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पंडाल में प्रवेश करते ही सबसे पहले माता तारा के चरणों के दर्शन होंगे, इसके बाद गणपति के दर्शन कर सकेंगे. अतुल शर्मा की रिपोर्ट

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00:00슈বੀં મષྱલાવીક વોલામરાલે હાંવ્ંય અહૂલ માંરલે વૈશેરાલે હીતાલીતારચ વાંરીલે થીતાલી વણર
00:58Thank you
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01:47ुपुए गोश्ला तक के लिए जगा नहीं है, तो वह सिंकल्ब पर देखेंगे चोटे-चोटे गोश्ले बनें, तो ऐसा हर
01:52घर में लग जाए, पक्षी मालो पानी पेले वहाँ, रुख जाए, तो फक्षी को बचाना है तो हम सब को
01:58मिलके एक सिंकल्ब बिना पड़ेगा, �
01:59ुसी सिंकल के साथ आजा समीते नहीं यह निर्ने लिया है।
02:02इस भव्य पंडाल को तयार करने के लिए कोलकता से करीब 50 विशेशग्य कारीगरों की टीम जुटी हुई है।
02:09इन में करीब 45 कारीगर लगातार पंडाल निर्मान और सरजावत के काम में लगे है।
02:14गड़ मैने से हमारे कारीगर पूरे काम कर रहे हैं और लगभग 45-50 के लगभग कारीगर है अपने पर
02:22सियां काम कर रहे है।
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02:56ETV Bharat, Turk
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