Skip to playerSkip to main content
भारत की Economy ने FY27 की पहली तिमाही में 7.8% GDP Growth दर्ज कर उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। साथ ही अगस्त में FPI ने करीब $3.1 Billion भारतीय Equities में निवेश किया, जो करीब दो साल में सबसे बड़ा Monthly Inflow है। क्या मजबूत GDP Growth और Foreign Money की वापसी से अब Nifty-Sensex में बड़ी तेजी शुरू हो सकती है? इस वीडियो में समझिए GDP के आंकड़ों का Market पर असर, Private Investment और Consumption की मजबूती, FPI Flow का बदलता रुख और आगे की संभावनाएं। हालांकि Crude Oil की बढ़ती कीमतें, Geopolitical Tensions, Rupee और Global Interest Rates अभी भी Market के लिए बड़े Risk बने हुए हैं। इसलिए क्या FIIs की Buying टिकेगी और क्या GDP Growth का फायदा Corporate Earnings में भी दिखाई देगा—यही आगे की सबसे बड़ी कहानी होगी।

वीडियो में जानिए:-
GDP 7.8% का Market पर असर
FPI की $3.1 Billion Buying
FIIs की वापसी कितनी टिकाऊ?
Crude Oil और Geopolitical Risk
Rupee और Global Interest Rates का असर
Nifty-Sensex के लिए आगे का Outlook

#GDPGrowth #IndiaGDP #GDP #FPI #FII #FIIBuying #FPIInflow #ForeignInvestors #ShareMarket #StockMarket #Nifty #Sensex #Nifty50 #IndianEconomy #MarketOutlook #StockMarketNews #ShareMarketNews #IndiaGrowth #CrudeOil #Rupee

~HT.318~ED.468~PR.470~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:03भारत की एकोनोमी ने एक बार फिर अपनी मजबूती का दम दिखाया है
00:07FY27 की पहली तिमाही यानि की अप्रैल से जून 2026 के बीच देश की GDP ग्रोथ 7.8% रही
00:15है
00:15खास बात यह है कि यह आकड़ा RBI के करीब 7% और एकोनोमिक्स के करीब 7.1% के
00:22अनुमान से बेहतर है
00:23यानि Global Uncertainty, Geopolitical Tension और महंगे Crude Oil के बीच भी भारतिये एकोनोमी ने उमीद से बेहतर प्रदर्शन किया
00:31है
00:31अब इस मजबूत GDP ग्रोथ के साथ एक और बड़ी खबर सामने आई है
00:35लंबे समय से भारतिये वाचार से पैसा निकाल रहे Foreign Portfolio Investor यानि की FVIs ने
00:41अगस्त में करीब 3.1 अरब डॉलर की भारतिये एक्ट्वीटीज खरीदी है
00:46या करीब 2 साल में उनका सबसे बड़ा Monthly Inflow है
00:49ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि GDP Growth तमदार है
00:53Foreign Money भी वापस आ रहा है
00:55तो क्या अब भारतिये शियर मार्केट में बड़ी तेजी की शुरुआत होने वाली है
00:59अब सवाल है कि इस Growth को आखिट ताकत कहां से मिल रही है
01:02यहाँ सबसे बड़ा बदलाव Private Investment पे देखने को मिला है
01:06अपरेल से जून तिमाही में Private Investment करीब 11.9% बढ़ा है
01:10इसका मतलब है कि कमपनिया नए Projects Capacity Expansion और Capital Expenditure को लेकर ज़्यादा सक्री नजरा रही
01:17Growth Fixed Capital Formation का हिस्सा भी बढ़ा है
01:20यानि लबे समय से जिस Private CapEx Revival की उम्मीद की जा रही थी
