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  • 48 minutes ago
भारत की रक्षा तैयारियों पर DRDO के पूर्व महानिदेशक डॉ. बाबूश्रीवास्तव ने दी अपनी राय

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00:00हम बात करेंगे वीर्ता और विवेक की क्योंकि युद्ध जीतने के लिए आपको शक्ती की आवशक्ता है आपको अत्याधुनिक हत्यारों
00:10की भी आवशक्ता है और इस सेशन में हम बात करेंगे कि वो अत्याधुनिक हत्यार कौन से हैं जिनकी हमें
00:18आवशक्ता है मैं मंच पर
00:20आमंत्रित करना चाहूंगा
00:21डॉक्टर सुधीर मिश्राव
00:23फॉर्मर एम्डी एन सी यो
00:25ब्रह्मोस एरोस्पेस
00:26सर स्वागत है आपका
00:27डॉक्टर हरी बाबु श्रिवास्ता
00:29पूर्विट डीजी टेक्नोलोजी मैनेजमेंट
00:31डी रडी ओ
00:32सर स्वागत है आपका आईए
00:57जब हम बात करते हैं
01:00रक्षा की देश की रक्षा की
01:02आजकल की परिस्थितियों की
01:04रक्षा अनुसंधान और विकास की
01:06यानि डिफेंस रिसर्च एंड डिवेलप्मेंट की
01:08तो भारत की अगर बात करें
01:11तो भारत समय
01:12अभिमन्यू की तरह है
01:14चक्रव्यू में घिरा हुआ है
01:15आप दुनिया भर की परिस्थितियों को देखिए
01:18एक तरफ अमेरिका से
01:20विमानों के एंजिन की सप्लाई में
01:22देर हो रही है और उसकी वज़े से
01:24आपका लाइट कॉमबाट एक्राफ्ट
01:26तेजस का जो पूरा
01:28मिशन है वो अधर में अटका हुआ है
01:30दूसरी तरफ रूस और यूकरेन का युद
01:322022 से चल रहा है
01:34और उसकी वज़े से
01:35रूस से अत्याधुनिक हत्यार
01:37साजो सामान स्पेर्ज
01:39उसमें विलंब हो रहा है तीसरी तरफ
01:41आप ये देखे पाकिस्तान का एक मेका
01:43एग्रीमेंट हुआ है पाकिस्तान
01:46को तुर्किय और चीन से मदद भी मिल रही है
01:48अत्याधुनिक ड्रोन मिल रहे है
01:49ऐसी परिस्थिती में
01:51भारत के लिए अरजुन और अरजुन
01:54का वो गांडीव क्या होगा
01:55हमारा आत्म निर्भर
01:58भारत और उसमें
02:00रक्षा अनुसंधान और विकास
02:01डिफेंस रिसर्च इन डिवेलप्मेंट की
02:03बहुत प्रमुक भूमिका है
02:05और ऐसी परिस्थिती में अगर हम
02:07उपरेशन सिंदूर की बात करें सर
02:08तो उपरेशन सिंदूर में
02:10मेड इन इंडिया वेपन्स की
02:11बहुत जबरदस भूमिका रही थी
02:13आप बात कीजब
02:14ब्रमुस सूपरसॉनिक क्रूज बिसाइल की
02:16किस-किस ने देखा
02:17किस तरह से मुरीद के
02:18और बहावलपूर को
02:19और पाकिस्तान के एर बेसिस को
02:20ठोग दिया गया उस समय
02:22तो ब्रमुस और इंटेग्रेटेड एर डिफेंस सिस्टम
02:26हम लोग के
02:27मेड इंडिया वेपन्स
02:28वर्ल्ड क्लास हैं समय
02:31इस समय हमारे जो
02:32जतने भी हत्यार हैं
02:33वो वर्ल्ड क्लास हैं
02:35और इसलिए हम उनको
02:36एक्सपोर्ट कर पा रहे हैं
02:38एक्सपोर्ट ही एक
02:41परामीटर होता है
02:42जिससे आप कह सकते हैं कि
02:43आपके वेपन्स वर्ल्ड क्लास हैं
02:45बिल्कुल सही कहा
02:46और वो एक्सपोर्ट
02:48श्रिवास्तव साब
02:49जो 2013 में संभवता
02:51600 करोड के आसपास था
02:53इस समय 38,000 करोड रुपे पर है
02:57ब्रम्मोस सबसे बड़ा
02:59एक्सपोर्ट नो डाउट
03:00बड़ी खेप है
03:01लेकिन यूरोप के देश
03:03अब हमारे हत्यार काफी खरीद रहे है
03:05बिल्कुल सही कहा आपने
03:06हम लोग रड़ास एक्सपोर्ट कर रहे हैं
03:09हम लोग रॉकेट्स एक्सपोर्ट कर रहे हैं
03:12गन्स एक्सपोर्ट कर रहे हैं
03:14और यह तो बहुत बले बले आइटम्स हो गए लेकिन छोटे चोटे आइटम्स के फिल्ड में आपका जो सप्लाई चेन
