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सिया गोयल केस में पुलिस के शिकंजे में आया चेतन का दोस्त, देखें क्राइम कहानियां

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00:00अमस्कार, गुड़ीवनिंग, सच्छेकार एक बाफ फिर आप तमाम लों का स्वागत है, क्राइम कहानिया विद शम्स
00:04सिया तो याद होगी आपको, धाई महीने पहले वाली वही सिया जो लगातार मेडिया में सुर्खियों में थी
00:10वही केतन, जो सिया के हाथों मारा गया, वही चेतन, जिससे सिया प्यार करती थी, और जिससे शादी करना चाहती
00:18थी
00:1918 जून को, जब पुणे के लोह गड़ किले की उचाई से केतन के गिर कर मौत हुई, तब तक
00:27पुणे में हरिक को यह मालूम था, कि यह एक हाथसा है
00:30केतन के घरवानों को, यहां तक के सिया के घरवानों को, केतन के रिश्चदारों को, सिया के रिश्चदारों को
00:37सिर्फ ती incentiv लोग ऐसे थे, जिने सच्चा है मालूम थी
00:42इन मेंसे दो लोग तो और लड़ी पुलिस की केस्टडी में और इस वक्त पुने की यर्वदा जेल में बंद
00:47है यानि कि सिया और उसका दोस्त या प्रेमी के हैं चेतन
00:52तीसरा शक्स कौन था उस तीसरे शक्स तक कोने पुलिस पहुंची भी उसी दोरान जून में तफ्तीश के दोरान जब
01:00सिया और चेतन पुलिस की हिरासत में थे वो तीसरा बाइस साल का एक लड़का था जिसका नाम रितेश्क सांगिप
01:09चेतन के स्कूल टाइम का फ्रेंड प�
01:20कुछ कुलू मिला उन्होंने रितेश बुलाया उससे लंबी पूछताच हुई कई बार पूछताच हुई लेकिन कोई सबूत नहीं था इसके
01:28पुलिस रितेश हो जाने दिया क्योंकि रितेश 18 जून को उस क्राइम सीन पर यानि के लौगर किले पर भी
01:34मौजूद नहीं था
01:35पुलिस को लगा कि गिराफ़तार करेंगे जमानत मिल जागी कल को छूड जाएगा और अगर रितेश छूड गया तो फिर
01:41उसका असर सिया और चेतन के केस पर भी पड़ेगा लेकिन पुलिस कोशिश में लगी रही
01:5018 जून को किसी को पता नहीं 19 जून को किसी को पता नहीं 20 21 22 तक पता नहीं
01:5523 जून को सिया के फादर इनलों ने पहली बार पुलिस में कंप्लेंट कियो 23 जून को चेतन और सिया
02:02की गिराफ़तारी होती है और तब पता चलता है यह हादसा नहीं पतले है लेकिन उससे पहले 19 �
02:10जून को दो लोगों के बीच में मैसेज पर बातचीत हो रही थी, एक था चेतन और दूसरा रितेश, दोनों
02:17दोस्त, स्कूल के टाइम के, जब शुरू के चार दिन कुछ नहीं हुए, बलके 18 जून को भी कुछ नहीं
02:25हुआ, तो 19 जून को रितेश ने पूछा चेतन से, कि केत
02:40से चेतन ने उसको मैसेज पर जवाब दिया, कि लोगड़ किले पर गये, वैसी किया, जैसा हमने प्लैन किया था,
02:46और फिर वहां से केतन को धक्का दे दिया गया, और अभी तक सब यहीं मान रहे हाथसा है, और
02:51यहीं माने तो अच्छा है, यह सारी चैट थी, पूछताच मे
03:09तो पलिस ने उन्हें फॉरंसिक लैब में भेजा, यह पता करने के लिए कि क्या डिलेटेट चैट रिट्रीव हो सकते
03:17हैं, वापस हासिल किया जा सकते हैं, और लैब में भेज दिया गया, धीरे धीरे वक्त भी ता, चार सितमर
03:26फॉरंसिक लैब से रिपोर्ट आई, चेतन क
