंच पर इरान, यूए और सौधी अरब
17:34तीनों के अपने अपने क्षेतरी हित हैं लेकिन भारत ने इन्हीं एक ऐसे मंच पर साथ रखा
17:40जहां बातचीत और सहमती की गुणजाईश बनी रही और फिराया सबसे बड़ा टेस्ट
17:45क्या ब्रिक्स पश्टिम एशिया के मुद्दे पर एक साजह बयान जारी कर पाएगा
17:50लेकिन जैसे ही दिल्ली डिकलरेशन का एलान हुआ सर्व सम्मती से सुईकार किया गया
17:57दिल्ली डिकलरेशन में पश्टिम एशिया के स्थिती पर चिंता जताई गया
18:02अधित्तम सयम बरतने की अपील हुई और बातचीत कूटनीती और तनाव कम करने पर जोड़ दिया गया
18:08भारत के इरान से भी रिष्टे हैं यूएई से भी रणनीतिक साज़दारी है
18:12सुधी अरब से भी संबंद मजबूत है और दूसरी तरफ अमेरिका से भी भारत की गहरी रणनीतिक साज़दारी है
18:19जानि भारत के पास वो कूटनीतिक स्पेस है जहां वो अलग-अलग पक्ष्णों से बात कर सकता है और यही
18:26है भारत की स्ट्रटीजिक ऑटोनॉमी
18:42झाल
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