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  • 6 minutes ago
अबूझमाड़ के लोग इस बदलाव से काफी खुश हैं, वो चाहते हैं कि ये बदलाव खुशहाली और तरक्की लेकर आए. आकाश सिंह ठाकुर की रिपोर्ट.

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00:23
00:30कुतुल जिसे कभी मावादियों की राजधानी कहा जाता था
00:34आज वहाँ के हालात तेजी से बदल रहे है
00:39मावाद के खात्मी के बाद यहाँ पिछले दो सालों से सामाजिक और धार्मिक आयोजन्य की शुर्वात हो चुकी है
00:45यहाँ के रामकृष्ण मिशन आश्रम में पढ़ने वाले बच्चे इस साल भी यहाँ गणेश चतुर्ती का पर्व धूमधाम से मना
00:53रहे है
01:19आश्रम में पढ़ने वाले बच्चे और सिक्षक कहते है
01:22कि पहले जब नक्सलियों का इलाके में प्रभाव हुआ करता था
01:25तब वो इस तरह के आयोजन करने से परहेज करते थे
01:30पहले ऐसा मौका नहीं मिला सर्थ
01:32पहले पूरा अंदर वालों का तो अब इस वर्ष जो सुलास के साथ मनाया जा रहा है
01:39अच्छा पहले क्या बोला जाता था कुन मना सर्थ थे थे
01:43पहले पिर ऐसी अंदर वालों के डर्थ के मारे नक्सलियों
01:48यहां गणिस मुर्थी बिटा नहीं पाते थे क्योंकि नक्सलियों के भाई के कारण
01:52लेकिन आज नक्सलियों पूरी तरह मुख्तों निक्तार है नाजी आसरम भी बहुत खुशी के साथ आज़े गने सुमना रहा है
01:59दशकों तक चली लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार नक्सलियों पूरी तरह से खत्म हो चुका है
02:05बस्तर के बच्चे जो लंबे समय से सुविधाओं से महरूम रहे हैं वो अब विकास की राह में चलना नहीं
02:11दोडना चाहते हैं
02:13इस तरह के आयोजन में उनकी सहभागिता और खुशी इस बात को बताती है कि विकास बंदूक से नहीं किताबों
02:21से आता है
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