Skip to playerSkip to main content
  • 3 hours ago
लखनऊ पुल‍िस के साथ ऐसे कैसे हो गया अजब धोखा, देखें वारदात

Category

🗞
News
Transcript
00:10नमस्कार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदाथ
00:14चोर उचकों के साथ भी अमूमन ऐसा नहीं होता
00:17कि आज पकड़े कल जमानत मिल गई और परसो छोड़ दिया
00:21लेकिन लखनो में तो कमाल ही हो गया
00:24हत्या की कोशिच जैसे संगीन ईल्जाम में लखनो पुलिस शुकरवार को तीन लोगों को गिरफ़तार करती है
00:30शनिवार को पुलिस की जानकारी के बिना ही अदालत तीनों को जमानत दे देती है
00:35और रवीवार को तीनों जेल से रहा हो जाते है
00:39वो तो रिहाई के बाद रिहाई का जश्न बनाते हुए अगर तीनों अपना वीडियो खुद न बनाते और उसे सोशल
00:46मीडिया पर न डालते तो लखनव पुलिस को उनकी रिहाई की भनक तक नहीं लगती
00:58वाकई कमाल है यूपी पुलिस बातें ऐसी ऐसी कि बस पूछिये मत भौकाल ऐसा दिखा दें कि ना चाहते हुए
01:07भी दिल यकीन करने को मजबूर हो जाता
01:10कि सचमच यूपी में मुझरिमों के दिलों में इनके लिए कितना खौफ बात बात पे गोली चला कर ये हर
01:18दिद इन लंगडाती तस्वीरों के जरी उसी खौफ की नुमाईश करते भिरते
01:23गोली चलाते चलाते शायद यूपी पुलिस अब ये भूलती जा रही है कि कानू अदालत ये जेल नाम की भी
01:31कोई चीज होती है
01:32अगर किसी को पकड़ा है कोई मुकदमा लिखा है किसी को कोट के रास्ते जेल भेजा है तो उसकी जानकारी
01:39भी रखनी जाहे
01:40मगर नहीं जब काम गोली से चल रहा है तो इतनी महनत कौन करें
01:46ये लखनओ में मौजूद लखनओ जेल है
01:49आज इस जेल के बाहर की एक ऐसी तस्वीर आपको दिखाने जा रहा हूँ
01:54जिसे देखने के बाद कायदे से पूरी यूपी पुलिस का शर्मिन ना होना बनता है
02:04ये तस्वीर इसी 23 अगस्त यानि संड़े की है
02:07लखनओ जेल के बाहर तीन गाड़ियों में कुछ लोग पहुंचते हैं
02:12इसके बाद इसी जेल से एक एक कर तीन लोग बाहर आते हैं
02:16बाहर उनके स्वागत के लिए भाकाइदा उन्हें रिसीब करने आए लोग
02:20फूलों की माला पहना कर उनका वेलकम करते हैं
02:24पिर बाकाइदा जेल के मेंगेट के सामने फोटो سेशन होता है
02:29तस्वीरें उतारी जाती ही इसके बाद जेल से बाहर निकले तीनों कैदी अपनी अपनी मालाएं गले से उतार कर गाड़ी
02:37के साइड मिरर पर टांग देते हैं
02:39फिर फर्राटे मारती तीनों गाड़ी जेल के बाहर से निकल जाती है
02:45शायद जेल से जाते हुए रास्ते में ही इनी में से कोई एक जेल के बाहर शूट किये वीडियो को
02:52एडिट करता है
02:53उसमें म्यूजिक डालता है फिर उसे सोशल मीडिया पर डाल देता है
02:57अब पूरा सीन वीडियो में कुछ इस तरह दिखाई पड़ता है
03:20झालता है
03:52अब यहां तक तो ठीक था पर गड़बर तब हुई जब मॉबाइल मॉबाइल तैरते गूटते उचलते
03:59यही वीडियो लखनो पुलिस के मॉबाइल में दस्तक देती
04:02जेल से निकले उन तीन कैदियों के चेहरे देखते हैं
04:06अब बारी लखनो पुलिस के उचलने की थी
04:09पहले तो उन्हें इस वीडियो पर यकीन ही नहीं हुआ
04:13फिर जेल समय इधर उधर फोन घुमाने के बाद उन्हें यकीन करना पड़ा
