00:00गार की और मैत्री जैसे बिदूसी नारी का भी बड़ी सर्था के साथ हम सब समन करते हैं और ये
00:08भारत की उस्विसिष्ट ग्यान की परंपरा के साथ आगे बढ़े वे हैं जन्होंने भारत को भारत बनाने में अपना योगदान
00:15दिया
00:17कौन से सचेत्र है जिसमें भारत आगे न रहा हो आप देखिए तर्क के बारे में जानकारी लेनी हो भारत
00:31का नियाई दर्शन उसका विसिष्ट ग्रंथ है
00:36हजारों वर्थ से पहले भारत के आचारियों ने उदे दिया
00:46हमारे यहां सिक्सा को अनुसासन के जोड़ा अनुसासन से जोड़ करके देखा गया
00:52हमने उसको केवल अक्सर ग्यान तक नहीं उसको इनुवेशन के साथ नवाचार के साथ
01:03सोद के साथ उसको जोड़ करके आगे बढ़ाया और भारत की ज्यान की विरासत
01:12उसी नवाचार के कारण उसी सोद के कारण आगे बढ़ी और आज यहां पे जब मैं सम्मानित कर रहा था
01:22और
01:2221 एक्यासी सिक्सकों को जिनमें 61 बेसिक सिक्सा के थे और 20 माधिमिक सिक्सा के
01:32मैं उनका परीचे इससे पहले मंच पर बैठे बैठे देख रहा था
01:37और मैं देख रहा था कि उन्होंने अपने अपने कैमपस में अपने अपने छेतर में जो नवाचार किया है जो
01:47इनोवेशन किये है और इनोवेशन के माधिम से अपने अच्छातर की संख्या बढ़ाई है वो अच्छातर की संख्या और उनका
01:59इनोवेशन उन्हें आज यहा
02:02तक पौँचाया है और उन्हें सम्मानित करवाया है
02:14मैं मानता हूँ जो भी हमारे बेसिक सिक्सा के मंत्री कह रहे थे
02:212017
02:24उत्तरप्रदेश की सिक्सा बिवस्ता की देश से
02:27नए भारत की सिक्सा बिवस्ता को आगे बढ़ाने के दिश से
02:33इसको हम टर्निंग पॉइंट कह सकते हैं
02:38हमने जो ठहराओ था जो जक्रण थी
02:43उस जक्रण और उस ठहराओ को तोड़ करके
02:48भोश्यों नमुक कैसे हम अपनी सिक्सा को बनाएंगे
02:52इस पर फोकस किया और पेड़ाम हम सब के सामने है
02:58हर एक छेत्र में परिवर्तन करनी की दिसामे सरकार ने
03:04पूरी आक्रामत पाके साथ अपनी पूरी पाकत लगाई
03:09हमने टीचर को टैलेंट को और ट्रांसफॉर्मेशन को इन सब को एक साथ जोड़ करके
03:21फोकस करते वे कारे किया अरथाद
03:28शिक्सक का सम्मान हो बिद्यार्थी को गुनवक्ता पूर्ण शिक्सा प्राप्त हो
03:34और विद्यालेयों में प्रचूर संसाधन उपलब्द हो यानि जो टीचर टैलेंट एंड टांसफॉर्मेशन को हमने जोड़ा
03:47एक केवल ट्रिपल टी तक सीमित नहीं था इसमें सिक्सक का सम्मान है
03:55इसमें विद्यार्थी की गुनवक्ता पूर्ण सिक्सा है
03:59और इसी कारे को ध्यान में रखकर हम लोगों ने विद्यालेयों में वे संसाधन उपलब्द करवाए
04:07जिन संसाधनों का भाव दसकों से हमारा इस सिक्सक सम्मदाए मैसूस करता था
04:17आपने देखा होगा
04:202017 में हमाए सिक्सा मित्रों का मान दे था मातर तीन हजार रुपे
04:26आज मिलता है अठारा हजार रुपे
04:31अनुदेश्चों का मान दे अब सत्रा हजार रुपया हुआ है
04:34लेकिन साथ साथ पांच लाग का कैसलिस की
04:39स्वास्ते की सुविधा भी उन्हें दी गई है
04:42और अगर कोई घटना तो घटना हो जाए
04:45तो सामाचिक सुरक्सा की भी गारंटी उनको उपलब्द करवाई गई
04:53बेसिक मादिमिक उच्च
04:56सिक्सा से जुड़ेवे
04:59सबी सिक्सकों को
05:01इनकी संख्या लगबग 15 लाग है
05:06सिक्सनोतर करमचारियों को जोड़ेंगे और बड़ी संख्या है
05:09इन सब को
05:12पांच लाग रुपे उनके परिवार समेथ
05:15पांच लाग रुपे की प्रतिवर्सक
05:17कैसलिस स्वास्ति सुविधा की विवस्ता भी
05:20उपलब्द करवाने का काम किया गया है
05:23और पहली बार
