00:07बाई बहन के पवित्र प्रेम का त्योहार रक्षा बंधन को लेकर इस बार बाजारों में एक अलग ही रौनक है
00:14अलवर में इस साल राखियों के 50,000 से ज्यादा अनोखे और ट्रेंडी डिजाइन तयार किये गए हैं
00:20यहां की बनी राखियों की धूम सिर्फ देश के महानगरों में ही नहीं बलकि अमेरिका, इटली, कनाडा, दुबई, फ्रांस और
00:29जापान तक है
00:30रक्षा बंधन से एक महीने पहले ही विदेशी ओर्डर्स के लिए माल पैक कर रवाना कर दिया जाता है
00:37बच्चों के लिए खास कार्टून, लाइट और म्यूजिक वाली राखियों के साथ ही इस बार स्लीक और पतली डोरी वाली
00:44डिजाइनर राखियों की सबसे ज्यादा मांग है
00:46खास बात ये है कि अलवर में मात्र दो रुपे की शुरुवाती की इमत से लेकर दो सो रुपे तक
00:52की प्रीमियम राखियां एक ही छट के नीचे मिल जाती है
00:55इस साल हमने राखियों के गरीब पता से जाखे ज़ादा डिजाइन हैं और ये साल भर काम चलता है
01:03बेसिकली दिवाली की वास्ते प्रोडेक्शन चालुई आती है राखियों की और इसमें करीब राजगर्ड, रामगर्ड, नौगावा, खेली
01:12जब आप समझेए अलवर तो है यही, पंद्रहसो से दो हजार वर्कर्स काम कर रहे हैं जो घर पे मैलाएं
01:19अपने ले जाती हैं राखिय बनाने के लिए और फिर वो डेली बना के लाती हैं इस आप समझेए एक
01:27रुपए, दो रुपए से लेके और 20-30 रुपए तकी राखि
01:31इंडिया के लावा आप समझेए गरी 30-35 कंत्रीज में अभी एक्सपोर्ट कर रहे हैं और अच्छी डिमांड है, छोटी
01:37पतली राखियां भी ब्रेंड में चल रहे हैं इस साल से, तो इनका प्रोडेक्शन हम लोग जो करते हैं बहुत
01:44ही जो अचा लेबर भी फैले क्या थी
02:00अब मार्किट में सुन्दर दिखनी चीज़ हैं और बहुती बेसिकली अच्छे से उसको गमिंग करना, उसको पिरोना, कलर सेटिंग तो
02:10इसकी लेबर करने लगए आजकर, तो टेक्निकल चीज़ें आगी हैं बाकि में तो उस तरह की लेबर काम करते हैं
02:16ये व्यपार सिर्फ कला का नहीं बलकि रोजगार का भी बड़ा जरिया है दिपावली के बाद से ही शुरू होने
02:23वाले इस काम से अलवर के राजगर, रामगर और माला खेड़ा जैसे ग्रामिर इलाकों की महिलाओं सहित करीब 15,000
02:31लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्
02:44कर्ष्टूमर्द दुगान दा रहा है वो आते रहते हैं उन सब के लिए बागी हमारी सप्लाइप पूरी जिगाच चलते रहती
02:50है वह ले लिए हमें फोरन के अंबे भी चलती है अब दिके तो सिमा देको कोई नहीं है फिर
02:55भी मलब काफी आजारों डिजाइन मनाते हम पो �
02:58सबस्लें के अंदर चलताह करी लुखरा एन
03:22We all have our new characters.
03:25We have all the characters, children, children, children, all the characters.
03:29In Alvar, everyone finds everyone with us.
03:36We have many people on the island.
03:36We go through all the gardens by us.
03:40Let's talk about the trend,
03:42children's characters, music, and fun of cartoon characters.
03:48The characters have built up.
03:50foreign