04:18कि ये तीनों कैदि आजाद हो चुके हैं
04:21अब आप कहेंगे कि इसमें ऐसी बड़ी बात क्या है
04:24तो जब आप बात सुनेंगे तो खुद ही कहेंगे कि ये क्या बात ही हुआ
04:30हत्या की कोशिश के मामले में जहां दस साल से लेकर
04:34उम्र कैद तक की सजा है
04:36उसी इलजाम में इन तीनों को लखनो पुलिस शुकरवार को गिरफतार करती है
04:41कोट में पेश करती है
04:43कोट तीनों को नियाई खिरासत में जेल भेज देती है
04:46पुलिस घर लोटाती है
04:48उदर पुलिस घर लोटती है
04:49इधर अगले दिन यानी शनिवार को तीनों चुपके से कोट पहुँचते हैं
04:54ज़वानत मांगी
04:55जच सहब तीनों को ज़वानत भी दे देते हैं
04:58ज़वानत के काख़ाथ शनिवार देशामी इसी लखनव जेल में पहुँच भी जाते हैं
05:04फिर अगले दिन यानि संडे को तीनों इसी तरह धूम धाम से जेल से बाहर निकल जाते हैं
05:10अब ही ना बात बात ये कि शुकरवार को गिरफतारी हूँ
05:15शनिवार को जमानत और रवीबार को रिहाए
05:18पर बात अब भी पूरी नहीं हूँ
05:21असल बात तो ये है कि ये तीनों गिरफतारी के अगले ही दिन कब कोट पहुँचे
05:27कब जमानत की अर्जिद कब जमानत मिल और कब जेल से रिहा हो गए
05:32लखनो पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी
05:37लखनो पुलिस ने बिते शुक्रवार याने 21 अगस्त को
05:40नद्वा के मौलाना की हत्या की साजिश रच रहे दो शूटर
05:46और उसके करीबी मेनेजर के समेट 6 लोगों को गिरफतार कर जेल भेजा
05:50लखनो पुलिस ने दरा किया की नद्वा के मौलाना की हत्या
05:56जैसी वारदात को उसने रोक लिया लेकिन यही लखनो पुलिस इस हत्याकान की कोशिश साजिश में शामिल शूटरों को मुहिया
06:06कराने वाला उनको सुपारी देने वाला और साजिश में शामिल दो वकीलों को 24 घंटे भी जेल में नहीं रोक
06:15पाई शुकरवार को जेल भेजे
06:26के वीडियो वाइरल कर रहे हैं फिलाल कानूनी दस्तावेजों में भी गिरफतार किये गए दोनों ही वकीलों पर आधा दर्जन
06:35से अधिक मुकदने लखनों के वजीरगंज और हजरगंज थाने में दर्ज हैं यह लग बात है कि अधिकारियों का कहना
06:42है कि इस मामले में बे
06:55अधिश रसने वाले वकील और शूटरों को मुहिया कराने वाले बिचॉलिये को जमानत मिल गई
07:02असल में पूरी बात ये है कि नदवा के एक मौलाना इर्फान एहमद रिजवी के कतले की साजश रखी गई
07:09थी
07:09इसके लिए बाकाइदा दो शूटर हायर किये गये थे
07:12पिस्टल का इंतिजाम हो चुका था
07:15यहां तक की मौलाना की रेकी भी हो चुकी थी
07:17लेकिन तबी हजरत गन पुलिस को इसकी भनक लग गए
07:21पुलिस ने वक्त रहते दो शूटरों को गिरफतार कर लिया
07:24इन से पूछताज के बार साधिश में शामिल बाकी चार आरोपियों को भी
07:29शुकरवार को गिरफतार किया गया
07:33दो लड़के जो है मौमद शाहिद और मौमद जमीर नाम के बच्चे
07:38इसमें एक पिश्टल उसके साथ साथ एक मोटर साइकिल
07:41जो की चोरी की रहे मोटर साइकिल उसके अलावा पांच कार्तूर उसके साथ
07:44वहां हजद गन की पूलीश टीम के दारा की दफतार किया गया था उनको
07:47और इस संब्ध में मुकदमा पंजीकित करते हुए उननीस तारीक को उनको मानी नाले के समझ पेस करते हुए