03:30मोबाइल की कॉल डिटेल और मेसेज़स की, फॉरंसिक लैब कामियाब रही उसकी डिलेटेड मेसेज को वापस हासिल करने में, और
03:39वो मेसेज़स जब पुने पुनिस ने पढ़ना शुरू किया, तो जिस सबूत की तलास दो ढ़ाई मेहने पहले से करने
03:46थे, वो उनके हाथ
03:47लगया, उनमें वो मेसेज़ भी शामिल था, जो चेतन ने रितेश के साथ चैट पर किया, और उस मेसेज़ की
03:56लाइने अपने आप में एक सबूत थी, कि चेतन ने सिया के साथ मिलकर ये कट लिकिया और इस साजिश
04:04में रितेश शामिल था, क्योंकि उस मेसेज़ में कब कित
04:16रहा था कि कैसे हुआ किसी को शक तो नहीं हुआ तुम लोग उपर गए किसी
04:20ने देखा तो नहीं फिर वहाँ पर जाकर क्या हुआ आप खेतन को धक्का कैसे दिया
04:25यह सारी बात है यह चैट जो डिलीट हो गई अब जब यह वापस रिट्रीव हो गई
04:46में पेश किया गया कोर्ट ने 12 सितंबर तक उसे पुलिस कस्टडी में भेज दिया
04:51यानि केतन मडर केस और उसके साज़िश में शामिल होने के इलजाम में कुल तीन लोग गिरफतार हो चुके हैं
04:58सिया चेतन और अब रितेश
05:01सिया और चेतन पहले से यह अर्वदा जेल में है पुले की
05:04अभी रितेश पुलिस सिरासत में रहेगा बारा तक
05:07और इसके बाद बो भी ने आए कि रासत में भेज दिया जागा शायद उसी अर्वदा जेल में
05:13अब सवाल यह है कि धाई महीने लगबख हो चुके हैं
05:30सबूत नहीं था और अब यह चैट एक जिन्दा सबूत है इस चैट से पुणे पुलिस को एक साथ कई
05:37फायदे हुए
05:39चुके इस केस में कोई चश्मदीद नहीं है पूरा केस सरकमस्टेंसल एविडेंस यानि परिस्तिती जिनने सबूतों पर खड़ा है
05:46ऐसे में यह उम्मीद थी कि धका दिया, हाथसा हुआ, फिसल गया, शौक में गिरा
05:52बहुत सारे सावार उप सकते थे कोट में
05:55लेकिन अब पुलिस के सामने एक डिजिटल एविडेंस है
05:59कि चेतन और सिया ने जान बूज कर केतन को मारा
06:03और अपने एक तीसरे हमराज से उसके बारे में
06:06उन्होंने सारी बातें शेयर की और वो है रितेश है
06:11ये काफी काम आएगा कोट में
06:14और जो हमारे सोर्सिज हैं, उनका ये भी कहना है
06:18कि शायद पूर्णे पुलिस इस बात पर गोर कर रही है
06:21कि क्यों ने रितेश को सरकारी गवाँ बना लिया थै
06:24बादा माफ गवाँ
06:25उसकी दो तीन वज़ा है, पहले
06:28साधिश में शामिल था
06:29लेकिन वो 18 जून को लॉगड के लिए
06:32चेतन के साथ नहीं गया
06:35लेकिन उसे सब कुछ पता है
06:36अब इस केस में कोई विटनेस है नहीं
06:38लेकिन रितेश एक ऐसा विटनेस है
06:41जो केतन के कटल से पहले है
06:42और कटल हो जाने के बात की सारी जानकारी
06:46रखता था
06:46और चेतन उसे दे रहा था
06:49यानि वो एक बहुत ही
06:52अगर वो सरकारी गवाबने के लिए तयार हो गया
06:54और पूरे पुलिस ने उसे बनाने की
06:56मन अपना बना लिया
06:58तो फिर
07:00ये केस सर्कमस्टेंसल एविडनेस पर नहीं होगा
07:03इसमें एक विटनेस होगा
07:06जो बताएगा कि पूरी प्लानिंग और साजिश कैसे हो रही थी
07:09अब यहाँ यह सवाल है
07:11कि अगर साजिश में शामिली था रितेश
07:13तो फिर 18 जून को मारने के लिए
07:15के तनकों उन लोगों के साथ क्यों नहीं गया
07:18तो जो पूरे पुलिस के सोर्सेज
