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  • 5 weeks ago
विनाशकारी बाढ़ ने नेपाल ने कैसे मचाई तबाही? विशेष में देखें ग्राउंड जीरो से रिपोर्ट

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00:00नमस्कार आप देख रहें आज तरक इस समय वक्त है विशेश का आपके साथ मैं हूँ आशे तोश मिश्रा
00:04ग्राउन दीर जो हमारी कवरेज लगातार जारी है
00:0732 घंटे तबाही के नजाने कितनी जिंदगियां अभी और जाएंगी
00:12वक्त इस समय लड़ाई रेस अगेंस टाइम है
00:15एक तरफ जहां पर राहत बचावकारे चल रहा है
00:18दूसरी तरफ सवाल ये खड़ा हुआ है कि कैसे आखिर चीन और नेपाल की सीमा से
00:23शुरू हुआ ये सैलाब धीरे-धीरे गाओं को, कस्पों को, शेहरों को बिलकुल जमी दोस करता गया
00:29रंग, विरंगे, गुलजार, भीड, भाड़ भालेवे शेहर आज सिर्फ एक रंग में नजर आते हैं
00:34और वो रंग है तबाही का, सब कुछ मलवे में तब्दील हो चुका है
01:04नेपाल में भीशन दवाही के बाद अब ये तरह तरह की ध्योरीज आ रही है कि ये फ्लैश फ्लड क्यों
01:10आया, कैसे आया, क्या ग्लेशियर फटा या वजह कुछ और रही है
01:27लेकिन वजह जो भी हो, जल प्रलै ऐसी आया, कि नेपाल में लाखों की आबादी प्रभावित है
01:34सैकणों की मौत हो गई, हजारों ना पता है
01:50कई विदेशी नागरिक थे, कई भारतिय थे, नेपाल की सेना के, पुलिस के, रिजब पुलिस फोर्स के जवान थे
02:05कई पुल बह गए, कई बिजली पर्योजनाए बह गए, उनके अंदर काम करने वाले करमचारी मारे गए, उनके तो शव
02:12भी नहीं मिल रहे
02:21नेपाल को इतना नुकसान हो चुका है, कि जिसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है
02:25नेपाल में कजबे के कजबे तबाह हो गए, ये सेंटरल नेपाल के वो इलाके थे, जहां बहुत बड़ी मात्रा में
02:31तूरिजम फल फूल रहा था
02:32देशी विदेशी परेटक यहां आते थे, यहीं से कैलाश मान सरोबर का रूप जाता था, सैकड़ों करोड का कारोबार था,
02:40लेकिन अब सब कुछ खत बहो गया
02:59आपको ये समझाने की कोशिश करते हैं, कि कैसे त्रिशूली नदी में आई ये तबाही, नेपाल को बरबात करती चली
03:05जैसे जैसे ये बाढ़ आगे बढ़ी, इसने कैसे कजबे के कजबे, गाउं के गाउं तबाह कर दी
03:11ओ माइ गोड येर
03:14ओ माइ गोड येर
03:49लोगों को सभलने का भी मौका नहीं है
03:51जिसको मौका मिला वो भाग गया जो नहीं भाग पाया वो मारा गया
04:19नेपाल में तबाही के शुरवात इसी केरूंग पोर्ट से हुई
04:22जो नेपाल और तिबबत का बॉडर है
04:25तिबबत पर चीन का कबजा है उसे वो अपना स्वायत प्रांत बताता है
04:30इसलिए चीन नेपाल बॉडर इसे कहा जाता है
04:45सबसे पहले फ्लैश फ्लड ने यहीं पर हिट किया
04:52नेपाल और चीन के व्यापार का करीब एक तिहाई हिस्सा यहीं से होता है
