00:00ये सिर्फ एक मीम नहीं है, बर्फ पर अमेरिका के हौकी जर्सी में खड़े डोनाल ट्रॉम्प, नीचे गिरे कनड़ा के
00:07परधान मंत्वी मार्क कार्णी और कैप्शन उठो गवर्नर, नहीं तो पूरा खेल हार जाओगे, लेकिन सवाल है क्या ट्रॉम्प मजाब
00:16कर रहे है �
00:16ये उनकी पूरी विदेशनीती का ट्रेलर है, क्योंकि ट्रॉम्प का एक पैटर्न है, पहले दवाव, फिर टैरफ, फिर सावजिन बेजती
00:24और फिर जरूरत पड़े तो धंकी, अभी इरान का मामला सुल्जा नहीं है, लेकिन अब ट्रॉम्प लंबे समय से जिस
00:32कनेड़ा क
00:33वो अमेरिका का एक्यानवेवार राज कहते रहे हैं, अब वो कनेड़ा के परधान मंत्री मार्क कार्नी को भी तो पार
00:42बार गवर्नर कार्नी कह कर बुलाते हैं, मामला सिर्फ शब्दों का नहीं है, अमेरिका ने कनेड़ाई सामान पर भारी टैरिफ
00:49लगाए, फिर क्या था
00:51कनेड़ा के परधान मंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिकी राष्टपती डुनाल्ड ट्रम की दवाब की रण नीती को न केवल खुले
00:58आम खारिस कर दिया, बलकि जवाब भी उसी रूप में दिया, ट्रम बॉखला गए हैं, क्योंकि कार्नी की नीती कनेड़ा
01:05के पूर परधान
01:06मंत्री जिस्टन प्रूडो से बिलकुल अलग है, मा कार्नी ने राष्टपती डुनाल्ड ट्रम की ऊड़ से टैरिफ को हत्यार की
01:14तरह इस्तिमाल करने के खिलाफ एक गहरी रेड लाइन खीच दी है, कनेड़ा के अर्थवेस्ता अपने शक्तिशाली पर उसी अमेरिका
01:22के सा
01:35जवावी कारवाई से सीमा के दोनों और कारोवार और कामगारों को नुकसान पहुचना तै है, जवाब में कनेड़ा ने 28
01:43अरब डॉलर के अमेरिकी सामान पर जवावी टैरिफ ठोग दिये, आटो, स्टील, क्रिशी यानि दुनिया के सबसे करीबी साज़ेदारियों में
01:53से
01:53एक अब वैपार युद्ध के बीच खड़ी है, कनेड़ा पहला देश नहीं है, भारत पर टैरिफ की धंकी, चीन के
02:00साथ ट्रेड वार, यूरोप पर स्टील और अलुमीनियम ज्यूटी, मेकसिको पर सीमा और वैपार का दवाव, और फिर एरान, पहले
02:09सोशल मीडिया पर ल
02:23को सबसे मजबूत खिलारी की तरह पेश करना, यानि वाइट हाउस से जादा कभी-कभी पूरी दुनिया को एक निगोसियेशन
02:33टेबल की तरह चलाने की कोशिश, लेकिन इसका असर सिफ अमेरिका और कनेड़ा तक सिमित नहीं, अगर दोनों देशों का
02:40टैरिफ और लंबा �
02:41चला, तो आटो पार्ट्स महेंगे हो सकते हैं, स्टील की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, और ग्लोबल मार्केट में अनिश्चित्ता
02:48बढ़ सकती है, भारत के लिए इसमें भी मौका है, अगर अमेरिका कनेड़ा से कुछ आयात कम करता है, तो
02:55भारती निरियात कों के लि�
02:57ये नई जगे बन सकती है,
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