03:21है उसका रेजिलियन्ट होना बहुत जुरूर है और हम उन सप्लाई चेन के भी पार्ट हो रहे हैं यूरोप के
03:25लिए या इस्ट एशन कंट्रीज के लि�
03:42क्योंकि अपने आप में बड़ी बात है ब्रह्मोस एक सक्सेस्फुल सिस्टम रहा लेकिन अगर हम अपने लडाकू विमानों की बात
03:51करें मेड इन इंडिया लडाकू विमान तेजस कल्पना अगर आप कीजे हमारा जो इंटिग्रेटिड मिसाइल डिवल्मेंट प्रोग्र
04:11में भी बढ़े वो क्यों नहीं सफल हो पाया हम कावेरी एंजिन क्यों नहीं बना पाए अच्छा सबसे पहले में
04:17आपको हमारे जो सफलतम मिसाइल प्रोग्राम है उसके बारे में थोड़ा सा बता हूँ हमने 1983 में शुरू किया डॉक्टर
04:27अब्दुलकलाम हमारे लीडर हु
04:41पर अस्तरह की सरीज पूरी अस्तरावान अस्तराटि अस्तराट्री और उसी के सार सत्थ ब्रहम्होस के भी वेरियस version सॉइ अब
04:49हम कुछा की बात कर रहे हैं कुछा SUCCESSFUL हुआ यह सारी मिसाइल्स लीड कर रही हैं हमको जो हमारे
04:58प्रदानमंत्री जी ने अभी घोषित किय
05:10हो पाएगा. योगेश्वा श्री कृष्ण का सुदर्शन चक्र और इस सुदर्शन चक्र में
05:16शोल्डर्ट फायर मिसाइल से लेकर
05:20शॉर्ट रेंज सर्फेस टु एर मिसाइल, आकाश, आकाश
05:25एक्स्टेंडेड रेंज, उसके बाद क्यू आर सेम, हम क्यू आर सेम को
05:30कर देते हैं, क्यू आर सेम, फिफ्टी किलो मीटर रेंज, उसके बाद
05:34एलार सेम, एमार सेम, फिर आती है हमारी कुषा और S-400, तो कुषा की
05:45जो है, सिर्फ एक प्रणाली नहीं है वो, उसके अंदर फिफ्टी किलो मीटर से लेकर
05:50के 400 किलो मीटर एंड बियॉंड रेंज है, फिर हम बात करते हैं, इसी सुदर्शन चक्र में, यह तो मिसाइल
06:00हो गई, हतियार हो गए, रडार्स, तो रडार्स, शॉर्ट रेंज रडार से लेके, लॉंग रेंज रडार, तो आज हमने 600
06:07किलो मीटर
06:08प्लस रेंज की रडार, DRDO ने सक्सिस्फुली डेवलप किये हैं, और डिपलॉई किये हैं, और जैसा कि डॉक्टर शिवास तो
06:15बता रहे थे, कि हमने रडार को एक्स्पोर्ट भी किया है, बहुत सारी कंट्रीज हैं, जो इंट्रेस्टेड हैं लेने में,
06:21तो यह तो हमारी ह
06:22कई सफलता की कहानी, अब आब बात कर रहे हैं कि कावेरी एंजिन हम क्यों नहीं सफलता पूरवक दे पाए,
06:29बहुत सारी कारण है उसके, एक कारण नहीं है, जब कोई चीज सफल होती है, तो उसका एक ही कारण
06:34होता है, जब कोई असफल होती है, तो उसके दसों कारण होता ह
06:37सबसे पहला कारण ये था कि जब हमने कावेरी प्रोग्राम शुरू किया तो उस समय भारत में जो manufacturing capability
06:46थी तो वो थोड़ा सा कम थी हमारे लिए वो सबसे बड़ा challenge था तो कुछ भी बनाना है तो
06:52उसको हमको बाहर foreign में देना पड़ता था और time manufacturing के लिए manufacturing के लिए testing के लिए qualification
07:00के �
07:01तो ये तो पहला problem था दूसरा problem ये था कि हमारी जो financial जो policies थी तो वो काफी
07:10delaying थी bureaucratic hurdles
07:13third is कि हमने मैं हमेशा लोगों कहता है कि शायद Aero Cluster में Dr. Kalam की he was missing
07:21there
07:22तो एक ऐसी leadership जो visionary हो जो who can think beyond the time तो वो वहां पर missing थी
07:31एक और बात है
07:34कि वो हम जो हमारे user हैं उनके उपर डालेंगे कि उन्होंने goalposts बहुत change किये हैं
07:41कभी कहते थे हमको 60 चाहिए फिर 70 चाहिए 85 चाहिए 100 चाहिए 120 चाहिए
07:48मतलब यह जो goalposts चेंज करने से क्या होता है कि आप जो भी technology पर काम कर रहे हैं
07:54तो उसका जो full potential है वो आप realize नहीं कर पाते हैं
