00:00। रहा सवाल प्रत्यक वर्स लोग मिट्टी से लेकर चांदी और सोने तक अपनी शम्ता अनुसार मूर्तियां लेते हैं और
00:10स्थापित करते हैं और लगातार नौ दिन का यह पर्व खुब धुमधाम से मनाये जाता है।
00:17चांदी और सोने की कीमत अपेक्षाकृत अत्यधिक होने के कारण चांदी की सिल्वर कोटेट मूर्तियों का चलन बहुत ज़्यादा बढ़
00:28गया है।
00:29अपेक्षाकृत चांदी एक वर्ग विशेश सी ले पा रहा है लेकिन मिडिल क्लास सामाने लोग जो आज भी गणेश जी
00:40की प्रतिमा का स्थापना करते हैं एवं पूजा पाट करते हैं वे सिल्वर कोटेट मूर्तियों पे ज़्यादा विश्वास रख रहे
00:51हैं।
00:51उसका एक और कारण भी है चांदी नरम धातु है शांत धातु है इसके लिए भी चांदी की गणेश जी
01:00की प्रतिमा का स्थापना करना शुब माना जाता है।
01:05सिल्वर कोटेड मूर्तियां हमारे पास अनमानी सुर्वात सो रुपैसे लेकर बारा हजार रुपै तक की मूर्तियां हैं।
01:13जैसे के यह मूर्तियों का सबसे ज्यादा है कभी खराब नहीं होती लाइफ्टáim गैरेंटी है और इन मूर्तियों का विक्रे
01:23अभी ज्यादा होरा है।
01:31小さなそうで見られます ,,6-7000RPSD isn't enough,
01:3825000RPSD or the size of the murs ,
01:411.500-20000RPSD is one.
01:45Instead of having a large number of different types ,
01:49the price of silver coated murs .
01:55it is not even if you are going to do this
02:04every day
02:05I have to find out
02:09every day
02:09I'm going to do this
02:11I'm not going to do this
02:11I've been doing this
02:14I'm going to do this
02:21foreign
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