07:20उन्होंने बताया कि
07:21जो शुरुवात होई साजिश की
07:23अब चुकि उससे पूछता चुई है
07:26तो शुरुवात में जब सगाई होई
07:28तब तक सब ठीक था
07:29सगाई के बाद यह हुआ था कि अभी काफी
07:31वक्त है तब तक कोई रास्ता निकाल लेंगे
07:33यह सिया का भी मानना था
07:35और यह चेतन का भी मानना था
07:36और चुकि चेतन का बहुते करीबी दोस्ट था
07:39रितेश
07:40तो वो भी अक्सर इन्हों की मेटिंग में शामिल होता
07:43कभी कैफे में कभी कहीं और
07:45और यह लोग डिसकस करते
07:46कि यह शादी रुकनी चाहिए
07:49क्योंकि हम दो लों को करनी है
07:50और वो भी अपने आडिया देता रहता
07:53लेकिन सगाई के फौरण बाद
07:55यकीन नहीं था सिया को
07:57कि इतनी जल्दी शादी की तारीख का एलान हो जाएगा
07:59और उस शादी की तारीख का एलान
08:00भी हो गया शाद नमंबर भी करता था
08:03तो जैसी शादी की तारीख
08:05का एलान हुआ तो सिया और चेतन
08:07दोरों परिशान हो गए
08:08कि अब तो वक्त कम है शादी
08:11का एलान हो चुका है
08:12तारीख निकल चुकी है काड अब बटने
08:14शुरू होंगे परिवार का क्या होगा
08:16ऐसे वक्त में शादी चूटे
08:18तो उनका ये था कि नवंबर से
08:20बहुत पहले ही ये काम खतम करना है
08:22तो इन तीनों ने मिलकर
08:24उसमें रितेश भी एक एहम साधिश करता
08:26में शामिल था
08:27अलग-अलग प्लैन बनाना शूकिया
08:29इनोंने बहुत सारी फिल्में भी देखी
08:31नेट पर भी देखा ढूंड़ा किया
08:32ऐसी कोई मौब जिस पर किसी को शक्त ना हो
08:36और हाथसा लगे
08:37शर्त ये था हाथसा लगे
08:40तो उनका कुस समझ में नहीं आया
08:42अच्छा तीनों फर्स टाइमर भी डड़ भी रहे
08:46तब एक साधिश और बनी थी
08:48और वो साधिश ये थी
08:49कि अगर
08:52केतन को को ऐसी चोट लग जाए
08:54जिससे वो शादी तक
08:56फिट न हो पाए
08:57तो शादी की तारीक आगे बढ़ सकती है
08:59तो यह हुआ कि कैसी चोट
09:02तो फिर यह तो हँआ हुआ कि अगर उसके हाथ-पैर
09:04तुड़वा दिये जाए
09:05फ्रैक्चर हो
09:06हाथ-पैर की हड़ी जुड़ने में
09:09और पाकि उसमें काफी वक लगेगा
09:11पिर उससे पहले बहुत सारे
09:13शादी के फंक्शन होते हैं
09:14वो सारे फंक्शन भी वो अटेन नहीं कर पाएगा
09:16तो घरवालों को मजबूरन
09:18उसकी इस गायल हादत को देखते हुए
09:20शादी की तारीक को आगे बढ़ानी पड़ेगी
09:23तो ये तीनों तयार हो गये थे
09:26कि केतन के हाथ-पैर्ट रवा देते हैं
09:27क्योंकि कटल करने वे तब भी ये डर रहे थे
09:30कि कहीं पकड़े ना जाए
09:31दिल में चोड़ तो होता ही है
09:33तो ये हो आगे हाथ-पैर्ट रवा देते हैं
09:36और उसके बाद शादी अपने आप तारीक टल जाएगी
09:39लेकिन इसके बाद मुसीबत और परिशानी ये आई इन तीनों के साथ
09:42कि हाथ-पैर्ट तोड़ेगा कौन
09:45अब खेतन
09:46या चेतन का दोस रितेश ये काम कर नहीं सकते थे
09:50क्योंकि केतन उन्हें जानता था
09:52चेतन को पहले से भी
09:54और हाथ-पैर्ट रुवाने का मतलब आपने जान ली नहीं
09:57तो आप एक किश्म मतलब वो तो देख रहा है
10:01तो वो तो गवाही देदेगा
10:02कि किसने मारा किसने फीड़ा
10:05अब यहाँ पर आया कि किसी