07:57यह बहुत इंट्रेस्टिंग आपने बात की लेकिन इसी बात को मैं और आगे बढ़ाना भी चाहूंगा और इस पर लोटेंगे
08:03भी
08:03क्योंकि अगर आप आज का युद्ध देखें यूक्रेन में जो युद्ध चल रहा है उसमें goalpost की अगर बात करें
08:11तो testbed से operations तक वो 4 से 6 से 8 हफतों में किसी drone को लागू भी कर देते
08:20हैं
08:21क्या आने वाले समय में अगला जो युद्ध होगा डॉक्टर श्रिवास्तव क्योंकि आप दोनों वाइज्यानिक हैं आप लोग उतना ही
08:29तेज अड़ाप्ट कर पाएंगे टेक्नोलोजी के लिए जैसा इस समय युक्रेन में हो रहा है
08:34तो डॉक्टर मिश्रा जो बोले हैं उसी में थोड़ा आग एक पॉइंट और देना चाहता हूं कि टेक्नोलोजी कल इस्यूस
08:39भी होते हैं जो रहने बताया वो हंड़ेड परसंट रूथ है उसमें कोई दो रहा है नहीं है हमारा कोई
08:44भी सिस्टम में होता है और जैसे अग्
09:00पार्किट का है डिफेंस पोर्स के पास पहुंच जाए और एक्च्वल यूद में हम उसको इस्तेमाल कर सकें इस केस
09:06में बहुत सारे प्लेर्स हैं बीच में बीच में डियो हो सकता है एस डिपार्टमें और डिफेंस आरेंडी लेकिन आजकल
09:13क्योंकि हमारे प्राइबिट �
09:14भी आरेंडी में है , अग्ज्वी आरेंडी में है यू realize और यूर क्लेकल्पूर्ट को बनाने के लिए एक है
09:24कि रिच को बसक्ति करने के लिए चाहाँ तरीकें को हम आज आज चाह तरीकां को फंड़ इंचbayर आरें हम
09:30सिंकिन अग कोर हमिह धिता है इस में बीन थे अज्वी
09:42कम finances हम दे पार है तो वो एक रीजन है, manufacturing दूसरा रीजन है,
09:47तीसरा रीजन जो काफी हद तक मुझे लगता है कि हमने सॉल्व कर लिया है वो हमारा
09:51टेस्टिंग, simulations में हमारी capability काफी अच्छी हो गई है, system engineering में हमारी capability काफी अच्छी हो गई है,
09:58स्पीड कैसे हम अच्छी है, उसके लिए हमको एक unified system चाहिए, अभी क्या होता है कि अभी हम summer
10:05trial करते हैं फिर winter trial करते हैं,
10:07दोनों हो गए तो high altitude trial करते हैं, तीनों हो गए तो फिर कहीं जाके समुदर के किनारे trial
10:13करते हैं, कई साल बीच जाते हैं, फिर उसके बाग QR evaluation, GS evaluation, यह वो करते करते हैं, कई
10:19साल बीचते हैं,
10:22जिसन प्रोजेक्ट लिया उससे ट्राइल होने में कुछ ताइम जो R&D ने लगाया, फिर ट्राइल होने में दो-तीन
10:26साल, फिर ट्राइल होने के बाद, और ओर ओने में दो-तीन साल, तो टोटल टेखनोलोजी तब-tक ऊपसलीट हो
10:32जाती है,
10:52अपसलीट हो ही सगती है, और अपसलीट हो खालीट हो ही एक k definitely सार्य तहमारा भने में पने उ
10:57झाल को सब्लापैजन को विले उसी है, तो जब बादाकू आई के साथ मिले काaltetक आई कट लाह आई, कि
11:03अगर अब ही हम तेज इस रूप में इसको बनाएंग तो जब तक नए औ
11:09के साथ हमको मिलेगा तेजस वायुसेना को तो वो 4.5 generation किस काम का जब चाइना के पास 500
11:16विमान हो जाएंगे 5th generation के और वो बात कर रहा है 6th generation की तो हम उस technology
11:20को कैसे कवर कर सकते हैं यह जो आपने technology गैप की बात करी है इसमें दो तीन चीजों और
11:28एड करना चाहूंगा जो शायद हमने नोट तो करी हैं लेकिन उसके ओपर थोड़ा जादा ध्यान ने दिया पहला यह
11:36है कि आपने देखा करीबन हफ्ते दस दन पहले चाइन ने रोबो�
11:44कर रहे हैं तो सिर्फ वेक्यूम दिखाने के ले नहीं कर रहे हैं वो उस रोबोटिक टेकलोजी को डिफेंस टेकलोजी
11:51में भी यूज किया जाएगा तो आप देखेंगे कि सोलजर की जगह रोबोज वुड बी फाइटिंग यह लोग लडाई लेंगे