04:57और साथी नेपाल के रास्ते मानसरोवर यात्रा का रास्ता भी इसी गेरूंग पोर्ट से होकर गुजरता है
05:02यहीं मानसरोवर यात्रियों के लिए इमिगरेशन पॉइंट ही
05:09यहीं से वो वीडियोज आये थे जहां लोग दोड़ते भागते देखे थे
05:13तबाही ऐसी थी जैसे कभी किसी ने नहीं देखी
05:16किसी को समभलने का मौका तक नहीं मिला
05:49यहां से तबाही का यह सेलाब आगे बढ़ता गया
05:52पूरा पहाड़ी इलाका है
05:53उपर यह भोटे कोशी नदी थी जो नीचे आकर त्रिशूली बनती है
05:57सेलाब से भरी भोटे कोशी नदी जैसे जैसे नीचे आती गई
06:01तबाही मचाती गई
06:20इस फ्लैश फ्लरड नहीं जिन तीन जिलों में सबसे ज़ादा नुकसान पहुंचाया है
06:24उनके नाम है रसवा, नुवाकोल और धाड़ी
06:27यहीं से त्रिशूली नदी गुजरती है
06:29जिसमें यह बाड हाई है, 2021 की जंगर्ना के मताबिक इन तीन जिलों में करीब 6,35,790 लोग रहते
06:37हैं
06:37जो नेपाल के कुल आबादी के 2% हैं
06:51सबसे पहले बाड रसवा में आई, देखे बाड में कजबे का क्या हाल करते हैं
07:04नेपाल चीन बॉर्डर के गेरूंग पोस रसवा गड़ी में इस्थित हैं
07:07यह नुवा कोट के उत्तर में स्थित जिला है, जहां करीब 50,000 लोग रहते हैं
07:12चीन बॉर्डर पर होने के वजह से यह एक व्यापारिक कजबा है
07:15बहुत सी इमारते थे, होटल थे, हाइडरो पावर प्रोजेक्ट्स थे, लेकिन बाढ़ में सब कुछ तबाह हो गया
07:33यह वीडियो आप कल से देख रहे होंगे, जहां एक हाइडरो पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह से बरबाद हो गया
07:39कुछ मजदूर यहां अपनी जान बचाते भी दिखे थे, लेकिन सफल नहीं हो पाए, यह रस्वा का ही वीडियो है,
07:46यहां बहुत से पुल और विजली पर्योजनाए वह गई
08:03यहां आज तक के संबादाता आच्टोष मिश्रा पहुंचे हैं, रस्वा मार्केट में क्या हाल हो गया है, यह आच्टोष की
08:09रिपोर्ट से समझें
08:11आधे हिस्से में आनेक बाद अगर आप देखेंगे, यहां से पता चलता है कि शहर में बचा कुछ भी नहीं
08:15है, ज्यादा तर जो घर है, तो आप सेखिए सड़क का एक हिस्सा है ना, यहां पर सारी दुकान ही,
08:20यह कमर्शिल इंस्टिट्यूशन है, और इस तरफ सारी रिह
08:40अपने लगाया है, सारे मकान जो यहां पर धुस्त हो चुके हैं, जो पहली दूसरी मंदिल है, वो लगभग मल्बे
08:45में तबदील हो चुकी है, और इसके आगे, इस तबाही के मंदर से आप अंदाजा लगा सकते हैं, कि वहां
08:50जाना पहुंचना, यह सब कुछ नामुम्किन
08:55यह नेपाल के रस्वा का एरियल वीडियो है, यह हेलिकॉप्टर से लिया गया है, देखिए क्या तबाही मची है, सिर्फ
09:01और सिर्फ वर्बादी के निशान दिख रहे हैं, रस्वा बाजार का पुरा हुलिया ही बदल गया
09:07एक निर्माना थी, निमारत की मुशाई पर आया हूँ यह देखने के लिए कि यह खुबसूरत शहर था, रंग बिरंगा
09:12था, अब देखिए वो एक तरह बगल में नदी की धरा जा रही है, और लेकि दूसी के सहलाब के
