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  • 7 weeks ago
सुरक्षा एजेंसियों ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान स्थित आतंकी हैंडलर और आईएसआई जम्मू-कश्मीर में युवाओं को बरगलाने और भर्ती करने के लिए पोर्नोग्राफी एप्स, वेबसाइट्स के चैट फीचर्स और विशेष एनक्रिप्टेड ऐप्स का उपयोग कर रहे हैं. अश्लील वेबसाइट्स और ऐप्स पर दिए जाने वाले लाइव चैट या 'डेटिंग' विकल्पों का इस्तेमाल कर आतंकी गुप्त संदेश भेज रहे हैं.  पहचान पूरी तरह छुपाने के लिए टोर  आधारित मैसेजिंग सेवाओं का सहारा ले रहे हैं.लो-बैंडविड्थ और एनोनिमस ऐप्स जो धीमी 2जी या एज  नेटवर्क पर भी काम कर रहे हैं. जिनमें रजिस्ट्रेशन के लिए फोन नंबर या ईमेल की जरूरत नहीं होती. आतंकी संगठन सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए अब आम सोशल मीडिया ऐप्स का इस्तेमाल कम कर रहे हैं.

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Transcript
00:03foreign
00:04सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए आतंकवादी और उनके हांडलर्स पॉन वेबसाइट का इस्तमाल कर रहे हैं।
00:38सुरक्षा एजेंसियां वियतनाम बेस्ट आप्स और मून चैट जैसे गुमनाम प्लाटफॉर्म फ्रांस का एक एप जो बिना सिमकार्ड या फोन
00:46नंबर के
00:46end-to-end encrypted messaging के सुविधा देता है इन पर भी नज़र रख रही है।
00:51सुरक्षा एजेंसियां encrypted instant messaging apps पर निगरानी के लिए अपने cyber निगराने सिस्टम को लगातार अपडेट कर रहे हैं।
00:58इनका इस्तमाल आतंक की संगठन घाटी में युवाओं की भरती और कटरपंती बनाने के लिए कर रहे हैं।
01:04सुरक्षा एजेंसियों ने जाश में ये trend में देखा कि आतंकवादी अब आम सोशल मीडिया apps का इस्तमाल कम कर
01:10रहे हैं।

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