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जानिए कैसे महर्षि दधीचि ने धर्म और देवताओं की रक्षा के लिए अपनी अस्थियों का दान कर दिया! देवशिल्पी विश्वकर्मा ने उनकी रीढ़ की हड्डी से ब्रह्मांड का सबसे शक्तिशाली अस्त्र 'वज्र' कैसे बनाया? देखिए सनातन धर्म की अमर त्याग गाथा। #SanatanDharma #HinduMythology #Vajra #MaharshiDadhichi #Vritrasura #IndraDev
Transcript
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00:07व्रित्रासुर ने तीनों लोकों पर कबजा करके देवताओं के सभी दिव्यास्त्र छीन लिये थे।
00:13व्रित्रासुर को वर्दान था कि वह धातू या लकडी के बने किसी हथियार से नहीं मरेगा।
00:19अब ब्रह्मा जी ने इंद्र को महर्शी दधीची की परम पवित्र अस्थियों से अस्त्र बनाने का सुझाब दिया।
00:26महर्शी दधीची ने बिना एक शन गवाय योगबल से अपने प्रान त्याग दिये और देह अरपन कर दी।
00:33देवशिल्पी विश्वकर्मा ने दधीची की वजर से भी कठोर रीड की हड़ी से अस्त्र बनाया।
00:40इस अस्त्र का नाम पड़ा वजर जो ब्रहमांड का सबसे अचूक और विनाशकारी हथियार बना।
00:46इंद्रदेव ने इसी दिव्यवजर के एक ही प्रहार से भयंकर दानव वृत्रासुर का बद किया।
00:53सनातन धर्म के ऐसे ही अमरत्याग और रहसियों को जानने के लिए वीडियो को लाइक और सब्सक्राइब करें।
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