00:00order order जैसे दीपक गुटा की आदालत में नियाए पालिका की पेशी है
00:05नियाए पालिका कट घरे में खड़ी है और उससे तीक्र सवाल पूछे जा रहे हैं
00:10लेकिन नियाए पालिका खामोश है
00:12नियाए पालिका को बताना होगा कि कैसे 6 साल से बिना जमानत और बिना ट्राइल के उमर खालिद जेल में
00:19हैं
00:19कैसे जमानत नियम है और जेल पुवाद का सिधांग जेल नियम में बदल गया
00:24आखिर उमर खालित की आजादी और सुनवाई का क्या होगा
00:29सवाल है कि आज क्यों नियाए पालिका में ब्लेक शिप यानि काली भेड़े बढ़ती जा रही है
00:33अदालत पर क्यों बहु संख्यक बाद हावी होता जा रहा है
00:37और सरकार को भी बताना हुआ कि अगर बड़ी संख्या में लोग आज भी गरीबी में जी रहे हैं
00:42तो ऐसी आर्थिक प्रकतिकात क्या फाइदा
00:45जस्ति दीपक गुपता सुप्रिंग कोर्ट के पूर्व नियाए अधीश हैं
00:53वे कहते हैं कि किसी देश को वास्तपने स्वतंत्र तभी कहा जा सकता है
00:58जब उसकी न्याई पालिका स्वतंत्र और निर्भीक हो
01:01जस्ति दीपक गुपता ने 7 सितंबर को अंग्रेजी अकबार डा ट्रिबून में एक लेक लिखा
01:06इसे बाद में लाय लाओ अधीने भी छापा
01:08इस लेक में उन्होंने न्याई पालिका की स्वतंत्र ता
01:11नाग्रिकों की व्यक्तिक स्वतंत्र ता और असामेतिक अधिकार पर विस्तार से चर्चकी और गंभीर सवाल उठाए
01:18जब सिद्धीपक का कहना है कि भारत की स्वतंतरता का अर्थ केवल विदेशी शाशन से मुक्ती नहीं है
01:24बलकि वास्तिक स्वतंतरता तब होगी जब नागरेक बिना डर के सोच और बोल सके
01:30असमयती जता सके और अपने विचार खुल कर व्यक्त कर सके
01:34और इस स्वतंतरता में समानता भी शामिल है
01:37वे कहते हैं कि लोगतंतर बहुमत का शाशन है लेकिन बहुत संख्यकवाद लोगतंतर से अलग है
01:43जब बहुमत की आवाज के सामने दूसरे पक्ष की आवाज सुनी ही ना जाए
01:47तो वहें लोगतांतिविक व्यवस्ता के लिए खत्रा है और सभी इस तरों की अडालते धीरे धीरे बहुत संक्रकवाद की ओर
01:54बढ़ रही है
01:55इसके लिए राम जन भूमी और ग्यान वे आपी मामले का उधारन देते हैं कि कैसे राम जन भूमी मामले
02:00में सुप्रेंपोर्ट ने कहा था कि पूजा इस तलों से सम्मंदित अन्य विवादों को दुबारा नहीं खोला जाना चाहिए लेकिन
02:08ऐसा नहीं हुआ
02:09अजरवे गंगा में चिकन और शराब के मामले का भी उधारन देते हैं वे कहते हैं कि कुछ मुस्लमान यूखो
02:14ने गंगा में नाव पर चिकन खाया तो उन्हें महिनों तक जमानत नहीं मिली इसके उलट कुछ हिंदू ने गंगा
02:21में शराब पी लेकिन उन्हें कुछी घं�
02:24दो में जमानत मिल गई जस्टिस गुपता कहते हैं कि अधिकांश जज इमानदार और निक्सपक्ष हैं लेकिन लेकिन नियाई पालिका
02:32में काली भेड़ो यानि गलत आचरण करने वाले जजों की संक्या बढ़ रही है शीर शिस्तर पर बैठे जजों को
02:40इस बात पर आत्म मं�
02:53कि और आत्म में टेकिन लेक्तर हैं लेकिन लेकिन लेकिन स्वीरें यार दिसे डिर्ण की ख स्वी खने लेकिन बात
02:54अैप्सक्रण की प्रेड़ों की रज़ कि बात रुपता की और रुब
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