10:07कूट
10:07कॉंट्रेक्ट दे दिया जा हाथ-पैर्ट रुवने का
10:10तो यहाँ कि उसमें भी अगर वहित खुल गया
10:12तो पता चल जागा कि किसने सुपारी दिये
10:15तो उन्होंने तमान तरकीम लगाई
10:17लेकिन लगा कि नहीं इसमें फसने का जादा खत्रा है
10:20इसलिए इन लोगों ने फिर यह आइडिया डॉप कर दिया
10:23फिर यह हुआ क्या
10:24तो आखिर में फिर वही तैह हुआ
10:28कि एक ऐसी मौत जो एक्सिलिंट लगे
10:30और इतफाक से पहले आपको कहानी में बताई चुका हूँ
10:33कि लोगण किले में कई बार गया था केतन
10:35एक बार सिया को ले गया बतकिस्मती से
10:37और सिया ने वो जगा देख लिए वहीं उसे आइडिया मिला
10:40उसी आइडिया पर सबसे पहले सिया नहीं
10:43चेतन और रितेश से ये डिसकस किया
10:46कि हाथ पेर तुरूआने में खत्रा है
10:48लेकिन अगर कहीं उचाई पहाड़ी से नीचे धर्का दे कर गिरा दे
10:51तो बड़े आसानी से कह सकते हैं कि ये अक्सिडेंट है
10:55पैर फिसल गया आया ऐसा ही कुछ है
10:58तो इसमें लोगों को शक नहीं होगा
11:00और सिया ने कहा कि अगर मैं साथ होंगी तो यह भी शक नहीं होगा
11:03क्योंकि वो क्या कर सकती है मंगीतर है
11:07तो कहते हैं कि तीनों इस बात पर राजी हो गए
11:09कि ये आइडिया ठीक है
11:13फिर उसके बाद कई तारीखें आई गई
11:16आखरी फाइनल वो अठारा जूम
11:18जब दो सिया और केतन को जाना था लौगण के लागों
11:23तो प्लैनिंग यही थी कि तीन लोग
11:27अलग से जाएंगे
11:30मतलब केतन और सिया तो ही है
11:32लेकिन सिया जानते हुए भी रहेगी केतन के साथ
11:35पर उसके साथ दो और साथी होंगे
11:37एक हुआ चेतन और एक होगा रितेश
11:40अब जाना है सिया और चेतन को
11:43तो चेतन और रितेश पीछे-पीछे फॉलो करेंगे
11:47और जब जरुद पड़ेगी वो आ गया आएंगे
11:49और फिर बागी का काम पूरा करेंगे
11:5217 जून को ये मीटिंग होती है
11:55और 17 जून को ये भी मीटिंग होती है
11:58कि अब 18 जून को
12:00ये 17 जून की शाम के बाद
12:02एक दूसरे को कोई कॉ�र नहीं करेगा
12:04कोई मेसेजिस चुमा ताकि
12:05अगर पुलिस को शक्र हो और इनकवाइड़ी हो
12:08जाद शूरू हो
12:08तो फोन के जरिया को एक दूसरे तक पहुचना पाए तो उस मीटिंग के बाद 17 जून को तीनों ने
12:15आपस में फोन करना बन किया और ना कोई मैसेज और ये था कि 18 जून को जाना है लेकिन
12:2318 जून की सुभा रितेश ने धोका दे दिया
12:28वो डर गया वो घबरा गया कि मैं गया और कहीं कुछ हो गया पकड़ा जाओंगा मडर है तो फिर
12:35एन वक्त पर पीछे आट गया लेकिन प्लैन को सिया और चेतन ने आगे बढ़ाया वो लोग गए और फिर
12:41उसी तरीके से उन्होंने धक्का दे दिया अब 18 जून को जब धक्क
12:46होते होते ये खबर फैल गई सिया के रिष्टारों में केतन के रिष्टारों में और चेतन महां से निकल आया
12:54लेकिन फोन करना नहीं था उस दिन मैसेच करना था तीनों ने एक दूसरे से ये सौदा तैकर रखा था
13:02तो 18 जून की रात तक यही खबर थी कि केतन का एक्सेंट हो गया वो पाहड़ी से गिल गया
13:07उसकी मौत हो गई
13:0919 जून की अब तारीख आती है अब इदर यह है कि अभी तक चुकि यह मामला कहीं से सस्पिशियस