01:24उसके संकेत अब साफ दिखाई दे रहे है
01:27Manufacturing सेक्टर की Growth की अगर बात करें तो यहां करीब 9.2% की Growth देखने को मिली है
01:32जबकि Financial, Real Estate और Professional Services जैसे हिस्तों में भी मजबूत एक्टिविटी देखने को मिली है
01:39इसके साथी Conjunction भी Economy को Support कर रहा है
01:42Private Conjunction Growth करीब 7.1% रही है यानि सिर्फ कमपनिया ही पैसा नहीं लगा रही है
01:48बलकि लोगों का Spending भी मजबूत बना हुआ है
01:50सरकार के मताबिक अप्रेल से जुलाई के दौरान एक्सपोर्ट में भी अच्छी Growth रही है
01:55और जुलाई में Industrial Production करीब 6.7% बढ़ा है
01:59इसका मतलब है कि GDP के पीछे सिर्फ एक सेक्टर नहीं बलकि एकोनॉमी के कई हिस्ते मिलकर Growth को सपोर्ट
02:04कर रहे है
02:05अब आते हैं Foreign Investors पर क्योंकि यहीं से Stock Market की कहानी और दिल्चस्प हो जाती है
02:102026 की शुरुआत में FBI ने भारतिये शेयर बाजार में जम कर सेलिंग की थी
02:14लेकिन जुलाई और अगस्ट में उनका रुख बदलता हुआ दिखाई दिया
02:17अगस्ट में FBI ने 3.1 अरब डॉलर भारतिये एक्विटीज में लगाए
02:21यह सेप्टेंबर 2024 के बाद का सबसे बड़ा मंतली इंफ्लो है
02:25और लगतार दूसरे महीने फॉरें इन्वेश्टर्स ने ट वायर्स रहें
02:28मजबूत जून क्वाटर्स अरडनिंग्स भारतिये कंपनियों की बहतर प्रॉफिट आउटलूक
02:32और रुपी को सपोर्ट देने वाली आरवी आई के मेजर्स ने भी सेंटीमेंट को बहतर किया
02:37लेकिन यहां एक ट्विश्ट है अगस्त की बाइंग को देखकर इमान लेना कि फॉरेंड इन्वेश्टर्स पूरी तरह भारतिये वाजार में
02:42वापस आ चुके हैं
03:02से होगी आने वाले महीनों में भी लगतार बाइंग अगर जारी रहती है तो यह भारतिये स्टॉक मार्केट के लिए
03:08जादा मजबूत पोजेटिव सिगनल बन सकता है
03:10अब सवाल है कि जब GDP भी इतनी मजबूत है और फॉरेंग इन्वेस्टर्स भी बाइंग कर रहे हैं तो मार्केट
03:15में बड़ी तेजी क्यों नहीं दिख रहे हैं
03:16इसकी सबसी बड़ी वचा है कुरूड ओयल और जियो पॉलिटिकल टेंसन
03:20मेडलिस्ट में तनाव बढ़ने के साथ ब्रेंट कुरूड करीब 95 डॉलर प्रतिवैरल तक पहुँच गया
03:252 सेप्टमबर को यूएस इरान तनाव बढ़ने के बाद भारतिये शियर मार्केट में भी दबाव देखने को मिला
03:30और निफ्टी और संसेक्स तोनों में गिरावट आई भारत अपनी कुरूड ओयल जरूरत का बड़ा हिस्सा इंपोर्ट करता है
03:35इसलिए ओयल प्राइसेस में तेजी का असर सीधे देश के इंपोर्ट विल, करेंट अकाउंट, रूपी और इंफ्लेशन पर पढ़ सकता
03:41है
03:42अगर कुरूड लंबे समयता कूचे इस तर पर रहता है तो कंपनियों की इंपुट कोश्ट बढ़ सकती है
03:47एविये सांट, टायर्स, पेंट्स, केमिकल्स और कई दूसरे सेक्टर पर इसका दबाव देखने को मिल सकता है
03:52साथ ही महेंगे वाल से इंफ्लेशन का दबाव बढ़ता है जिससे इंट्रेस्ट ट्रेट्स, कर्ट्स की उम्मीद भी प्रभावित हो सकती
03:58है
03:58यही वज़ा है कि GDP का मजबूत आकड़ा आने के बावजूद मार्केट का पूरा फोकस सिर्फ ग्रोथ पर नहीं है
