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  • 27 minutes ago
उत्तराखंड ग्लेशियरों पर की गई स्टडी साइंटिस्ट्स की टेंशन बढ़ा रही हैं, जिन्हें भविष्य के लिए अच्छा नहीं माना जा रहा है. रिपोर्ट- नवीन उनियाल-

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00:06नेपाल त्रासदी के बाद उत्राखन में मौजूद ग्लेशियरों और उनसे बनने वाली जीलों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई
00:13हैं
00:13उत्राखन में कई ऐसे ग्लेशियर और जील हैं जो वैज्ञानिकों की टेंशन बढ़ा रही हैं
00:20हाली में वाडिय इंस्ट्यूट की एक स्टडी रिपोर्ट रिजिनल एन्वारमेंटल चेंज जर्नल में छपी है जो भविशिक के बड़े खत्री
00:27की तरफ इशारा कर रही है
00:29दरसल वाडिय इंस्ट्यूट ने टिहरी की बिलंगना घाटी में मौझूद 6 ग्लेशियरों खत्लिंग, फेटिंग, दूद गंगा, रतंगरियां, जोगिन और एक
00:39अनाम ग्लेशियर पर स्टडी की थी
00:41इस स्टडी में 1973 से 2025 तक के डेटा का अधियन किया गया, जो काफी चौंकाने वाला निकला
00:49वाडिय की इस रिपोर्ट में पता चला कि बिलंगना घाटी के ग्लेशियर तेजी से पिगल रहे हैं
00:54सबसे जादा असर खतलिंग ग्लेशियर पर पड़ा है, जो करीब 5.33 किलोमीटर पीछे खिसका है
01:01हमारा स्टडी बिलंगना बेसिन के उपर है, तो में मेंली हम लोगों ने 6 ग्लेशियर के उपर स्टडी किया है
01:24उसमें हमने मेजर फाइंडिंग के हिसाब से देखा है जो खटलिंग और फटिंग ग्लेशियर है, जो इनिशियली 1960s, 70s में
01:32कनेक्टेट था
01:32पर इतना मासलोस और उसका रिट्रीटेट बहुत जयदा है, जो एस कॉंपेर तो गंगोत्री जो लॉंगेस ग्लेशियर इन गर्वाली मेल
01:40है, उसके कॉंपेर में बहुत जयदा है
01:42चिंता की बाद यह है कि ग्लेशियरों में उपरी हिस्से पर भी बदलाव देखे गए हैं, जहां पर सामान्य तोर
01:48पर बर्फ जमा होती है
01:50यही कारण है कि ग्लेशियर तेजी से पिखल रहे हैं
01:53सबसे ज्यादा छेत्रफल खतलिंग ग्लेशियर का करीब 2.79 km घटा है
02:00इसी तरह फेटिंग ग्लेशियर करीब 0.71 दूद गंगा 0.64 जो अनाम ग्लेशियर है उसका छेत्रफल करीब 0.50
02:11km रतंगरिया में करीब 0.23 और जोगीन ग्लेशियर में करीब 0.35 km चेत्रफल घटा है
02:21जो अच्छे संकेत नहीं है
02:23अगर आप लॉंग टर्म स्केल पर देखें कि पिछले चार साल, पांच साल, दस साल के स्केल पर देखें तब
02:29आप देखेंगे कि हाँ वास्तमी ग्लेशियर का जो उनका एरिया है
02:35वो शेत्रफल जो है वो लगातार कम हो रहा है
02:38और उसका सबसे बड़ा रीजन जो मानते हैं लोग
02:42क्लाइमेट चेंज की बात करते हैं, ग्लोबल वार्मिंग की बात करते हैं
02:46मतलब इसमें कोशक की बात नहीं है कि ये
02:49जो ग्लेशियल एजिस जो हैं, उनकी भी एपनी एक साइकल है
02:54वो थाल्दंस ओफियेस में चलती है
02:55लेकिन जो क्लाइमेट चेंज का असर है
02:59जिसकी वज़े से वो साइकल के कहीं उपर आपर आपरेट कर रहा है
03:04मतलब उसकी वएस से जो भी ग्लेशियर के शेतरफल में लगातार कमी हो रही है
03:10वो कहीं कहीं जादा है, कहीं गुना जादा है
03:13जितना कि आप उम्मीद कर सकते थे कि वही ग्लेशियल साइकल में जो उम्मीद होती थी
03:19और उसका सारा जो लोग मानते हैं, वजय मानते हैं वो ग्लेशियरों पर वाडिया की ये स्टडी रिपोर्ट हिमाले में
03:29तेजी से हो रहे बदलावों को लेकर एक जेतावनी है
03:33जो बताती है कि हमाले एक शेत्रों में ग्लेशियरों और जीलों की निरंतर निगरानी अब बेहत जरूरी हो गई है
03:39ताकि भविश में नैपाल जैसी त्रासदी से बचा जा सके
03:43EGV भारत के लिए देहरादून से नवीनुनियाल
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