13:15तो था नहीं एक हाथसा था
13:16तो सिया के घर में भी मातम और केतन के घर में भी मातम और लोग सिया से हमदर्दी जता
13:21रहें कि अभी शादी हो नहीं थी अभी सगाई हुई और देखो से पहली केतन की मौत
13:26तो अब सिया उस situation में थी कि रिश्यदानों से घिरी थी
13:29ना वो phone कर सकती थे ना message
13:33उदर रात होने के बाद तक सुबह जब
13:35clear हो गया अगले दिन
13:3719 तो अब चेतन को लगा
13:40कि अब इस case में कुछ नहीं है
13:41सभी ने मान लिया यह हाथसा है
13:44तो थोड़ा सा उसमें confidence आया
13:46कि वो बज़ गया
13:48और इसी के बाद उसने रिटेश को message किया
13:53रिटेश उदर इंतजार कर रा है
13:54मौत की खबर उस तक भी आ गई
13:56लेकिन कैसे हुआ क्या हुआ
13:57कोई कुलू तो नहीं छोड़ा
14:00कोई सबूत को नहीं छोड़ा
14:02तो तब
14:03चेतन ने message किया रिटेश को
14:05कि सब कुछ ठीक है
14:07सब हो गया पर उसने पूछा कैसे हुआ
14:09तब चेतन ने 18 जून की
14:11सुबा से लेकर केतन को नीचे गिराने
14:13तक की पूरी कहानी
14:15message पर उसको बता दी
14:17कि ऐसे से हुआ हम ऐसे गया है ऐसे किया
14:20यह सब कुछ हो गया
14:22अब यह लोग बेफिक्र थे
14:25लेकिन
14:25तीन चार दिन बीटे
14:27उसके बाद सिया का कुछ बढ़ता हुआ ऐसा था
14:29कि घरवालों को शक हुआ
14:31खासतोर पर केतन की बहन को
14:33फिर उसके फादर को
14:35और यह लोग 23 तारिफ को जाकर
14:37F.I.R. लिखाते हैं
14:38और 23 को जब F.I.R. लिखाते हैं
14:40तो पुलिस चेतन और सिया को गिराफ़तार कर लेती है
14:43इदर जब F.I.R. लिखी जा रही थी
14:45तब तक चेतन को यह ख़बर मिल गई
14:47कि फादर और सिस्टर
14:49डाउट कर रहे हैं
14:50कि यह मडर है
14:51उसे लगा कि कहीं पकड़े न जाए
14:53तो उसने आनन फानन में अपने मुबाइल के सारे
14:56मैसेज़े डिलीट करती है
14:57और उनमें वो मैसेज भी था जो उसने
14:59रितेश को किया था
15:01इसका पुलिस पकड़ती है फोन ले जाती है
15:05पूचताच में
15:06पूलिस के पास CCTV कैम दे और कहीं ऐसी जानकारी थी
15:09जिससे फिर रितेश के बारे में जानकारी मिली
15:11कि रितेश सिया और चेतन मिलते थे
15:13लेकिन शुरवात में पूड़े पूलिस को यही लगा कि
15:15यह दोनों का प्रेम संबंध था
15:16उन्हें दूसरे से प्यार करते थे वो दोस्ता हो सकता
15:19शारी कराने में मदद करवा रहा हूँ
15:22तो इसे सिलसले में रितेश से पूचताच की गई
15:25लेकिन चुके 18 जून को
15:27रितेश की मौजूदगी कहीं हो थी
15:28उसका मॉबाइल लोकेशन और विटनेस
15:30जो बता रहे थे कि ये लॉगर के लिए से बहुत दूर था
15:33तो क्राइम सीन पर था नहीं
15:35इसलिए पुलिस ने उसको कहा कि छोड़ो
15:36क्योंकि कुछ सबूत तो है नहीं
15:39जिस वक्त मॉडर हुआ के तनका
15:43लेकिन मॉबाइल फोन था
15:45अब सारा दारों मदार था
15:46फोरंसिक टीम पर और फोरंसिक टीम
15:49में वक्त लिया क्योंकि
15:5018 जून का मामला है 23 जून को
15:52गिरफतार हुआ 25 से 26 जून
15:55को मॉबाइल फोन फोरंसिक लैब में
15:56या डेटा रिट्रीव करना था
15:58लेकिन डिलेटेड मैसेज रिट्रीव हो गए
