00:00नहीं, मैं देखिए, मैं सपस्ट तोर पे जो लगाता है, सदन के अंदर भी बोलता हूँ, भारती सम्विधान की एक
00:06धारा है, 49, A, B और C, कम से कम इन तिन सब क्लॉजेस को देख करके, ये तैह होगा
00:15कि इन आकड़ों का क्या करें, जब आप ये मुझसे सवाल पूछ रहे है
00:19तो शायद आपका अगला सवाल ये भी हो सकता है, कि दूद की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, या नहीं भी
00:24हो सकता है, प्याज की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई, चीनी की कीमते हैं, अब मैं समझता हूँ, एक महीने
00:33के अंदर शूट अप की है, क्या करें इन आकड
00:36का अगर गरीब की थाली में यहां अखड़े परोसे नहीं जा रहे हैं उसमें तबदीलिया नहीं हो रही है निमनाय
00:43वर्ग और मद्यम वर्ग में नहीं हो रही है और यह सब चीज मैं कहता हूँ एक समवधानी की नजरिये
00:49से देखिए आर्टिकल थर्टी नाइन ओफ इंडिय
01:04नहीं होगे पहले तो कहते हैं कि साब एक क्वाटर की जीडीपी देखो और तालियां बजाओ फिर कहते हैं सोना
01:09मत करीदो बड़ी शादिया मत करो खुद विदेश में बैठें देश वालों को कह रहें कि विदेश मत चले जाओ
01:14पैसा बचाओ और असी प्रतिशत इस देश
01:17के लोग मुफ्त राशन पर निर्भर हैं तालियां बजाओ तालियां बजाते रहो बाकी सब सुनते रहो निराश होना अलाओड नहीं
01:27है इस देश में मोदी जी जब तक है कुछ भी हो मार खाते रहो लेकिन चेहरे पर शिकन मतलाओ
01:32क्योंकि शिकन साहब को पसंद नहीं मु
01:47इस देश की नौजवान की है यूद की है उनको क्या लाब हो रहा है क्या उनके मुद्दे हल हो
01:52गए क्या दूद की कीमते कम हो गई क्या मुफ्त राशन देने की अब ज़रुरत नहीं रही क्या रोजगार का
02:0045 साल का रेकॉर्ड वापस दुरुस्त कर दिया आपने क्या मैन�
02:12अगर इस सबका जवाब आपके पास है कि हाँ पॉजिटिव है तब हम भी तालियां बजा देंगे
02:20मैं फिर पूछ रहा हूं क्या असी परसेंट लोग मुफ्त राशन लेना उन्होंने हाथ जोड़के मना कर दिया कि हमें
02:28नहीं ज़रुत है हमारे पास है
02:31क्या नौजवानों की लाइने जो लगी हुई है रोजगार केंदरों के बाहर हो खतम हो गई क्या पेपर लीग बंध
02:37हो गए क्या नौकरियां सबको टाइम पर मिलने लग गई
02:40मुझे बताईए क्या दूद के दाम घट गए आज बंबई में आज जब हम बात कर रहे हैं आज बड़े
02:45हैं तो इन सब का जवाब जब आप मुझे देंगे कि हाँ ये सब हो गया तब हम निराश नहीं
02:52होंगे लेकिन प्रधान मंतरी को दिक्कत सिफ एक चीज़ से है आप �
02:57दुखी हो दर्ध हो रहा है चोट है जखम है आसू नहीं दिखने चाहिए बच्पन में होता था मारता पिता
03:04गया दे नहीं मारते थे कहते रो ना मत ये प्रधान मंतरी वैसे ही रो ना मत इसके इलावा सर
03:11आप करें नंबर GDP की दो बढ़े हैं लेकि कुछ नंबर SIR में घट
03:25अब सामने हैं जो एक्सपोजे राहुल जी ने महराश्ट्र का किया था असेमली चुनाव के बाद भी और उसके दौरान
03:33भी हम बार बार आवाज उठा रहे थे चुनावायोग के दर्वाजे पर गये थे
03:51एक करोड़ 81 लाख वोट काट रहा है मतलब राहुल जी ने जो 45 लाख वोट की बात उठाई थी
03:57वो सही थी तो इसका मतलब है कि वो असेमली रिजल्ट पर बहुत बड़ा सवालिया निशान है और अगर सवालिया
04:06निशान उस असेमली रिजल्ट पर नहीं है तो जो अब SIR
04:09के आकड़े आए हैं जिसमें एक करोड़ 81 लाख वोट कटे हैं इस पर सवाल या निशान है दोनों में
04:14से एक चीज सही हो सकती दोनों सही नहीं हो सकती इसके अलावा प्रधारमित्री ने जो इंस्टाग्राम पर वीडियो डाला
04:21उसमें बात कही जूट की गूँज उसको कै
04:25उनको खुद अपने जूट की गूँज बार-बार सुनाई देती होगी 12 साल पहले से जो प्रचार करते आए उसकी
04:30गूँज आज उनको बहुत तंग करती सताती है इससे बड़ा जूट और क्या हो सकता है कि आप एक तरफ
04:38कहते हो जीडिपी दूसरी तरफ कहते हो सोना मत ख
04:53देखो बीजल के दाम देखो दूद के दाम देखो शक्कर के दाम देखो फिर बताओ जूट की गूँज कितनी मीठी
04:59है