क्या कोई नन्हा सा 3 साल का बालक, जिसके हाथों में माखन की मटकी भी ठीक से नहीं संभलती, वो एक ऐसे महा-दैत्य का वध कर सकता है जिसके पंख फड़फड़ाने से पूरा आकाश कांप उठता था?
यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि द्वापर युग का वह रोंगटे खड़े कर देने वाला ईश्वरीय सत्य है, जिसने देवलोक तक को हिलाकर रख दिया था!
जब कंस का भेजा हुआ खूंखार दानव बकासुर (विशालकाय बगुला रूपी असुर) नन्हे कान्हा को ज़िंदा निगल गया, तब प्रभु ने उसके गले में ऐसा असहनीय ताप पैदा किया कि दानव को कान्हा को बाहर उगलना पड़ा। इसके बाद जो हुआ, उसने इतिहास रच दिया—नन्हे बाल कृष्ण ने खेल-ही-खेल में उस महाबली दैत्य की लोहे जैसी मजबूत चोंच को दोनों तरफ से पकड़कर बीच से चीर दिया! 🦚✨
मथुरा और वृंदावन के पास आज भी ऐसे पावन स्थल मौजूद हैं जो प्रभु की इस दिव्य बाल-लीला के साक्षी हैं।
🙏 अगर आप भी प्रभु श्री कृष्ण के सच्चे भक्त हैं, तो कमेंट बॉक्स में पूरी श्रद्धा से "जय श्री कृष्णा" जरूर लिखें, वीडियो को Like करें और अपने परिजनों के साथ Share करें! 🚩
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