09:17साथ ही पता चलता है, इसके साल साथ किनारे यह बह�
09:22सुनितर रहाइशी घर थे, लेकिन इस उचाई पर आता हूना तो ऐसा लगता है कि सब कुछ बंजर हो चुका
09:27है, कीचड मलवे में एक रंग बिरंगा शहर अब सिर्फ एक रंग में ढल चुका और वो रंग है, कीचड
09:32का सैलाब का तबाही का, अपने साथ यह जो नदी ले
09:52कीचड के निशान छोड़ गई है, इसके बाद फ्लेश फ्लड ने नुवा कोट को हिट किया, नुवा कोट नेपाल का
09:58एक बड़ा जिला है, यहां भी खूप तबाही हुई, बार्ध ने नुवा कोट के विदूर इलाके को हिट किया, यहां
10:12बहुत से पुल बह गए, इस क�
10:14उसवे के जंजंक्या 69,000 है, नुवा कोट नेपाल की राजधानी काठमांडू से उत्तर पूर्व की तरफ का एक जिला
10:20है, जो एक ग्रामीन और पहाड़ी इलाका है, टूरिजम डेस्टिनेशन है, क्योंकि यहां बहुत से हैरिटेज साइट्स और धार्मिक मंदिर
10:27है, न�
10:44आपने भी कल से कई बार देखा होगा, यह इसी तरशूली बाजार का वीडियो है, अब तरशूली बाजार कुछ ऐसा
10:55दिखता है, जैसे कोई खंडहर होगा, जैसे कोई कब्रिस्तान होगा, जैसे यहां युद्ध की कोई भीचन बंबारी हुई होगी, जहां
11:02कभी भरा प�
11:13जिनारों को कनेक्ट करने के लिए पुल था, यह पूरा रिहाइशी इलाका था, यहां बहुत से होटल थे, स्कूल थे,
11:18सरकारी दफ्तर थे, बीच में खूबसूरत तरशूली नदी बहती थी, और अब यहां मौत का सन्नाटा है, कल जब बाढ़
11:25आई, तो बहुत से लोगो
11:41के मंदर आने के ठीक पहले, यहां पर क्या कुछ नहीं था, और आपको यहां पर क्या दिखाई पड़ता है,
11:46यहां एक फुल हुआ करता था, तरसल शहर को दोनों और से चौराओं से जोड़ने के लिए, यहां एक फुल
11:51था, लेकिन अब फुल जो है यह रिखे, इस हाल में
11:54हैं, इतना तेज प्रवाँ था कि इस पुल को चीरते हुए, इसको धुस्त करते हुए, यह तरशूली नदी अपने प्रवाँ
12:02में लेखे, यहां घर है, मकान हैं, लोग यहां रहते थे, दुकाने दे यह देखे, क्या हाल हुआ है, ऐसा
12:07लगता है मानों कहीं पर बंबारी ह
12:08लेकिन पुद्रत का प्रवाः और उस अगुरसा इस नदी का इतना था, इस तैलाब के आगे पूरा शेहर जो है,
12:16बरबाद हो गया है, तरशूली बाजार में तो लगता है, जैसे मौत पसरी हुई है, नदी ने सारे घर साफ
12:22कर दिये, सब कुछ धस्त कर दिया, नदी का प
12:38पुकान थे, रंग विरंगे घर की छदे दिखाई देती ही पुरानी तस्मीरों में, और अब जो इका दुका लोग दिखाई
12:43दे रहे हैं, वो अपने घरों की छटों पर आसपास इस की चड़ में आये हैं देखने कि क्या घर
12:48में कुछ बचा है, जान बचाने के लिए लो�
13:07गाओ लोगों को सालो तजियाद रहेंगे
13:37ग्राउंड जीरो से हम लगातार आपको हर रेपोर्ट दिखा रहे हैं वेकरेगे आज तर

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