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  • 7 weeks ago
श्वेता मिश्रा के संपादन और संवाददाता अलीम शेख की इस खास रिपोर्ट में आइए जानते हैं, क्या है चंद्रकला की खासियत?

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00:00यूँटो बाराबंकी, गंगा जमनी तहजीब, शायर खुमार बाराबंकीवी, मशूर आके खिलाड़ी, बाबू केडी सिंग और मशूर सूफी संथ हाजी वरिस
00:10अली शाह की सरजमी के लिए जानी जाती है।
00:14लेकिन आज हम आपको एक ऐसे जाएके के सफर पर ले चलते हैं, जिसकी मिठास साथ समंदर पार जाने वाली
00:22है।
00:22जी हाँ, हम बात कर रहे हैं, यहाँ की मशूर और पारंपरिक मिठाई चंदरकला थी। क्या है चंदरकला और कैसे
00:31इसकी किसमत बदलने वाली है।
00:33देखी हमारी इस खास पेशकश में।
00:36गोल मटोल और खुबसूरत सी दिखने वाली इस मिठाई का नाम है चंदरकला। पूर्डिमा के चांड जैसी गोल होने के
00:43चलते ही इसे चंदरकला कहा जाता है।
00:47जिले की इस पारंपरिक मिठाई की गुडवत्ता बढ़ाकर इसको गलोबल बनाने के साथ साथ रोजगार के आउसर खोलने के लिए
00:54सरकार ने इसे एक जिला एक व्यंजन उत्पाद के लिए चुना है।
01:15आए जानते हैं चंदरकला तैयार कैसे होता है।
01:20पहले मैदा में पानी और घी मिलाकर उसे देर तक गुंथा जाता है फिर गुंथे हुए मैदे की हथेली के
01:27बराबर की टिकिया बना ली जाती है।
01:29एक टिकिया में पहले से ही तैयार, खोया, मेवा और इलाइची के मिश्रण को रखा जाता है।
01:36उपर से दूसरी टिकिया रखकर इसको बंद कर दिया जाता है।
01:40उसके बाद इसको किनारे किनारे बड़े ही खास ढंग से गोट कर डिजाइन दी जाती।
01:46इन कच्चे चंदरकला को कड़ाई में डाल कर तेल या घी में फराइ किया जाता है।
01:51आज तेज न हो, इसका विशेस खयाल लखा जाता है।
01:55golden होने तक इसको तला जाता है, फिर इसको निकाल कर, पहले से ही तयार शकर की गाड़ ही चाशनी
02:03में डाल दिया जाता है।
02:0510-15 मिनट बाद, इसको चाशनी से निकाल लिया जाता है।
02:09इस तरहे चंद्रकला बनकर तयार हो गया मसावली स्थित लक्षमी स्वीट के मालिक बताते हैं कि तीन पीड़ियों पहले चंद्रकला
02:19बनाने की शुरुवात सफदर गन से हुई थी फिर इनका परिवार मसावली आ गया चंद्रकला जैसी मिठाई और कहीं नहीं
02:28बनती थी ले
02:42अपने लजीज जाइके के चलते चंद्रकला हर खासवाम की पसंद बन चुका है और शायद यहीं वज़े है कि जिले
02:50से गुजरने वाले आसपास के जिलों के लोग यहां के चंद्रकला का स्वाद लेना नहीं भूलते
03:10एक जिला एक व्यंजन योजना के तहट चैनी तिसूत पाद को लोकल से गलोबल बनाने के लिए पहले चरण में
03:18जिले में 11 निर्माणी काईयां इस्थापित की जाएंगी
03:21जिन पर सरकार की तरफ से 25 फीस्दी सबसीडी दी जाएगी
03:37चंदरकला को और जादा हाईजनिक बनाने के साथ साथ उसकी क्वालिटी को और बहतर कैसे बनाया जाए
03:43इसके लिए उद्योग विभाग चंदरकला निर्माण में दिल्चस्पी रखने वालों को फूड एंड सेफ्टी विभाग से स्पेशल ट्रेनिंग भी दिलाएगा
03:52यही नई इस मिठाई को देश विदेश तक पहुचाने के लिए इसकी ब्रांडिंग भी की जाएगी
03:58साथी अमेजन और फिलिपकार्ड जैसे ही प्लेटफार्मों से भी इसको जोड़ा जाएगा
04:22इतना अच्छा कर पाएं उद्धमी लोग उसके लिए भी इसको लोगो ट्रेनिंग दिलाई जाएगी और क्वाल्टी का इसके लिए ट्रेनिंग
04:29दी जाएगी उसके बाद भी अपनी ब्रांडिंग वोके साथ साथ जैसे ई-कामर्स प्लेटफार्म अमेजन और वगएरा है
04:39निश्य ही सरकार की इस योजना से न केवल जिले के पारंपरिक और विशिष्ट वियंजन को अंतररास्टी स्तर पर पहचान
04:48मिलेगी बलकि इससे डायरेक्ट और इंडायरेक्ट रूप से रोजगार के नए आउसर भी स्रजित होंगे
04:56बारा बंकी से एटीवी भारत के लिए अलीम शेख

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