08:04पर बहूद भी जागया था इस संब्ध में नके देदारा फिश्टल ऊगरर दी गई है जो उस घटना करमा में
08:12ओमान को
08:13वांचित था जिसकी किस्तारी को की गई जब कडियां जोड़ी गए तो उसके साथ यह पता चला कि एक सुहल
08:20और
08:21तोयल और उसके साथ साथ जो है इस फरहान दो अधिवक्ता जो है जो आपस में साले बहन वहीं हैं
08:31इनके दोरा जो है आमन कुरेशी के माधियों से साहता लेते हुए जो एक मदसा संचालक हैं बिलाल नाम के
08:39बिलाल नाम के दोरा इर्फान की हत्या की साजीस्त दची गई थी �
08:44जिसमें दोलाक रुपए की सुपारी भी दे जाने की बात थी और उन्हीं की इर्फान जो रिवरा कालोनी की ही
08:49निवासी हैं उन्हीं की हत्या के संबंद में ये पूरा सडियन तरचा गया था यानि मौलाना की सुपारी देने वालों
08:56में बकॉल पुलिस दो वकील भी थे ज
09:19जिम से निकलते वक्त मौलाना को गोली मारी जाए।
09:40भी चोरी की गए थी जो बरामद हुए जिसके संबंद में पूर्च सही ठाना गाजीपूर पर मुकंदमा भी पंजिकने थे
09:46असल में मौलाना इर्फान के मदरसे और प्रपरटी पर आरोपियों की नजर थी इर्फान के गतले के बाद वो उनकी
09:53संपत्ती खरपना चाहते थ
10:20मौलाना इर्फान की हत्या की कोशिश के इलजाम में
10:23लखनाव पुलिस ने कुल छे लोगों को पकड़ा, दो शूटर, एक मौलाना रिहान का मैनेजर बिलाल, शूटरों को लाने वाला
10:31बिचॉलिया अमन कुरेशी और दो वकीर सुहेल और फरहान, दोनों शूटर दो जेल में है, मौलाना का मैनेजर भी जेल
10:39में, लेकिन बाकी त
10:41प्रेशी, सौहेल और फरहान, गिरफतारी के अगले ही दिन शनिवार को कोट में जमानत की अरजी लगा देते हैं, कमाल
10:49ये, कि लखनाव पुलिस आरोपियों की जमानत याचिका खारिच करवाने के लिए कोट में मौजूद ही नहीं थी, चोके पुलिस
10:56को पता ही नहीं था
10:57कोट ने भी बिना पुलिस की दलील सुने, और बिना जमानती का वरिफिकेशन कराए, तीनों को जमानत दे थे, इसी
11:05के तोब अगले ही दिन तीनों जेल से बाहर आगlaughter, अगर ये तीनों आरोपिय जेल से बाहर आने के बाद
11:12ये भोकानी हरकप न करते, बिना विडियो बना�
11:27तो शर्मिंदा लखनो पुलिस इनकी रिहाई को वापस टैद में बदलवाने के लिए फिर से अदालत का रुख करने जा
11:34रही है
11:36लखनो में नद्वा के मौलाना इर्फान अहमद रिजवी की हत्या की साजिश में शामिल अमान कुरेशी रिहान और सुहेल सिद्धिकी
11:45कुब लखनो पुलिस ने भले ही बड़े दावों के साथ गिरफतार कर जेल भेजा
11:51लेकिन शुक्रवार को गिरफतारी, शनिवार को कोट से जमानत और रईवार को हुई रिहाई ने बता दिया कि लखनो पुलिस
12:00के दावों में कितनी सच्चाई थी
12:02यह अलग बात है कि अब लखनो पुलिस कह रही है कि वो निशली अदालत के स्पैसले के खिलाफ उचली
12:09अदालत में अरजी लगाएंगे
12:12चूक किसकी है यह तो कानूनी दस्तावेजों को पढ़ने के बाद ही पता चलेगा
12:17लेकिन इतना जरूर है कि इस पूरे मामले में कानून का जिस तरह से आरोपियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो
12:25बना कर माखौल उड़ाया
12:27वो बताता है कि कैसे हत्या की साजिस रचने वाले पेशे से वकील और अमान कुरेशी जैसे बिचौलियों के होसले
12:37बुलंद हो जाते हैं
