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  • 1 week ago
आज का छात्र वर्ग तनाव में है, उन्हें समझने वाला शायद कोई है. ऐसे प्रभावितों के लिए अच्छी पहल हुई है. चंदन भट्टाचार्य की रिपोर्ट.

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00:00पढ़ाई का दबाव प्रतियोगी परिक्षाओं के चुनोती, करियर को लेकर अनिस्चित्ता और सोसल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के दीच, युबाओं
00:07की मानसिक सहत एक ब्राष्टिय चिंता का विशाय वनती जा रही है।
00:10राष्टिय अपराद रिकॉर्ड वियोरो के अनुसार देश में एक बर्स में एक दस्मला साथ एक लाख से अधिक आत्मत्याय दर्ज
00:17की गई है। जबकि विभीन रिपोर्टों के मताबिक भारत में पांच दस्मला छे करोड से अधिक लोग अवसाद और करीब
00:25तीन दस्मला
00:26आठ करोड लोग चिंता समंध्य समश्चाओं से प्रभावीत है। ऐसे दोर में राचिविस्स विद्याले का हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर विद्यार्थियों
00:34के लिए उमीद की नई कीरन बनकर सामने आया है।
01:04अच्छे नबरों से पास कर जाना है। ये विकास के लिए इससे भी जादे जरूरी है कि आपका मन संतिलिक
01:12होगी।
01:26उसी कंसेप्ट को लेकर ये हल्थ एंड विलनेस सेंटर खुला है।
01:30जहां आदी हम लोग फिसकल हेल्थ पर भी ये लगते जिसके लिए खासी बखात लगते शक्री चपोगी।
01:45मुराबादे स्थेत इस केंदर में विद्यार्थियों को निशुल्क सुरक्षीत और गोपनिय मानसिक परामर्स उपलव्द कराया जा रहा है।
01:52यहां प्रतिदिन औसतन 20-30 बिद्यार्थि अपनी समश्याओं को लेकर पहुच रहे हैं।
02:22यहां जोरत के अनुसार रिमपास, CIP और रिम्स के विशेशगों की सेवाएं भी उपलव्द है।
02:27विशेशग मानता है कि समय पर परामर्स और सही मार्क दर्सन से मानसिक तनाव को गंभीर होने से पहले संभाला
02:33जा सकता है।
02:52यहां पर जनरली जो स्टुडेंट आते हैं एक्जाम रिलेटेड और स्ट्रेस उधर मैनेज कर लेते हैं।
02:57यहां पर जनरली कभी कबार हाइपोटेंसिव मतलब स्ट्रेस के कारूं हाइपोटेंशन आ जाता है।
03:16अब ही कुछ sports related event में मतलब चोट वगरा भी आ जाता है।
03:20चोट वगरा आ गया तो यह सारा जो जनरल इस age group में student लोग को यही सारा परिशानी यह
03:25लोग ले के आते हैं।
03:27राची विश्विद्ध्याले का यह प्रयास के वल कॉंसलिंग तक समीत नहीं बलकि विद्ध्यार्थियों के बीच मानसीक स्वास्त को ले कर
03:34जागरुकता और खुलकर बात करने की संस्कृति विक्सित करने के दिशा में एक महत्रपूर्ण कदम है।
03:43झाल
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