11:58नमबर इक नमबर द
12:13हंडेट्स ओफ फाइटर एरकाफट एक दूसरे के साथ फाइटिंग की एकसराइज कर रहे हैं उसमें से एक अनमेंड है बाकी
12:21लोगों को बताय नहीं था कि यह अनमेंड है तो फ्यूचर में अनमेंड सिस्टम चाहे ग्राउंड हो चाहे हवा हो
12:28चाहे पानी हो तीन जगे �
12:31दूसरी बात है आपके soldiers will be replaced by robots, humanoids तीसरी एक और बात है कि आप अभी note
12:41करिये यह जो Ukraine war हो है तो उसमें जितने भी कानेटिक हिट हुए हैं तो more than 71%
12:47they are by UAVs, drones. तो future में जो है जो भी war होगा वो drones का ही होगा और
12:55कम से कम आगे आने वाले 7, 8, 10 सालों तक.
12:57क्या आपका वी यही अकलन है? मैं एक चीज एड करना चाहता था, यह बात सही है कि ऐसे वारफेर
13:02बढ़ रहा है लेकिन इसके लिए एक future planning की चरूरत होती है, future technologies क्या आएंगी उनको आज सीड
13:09करना पड़ता है क्योंकि एक technology के incubation के एक time है, उससे पहले वो नहीं होता और व
13:27आज साल के बाद या दस साल के बाद देख रहे हैं वारफेर को, वो हमें आज incubate करना पड़ेगा,
13:34यह जो भावी पीधी यहां पर इस समय बैठी है, भविष्य के युद की अगर हम बात करें, तो भविष्य
13:41का युद कैसा होगा, आपने चाइना के humanoid robots की बात की उसका उन
13:57किसी दुश्मन की तरफ से वहां पर आटमाटिक मशीन गन होगी, मूल्स पर कारगो जा रहा होगा या ड्रोन पर
14:05कारगो जा रहा होगा, और उसके humanoid soldiers होंगे, जिनको ना हाय ओल्टिचूड का एफेक्ट होगा ना थकान होगी, जो
14:11फ्यूचर है वो तो कुछ ऐसा ही दिख
14:27उठा कर सीथे टेकलोजी हाई लेवल पर जंप स्टार्ट करना पड़ेगा आपको और पार्ट अवी पार्ट अवर प्लानिंग होगी, मुझे
14:36टुटी थर्टी में कहां पुचना है, वहां तक पुचने के लिए मेरे को क्या करना है, एक एंजिरिंग में एक
14:56सब्जेक्ट ह
14:57पात, और यूज दू दू दू दू आपको यूज़ आपको यूज़ एक बर फिर रवील तो रीइन्वेंट नहीं करने के
15:07यावशकता है, पश्च्चिमी देशों ने वो कर लिया है, उनके पास वो टेक्नोलोजी है, वो हमें जाहें नहीं जाहें एक
15:13अलग प्रशन है, य
15:28अगर हम सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल्स बना सकते हैं, अगर हमाया पास वो टेक्नोलोजी है, क्या उसका कोई डेरिवेटिव हमारे फाइट
15:36जेट एंजिन में हमारी मदद नहीं कर सकता है, हाँ, देखे, आप जो बात कर रहे हैं सुपरसोनिक की, वो
15:42उसको जो अपसकेल क
16:02अगर हम अगर पीशे जाएं, आपने कहा भारत की तैयारी, तो देखे, एक तैयारी हुई हमारी कि हमने अपनी पॉलिसी
16:09चेंज करी, तो जब पॉलिसी चेंज करी 2020 में, तो हमारा उस समय 84,000 क्रोर का प्रोड़क्शन था, आज
16:17हम लगभग 1.8 पर आगे हैं, और अब हम बो
16:24प्रचेंगे, एक्सपोर्ट उस समय 8 था चाहिए, 8 या 5,000 क्रोड था, तो आज हम 35 पर पहुचें, अब
16:36अब अब जिक्टिव 50 का, कि 50,000 क्रोड का हम एक्सपोर्ट करेंगे, तो ये तो पॉलिसी की बात होगी,
16:42दूसरा अगर आप देखेंगे कि जो हमने अभी डिफेंस क
16:54गोल सेट कर रहे है, कि KPMG CIE की रिपोर्ट इसी साल आई है, और उनोंने 2047 के भी टार्गेट
17:01दिया है, तो ऐसा नहीं कि सिर्फ सरकारी कर रहे है, ये हमारे लोगों के मन में भी आया है
17:06कि मुझे ये करना चाहिए, देश को इस चेके पोचाना है, तो ये सभी लोग कर रहे
17:11प्रीज, पॉलिसी में हमको एक, दो-तीन चीजें समझने की ज़रूद है, पहला ये कि अगर हम सोचते हैं कि