16:00और अब मिले चार तारीख को
16:03और उसके बाद आखिरकार केतन
16:05मडर केस में तीसरी जुरफतारी होगी
16:09बेशक रितेश
16:10मौका वारदात पर मौजूद नहीं था
16:13लेकिन कतल की साधिश
16:15में हर कदम पर शामिल था
16:16उसे पता था केतन के कतल
16:22कि ये बात भी पता था कि उसका कतल कैसे हुआ
16:24तो एक तो उसने पुलिस को नहीं बताया
16:26दूसरा इस साधिश में
16:28बराबर का शरीक था शामिल था
16:30तो इसलिए जो भी चार्जिस
16:32जो कहते हैं पुराना जो
16:34IPCA 120B साधिश में आप शामिल हों
16:37तो आप पर भी
16:38सेम भी धाराएं लगेंगी
16:40जो उन कातिलों पर लगेंगी
16:42जिन्हों अपने हाथ से कतल किया है
16:44यानि जो धाराएं
16:46चेतन और सिया पर लगेंगी
16:48उन्ही धाराओं को सामना आप रितेश
16:50को भी करना पड़ेगा हाला कि
16:52वो कतल वाले दिल
16:55जहां कतल हुआ
16:56वहां से दूर था
16:58लेकिन साधिश में शामरी था
17:01रितेश की इस
17:03की इस गिरफकारी
17:04और इस
17:06चैट के वापस हासिल करने के बाद
17:08पूरे पुलिस को
17:09अब एक तरह से उमीद नजर आई है
17:12कि इस केस में वो
17:14आरूपियों को कड़ी से कड़ी सजा दे ला
17:16पाए लिए उसकी वज़ा यह है
17:18कि अब तक कोई एविडेंस नहीं
17:20कोई एक तरह से विट्निस नहीं
17:22लेकिन अब विट्निस है
17:26करीब असी दिन तो हो चुके होंगे
17:2890 दिन के अंदर चाशीर दाखिल करनी है
17:32पूरे पुलिस के जो सोर्सेज उनके हिसाब से
17:34चाशीर दाखिल चोड़ा और पहली हो जाती
17:36लेकिन अब चुके रितेश की गिरफतारी हुई
17:38तो नयपन्ने उस चाशीर में जोड़े जा रहे है
17:40लेकिन 16 सितंबर से पहले
17:43पूरे पूरे पुलिस चाशीर दाखिल करतेगी
17:45एक बार चाशीर दाखिल हो गए
17:47उसके बाद शायद फास्ट्रैक कोर्ट में
17:48इस मुकदमे की सुनवाई होगी
17:50और जैसा की केतन के घरवालों
17:53ने महराश्ट के मुक्यमंतरी से मिलकर
17:54फर्यात की थी
17:55कि वो चायते हैं कि उनकी तरफ से
17:57ये केस मशूर वकील उजवल निकम रड़े
18:00और खुद इसी क्राइन तक स्टूडियो में बैठकर
18:03उजवल निकम जी ने ये कहा था
18:04कि हाँ उन्हें ये मैसेज मिला है
18:07और वो इस केस की पैर भी करेंगे
18:08लेकिन चार्शीर जब दाखिल हो जाएगी
18:11उसके बाद
18:12तो यानि कि 16 सितंबर तक चार्शीर दाखिल होगी
18:16चार्शीर दाखिल होने के बाद फिर आरोप तैह होंगे
18:19तो वो सारी चार्शीर जब वो पढ़ेंगे उजवल निकम
18:22उसके बाद उनकी एंट्री होगी
18:24और फिर fast track court में कितना fast नुकदमा चलता है या आने वाले वक्त मुकदा चलेगा
18:29लेकिन पहले तो चार्शीट की कहानी क्या होती है वो सामने आए और इसके बाद उजवल निगम साथ की entry
18:37तो आने वाले वक्त में courtroom का महौल थोड़ा different और अलग होगा
18:41लेकिन पूरे पुलिस के लिए एन चार्शीट दातिल करने से पहले एक बड़ी और अच्छी ख़बर आई
18:46कि वो deleted chat वापस retreat किया और रितेश नाम के उस रड़कें को गिरफतार किया
18:54इससे case उनका और मजबूत हो गया
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