05:26पहली बार सोशल सिक्रिटी की गारंटी भी
05:29इसके साथ दी गई है
05:30कोई दुरभाग के पूर्ण कोई घटना दुरगटना हो जाए
05:37तो सिक्सक के परिवार
05:40अकेला महसूस न करे
05:43बलकि उन्हें
05:44हमने बैंक के साथ जोड़ करके
05:48एक सोशल सिक्रिटी के साथ उन्हें जोड़ने का काम किया
05:53और एक हैंडसम रासी उस परिवार को पलब्द हो
05:57यह बिवस्ता भी की
06:01यह सिक्सक को सम्मान है
06:06बिद्यार्थियों की सिक्सक केले गुनवकता पूर्ण
06:12माहूल वहाँ पैदा हो इस परिकार की सिक्सा वहाँ दी जा सके
06:16इसके लिए अनेक कारे के गए
06:19आपने देखा होगा
06:21कि इसके लिए सरकार के स्थर पर
06:26आप्रेशन काया कल्प से लेकर के
06:28निपुन भारत अभीहान
06:29ये सबी कारे करम
06:32विवस्तित रूप से आगे वड़े
06:33अब केवल दूसरी कलास में निपुन भारत अभीहान
06:36नहीं चलेगा बलकि पांचवी कलास तक
06:38चलेगा और उसके बहुत अच्छे प्रिणा
06:40मारे हैं मैं सत्रह के पहले देखता था
06:42मैं सत्रह के पहले देखता था
06:44क्या इस्तितिया थी
06:45बच्चे अक्सर ग्यान नहीं था
06:48अब जिस बच्चे को अक्सर ग्यान नहीं है
06:51अंकों का ग्यान नहीं है
06:53वो क्या गणित पढ़ेगा
06:57क्या साइंस पढ़ेगा
07:04जिसको अक्सर ग्यान नहीं है
07:06वो कैसे
07:08वाक्य के बारे में जानेगा
07:12पेड़नाम क्या था
07:16नकल के अड़े बन गए थे विद्ध्याले
07:20ठेके चलते थे
07:23दूर दराज के दूसरे राज्यों के चात्र यहां पर
07:28परिक्सा देने के लिए आते थे
07:30परिक्सा देने के नाम पर
07:33ठेका होता था
07:34बाद मैंने का भी क्या इतने अच्छे विद्याले हैं क्या उन जन्पदों में जहां ये बाहर के लोग आ रहे
07:40हैं
07:41मुझे पता लगा कि नहीं साब आते नहीं हैं
07:45उनके नाम पे कोई दूसरा ही परिक्सा देता है
07:47तो हम लोगों ने फिर उनको का कि वे ऐसे विद्यालेओं को केंदर भी मत बनाना आगे से
07:53और आपने देखा होगा ऐसे विद्यालेओं को केंदर बनाना भी बंद कर दिया गया है
07:57इसके पीछे वह भाव था जिसके कारण आप सभी सिक्सक समदाय का सम्मान बढ़ सके
08:07आपका सम्मान बढ़ सके और उसी सम्मान को आगे बढ़ाने के लिए हम लोगों ने इस बात को आगे बढ़ाया
08:15क्योंकि सिक्सक का सम्मान हो कि हमारे लिए केवल मांदे बढ़ाने का मुद्दा नहीं था
08:22बलकि गाओं के बच्चे के भोष से के साथ
08:26जिसे खड़ा रहना है
08:28पहले उसका स्वेम का सम्मान होना चाहिए
08:32इसके साथ ही आज यहां पे राज्य पुरुसकार की रासी भी
08:35जो पुरुसकार की रासी थी
08:37पहले दस हजार रुपे थी इसको बढ़ा करके पच्चीस हजार रुपया भी किया गया
08:44सर्विस से जुड़ेवे मामले में ट्रांसपेरेंसी आए
08:49पार दरसिता
08:52टाइम पाउंड रिजुलेशन के लिए
08:54यूमन डिसोर्स मैनिज्मेंट पोर्टल भी बिक्सित किया गया
08:59यानि ऐसे नहीं कि एक बार आपने आवे दन किया
09:03और उसके बाद फिर वर्सों लग रहे हैं
09:08अब सिक्सक की समस्या फाइलों में कैद नहीं होगी
09:13ताइम बाउंड उसका समस्या का समाधान होगा
09:17सिक्सक फाइल सिक्सक की समस्या की फाइल जितनी तेज बढ़ेगी
09:24उसका जितनी तेजी के साथ समाधान होगा
09:27उतनी ही तेजी के साथ मैं मानता हूँ कि हमारा सिक्सक
09:33अपने विद्विद्याले
09:36और बच्चों के नवाचार के लिए
09:39सिक्सा में नवाचार के लिए
09:41सोद के लिए
09:44अपना समय लगा पाएगा
09:47और इसके लिए हम लोगों ने अनेक कारिकरम प्रारंब की है
09:51बेसिक सिक्सा परिशत