12:38जब कानूनी कारवाई और दस्तावेजी लिखा पड़ी में कमी और कोट से उनको 24 घंटे के अंदर जमानत मिलती है
12:51और अब बात बैग में रखी एक आधी अधूरी लाश के 2100 किलो मीटर के सफर की
12:58चन्नेई एक्स्प्रेस में चन्नेई से चलकर नई दिल्ली आने वाली उस ट्रेंड के अंदर एक बैग में एक आधी अधूरी
13:04लाश पड़ी थी
13:05इस लाश पर या इस बैग पर किसी की नज़र नहीं पड़ी
13:08लेकिन गौालियर में पहली बार किसी ने इस बैग को देखा
13:12आगरा में इसकी खबर दी गई और फिर जब बैग खोला गया
13:15तो इसके अंदर बिना सर के एक लाश थी
13:18अब इसी के बाद बिना सरवाली इस लाश की तफिश शुरू होती है
13:32चन्नाई से दिल्ली जाने वाली तमिल लाडू एक्स्प्रेस तैवक पर गौालियर पहुंच की थी
13:37लेकिन गौालियर से जैसे ही ट्रेंड चली
13:40ट्रेंड में सवार एक मुसाफिर ने शिकायत थी कि ट्रेंड के पिछले हिस्से के जनरल कमपार्टमेंट लाल रंग का एक
13:48ट्रॉली बैग लावारिस हालत में पड़ा है
13:51और उसके आसपास से बगभुआ रही है
13:54ये खबर जैसे ही जी आर्पी यानि गौवर्मेंट रेलवे पुलिस को मिली जी आर्पी ने फॉरण आगरा कंट्रोल रूम को
14:01इसकी खबर दी
14:02क्योंकि ट्रेंड का अगला स्टॉपेज आगरा थी
14:05गौालियर से आगरा तक की दूरी एक खंटे में तेह होना थी
14:18सूचना मिलते ही आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर जैर्पी की पूरी टी तैयारी के साथ तमिलनाडू एकस्प्रेस का इंतजार करने
14:27लगी
14:28सुबा करीम पाँच बजे ट्रेंड प्लेटफॉर्म नमबर वन पर रुकती है
14:32कंट्रोल रूम से मिली सूचना के आधार पर अब रेलवे पुलिस की टीम उसी जनरल कमपार्टमेंट में ताखिल होती है
14:40खबर सही थी कमपार्टमेंट के पिछले हिस्से में एक लाल रंग का ट्रॉली बैग रखा हुआ था
14:46बैग के नीचे से शायद होन रिस रहा था रेलवे पुलिस ने ट्रॉली बैग को खोलने का फैस्त्रा किया फिर
14:54जैसे ही बैग खोला अंदर से वही बहार आये जिसका टर था ट्रॉली बैग में एक लाश के टुकडे थे
15:05कि शुचना प्राप्त होई कंट्रोल रूम से कि चितामिलाडिव एक्सप्रेस जो बार 621 वालियर से नितल चुकी है उसके जेनरल
15:12कंपार्टमेंट में पीछी की तरफ एक ट्रॉली बैग लाल रंका रखा है इसमें से कुछ द्रब बाहर निकलता है और
15:18बद्रू बाहर रह
15:21सब्सक्राइब करते हुए अगरा केंट जियार के पुलिस और आक्टियक के दौरा से कुछ से कारवाई की दिए उस बैग
15:25को निचे उता है तो उसमें कुछ सड़े गले अवसेज हैं जो मानास अवसेज प्रतीज हो रहे हैं मिले हैं
15:32जितको तत्काल उस मॉर्टम के लिए �
15:37लाश का चेहरा गाइब था क्योंकि बैग में सिर्थ था ही नहीं अब बिना चेहरे वाली लाश के टुकड़े की
15:43शिनाहत कैसे हैं फिर अब तक ये भी पता नहीं था कि लाश वाला ये बैग ट्रेन में आया कहां
15:49से इसे किस से स्टेशन पर रखा गया लेकिन तभी रेलव
16:05में इसमें वो लिख्टे हुए हैं उसमें चेहरे का लगा है इसके आधार पर चेहरे भी एक टीम जहां स्टेशन
16:12रवाना की जा रही है और वहां से उसको आगे लेड मिलेगी उसी साथ उपार बेकर बेकर लेकिन देखने से
16:33पर्थम देश्टा जैसा लग रहा है तो मानव
