00:00ुआ आप जानते हैं, भगवान विश्नू के मोहिनी रूप का जन्म एक भयंकर असुर को हराने के लिए हुआ था।
00:07ुआ अमरित मन्थन के बाद असुरों ने सारा अमरित चुरा लिया था, जिससे देवों का अस्तित्व खत्रे में पढ़ गया।
00:14ुप देवों के रक्षक, भगवान विश्णू ने मोहिनी का रूप धारण किया, जो अत्यंत सुन्दर और मोहक थी।
00:22मोहिनी ने अपनी माया से असुरों का ध्यान भटकाया और सारा अमरित वापस प्राप्त कर लिया।
00:28इस अमरित मन्थन के गौरान भगवान शिव ने विश्पान किया, जिससे उनका कंठ नीला हो गया।
00:36बाद में मोहिनी और भगवान शिव का मिलन हुआ, जिससे एक दिव्यपुत्र का जन्म हुआ।
00:42इस दिव्यपुत्र का नाम हरिहर पुत्र या शास्त्र रखा गया, जो विश्णू और शिव के सन्युक्त अंश का प्रतीक है।
00:51शास्त्र एक महान योध्धा और धर्म रक्षक बने, जिन्होंने देवों और असुरों दोनों के बीच संतुलन बनाये रखा।
00:58ऐसे ही और दिव्य रहस्यों को जानने के लिए लाइक और फालो करें।
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