17:18जो डिफेंस रिसर्च औ डेवलोपेंट प्राइवेट और्गेशन भी कर लेंगे, तो इससे बड़ी मिसंडेस्टेंडिंग हो नहीं सकती, कारण ये है,
17:27अगर �
17:28आपको अपनी R&D बैकबोर्न डेवलप करनी है, उसमें 15, 20, 40 साल लगते हैं, तो हमको करना पड़ेगा ये
17:36कि DRDO को स्ट्रेंफन करिए डिफेंस रिसर्च और डेवलोपेंट के लिए, आप टेकलोजी ट्रांसफर करिए फास्टर स्पीड पर प्राइवेट सेक्टर
17:44को, जो
17:58से हमारे पास एक इंडिपेंट R&D contracting organization नहीं है, तो other than DRDO, आप एक नया organization क्रेट
18:06करिए डारपा की समान, similar to DARPA, तो वो जो है, वो organization, वो funding करेगा independent researchers के लिए,
18:14academics में, private industry में, या कहीं और जो भी R&D groups हैं, उसमें, universities में, इसके बाद हमको
18:23ये देख, futuristic, users का अपना अलग requirement होता है, �
18:26वो उनका अलग perspective होता है, अब अगर हमको fighter, unmanned aircraft लेना है, आज से पास साल बाद DRDO
18:32नहीं मना सकता, ना इंडिया बना सकता है, वो तो आपको purchase करना ही पड़ेंगे बाहर से, तो अभी भी
18:36तो हम लोग वो, मतलब MQ-9 Reaper हो, या long range, hail, mail, दोनों तरह के drone विदेशों से
18:43ले रहे ह
18:44तो हम खुद क्यों नहीं बना रहे हैं, हाँ, वो, दिखे, technology जो है, वो incremental होती है, ठीक है,
18:51तो incremental technology के लिए, जैसे अभी हमारे हाँ, UAV, अभी कई private companies हैं, अभी हमारे जो sponsors हैं,
18:58RAFA, तो वही UAV बना रहे हैं, यही लोग आज के दो साल, पास साल बाद यह बनाएंगे, तो मतल�
19:15क्योंकि जब तक हम डिबेट नहीं करेंगे, तो इसलिए आज तक का यह महामंच है आपके लिए, डिबेट करने के
19:21लिए, तो DRDO definitely is required, there is no doubt in that, बगर DRDO के जहां तक हम इंडिस्ट्री को
19:27आज ले आपाए हैं, साइंटिफिक फिल्ड में, वो नहीं ला सकते थे, इसमें कोई �
19:31दो आए नहीं है, absolutely in line with what Dr. Mr. said, लेकिन R&D सिर्फ दो के लिए नहीं
19:38लेकिन आपके लिए नहीं है, वो जरूरी नहीं है, डिए नहीं है, डिए नहीं है, आज डिपार्ट्में अव्ड आपके लिए
19:43तरह काम करना चाहिए, पूरे देश में पूरे देश में रिए प्रमोट
20:00है, उसका private industry से आफादा सकते है, तो speed of response तो लेकिन DRD ओ को भी बढ़ाना पड़ेगा
20:05ना कि बहुत तेजी से अगले युद क्या होगा, अगले युद के आप क्या कलपना करते है, क्या हथियार चाहिए,
20:12लेकिन क्योंकि ये government organization है, तो जो file system, सरकारी system है, वो सरकारी system रहेग
20:18युद के लिए, तो चार लेहर है, उसको चार की जगा है, आप कलको तीन कर सकते हो, दो कर
20:23सकते हो, जिरो नहीं कर सकते है, प्राइबे और में में में, में, स्टार्टप में, आप सिंगल परसंग तेक डिसिजिए,
20:29वो गलत दुआ तो उसकी responsibility, सही हुआ तो उसकी responsibility, यहां स
20:47लेकिन अगला युद ऑपरेशन सिंदूर की तरह होगा या नहीं, उसमें मान लीजे, दुश्मन की तरफ से 100 ड्रोन या
20:54500 ड्रोन एक साथ आ रहे हैं, तो हमारी वो जू 23 चाहे ऑटमाटिक हो या नहीं, वो या L
21:00-70 वो फोर्स गन वो तो नहीं ही कर पाएगी, आप में पास
21:04IACCS है, लेकिन जैसे डिरिक्टिट इनर्जी वेपन है, उसमें क्या हम उस स्तर पर पहुच पाए हैं, कि हम 100
21:11ड्रोन को एक साथ डाउन कर सकें?