16:35यह इशारा कर रही थी कि इस लाश का कोई ना कोई कनेक्शन चेहरे से हो सकता है पहली जिस
16:42रैपर में लाश लिप्टी थी उस पर चेहरे का लोग और दूसरी तमिलाडू एक्सप्रेस चेहरे से ही चलती है आगरा
16:50पुलिस ने अब फॉरण चेहरे की जी आर्पी से संपर्
16:57जिसके जनरल अपार्टमेंट ट्रॉली बैग में लाश मिली थी यह ट्रेन तीन अगस्त की राद 10 बजे चन्नई रेलवे स्टेशन
17:05से नई दिल्ली के लिए रवाना हुई थी अब सबसे पहले पुलिस ने तीन अगस्त की राद चन्नई रेलवे स्टेशन
17:12के प्लेटफॉर
17:13नंबर चार के सिसी टीवी फुटेज को खंगालना शुरू किया यह देखने के लिए कि जनरल अपार्टमेंट में लाल रंग
17:20की ट्रॉली बैग के साथ कौन-कौन मुसाफिर सवार हुई चन्नई स्टेशन से ही सवार हुई या फिर किसी और
17:27स्टेशन से इधर इस बीच चन
17:42इनलाडो एक्स्प्रेस जस प्रेटफॉर्म नमबर चार पर खड़ी थी उस प्रेटफॉर्म पर तोनों बिल्कुल वैसा ही ट्रॉली बैग लिए दिखाई
17:49दी इन में से एक महिला थी और दूसरा प्रोश हाला कि ये दोनों ट्रेन में सवार नहीं हुए बलकि
17:56बैग ट्रेन क
17:57के जनरल कमपार्टमेंट में रखने के बाद दोनों वापस चल दी जब चन्ने स्टेशन के बाकी सीसी टीवी कैमरों को
18:04खंगाला गया तो पता चला कि ये दोनों गुड़ू वांचेरी से आने वाली एक ट्रेन से चन्ने स्टेशन पहुँचे थे
18:12अब पुलिस के पास काति
18:15तौर पर दो चहरे थे कैमरे में कैद यहीं दो चेहरे लेकिन ये कौन थे इनका नाम क्या कहां रहते
18:22हैं इसके कोई जानकारी नहीं थी पर चूंकि दोनों चन्ने रेलवे स्टेशन पर दीखे तो पलिस अंदाजा लगा रहे थी
18:30कि ये चन्ने में ही कहीं मिल सकते हैं अब �
18:33दोनों की तलाह शुरू होती है।
19:04तो चन्नही में लाल रंग के बैक को बैक बरामत हुआ था उस बैक को प्रूस और लेकर के एक
19:13दूसरे ट्रेन से उतरे थे और उसके बाद चन्नही एक्ष्प्रिस में रख करके वापस हो गए थे यह जानकारी चन्नही
19:20पुलिस के साथ सेयर की गई थी यहां मुकदमा जी और �
19:25लिखा गया और आकी यहां लिखने के बाद वो चन्नही ट्रांसफर हो गया और चन्नही पुलिस इसमें बाती कारवाई कर
19:34रही है वक्त बीटता जाता है पर पुलिस नहीं दोनों को ढूंड पाती है और नहीं यह पता लगा पाती
19:42है कि बैग में मिली लाश आखर किस की थी
19:45हाला कि कोशिश जाड़ी थी पूरे 19 दिन बाद आखर कार पुलिस को पहली कामयाबी मिली कैमरे में कैयद इन
19:53दोनों का पता मिलता है पता चलता है कि दोनों चन्नही के गुडू वांचेरी के घर में रहते हैं पुलिस
20:00के टीम फॉरन उस घर पर दबिश टालती है वो दोनो
20:04तो वहां नहीं मिले लेकिन घर के अंदर पुलिस को जो कुछ मिला खुद पुलिस सेहर उठा चन्नही के बिलकुल
20:12करीब ये छोटा सा गुडू वांचेरी का इलाका है और इसी इलाके में ये घर है जैसे इस घर में
20:19पुलिस पहुचती है आसपास भीड एकटी हो जाती है �
20:23इदर घर के बाहर भीड ये जानने के लिए खड़ी थी कि घर के अंदर पुलिस क्यों है और उदर
20:29घर के अंदर मौजूद पुलिस घर का कोना कोना तलाश रही थी घर के बेट, फ्रिच, अलमारी जब सब की
20:37तलाशी ले ली फिर भी कुछ नहीं मिला तब पुलिस किचन मे