09:52आमुल्चुल प्रिवर्तन करने का प्रियास हुआ है
09:57अब इसमें लगातार काम चलने है
09:59पी-म स्री विद्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्�
10:13कार के माध्यम से माध्यमिक शिक्सा में जो परिवर्तन हुए है हमने
10:18अकेले माध्यमिक शिक्सा में पंद्रो सो करोड़ पे
10:372100 सेधिक माध्यमिक विड्याले के अच्छे भूवन आज सामने दिखाई दे रहे हैं ये परिवर्टन है ये काम पहले भी
10:48हो सकते थे
10:51पहले भी हो सकते थे जतना पैंसा आप सिफाई महुत्सों में खर्च करते थे उसी पैंसे में से थोड़ा सा
11:01पैसा, शिक्षा की तरफ डाइवर्ड करते
11:03तो लाखों बच्चों का भोष्य बन चुका होता
11:07लेकिन नहीं
11:08इसके पीछे का भाओ ये नहीं था
11:12जितना पैसा बरकिंगम की
11:14बगगई बगगई बंगा करके
11:17अपना जनम दिन मनाते थे
11:18उतना पैसा सिक्सा पे खर्च करते तो बच्चों का भोश्य बनता
11:23पहचान का संकट नहीं आता
11:25लेकिन नहीं
11:27जो लोग कर नहीं सकते
11:29वे प्रस्ण करते हैं
11:33वे प्रस्ण खड़ा करते हैं
11:35और यही हुआ
11:36आज मैं कह सकता हूँ
11:39उत्तर ब्रदेश का मौडल आज
11:41पुरा देश देख रहा है
11:44उत्तर ब्रदेश का यह परिवर्तन
11:47पुरा देश मैसूस कर रहा है
11:49और इसलिए हम लोग ने तै किया है
11:51सिक्सा का यह मौडल
11:53मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा
11:56हमने पहले चरण में
11:57सियम कमपोचिट विद्याले है
12:00हर तैसील में
12:02हर जन्पन में
12:04पहले दो-दो
12:04हम विद्याले दे रहे हैं
12:06लेकिन हमारा प्रियास है कि
12:08हर तैसील अस्तर पर जाए
12:09और इसका मौडल
12:11अटल आवासे विद्याले की तरज पर
12:13यह डे स्कूल की रूप में
12:15यह विद्याले चलेंगे
12:16जिसमें पहली से लेकर के
12:18बारवी तक के बच्चे एक कैमपस में
12:21एक इंटीग्रेटिट कैमपस में
12:23वे पढ़ पाएंगे
12:23एक मौडल होगा
12:25सिक्सा की गुणवक्ता का एक
12:26अद्बत मौडल होगा
12:27मुझे प्रसंता है
12:29कि क्लीन एंड ग्रीन स्कूल
12:32बनाने के दिसामें
12:33जो हमारे प्रियास थे
12:37पचीस सब्वीस में
12:39उत्तर प्रदेश के बारह
12:42ऐसे विद्यालेओं को
12:44रास्टिय फुरुसकार पराप्त हुआ है
12:46मैं अविनंदन करूँगा उन से भी विद्यालेओं को
12:50टेक्नलोजी का प्रियोग हम गाँ और सहर के बीच
12:52के अंतर को मिटाने के लिए कर रहे है
12:55अब याद करिये ना
12:57पहले गाँ का विद्यालेओं है
12:58इमान करके लोग चल लेते थे
13:02आज स्मार्ट कलास है
13:06डिश्टल लैबरेरी है
13:09बालक बालिकाओं के लिए
13:10separate toilet है
13:13पेजल की विवस्ता है
13:16भरपूर बिजली है
13:18अब वो समय नहीं जब
13:19एक सब्ता दिन में
13:21एक सब्ता रात्री को बिजली आएगी
13:23यानि पंद्रा दिन में
13:25एक बार बिजली आएगी
13:27अब इद्याले रात्री में
13:28तो चलेंगे नहीं
13:30इसका मतलब 15 दिन तक आप अंधेरे में रहए
13:34तो जो लोग स्वेम अंधेरे में आदी रहे हों रहने के
13:37क्योश्य अंधेरे में ही जमीनों पे कपजा करते थे
13:44लोगों के बेवसाएक प्रतिस्तानों में डकैती डालते थे
13:47इसलिए वो बिजली चाते ही नहीं थे
13:50कैसे बिजली चाहेंगे
13:52और इसी लिए उनके द्वारा ये लगातार प्रियास होता था
13:57कि परिवर्तन न हो
14:00बिजली भी न मिले
14:02संसाधन भी न मिले
14:05बेसिक सिक्सा परिशत के
14:07आज एक 61 सिक्सक समानित हो रहे हैं
14:11उन्हों ने से उपने विजलियों में देखा होगा