21:17तो तो दिर्क्टिटेटिड नर्जी वेपन पी दो तरहिके के है, एक एल्शम्नेटिक नर्जी जिसे आप system को डिसेबल कलते है
21:24और उनको आप निचे ला सकते हैं
21:26कन्टर UAV में एक और system और UAV के अगेंस UAV वो भी कर सकते हैं आप
21:30तो आपको डिसिजिजि़ लेना यह कितना बड़ स्पर्प है
21:34ओ वह स्वर्म किर से लेपर्पर्प्रिटंगेहन जो होती दौन और मुझा किर थे प्रफ़ देख लिह देखा है
21:42वॉच्ग किर मेर्मेड़ Jest जौनि किसे जदाता है
21:46तो देखें आपको डिसिजिन लेना है कि बुझे इसको डिसेबिल करना है या इसको पाफस बेजना है
21:52सो इन तीनों के लिए लेक्रोमेगनेटिक इनलजी उसका भी हमारे पास कंट्री में काफी काम हुआ है
21:58डिरिक्टिड इनलजी वेपन काफी काम हुआ है लेकर आपको अगर हम यह कहें कि हम वर्ल्ड स्टेज पर आगे हैं
22:03तो इतनी जल्दी हो जाएगा कहना लेकिन अगर हम कहें कि हम वर्ल्ड के टॉप फाइफ कंट्री में है तो
22:12इसमें कोई अतिश्यों की नहीं है
22:27कैसे आपको अटेक करेगा देखिए AI की भूमिका हमारी लाइफ की हर जगे होगी सिर्फ यूवे में नहीं है हमारी
22:36AI तो हम अभी वे यूज करी रहे हैं जो हम Google सर्च करते हैं तो AI यूज करते हैं
22:40तो AI तो हम यूज करी रहे हैं इसकी जो
22:42मेक इंडिया AI अभी हमारा इनिशिटिव नहीं है इस समय AI में अगर लीडर्शिप है तो United States और चाइना
22:51की है
22:52हम एज यूजर उसको इस्तेमाल करते हैं और जो छोटे-छोटे से एजेंट्स हैं सुपर एजेंट्स हैं या उसके जो
23:00एपस आप बनाएंगे तो वो हम जरूर बना लेंगे या जो एक होता है तब एक LLM के बारे में
23:07हम अभी बात नहीं करते हैं जो SLM होते हैं
23:11वो जरूर हमको जरूरत पड़ती है हमारी आनफोर्स को यूज करने के लिए तो वो जरूर हम बनाएंगे अच्छा आप
23:18यह पूछ रहते हैं कि फ्यूचर में क्या करना तयारी क्या है
23:27कि पांच हजार ड्रोन रोज बना सकें प्रोड़क्शन कर सकें तो वो केपिबिलिटी हमको लानी पड़ेगी कैसे लाएंगे हम वो
23:37हमको देखना पड़ेगा या तो प्राइवेट इंडस्टी इसको में हम इतना कैपिटल एक्पेंट देके कैपेक्स देके और तयारी करें
23:45और उनको फिर फंडिंग करते रहें हर महीने की सो देकन मेंटेन दोज एक्पमेंट एंड मैन पावर दूसरा है कि
23:54हमारे जो इन ड्रोन में भी टेकलोजी चेंज होती है एवरी टू मन्स त्री मन्स फोर मन्स तो टेकलोजी अपग्रेडेशन
24:05तो कुछ एक नया मॉडल बना
24:07पड़ेगा आपने कोईशन पुछा था कि ब्रोमोस के सक्सेफुल होने का एक बहुत बड़ा कारण था उसका बिजनस मॉडल उसका
24:15फिननेशल मॉडल तो उसका टेक्निकल मॉडल तो वो हमको सिमिलर काइंड ओसम मॉडल हमको बनाना पड़ेगा ड्रोन मैनिफेक्शिं के �
24:22जिसमें कम से कम रोज 5,000 ड्रोन बना सकें, अगर हमको सस्टेन करना है, चुकि हमारा जो अनिमी है,
24:29उसके साथ तर्की है, उसके साथ साथ साथ साथ साथ एरेविया, और चाइना है, और चाइना है, और अन्प्रडिक्टेबल सुपर
24:35पावर है, तो यहीं पर अचली CMI को जो �
24:38सिविल-Military integration, बहुत इंपोर्टन हो जाता है, कि मिलिटरी ड्रोन कितने दिन बनाएंगे, अगर आरे वार नहीं है तो,