20:40दाखिल होती है, किचन में एक बड़ा सा बरतन कहें, पतीला कहें, या देख रखा हुआ था, अब पुलिस ने
20:48जैसे ही इस बरतन का ठक्तन हटा है, खुद पुलिस सक्ते में आ गए, इस बरतन के अंदर एक इनसानी
20:54सिर्थ और लाश के कुछ टुकडे थी, अब पुलिस के
21:10इसके साथ यानन फानन में या अफवाह उड़ गई, कि इस बरतन में इनसानी मास को पकाया गया है, हलाकि
21:17बाद में खुद चन्ने पुलिस ने इसे महजिक अफवाह बताया, दरसल ये घर मनिकुद दीन लशकर नाम के एक शखस
21:26का था, यहां वो भगवती माजी नाम की महि
21:39आया ही नहीं, साथ ही भगवती भी तभी से गायब है, जब पुलिस ने सीसी टीवी कैमरे में कैये ये
21:46तस्वीर पडोसियों को दिखाई, तो उनों ने फॉरन पहचांग लिया, कि यह मनिकुद दीन और भगवती ही है, इसी दोरान
21:53पडोसियों ने ये भी बताया, कि करीब
21:55महीने भर पहले इसी घर में एक और महीला किराए पर रहने आई थी, उसका नाम हयातुन निशा था, वो
22:03भी पिछले 20 दिनों से गायब है, तो क्या ट्रॉली बैग में मिली लाश हयातुन निशा की थी?
22:08ये दो स्टेट की पुलिस के अपसी कोडिनेशन का परिणाम है, एक ब्लाइंड केस जिसमें मानव अफसेस मिलना और उसको
22:20लिंक जोगना और तबिनाडू पुलिस के दोरा कारवाई करना तो ये एक अच्छी वो है, सफलता में इसमें, पैसेंजर में
22:29सूचना दीती, वो �
22:30ये आसपास की उसने बैग देखने की सूचना दीती, फिर उस बैग को ट्रैप करते हुए चिर्मई तक जहां से
22:37ट्रेन स्टार्ट होती है, वहां तक टीम गई और वहां की CCTV फूटे से चीज़े क्लियर हुई कि वो एक
22:44अन्य ट्रेन से ला करके बैग को इसमें डला गया था
22:49अब पुलिस गुडुवांचेरी में तफ्तीश आगे बढ़ा रही थी, कि तभी लोकल पुलिस से जानकारी में कि हयातुन निशा की
22:56गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में लिखाने एक लड़का आया था, पुलिस ने जब वो रिपोर्ट पढ़ी तो पता चला कि
23:03रि�
23:17हयातुन निशा औरिचा के जगत सिंगपूर की रहने वाली थी, चिन्ने में एक कंपनी में नौकरी करती थी, बेटा साथ
23:24रहा करता था, लेकिन फिर हयातुन निशा मनिकुददीन के करीब आगे, बेटे को ये बात पसंद नहीं आए, अब वो
23:31मां से अलग रहने लगा, औ
23:42अरब हयातुन निशा के साथ भी उसके रिष्टे बन चुके थे, अब चिन्ने पुलिस की एक टीम फॉरन उडिशा के
23:50लिए रवाना होती है, जगत सिंगपूर जाने के बाद ये साबित हो जाता है, कि आगरा रेलवे स्टेशन पर बैग
23:56में जो लाश मिली थी, वो हयातु
23:58निशा की ही थी, गुडुवांचेरी के जिस घर में बरतर में इनसानी सिर मिला, उससे भी ये साबित हुआ, कि
24:05हयातुन निशा का कतल उसी घर में किया गया था, कतले के बाद बैग में आधी अधोरी लाश डाल कर,
24:12मनिकुद्दीन और भगवती चन्ने रेलवे स्टेशन प
24:28अब जब तक मनिकुद्दी और भगवती गिरफतार नहीं हो जाते हैं, तब तक कहानी का क्लाइमिक्स अधूरा ही है, क्लाइमिक्स
24:37ये क्या खिर हयातुन निशा का कतल चुब गुआ, चन्ने से आगरा तक के इस सफर की असलियत क्या थी,
24:45आगरा से अर्विंद्द शर्मा क
24:56कि बाकी खबरों के लिए, आप देखते रहीं आज तक.
Comments

Recommended