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  • 7 minutes ago
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आतंकवाद, सीमा-पार आतंकी नेटवर्क, कट्टरपंथ की समस्या और ड्रग्स की तस्करी पर सदस्य देशों ने चिंता जताई. 'नई दिल्ली घोषणापत्र' में पाकिस्तान का नाम लिए बगैर 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की गई, जिसमें 26 लोग मारे गए थे. सभी सदस्य देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों से निपटने की प्रतिबद्धता दोहराई.  ब्रिक्स नेताओं ने कहा कि आतंकवाद का मुकाबला हर हाल में किया जाना चाहिए, चाहे उसकी वजह कुछ भी हो. उन्होंने आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही, आतंकवाद के धन और सुरक्षित ठिकाना देने की कड़ी निंदा की है. घोषणापत्र में आतंकवादी संगठनों को धन मुहैया कराने अवैध वित्तीय गतिविधियों के एक व्यापक नेटवर्क के बराबर रखा गया है.

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00:26ब्रिक्स देशों ने असपश्ट रूप से आतंगबाद के सभी रूपों की निन्दा की है।
00:56जिस तरह से विवाओं में कट्टर बाद पैदा किया जा रहा है और चरमपंती संगठन समाज के सम्विधनशील बर्गों को
01:02प्रभावित करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्ण और सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं, उस पर चिंता जताई गई है।
01:09सदस्देश आतनवाद रोधी सहयोग को मजबूत करने पर सहमत हुए और सहयोगत राश्र के धाचे के भीतर अंतराश्री आतनवाद पर
01:17ब्यापक कन्वेंशन को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने और अपनाने का आवान किया।
01:23Bureau Report, ETV भारत
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