24:45अगर वार सिचोशन में, डेफिनिटी वे 5,000 चाहिए, बेभी एविन जादा चाहिए, लेकिन अगर नहीं है, तब भी तो
24:52हमें इस इंडिस्री को ल
25:08जो बात होती है, वो चीजें यहां इंपोर्टन हैं, कि हम अपनी इंडस्री को इस तरीके से तयार कर सेगें,
25:14कि सर्ज केपसिटी हो उसमें, और सस्टेनिंग केपसिटी हो, बहुत बड़ी बात है, कई छात्र हैं, जो प्रश्न पूछना चाहते
25:21है, जो जो बच्चे सवाल
25:24पूछा चाहते थे, उनको माइक दीजेगा, क्योंकि एक और जो फ्रश्न उटता है, अनिम्प्लोइमेंट भी है, ट्रेंड अनिम्प्लोइट भी है,
25:32और आपके पास एक्सपर्स की कमी भी है, टेक्नोलोजी पर काम करने के लिए, उसको कैसे पार पाएंगे, लेकिन आप
25:38
25:38पुचछे, तो भी अतना सवाल पूछे, इम तनिशका नंदा, मेरी कॉलेज, सार आँचकल सोशल मीडिया पर निम्ट अल ऐब अपाइफ
25:46को बिए विक कोंपनीस, लिच बिए लोट विए व्योव यह बीव झाल ने वाला है, बिएफ़ी उन बशील मीडिए, वैज
25:59हुद क
26:08scale down करके private sector में?
26:11नई, दिखे, ये ना थोड़ी सी
26:13misunderstanding है. और
26:15government, जो है, committed है
26:17इसरो को funding करने के लिए और
26:19इसरो को grow करने के लिए.
26:21हुआ यह है, उन्होंने कहा है कि जो भी
26:23इसरो ने technology डेवलप कर ली
26:25हैं, तो उनको इसरो manufacturing
26:27करने की बजाए, वो private
26:29industry manufacture करें. तो
26:31यह तो बहुत अच्छी बात है
26:32लिकिन इस से इस तरों की capability पर
26:35कोई फर्क नहीं पड़ेगा
26:36उसमें scale-up करने में मदद मिलेगी
26:38वही जो बाद DRDO के पारे में
26:40industry growth बहुत जरूरी है
26:42और industry growth तभी होगी जब technology
26:44organizations के बाहर जाए
26:45अब देखो अभी हमारे
26:48जो satellites हमारे country के है
26:50और चाइना के है
26:51चाइना ओल्मोस्ट हंड़ेट से लाँच करता है
26:56और हम कितने कलते हैं
26:59आपने न्यूस पढ़ते हो
27:00कुशी कलते हैं
27:02और सिर्फ यह तो हमारे अपने सेटेलाइट हो गए
27:05फिर हम दूसरे देशे उनके सेटलाइट भी लाँच करना है
27:08तो यह एक और्गनाइज़ेशन सिर्फ रॉकेट बनाता रहा है
27:11उसे बेज़ते रहे यह संभब नहीं है
27:12उसी के लिए टेक्नोलोजी को कमर्शलाइज करना है
27:15और उसे एक प्रश्ण और ले लेते हैं उस बच्चे का जी
27:20जी
27:21मैको बास रखिए जी
27:24बॉट बॉर्न एप्रिवन गॉट मॉर्न जी
27:27सवाल है कि जिसे आज हम डेली लाइफ में एका यूस करने लग गए है
27:33और हम देखते कि कई बार उस वचे से हमारी क्रेटिव थिंकिंग भी नहीं होती
27:38मतलब हम डिपेंडेंट हो रहे हैं उस पे
27:40तो आपकी उस पे क्या राए और आप यूथ को क्या बोलना चाहेंगे उस पर
27:50आप जो बोल रही है इसे मैं थोड़ा सा करेक्शन करूंगा एक जमाने में जब
27:55कंप्यूटर्स आय थे ना तब भी यह कहा गया था कि हम जो है वो
27:59कंप्यूटर्स वर रिप्रेस हुमन बींग्स और कंप्यूटर्स जो है वो
28:03करेंगे लेकिन हुआ इसका बल्कुल उल्टा कि कंप्यूटर्स के कारण
28:08इंफॉर्मेशन टेकलोजी में रिवॉल्यूशन आया और हमारी जो इंडस्ट्रीज है वो और भी बढ़ी तो वही
