00:00विदाइक जी एक मजजित है तलेक्टेट के अंदर जिसको बुल्डोजर किया गया है
00:04क्या कहेंगे पूरा आप लोगों के मामला संध्यान में है
00:07क्या कुछ इसमें आप बोलना चाहिए
00:10देखें ये बहुत ही दुर्भागे पूर्ण है दुखद है
00:14और इससे केवल हम ही नहीं
00:17ये जो सहरनपुर जाना जाता है
00:19यहां हिंदू, मुस्लिम, गंगा, जमनी, तहजीव का एक संगम है
00:23अगर हम कहें तो
00:24यहां कभी इस तरह की बाते नहीं होई
00:28जहां यहां मा साकुम्री देवी का मंदिर है
00:31तो वही दारलोम भी है
00:32सब लोग यहां मिलजूल कर रहते है
00:35मस्जिद से यहां किशी को कोई दिक्कत नहीं थी
00:37कभी किशी भी धर्म जाती के लोगों ने कोई आपत्ती नहीं जता ही
00:43और यह जो मस्जिद है यह आज की नहीं है
00:47यह आजादी से पहली है
00:501911 की बनी वी मस्जिद है
00:52collected से पहली मस्जिद है और आज भी उसका जो मालिकाना हक है वो उन्हीं के नाम चला रहा है
01:00जिन्होंने वो जमीन दीती हो वो पूरा collected भी ना तो इसका अधिगरण किया गया जमीन का ये तो collect
01:07rate भी जो है उन्हीं की जमीन पर है जिनकी जमीन पर मस्जिद है
01:12तो ये इसमें हम हमारी कल जिला दिकारी से तीन बार बात हुई तीन चार बार बात हुई अन्या दिकारियों
01:21से बात हुई हमें यही कहा गया कि इसको सील किया गया अन्या कोई कारवाई इस पर नहीं होगी लेकिन
01:26हम समझ ही नहीं पा रहे कि ऐसी क्या जल्दी थी ये तो बिल
01:42न्याय संगत नहीं है उनके पास वक्त था कि वो तीज दिन का वक्त था कि वो हाई कोड जाएं
01:49इतना हो तो उनको वक्त दिया जाता
01:53तो यह हम नहीं हम समझ ही नहीं पारे कि यह आखिर इस तरह की करके देश को कहा ले
02:00जाना चाहरे हैं
02:03हम तो इसमें जो भी सेक्वलर लोग हैं जो सम्विधान पर भरोसा करते हैं चाहिए वो किसी भी मजब से
02:13तालूक रखते हो दें कि मजब हमारा लेकिन सम्विधान हम सब को अपने अपने धर्म को मानने की आजादी देता
02:22है
02:22और अगर ये चीजे होने लेगे अब मैं अगर ये कहूं कि मैं पिछले चार साल से यहां कैंसर से
02:29रहसे में तरीके से इतनी मोते हो रही हैं
02:31अगर इतनी जल्दी सरकार उन पर भी ध्यान दे लेती
02:34यहां की स्वात सेवा उपे इतनी तिर्व गती से ध्यान देती
02:39और यहां के जो अन्याय और यहां के मजदूर हैं किसान हैं
02:44उनकी समश्चाव उपे देती स्वात सेवा इत्थप है
02:49बेरोजगार नोजवान सड़कों पे घूम रहा है मारा मारा
02:53ऐसा कौन सा ये मुद्दा था जो हमने सरकार का ध्याना कर से थे
02:58उन मुद्दों पे आखिर क्यों ध्यान ने दिया गया
03:00आज तक हमें ये चार साल में ये नहीं पता लगा पाए
03:04कि आखिर ये कैंसर की वज़े क्या है क्यों फैल रहा है साल में
03:07तो मंदिर मस्जिदों पे इतना ध्यान क्यों आखिर तो ये जनता सब देख रही है
03:14इससे ऐसा नहीं है सारनपुर में आज कि कोई हम देख रहे हैं बात हो रही है
03:19जहां मुस्लिम दुखी आते है वहाँ इससे हर समाज हर धर्म के लोग जो नयाय में भरोसा रखते हैं सम्विधान
03:28में भरोसा रखते हैं
03:30वो सब दुखी है
03:31प्रशाशन का कहना है कि हम लोगों ने सभी कावजाद जो जितने भी थे वो लिगल अपना पूरा करने के
03:36बाद ही इस कारवे को कर रहे हैं
03:39नहीं मैं बता रहा हूँ आपको कि जीला अदिकारी मोदे से मेरी रात तीन बार बात हुई थी
03:44अनियव्री उसमें हमारी पार्टी के चीव उनको अरेश्ट भी रात से किया हुआ है
03:49हमें भी house अरेश्ट किया हुआ सुबे से तो emergency जैसे हालात बना देने यह यह यह लोगतंतर में नहीं
03:56होता
03:58लोगतंतर में सबको अपनी बात कहने की आजादी होती है
04:01वो यही लोग तंतर की खुब सुरती होती है
04:05आप देखे
04:07जहां शानती होती है
04:10जहां पर
04:11कानून में वरुसाइब
04:13वहीं तरक्य होती है
04:14वहीं खुशाली होती है
04:15अगर हमें खुशाली की तरफ जाना है
04:18तो हमें लोगों को न्याय देना पड़ेगा
04:20इंसाफ देना पड़ेगा
04:24इंसाफ के अगर गए राजरी होगी
04:26और नहीं मिलेगा लोग उसके अच्छी नहीं मानी जाती है
04:32तो हम तो अभी लोगों से सैयम वरतने का
04:38तो कि ये शहर हमेशा से गंगा जमनी तहजीब की मिशाल रहा है
04:44सफियम बरतने का कानूनी
04:46जो भी आगे कानूनई लडाई होगी
04:48लड़ी जाएगी
04:49और समयदानिक तरीके से ये अपनी
04:51बात कही जाए
04:52इसी के लिए लोगोसे हम
04:54जो है दहर्य बरतने का, सहियम बरतने का
04:57और अमन और शान्ती बनी रहे
04:59इसकी अपील करते है
05:00झाल झाल
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