Skip to playerSkip to main content
  • 7 weeks ago
नक्सली आतंक और दुर्गम पहाड़ों के बीच बंदूक की नोक पर बच्चों को पढ़ाने वाले गया के निडर शिक्षक की अद्भुत कहानी. रिपोर्ट- सरताज अहमद

Category

🗞
News
Transcript
00:05बिहार का गया जिला जहां कभी बंदूकों की भाषा बोली जाती थी जहां सुरक्षाबल जाने से कतराते थे वहां एक
00:14शक्स हर रोज मौत के साय में कदम आगे बढ़ा रहा था ये हैं बिहार के गया के सरकारी सिक्षक
00:23जितेंद्र कुमार
00:25साल 2002 में गया के खाटी नकसल प्रभावित भूप नगर गाउं में इनकी बहाली हुई जहां कोई भी सिक्षक जाने
00:36को तैयार नहीं था वहां जितेंद्र सर आमस पंचायत के भूप नगर प्राथमिक विद्याले में बच्चों को कई सालों से
00:44निरंतर पढ़ा रहे हैं दुर
00:55के लिए हमको पैदा लाना पड़ता था रोट नहीं थी तो गाड़ी भी नहीं आपाती थी और उस दोर में
01:03कुछे
01:06माववादी द्वारा कुछे पर्शानी भी जहलना पड़ता था इसके बाद भी हम संगहर्ष को नहीं छोड़ा और यहां का गरीवी
01:13देखते हुए बच्चों को असिक्षा का इस्तिती देखते हुए हमने सिक्षित करने का एक दिर्ड संकल्प लिया कई बार हमको
01:26माववादियों से सामना हुआ है और कई बार हमको घंटों वैठाये हैं दिराने का भर्शक पर्यास की हैं लेकिन हम
01:34उनको मुस्तेदी से उनको जवाब दिया है
01:38जितेंद्र सर ने गाउं के युवाओं को भटक ने नहीं दिया और भटक के युवाओं को सही रास्ता भी दिखाया
01:45उनके प्रयासों को आज सभी सलाम कर रहे हैं
01:52कि मातर साथ को तो सुरूम से यह उनको भी या रहने देख रह रहा है का
02:19...
02:20...
02:21...
02:22...
02:22...
02:22...
02:29...
02:30...
02:30...
02:32...
02:32...
02:33...
02:34...
02:38...
02:39...
02:40...
02:41...
03:09।
03:11जितनी के आज से 10-12 सालों पहले इनके लिए हुआ करती थी
03:14जब ये विद्याले पहुंचते थे तो जान को खत्रे में डाल कर पहुंचते थे
03:18क्योंकि ये नकसल परवावित छेत्र था और दिन के उजाले में नकसलियों से इनकी मुलाकात हो जाती थी
03:25ETV भारत के लिए गया से सर्ताज एहमद की रिपोर्ट

Recommended