14:13और मैं अपील करूँगा सभी सिक्सक
14:16समानित सिक्सकों से
14:20क्या इस्तितियां थी पहले
14:22बच्चों के पास यूनिफॉर्म नहीं थे
14:24ज़्यादा तर बच्चे नंगे पैर आने के लिए मजबूर होते थे
14:27सर्दी में ठिटूरते थे
14:32आज
14:34आपके ओपर कोई उंगली न उठाने पाए
14:37हमने डीवीटी के माद्यम से
14:39बारा सो रुपे की रासी
14:41सीधे अईभावक के खाते में भेजी है
14:44अब हमारी जम्मेदारी क्या
14:47हमारा एक दाहित तो भी है
14:49बच्चे आपके संग्रक्षन में वहाँ पढ़ रहे है
14:54उनके लिए यूनिफॉर्म बन जाए
14:57उनके लिए जिस जूते मोजे आ जाए
15:00नंगे पैर न बच्चे आए
15:04सर्दियों में स्वेटर आ जाए
15:06और एक जैसी कलर की स्वेटर आए
15:09एक जैसी जैसे यूनिफॉर्म का कलर तैय है
15:13वेसे स्वेटर का भी कलर तैय है
15:14अगर हम उसको अपने हाँ लागू करवा सकेंगे
15:19अच्छा होगा
15:22मुझे प्रसंता है कि इस दिसामे अच्छा प्रियास्वा है
15:25मैं ज़्यादा तर बिद्यालियों में जब दोरे करता हूँ
15:27तो मुझे लगता है कि
15:29वह एक
15:31बच्चे आज स्कूल से आते हैं
15:33स्कूल में जाते वे दिखाई देते हैं
15:35स्कूल के अंदर भी उनिफॉर्म में
15:38अपने बैक बुक्स
15:39सूस, सौक, स्वेटर के साथ
15:41वे दिखाई देते हैं
15:4632,000 से दिख बिद्यालियों में स्मार्ट कलास
15:4915,000 से दिख बिद्यालियों में
15:52ICT Lab
15:541139 बिद्यालियों में
15:56Digital Library
15:59और
16:002,61,000 से दिख
16:04सिक्षकों को
16:05टैबलेट भी उपलब्द करवाए गए है
16:09मेरा मानना है
16:11हमारा जो छात्र है
16:1421st century के
16:17Skills
16:18Digital Literacy
16:21और Innovation के
16:24Approach विक्सित करने
16:25की तिसा में
16:27हम सब को
16:29Robotics
16:313D Printing
16:33Artificial Intelligence
16:36जैसे Advanced Technology की
16:38Training के लिए भी अब
16:40हमारी विद्याले तैयार हो रहे है
16:44385
16:44राज की माध्यमिक विद्यालियों में
16:47Attal Tickering Lab
16:50इस दिसा में कारे कर रहे हैं
16:52मैंने आज माध्यमिक सिक्सा से कहा है
16:54कि 385
16:57यहां
16:58भारत सरकार के द्वारा
17:00धंडासी दी गई है
17:01हमारा प्रियास होना चाहिए कि
17:03जिन विद्यालियों में हमने
17:05प्रोजेक्ट अलंकार के तहद
17:08उसका काया कल्प किया है
17:10वहाँ पे अटल Tickering Lab बनाने के लिए
17:13हमें राज्य सासन से 500 अपलब्द करवा देना चाहिए
17:17आखिर हर बच्चे का दिकार होना चाहिए
17:20हर बच्चे का दिकार होना चाहिए
17:22इस Modern Technology के साथ
17:25और इसका लाप उसको प्राप्त होना चाहिए
17:30अठारा बिद्यालों में टाटा और यसकावा जैसे
17:33जो हमारे इंडस्टिरियल ग्रॉप्स हैं
17:36उनके माद्यम से Dream Lab तयार कराया गया है
17:42पांच हजार पांच सो सेधिक उच्च प्रात्मिक बिद्यालों में
17:47Learning by Doing प्रोग्राम के माद्यम से
17:52क्लास शिक से लेके क्लास आठवी तक
17:55Engineering, Energy and Environment, Agriculture
18:03and Health जैसे टेर्ड्स में
18:06उन बच्चों की Skill Development किया जारा
18:10उनको उसके बारे में जानकारी दी जारी है
18:12मैं भी प्रदर्सनी देख करके भी आया हूँ
18:17मैं मेरा मानना है
18:18जहां स्मार्ट कलास पहुंची है
18:21वहां सहर और गाओं का भेद समापत हुआ है
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