04:04यानि यहां एक बेहद महत्पून फर्क समझना होगा
04:07एकोनॉमी मजबूत होना और स्टॉक मार्केट का तुरंट उपर जाना दोनों एक ही बात नहीं है
04:12GDP एकोनॉमी की मौजूदा ग्रोथ बताती है जबकि स्टॉक मार्केट कमपनियों की फ्यूचर अर्णिंग्स, वैलुएसंस, इंट्रेस्ट रेट्स और ग्लोबल डिस्क
04:21को भी प्राइस करता है
04:22अगर कमपनियों की अर्णिंग्स मजबूत होती है, प्राइवेट कैपेक्स वठता है और फॉरेन बाइंग लगतार जारी रहती है
04:28तो लॉंग टर्न में इसका फायदा एक्क्विटी मार्केट को मिल सकता है
04:32खास कर बैंकिंग, कैपिटल गोड्स, इंफ्राइस्ट्रक्चर, मैनुफेक्चरिंग और कंजब्सन जैसे सेक्टर के लिए मजबूत एकोनॉमिक ग्रोथ अच्छी खबर हो सकती
04:40है
04:40अब रिटेल इन्वेस्टर्स को किन चीजों पर नज़ा रखनी चाहिए
04:43सबसे पहले क्रूड ओयल, अगर क्रूड लगतार 90 से 100 डॉलर प्रतिवेरल के आसपास या उससे उपर रहता है
04:49तो मार्केट के लिए रिस्क बना रहेगा
04:51दूसरा है FBIs Flow, क्या फॉरेन इन्वेस्टर्स अगले 2-3 महीने में भी लगतार बाइंग करते हैं
04:56तीसरा है Corporates Earning, GDP की ग्रोथ का असर कंपनियों के प्रॉफिट में कितना दिखाई देता है
05:02चौथा है रुपी, क्योंकि कम जो रुपी फॉरेन इन्वेस्टर्स के डॉलर रिटर्न्स को प्रभावित कर सकता है
05:07और पाचवा है Global Interest Rates और Bonds IELTS
05:11क्योंकि इनका असर Emerging Market में Capital Flow पर बढ़ता है
05:15अभी US 10 years Treasury IELTS भी उचे इस्तर पर है
05:18और Global Market Oil तथा Geopolitical Risk से प्रभावित है
05:21तो पूरी कहानी को अगर एक लाइन में समझें
05:24तो भारत की Economy की Growth तमदार है
05:26और Foreign Money की वापसी के शुरुवाती के संकेत भी मिल रहे है
05:307.8% GDP Growth, करीब 12% Private Investment Growth, 9.2% Manufacturing Growth
05:35और अगस्त में 3.1 Billion Dollar FBIs Flow
05:39यह सबी भारती है मार्केट के लिए Positive Signals है
05:42लेकिन दूसरी तराफ Crude Oil, Middle East Tension, Rupee और Global Interest Rates
05:46अभी भी बड़ी चुनावती बनी हुई है
05:48इसलिए सिर्फ GDP देखकर मार्केट में तेजी की गैरांटी मानना सही नहीं होगा
05:53लेकिन अगर GDP Growth मजबूत रहती है
05:55Corporate Earnings बहतर होती है
05:57और Foreign Investors आने वाले महीनों में लगतार बाइंग करते हैं
06:01तो भारती यह Share Market के लिए तस्वीर चरूर मजबूत हो सकती है
06:04यानि अभी कहानी की शुरुवात हुई है
06:06GDP ने दम दिखा दिया है
06:08F.I.I.S. ने वाप्सी का संकेत दे दिया है
06:10अब देखना यह है कि Foreign Money कितने समय तक टिकता है
06:13और क्या Crude की बढ़ती कीमते इस Rally की राह को रोख पाती है
06:17या फिर नहीं
06:18आपको क्या लगता है अपनी राय कमेंट सक्षन में जरूर बताएं
06:21और ऐसे ही तमाम अपडेट्स
06:22और शेयर मार्केट से जुड़ी तमाम जानकारी के लिए
06:25आप बने रहें गुड रिटरंस डिश्टल के साथ

Recommended