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  • 2 months ago
गया में प्राथमिक विद्यालय खपिया के शिक्षक अनोखी पहलों, खेल और कुरीतियों के खिलाफ प्रतिज्ञा से बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं. रिपोर्ट-रत्नेश कुमार

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00:05बिहार के गया का प्राथमिक विद्याले खपिया, कभी घोर नगसल प्रभावित रहा ये सीमा वर्तीक शेत्र, पिछड़े पन और अशिक्षा
00:13का दंच छेलता आ रहा था, लेकिन यहां के शिक्षकों की पहल से एक खुबसूरत तस्वीर में बदल रहा है.
00:19ऐसा सरकारी स्कूल है जहां रोजाना, प्रियर के समय, साउंड बॉक्स और माइक पर सामाजिक कुरीतियों के खलाफ आवाज कुँचती
00:28है.
00:28यहां पहली से पांच में तक के बच्चे बाल विवा, तहेज प्रथा और शराब बंदी के खलाफ प्रतिग्या लेते हैं.
00:50बात सिर्फ शपत तक सीमित नहीं है. बच्चों के मानसिक विकास के लिए यहां पहली कक्षा से ही शतरंच सिखाया
00:57जाता है.
00:58बच्चे क्रिकेट फुटबॉल के साथ शतरंच में चाले चल रहे हैं, साथ ही क्राफ्टिंग, पेंटिंग और खेती बाड़ी की बुनियादे
01:06शिक्षा भी पा रहे हैं.
01:21खरीब तब के से आने वाले इन बच्चों में होसला भरने के लिए शिक्षक इन्हें चांपियन मेरी कॉम और महापुरुशों
01:28के संघरशु की कहानिया सुनाते हैं.
01:30यहीं वज़े है कि सुदूर इलाके के स्कूल में बच्चों की उपस्थती 90 फीसदी तक रहती है.
01:36तो इस तरह से हम लोग शमाजी के बुराईयों के बारे में ही बच्चों को जागरुश करने की कुशिश करते
01:42हैं.
01:45महापुर्सों के बारे में भी बच्चों के बारे में हम लोग बच्चों को जानकारियां देते हैं, असेंबली में ही देते
01:48हैं.
01:49We can see that we have a very strong athlete, so we can give the children a lot of good
01:58people.
01:59The children and children of the world are in the same way.
02:04The children are in the same way.
02:07This is ETV Bhairat for Rathneesh Kumar.

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