28:14आई के साथ होगा आई इस टूल देखें यह एक टेकलोजी है जो जिसके बारे में अभी बहुत सारी बातें
28:21हो रहे हैं जिससे कि हम उसका पूरा
28:23पोटेंशिल का यूज कर सकें लेकिन ए आई जो है इसे टूल है और यह आपकी डे टोडे लाइफ में
28:29अलड़ी शामिल हो चुका है और आपको पता भी नहीं चला है और धीरे धीरे धीरे आपकी जिंदगी की हर
28:35जगह पर यह आता रहेगा
28:37ऐसे एड यह कभी आपको रिप्लेस नहीं करेगा चुकि उसके अंदर कॉशेसनेस आ ही नहीं सकती है मैं आपको एक
28:45एडवाइज हूँगा कुछ दिन पहले जो हरारे जिनोंने वो बुक लिखी है न तो होमो सैपियन तो उनका एक इंटर्व्यू
28:55था टेलिग्राम के साथ �
28:56तो उसको आप सुनिएगा जिससे आपके जो एप्रिहेंशन्स हैं वो दूर हो जाएंगे खतम हो जाएंगे ऐसा कुछ नहीं होगा
29:02सर एक आप क्योंकि लगातार एकाडमिया से भी बातचीत करते रहते हैं और उनको भी रक्षा में क्या-क्या चाहिए
29:09वो बताते रहते हैं ऐसी परिस्तिती में ऐसा क्यों है कि अनिम्प्लॉइमेंट की भी बहुत बात होती है और ट्रेंड
29:16मैन पार भी हमारे डिफेंस इं�
29:20कि अनिस्तिरीज में मिली नहीं पा रहा है इस दो तीन चीजह है इनको ठोड़ा सरकार की तरफ से इनिशिटिव
29:25लेने की जुरूनत है और एकाड में लेती लिया है तो इसमें लेने की जुरूनत है पहले मैं बात उसकी
29:30कहता हूं विसे डी आईडियों ने 15 अंटर्स मनाये
29:46अगर देखा जाए तो इवन प्राइवेट में नहीं है क्योंकि उनका अपना सिस्टेम उनको पता ही नहीं हो था कि
30:06किस इक टेखनोजी में कहां पर क्या काम हो रहा है तो यह पूरा एक सिस्टम बनाना पड़ेगा जिससे लोग
30:11को पता हो किस पुरिकुलर एरिया में कौन से लोग है एक हम लोग को हीरें रिकमेंडेशन दी ती कि
30:16कोई प्टिकुलर आयटी या कोई पुई पुईछ इनवस्ट
30:20किनी चार टेक्टिन लोगजी बाद करें इन यह जो इस एक टो एक्टिकल इंजिनिरिंग में वह टॉप टो टो इंटी
30:305 इंटी 5 इंट तो इल्टिकल इंडॡ्स्री के लिए वो जो जो चार-पाज फुआ नहीं चेल रहे हैं उनके
30:35लिए उनके लिए वह लिए वी के नौग�
30:51तो हम लोग क्यों नहीं कर सकते हैं यह कुछ चीजें सोचने की हैं दूसरा जो सरकार नहीं किया है
30:57आप लोग जानते हैं टेक्निकल एडिकेशन में अभी थोड़ दिन पहले इसी साल अंडर्गेजुएट के लिए बीटेक के लिए माइन
31:07डिग्री इन डिफेंस टेक्नोलोज
31:08माइनर डिग्री इन स्पेस टेक्नोलोजी माइनर डिग्री इन क्वांटम इंजिरिंग ऐसे करके उनोंने बहुत सारे कोर्सिस अप्रूब किये हैं तो
31:15जो AICT अप्रूब कॉलेजेज हैं वो उनको इंप्लिमेंट भी कर रहे हैं जी एम्टेक के लिए भी ऐसे ही एक
31:21कोर्स
31:21लॉंच होने बाला है अभी हुआ नहीं लेकिन लॉंच होने वाला है तो इसी में और जागरूपता और इंटरफेस बिट्विन
31:28DRDO और
31:29सिविल सुसाइटी और एकाडमिया और आवशक्ता है यह बहुत अच्छी बात आपने की दुर्भागिवास समय समाप्त हो गया है लेकिन
31:36यह चर्चा जारी रखेंगे हम लोग आप दोनों इस मंच पर आज तक के मंच पर मेरे साथ जुड़े बहुत
31:43बहुत धन्यवाद ध
31:57कर दो
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